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April 30, 2007

स्‍मॉल और मिड कैप शेयरों में तेजी


शेयर बाजार में इस सप्‍ताह छुट्टियों का माहौल रहेगा। भारतीय शेयर बाजार आज खुले हुए हैं, जबकि कल 1 मई और 2 मई को बंद रहेंगे। इसके बाद 3 और 4 मई को शेयर बाजार में कामकाज होगा। इस तरह छुट्टियों के माहौल में बड़े निवेशक और संस्‍थागत निवेशक दूर रहते हैं। मई में एफआईआई, औद्योगिक जायंट फंड और बड़े निवेशक मई के दूसरे सप्‍ताह से शेयर बाजार में फिर सक्रिय हो जाएंगे। लेकिन इस समय जो निवेशकों के बीच चर्चा चल रही है, उसे देखते हुए स्‍मॉल और मिड कैप शेयरों में तेजी देखने को मिलेगी। कार्पोरेट नतीजे बेहतर होने और मानसून रिपोर्ट अनुकूल आने का असर भी देखने को मिलेगा। यद्यपि यह आशंका भी व्‍यक्‍त की जा रही है कि मई में एफ एंड ओ के खिलाडि़यों को कुछ नुकसान हो सकता है। आम तौर पर देखा जाए तो निवेशकों के मन में यह भय घर कर गया है कि मई महीने में शेयर बाजार में गिरावट आती है। इस सप्‍ताह बीएसई सेंसेक्‍स 13615 से 14140 अंक के बीच रहने की संभावना है। इस सप्‍ताह शेयर बाजार में फ्रंट रनर रिलायंस कम्‍युनिकेशन, भेल, एनटीपीसी, सत्‍यम कंप्‍यूटर और हिंदुस्‍तान लीवर रहेंगे। इस सप्‍ताह जिन शेयरों में करंट देखने को मिलेगा, उनमें अवाया ग्‍लोबल, टीवी 18, गुजरात गैस, मोजर बेयर, कैस्‍ट्रॉल इंडिया, नेस्‍ले इंडिया, जिलेट इंडिया, आइडिया सेलुलर, केईआई इंडस्‍ट्रीज और ग्रेट ऑफशोर शामिल हैं।

April 22, 2007

मानसून बनाएगा मालामाल


शेयर बाजार की अगली चाल भी तेजी की रहेगी। जैसा हम पिछले दो सप्‍ताह से लगातार कह रहे हैं कि अब शेयर बाजार में मंदी के आसार कम नजर आ रहे हैं। भारत में अगला मानसून सामान्‍य रहने की अमरीका, आस्‍ट्रेलिया और कनाडा के मानसून विभाग ने घोषणा की है। भारतीय मानसून विभाग की भी इस संबंध में जल्‍दी ही रिपोर्ट आएगी। केरल में 20 मई के आसपास मानसून दस्‍तक देगा। मानसून के संबंध में जो रिपोर्ट इस समय सामने आ रही है, उससे यह लग रहा है कि मानसून फैक्‍टर शेयर बाजार को तेजी की बौछार से भीगो देगा। इससे पहले 24 अप्रैल को भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति घोषित होगी, लेकिन लगता है कि इस नीति में अब कुछ नया नहीं होगा। इस नीति में ब्‍याज दरें बढ़ाने और महंगाई पर काबू पाने के संबंध में कड़े कदम उठाने की बात जरुर होगी, लेकिन रिजर्व बैंक ने कुछ दिन पहले जो कदम उठाए, उसके बाद और कड़े व बड़े कदम उठने की गुंजाइश कम बची है। भारतीय कार्पोरेट जगत इस समय बेहतर नतीजे घोषित कर रहा है जिससे बाजार के मनोबल पर अनुकूल असर दिखाई दे रहा है। हमारा मानना है कि अगले सप्‍ताह 23 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी बीएसई का सेंसेक्‍स 14240 से 14450 के बीच रह सकता है, लेकिन इसके लिए बीएसई सेंसेक्‍स का 14240 अंक के ऊपर बंद होना जरुरी है। नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी एनएसई का निफ्टी यदि 4190 के ऊपर बंद होता है तो यह 4270 अंक तक जा सकता है।

हमने जैसा कि आपको पहले बताया था कि अब शुरू होगा खतरनाक खेल...के तहत अंतरराष्‍ट्रीय शेयर बाजारों में एफआईआई और हैज फंडों ने मिलकर तेजी का गेम शुरू कर दिया है। चीन की विकास दर 11.1 फीसदी, जिसे ओवरहीटेड माना गया है और इससे ब्‍याज दरें बढ़ने को नजरअंदाज कर जिस तरह तेजी के रथ पर दुनिया सवार हुई है वह एक खेल ही है। एफआईआई और हैज फंडों ने हाल में भारत को काफी आकर्षित वेल्‍युएशन पर मिल रहे शेयरों की सूची दिखाकर शेयर बाजार को उठाने का काम किया है। क्रूड ऑयल के भाव बढ़ने की शुरूआत के बावजूद अमरीकी कंपनियां बेहतर कार्य परिणाम के साथ निवेशकों के बढ़े मनोबल से शेयर बाजार को चमकाने का काम किया जा रहा है। निवेशकों से हम कहना चाहेंगे कि शेयर बाजार में आ रही तेजी का लाभ जरुर उठाएं लेकिन अपनी पोजीशन को लाभ समेटते हुए सीमित रखें। बेहद लंबे समय के निवेश या अधिक लालच के बजाय मुनाफे पर ध्‍यान दें। यहां एक बात ध्‍यान रखें कि दीर्घकालिक निवेश के शेयर अलग होते हैं और कारोबार के अलग, जिनसे आप हर दिन, हर सप्‍ताह या हर पखवाड़े में मुनाफा बटोरकर अपने बैंक खाते को बेहतर बना सकते हैं।

23 अप्रैल से शुरू हो रहे नए सप्‍ताह के आखिर से खिलाड़ी छुट्टियों के लिए तैयार रहेंगे। 28 अप्रैल को शनिवार, 29 अप्रैल को रविवार है। जबकि मंगलवार 1 मई को महाराष्‍ट्र दिवस/लेबर डे और बुधवार 2 मई को बुध जयंति के उपलक्ष में शेयर बाजार बंद रहेगा। इन छुट्टियों को देखते हुए निवेशकों को राय दी जाती है कि वे सावधानी जरुर बरतें क्‍योंकि बड़े खिलाड़ी लंबी छुट्टियों के दौरान पैसा निवेश करने से बचते हैं। हालांकि यहां हम अपनी बात फिर से दोहरा रहे हैं कि इस साल के आखिर तक बीएसई का सेंसेक्‍स 17 हजार अंक को पार कर जाएगा। आर्थिक माहौल बेहतर है। लेकिन बेहतर स्‍टॉक में निवेश करने वाले ही विजेता होंगे, फ्युचर एंड ऑप्‍शन खेलने वालों को एक बार फिर बड़ा नुकसान हो सकता है। ये निवेशक पहले मई/जून 2006 और फरवरी/मार्च 2007 में अपने हाथ जला चुके हैं।

ये हैं अगले हीरो :
आर्टसन इंजीनियरिंग
जिंदल स्‍टील
लैनेक्‍स एबीएस
टाटा पावर
सुब्रोस
यस बैंक
मारुति उद्योग
एचडीएफसी
रिलायंस इंडस्‍ट्रीज
रिलायंस एनर्जी
क्रिसिल
एडॉर फोनटेक
ओएनजीसी

April 18, 2007

भविष्‍य का सितारा आदित्‍य बिड़ला नुवो

टेलीकॉम, बीमा और आईटी/बीपीओ जैसे तेजी से बढ़ रहे तीन क्षेत्रों से जुड़ी कंपनी आदित्‍य बिड़ला नुवो को भविष्‍य की बेहतर कंपनी कहा जा सकता है और मौजूदा भाव स्‍तर पर इसमें ताजा निवेश किया जा सकता है। इस कंपनी के पास आदित्‍य बिड़ला समूह की हाल में सूचीबद्ध हुई कंपनी आइडिया सेलुलर की 31.8 फीसदी इक्विटी है जो आगे चलकर इस कंपनी के वेल्‍युएशन को बढ़ाएगी। आइडिया सेलुलर का आदित्‍य बिड़ला नुवो की मौजूदा बाजार कीमत में 70 फीसदी हिस्‍सेदारी है। तकरीबन 140 लाख ग्राहक और 11 फीसदी बाजार भागीदारी के साथ आइडिया बेहतर स्थिति में है। आइडिया के पूंजीकरण में विस्‍तार के साथ साल दर साल बढ़ोतरी होती जाएगी। ग्‍यारह सर्किल में से सात में जहां कंपनी के पास ओर्जिनल लाइसेंस है, बाजार पर मजबूत पकड़ है। इन सर्किलों में हरियाणा, महाराष्‍ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात और पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश शामिल है। इरिक्‍सन के साथ जीएसएम के विस्‍तार के लिए हाल के तीन वर्षीय करार और आईबीएम के साथ आइडिया के कारोबार प्रोसेस्‍स के ट्रांसफोर्म और आईटी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के बढ़ावे के लिए दस वर्षीय करार से कंपनी को काफी लाभ होगा। कंपनी मुंबई और बिहार में अपनी सेवाओं के चालू हो जाने के बाद शेष दस सर्किलों के लिए आवेदन करेगी जिससे यह पान इंडिया प्‍लेयर बन जाएगी। बिड़ला सन लाइफ में आदित्‍य बिड़ला नुवो के पास 74 फीसदी हिस्‍सेदारी है। जो बाजार मूल्‍य का दस फीसदी है। हालांकि, बीमा संचालन अभी घाटे का कार्य है। कंपनी ने नई शाखाएं खोलने के लिए निवेश शुरू कर दिया है, कंपनी अपने एजेंसी नेटवर्क को बढ़ाने व नए उत्‍पाद लाने पर जोर दे रही है। कंपनी का बीपीओ वेंचर आने वाले वर्षों में बेहतर रिटर्न देगा। आदित्‍य बिड़ला नुवो की नए क्षेत्रों के अलावा रेयान, टेक्‍सटाइल, फर्टीलाइजर, कार्बन ब्‍लैक और इंसुलेटर्स में उपस्थिति है जो इसके नकद प्रवाह में बढ़ोतरी कर रहे हैं। आदित्‍य बिड़ला नुवो का शेयर 18 अप्रैल को 1091 रुपए पर बंद हुआ है। पिछले 52 सप्‍ताह में यह ऊपर में 1498 रुपए और नीचे में 500 रुपए रहा। मौजूदा स्‍तर पर निवेश लाभदायी रह सकता है।

April 16, 2007

दलाल स्‍ट्रीट में लौटी रौनक


भारतीय शेयर बाजार अब नए दौर में प्रवेश कर गया है एवं अब इसमें तेजी का जोश एक बार फिर से दिखाई दे रहा है। पिछले सप्‍ताह हमने लिखा था कि‍ शेयर बाजार 13 अप्रैल से नए दौर में...और यदि आपने देखा है तो इंफोसिस कंपनी का परिणाम सकारात्‍मक आने से 13 अप्रैल से शेयर बाजार में बेहतर बढ़त दिखाई दे रही है। बीएसई सेंसेक्‍स इस समय 261 अंक बढ़कर 13644 अंक चल रहा है। भारतीय कार्पोरेट जगत की कंपनियां बेहतर सालाना नतीजे पेश कर रही हैं और यह सिलसिला अभी जारी रहेगा। इसके अलावा 20 मई को मानसून केरल राज्‍य में दस्‍तक देगा। मानसून की स्थिति शेयर बाजार के काफी अहम मानी जाती है। खराब मानसून नरमी और अच्‍छा या सामान्‍य मानसून इसमें गरमी लाता है। उम्‍दा नतीजे और अच्‍छा मानसून यदि दोनों का मिलन होता है तो यह समझ लीजिए कि बीएसई के सेंसेक्‍स को उसकी पिछली ऊंचाई 14723 को छूने से कोई नहीं रोक सकता। हालांकि इस ऊंचाई से अभी यह तकरीबन 1100 अंक दूर है, जो एक बड़ी व लंबी मंजिल है। यह रास्‍ता तय करना आसान नहीं है, लेकिन कठिन भी नहीं है। राजनीतिक मोर्चे पर स्थिरता रहने के साथ सरकार की ओर से अर्थव्‍यवस्‍था के अनुकूल बयान आने होंगे। कांग्रेस के युवा राजनेता राहुल गांधी ने जिस तरह पाकिस्‍तान को विभाजित करने वाला बयान दिया है, ऐसे पांच-दस बयान आ जाए और हमारी अंतरराष्‍ट्रीय फजीहत होतो अर्थव्‍यवस्‍था को भी नुकसान पहुंचता है। हम यही कह सकते हैं कि जो भी बोलो देश के दीर्घकालीन हितों को देखकर। मौजूदा आर्थिक माहौल में आईटी, फार्मा, पॉवर और इंजीनियरिंग कंपनियों में निवेश करने वाले सर्वाधिक मुनाफे में रहेंगे। 16 से 20 अप्रैल के बीच बीएसई सेंसेक्‍स 13495 से 13900 के बीच रहेगा। निफ्टी 3800 से 4070 अंक के बीच रहेगा।

April 14, 2007

शेयर बाजार केवल फायदे के सौदों के लिए है....

अमरीकी निवेशक बर्नार्ड बारुक का कहना है कि शेयर बाजार केवल फायदे के सौदे करने की जगह है न कि घाटे का। उन्‍होंने अपनी पुस्‍तक में लिखा है कि एक नियम गांठ बांध कर रखों कि शेयर बाजार में कभी नुकसान नहीं करना। यानी केवल लाभ कमाने के लिए ही शेयर बाजार में कदम रखें। अब जरा यह सोचिए कि ऐसा कोई निवेशक होगा, जो शेयर बाजार में घाटा खाने के लिए जाता होगा।

बारुक के नियम में यह रहस्‍य छिपा है कि कोई भी सौदा करने से पहले पूरा रिसर्च करें फिर निवेश। यानी उठने वाले एक भी गलत कदम को रोक लेने का अर्थ है नुकसान को रोक लेना। कई लोग इस पर कह सकते हैं कि जो शेयर बाजार में खूब कमाते हैं या घाटा नहीं खाते, ऐसे लोग मुंह में सोने का चम्‍मच लेकर पैदा होते हैं। लेकिन मैं आपको बता दूं कि ऐसा नहीं होता। एक आदमी कहां कहां निवेश कर सकता है, वह गणित इस दुनिया में आकर ही सीखा जा सकता है। लेकिन बड़ा तबका यह नहीं देखता कि वह कहां निवेश कर रहा है। या सुनी सुनाई सूचनाओं के आधार पर निवेश किया जा रहा है या फिर किसी के पीछे पीछे।

सही निवेशक हमेशा अपना रास्‍ता खुद बनाते हैं और खूब होमवर्क करते हैं। निवेश करने वाली हर जगह और हर कंपनी के बारे में इतना कुछ मुंह जबानी याद रखते हैं जितना शायद उस कंपनी का कोई निदेशक भी याद नहीं रख पाता होगा। लेकिन हर निवेशक पैसा तो चाहता है लेकिन लिखना पढ़ना और सूचनाएं जुटाने से बचना चाहता है। वह चाहता है कि सूचनाएं जुटाने की मेहनत कोई और करे, हम केवल मुनाफा काटें। लोग बड़े बड़े निवेशकों के बेचारे ड्राइवरों के पीछे पड़े रहते हैं कि सेठ जी फोन पर किस शेयर के बारे में बात कर रहे थे। ड्राइवर ने कुछ सुना और कुछ नहीं.....जो बताया लोग दौड़ पड़े। अरे सोचो जरा यदि ड्राइवर इतना जानता तो वह खुद सेठ बनकर एक ड्राइवर नहीं रख लेता।

एक किस्‍सा बताता हूं.....एक टीवी चैनल ने एक बार बड़े और प्रसिद्ध निवेशक राकेश झुनझूनुवाला से पूछा कि लोग आपके ड्राइवर को पकड़ते हैं कि किस शेयर में पैसा लगाएं...उन्‍होंने कहा तो ड्राइवर से पूछकर निवेश करने वालों को आप पकड़ों और बताओं उनमें से कितने राकेश बने हैं। कमल शर्मा को स्‍वर्ग जाना है तो पहले स्‍वर्गीय बनना होगा। कहने का मतबल है कि यदि बढि़या निवेशक बनना है और जमकर कमाना है तो खूब सूचनाएं जुटानी होगी, उनके सही अर्थ भी निकालने होंगे। इन खबरों का अल्‍प समय, मध्‍यम समय और दीर्घकाल में क्‍या असर पड़ेगा, यह भी विश्‍लेषण करना होगा। इटली में जन्‍में और अमरीका में जाकर बसे निवेशक बर्नार्ड बारुक शायद यही कहना चाहते हैं कि खुद मेहनत करो। आप जरा सोचिए जिसने 20 साल पहले अंबालाल साराभाई और बजाज ऑटो के शेयर खरीदे थे उनमें अंबालाल साराभाई के शेयरों की वेल्‍यू को कोई अता पता नहीं, जबकि बजाज ऑटो आज किस जगह खड़ा है सभी को पता है। धीरुभाई अंबानी का कहना था कि सूचना पाने के लिए कोई भी कीमत चुकानी पड़े तो हिचके नहीं।

April 13, 2007

गौरी तो सिनेमा देखने में बिजी है साब...


वाह मनी ने 16 मार्च 2007 को लिखा था कि चल सिनेमा देखन को जाएं गौरी...और आज गौरी सिनेमा ही देख रही है। सिनेमैक्‍स इंडिया का शेयर 16 मार्च को था 120 रुपए और इस समय है 134 रुपए के करीब। पढि़ए पूरी रिपोर्ट वाह मनी के इस लिंक पर

आइडिया चल निकला...102 रुपए पर


हमने वाह मनी ब्‍लॉग पर 14 मार्च को चर्चा की थी आइडिया के शेयर की। इस चर्चा के बाद यह 103 रुपए प्रति शेयर तक गया था और वापस नीचे में 90 रुपए के आसपास आया था। अब आइडिया एक बार फिर 102.85 रुपए चल रहा है। आइडिया है चोखा पढि़ए पूरी रिपोर्ट इस लिंक पर

April 12, 2007

व्‍हर्लपूल होगा तुरुप का पत्‍ता

व्‍हर्लपूल इंडिया लिमिटेड का शेयर आने वाले दिनों में तुरुप का पत्‍ता निकले तो अचरज नहीं होगा उन निवेशकों को जो इस समय इसे अपने डिमैट खातों में जमा कर रहे हैं। आज यह शेयर 28.45 रुपए पर बिक रहा है और केवल मुंबई शेयर बाजार यानी बीएसई में सूचीबद्ध है। बीएसई में इसका नंबर है 500238 और 52 सप्‍ताह में यह ऊपर में 44.80 रुपए और नीचे में 20.60 रुपए था। मेरे अनुमान के मुताबिक व्‍हर्लपूल इंडिया के शेयर का भाव अगले एक साल में 60-65 रुपए रहना चाहिए। इसे निवेशक 23 से 28 रुपए के बीच जमा कर सकते हैं या ट्रेड भी कर सकते हैं। व्‍हर्लपूल इंडिया ने अगले 18 महीनों में 200 लाख डॉलर का निवेश करने की योजना बनाई है जिसके तहत यह कंपनी भारत में अपनी उत्‍पादन क्षमताओं में जोरदार इजाफा करेगी। इसकी मूल अमरीकी कंपनी यह मानती है कि भारत में उसके लिए खूब संभावनाएं हैं। कंपनी ने कुछ वर्ष बाद ऑपरेटिंग लाभ कमाया है, चालू वित्‍त वर्ष 2007-08 में शुद्ध लाभ कमाने की उम्‍मीद बांधी है। अप्रैल से दिसंबर 2006 के नौ महीनों में कंपनी ने ऑपरेटिंग लाभ से 44.21 करोड़ रुपए कमाए जबकि पिछली समान अवधि में यह लाभ केवल 2.18 करोड़ रुपए था। कंपनी का कुल नुकसान 104.8 करोड़ रुपए है जो बेहतर कामकाज से जल्‍दी ही खत्‍म हो जाएगा। इस साल कंपनी किचन माडयूलर भी बाजार में उतारेगी। व्‍हर्लपूल इंडिया के शेयरों का 82.33 हिस्‍सा प्रमोटरों और उनके साथियों के पास है, जबकि आम जनता के पास केवल 17.67 फीसदी शेयर हैं। अमरीकी बाजार में राज कर रही इस कंपनी की इच्‍छा भारतीय बाजार में भी छा जाने की है, निवेशक भी यही चाहते हैं तभी तो उनके बैंक खातों में लक्ष्‍मी होगी।

April 11, 2007

प्रतिभा में है ढ़ेर सारी प्रतिभा

अमृतसर और अहमदाबाद हवाई अड्डों की विकास परियोजनाओं पर काम कर रही प्रतिभा इंडस्‍ट्रीज आने वाले समय में शेयर बाजार की एक बेहतर कंपनी साबित हो तो अचरज नहीं होना चाहिए। आम बजट के बाद हालांकि इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर क्षेत्र के शेयरों पर सीधा दांव लगाने से निवेशक हिचक रहे हैं लेकिन इस क्षेत्र की अनेक कपंनियों के शेयर घटे भावों पर लेने जैसे दिख रहे हैं। इन्‍हीं कंपनियों में से एक छोटी कंसट्रक्‍शन कंपनी प्रतिभा इंडस्‍ट्रीज है। कंपनी के पास 1700 करोड़ रूपए के ऑर्डर हैं। कंपनी के पास जो परियोजनाएं हैं उनका औसत आकार 10-20 करोड़ रूपए से 100 करोड़ रूपए है। कंपनी ने हाल में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टनलिंग कंपनी ओस्‍तु स्‍तेतिन ऑफ आस्ट्रिया के साथ करार किया है। इस करार से प्रतिभा इंडस्‍ट्रीज को शहरी इलाकों में भूमिगत टनलिंग परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

कंपनी पानी से जुड़ी परियोजनाओं पर गहराई से ध्‍यान दे रही है। चालू वित्‍त वर्ष के आम बजट में वॉटर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर खास ध्‍यान दिए जाने से कंपनी को बेहतर विकास होने की उम्‍मीद है। प्रतिभा इंडस्‍ट्रीज की लगभग 60 फीसदी आय इस समय महाराष्‍ट्र राज्‍य से आ रही है। कंपनी अब राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश और अन्‍य जगहों पर पानी पाइप लाइनें बिछाने की परियोजनाएं हासिल कर रही हैं। राजस्‍थान में कंपनी को 136 किलोमीटर पानी परिवहन की परियोजना मिली है। राजस्‍थान सरकार अगले तीन वर्षों में से 12 हजार करोड़ रुपए से ज्‍यादा राशि इस तरह की परियोजनाओं पर खर्च करेगी। कंपनी ने मुंबई में भी 65 करोड़ रुपए की पानी आपूर्ति परियोजना हासिल की है, जहां केवल एक कंपनी हिंदुस्‍तान कंसट्रक्‍शन से उसकी प्रतिस्‍पर्धा थी।

देश में 44 नए हवाई अड्डों का फिर से विकास करने की योजना है। कंपनी को अमृतसर और अहमदाबाद हवाई अड्डों के विकास की परियोजनाएं मिली हैं। अमृतसर में उसका सहयोगी यूनिटेक है और इस परियोजना की लागत 67 करोड़ रूपए है। अहमदाबाद परियोजना की लागत 133 करोड़ रूपए है और इसकी सहयोगी है आईटीडी सीमेंटेशन।

कंपनी सॉ स्पिरल पाइप्‍स के उत्‍पादन से भी जुड़ी हुई है। ये पाइप उपभोक्‍ता उद्योग ऑयल व गैस को सप्‍लाई होंगे। कंपनी 81 करोड़ रुपए खर्च कर 92 हजार टन की क्षमता एक साल में खड़ी करेगी। अगले तीन सालों में इस परियोजना के पूरी तरह चालू हो जाने की उम्‍मीद है। हमारे देश में तेल और गैस के परिवहन के लिए पाइप लाइन बिछाने की जोरदार मांग है। रिलायंस इंडस्‍ट्रीज, नेशनल गैस पाइप लाइन ग्रिड और गेल तेल व गैस की पाइप लाइन बिछाने में बड़े निवेश कर रही हैं। इसके अलावा पानी के वितरण के लिए भी पाइप लाइनें बिछाई जा रही हैं। सॉ पाइप से कंपनी को वर्ष 2008 में 160 करोड़ रुपए की आय होगी और वर्ष 2009 में 60 फीसदी क्षमता के साथ 240 करोड़ रुपए की कमाई होगी।

कंपनी को वर्ष 2007 में 310 करोड़ रुपए और वर्ष 2008 में 610 करोड़ रुपए की कमाई होने की आस है। इस वर्ष शुद्ध लाभ 17.98 करोड़ रुपए और अगले वर्ष 36.60 करोड़ रुपए रहने की संभावना है। प्रति शेयर आय यानी ईपीएस वर्ष 2007 में 12.59 रुपए और वर्ष 2008 में 25.63 रुपए रहने की आस है। इस समय कंपनी की आय में पानी परियोजनाओं का हिस्‍सा 82 फीसदी, सड़क परियोजनाओं की भागीदारी 10 फीसदी और शहरी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर का योगदान आठ फीसदी है। बीएसई में यह शेयर इस समय 168 रुपए चल रहा है जो आज नीचे में 167 रुपए और ऊपर में 179 रुपए था। पिछले 52 सप्‍ताह में प्रतिभा इंडस्‍ट्रीज का शेयर नीचे में 132 रुपए और ऊपर में 392 रुपए बिका था।

April 10, 2007

डीसीबी इज द बेस्‍ट

डेवलपमेंट क्रेडिट बैंक यानी डीसीबी का शेयर इंट्रा डे और शार्ट टर्म कारोबार के लिए बेहतर माना जा रहा है। दलाल स्‍ट्रीट में चल रही चर्चा पर भरोसा करें तो डीसीबी जल्‍दी ही 80 रुपए प्रति शेयर तक पहुंच जाएगा जो इस समय 70 रुपए से अधिक पर चल रहा है। आज यह नीचे में 66 रुपए था। पिछले 52 सप्‍ताह में इसका अधिकतम भाव 86 रुपए और न्‍यूनतम भाव 35 रुपए प्रति शेयर था।

April 09, 2007

एग्रो टेक फूड्स में मिलेगा पैसा

सनड्रॉप, क्रिस्‍टल और रथ वनस्‍पति तेल बनाने वाली और दुनिया में नंबर वन पापकॉर्न ब्रांड एसटीसी ll की कंपनी एग्रो टेक फूड्स मौजूदा भाव 80 रुपए पर निवेश के लिए अच्‍छा स्‍टॉक है। दुनिया में तीसरी बड़ी फूड कंपनी कोनाग्रा फूड्स की एग्रो टेक फूड्स में 48.3 फीसदी हिस्‍सेदारी है।

एग्रो टेक ब्रांडेड फूड्स और बल्‍क व प्रोसेस्‍ड कमोडिटीज के कारोबार से जुड़ी हुई हैं। कंपनी चिप्‍स व आटा जैसे अलाभकारी कारोबार को पहले ही बंद कर चुकी है और उन्‍हीं क्षेत्रों पर ध्‍यान दे रही है जहां सकल मार्जिन 20 फीसदी से ज्‍यादा हो। एग्रो टेक फूड्स पहले आईटीसी समूह की कंपनी थी। एग्रो टेक फूड्स के पास उत्‍पादन संबंधी कोई सुविधा नहीं है। यह असंगठित खिलाडि़यों से अपनी गुणवत्‍ता के अनुरुप उत्‍पादन करवाती है। इसलिए कंपनी को पूंजीगत खर्च या वोल्‍यूम बढ़ाने के लिए किसी दूसरी तरह के निवेश की जरुरत नहीं पड़ती। इस कंपनी के कुल कारोबार में सनड्रॉप का हिस्‍सा एक तिहाई है। इस ब्रांड के कारोबार में हर साल दस फीसदी बढ़ोतरी हो रही है। कंपनी के सकल लाभ मार्जिन में इस ब्रांड का हिस्‍सा 15 फीसदी है जिसे 20 फीसदी तक करने पर ध्‍यान दिया जा रहा है।

वर्ष 1996 मे एग्रो टेक फूड्स ने अपना अरुणाचल प्रदेश स्थित मंत्रालयम् स्थित संयंत्र आईटीसी को स्‍लंप सेल इकाई के रुप में बेच दिया था लेकिन आयकर विभाग ने इस रुप में बेच दिया था लेकिन आयकर विभाग ने इस दावे को खारिज कर दिया और कंपनी को शार्ट टर्म कैपिटल गेन और कर लेवी के रुप में 12।87 करोड़ रुपए अदा करने पड़े। कंपनी ने यह मामला पंचाट में दायर किया और 18 दिसंबर 2006 को इसकी सुनवाई पूरी हो गई। अब यदि फैसला कंपनी के खिलाफ भी आता है तो उसे कोई पैसा अदा नहीं करना पड़ेगा क्‍योंकि सारी राशि पहले ही दी जा चुकी है और यदि कंपनी के पक्ष में निर्णय होता है तो उसे 12.87 करोड़ रुपए व दस साल का ब्‍याज मिलेगा जो उसके नकद प्रवाह को बढ़ाएगा।

एसटीसी ll ब्रांड देश में 120 से ज्‍यादा जगहों पर मिलता है, जहां गर्म, ताजा और स्‍वादिष्‍ट पापकॉर्न परोसा जाता है। अगले 12 महीनों में एसटीसी ll को 400 जगहों तक पहुंचाने का लक्ष्‍य रखा गया है। ये जगह देश के टॉप 14 शहर होंगे। एसटीसी ll ब्रांड का योगदान 25 करोड़ रुपए है और सकल मार्जिन में लगभग 30 फीसदी। वर्ष 2007 में एग्रो टेक फूड्स की प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 5.3 रुपए और वर्ष 2008 में 6.6 रुपए रहने की उम्‍मीद है। मौजूदा 80 रुपए पर मिल रहा यह शेयर सस्‍ता कहा जा सकता है। पिछले 52 सप्‍ताह में बीएसई में इसका उच्‍चतम भाव 171 रुपए और निम्‍नतम भाव 70 रुपए था।

शेयर बाजार 13 अप्रैल से नए दौर में

भारतीय शेयर बाजार की शुरूआत आज अच्‍छी हुई है। इस समय सेंसेक्‍स दोहरा शतक लगाकर आगे खेल रहा है। लेकिन असली परीक्षा 13 अप्रैल से है, जब सॉफ्टेवयर क्षेत्र की मुख्‍य कंपनी इंफोसिस अपने सालाना नतीजों की घोषणा करेगी। इसके बाद हर रोज अनेक कंपनियों के कार्य परिणाम आने शुरू हो जाएंगे। इंफोसिस अपने नतीजों के अलावा गाइडेंस भी जारी करेगी जिसकी अहम् भूमिका होगी। हालांकि, इसके नेगेटिव आने के ज्‍यादा आसार हैं। बाजार इस मसले को पहले ही डिसकाउंट कर चुका है, इसलिए अधिक असर दिखाई नहीं देगा। लेकिन हरेक कंपनी के नतीजे शेयर बाजार की अगली चाल तय कर देंगे। मौजूदा आर्थिक माहौल में फार्मा, पॉवर और इंजीनियरिंग कंपनियों में निवेश करने वाले सर्वाधिक मुनाफे में रहेंगे। 9 से 13 अप्रैल के बीच बीएसई सेंसेक्‍स 12700 से 13300 के बीच घूमता रहेगा। निफ्टी 3594 से 3946 अंक के बीच रहेगा।

चीनी स्‍टॉक से बचें

पहले हमने कहा था कि चीनी उद्योग की कंपनियों के शेयरों में डे ट्रेडिंग की जा सकती है। लेकिन अब हम देख रहे हैं कि चीनी उद्योग के लिए फिर से नेगेटिव स्थिति खड़ी हो रही है। लंदन में व्‍हाइट शुगर के भाव पिछले सप्‍ताह 730 रुपए प्रति टन टूट गए हैं। साथ ही उत्‍तर प्रदेश में चुनाव से पूर्व चीनी उद्योग के बफर स्‍टॉक सहित अन्‍य प्रोत्‍साहनों के मामले पर चुनाव आयोग ने तिरछी नजर की है। चीनी उद्योग को मिलने वाले 850 करोड़ रुपए के पैकेज को भी उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव तक टाल दिया गया है। अब इस पैकेज के बारे में निर्णय मई में होगा। जबकि, मई महीने में ब्राजील की चीनी अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में आ जाएगी। ब्राजील की चीनी से भारतीय चीनी प्रतिस्‍पर्धा नहीं कर सकती। ऐसे में चीनी शेयरों में दैनिक कारोबार करने की जो राय हमने दी थी, वह वापस ले रहे हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि अब वे चीनी शेयरों में ट्रेडिंग रोक दें या ट्रेडिंग की अपनी पोजीशन खत्‍म कर लें। चीनी शेयरों के अलावा सीमेंट, स्‍टील, ऑटोमोबाइल, ऑटो एनसीलिरी, बैंक व फाइनेंस और रियॉलिटी शेयरों से भी बचें।

ये रहे हीरो

शेयर बाजार के गणित को न समझ पाने वाले निवेशकों के लिए ये रहे लांग टर्म इनवेस्‍टमेंट शेयर :
ग्रांइडवैल नार्टन
कार्बोरेंडम यूनिवर्सल
आईएफडीसी
पीटीसी इंडिया
रिलायंस एनर्जी
एनटीपीसी
आइडिया सेलुलर
फर्स्‍ट सोर्स साल्‍यूशंस

April 07, 2007

हिज मास्‍टर वॉयस यानी चाबी वाला बाजा


ग्रामोफोन आज बीते जमाने की बात हो गई है क्‍योंकि अब संगीत सुनने के साधन इतनी तेजी से बदल रहे हैं कि बहुत कम लोगों को ही इसके बीते महत्‍व के बारे में पता है। एक जमाना था जब संगीत सुनने के लिए ग्रामोफोन के अलावा कोई दूसरा सशक्‍त माध्‍यम नहीं था। उन दिनों रेडियो पर गीत जरुर प्रसारित होते थे लेकिन संगीत का पर्याप्‍त आनंद लेने के लिए घर में ग्रामोफोन होना जरुरी माना जाता था। आज से लगभग 130 वर्ष पूर्व एडीसन ने ऐसी मशीन का आविष्‍कार किया था जिससे रिकॉर्ड की गई आवाज सुनी जा सकती थी और इस मशीन का नाम फोनोग्राफ रखा गया। उस समय थियेटरों में फोनोग्राफ खास शो में रखा जाता था। एडीसन स्‍वयं भी थियेटरों में हाजिर रहते थे और लोग फोनोग्राफ सुनने के लिए बैठे रहते।

इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए एमिल बर्लीनर ने वर्ष 1888 में ग्रामोफोन बाजार में जारी किया। एक ही वर्ष बाद इंग्‍लैंड में ग्रामोफोन कंपनी की स्‍थापना हुई। शुरूआत में इस कंपनी के ट्रेडमार्क में एक देवदूत को लिखते हुए बताया गया। कुछ समय बाद ही इसे बदल दिया गया और ग्रामोफोन के लाउडस्‍पीकर के समक्ष बैठे कुत्‍ते का प्रतीक रखा गया। स्‍वयं के मालिक की आवाज सुनता यह कुत्‍ता हिज मास्‍टर वॉयस के नाम से विश्‍व विख्‍यात हो गया। इस ग्रामोफोन की एक विशेषता थी कि हरेक रिकॉर्ड को चलाते समय हैंडल घुमाकर चाबी भरनी पड़ती थी एंव स्टायलस में पिन बदलनी पड़ती। पिनों से एक्‍सट्रा लाउड प्राप्‍त होती थी जो उस युग में स्टिरियो के सबसे नजदीक था। इस ग्रामोफोन को चाबी वाला बाजा या पाली वाला बाजा कहा जाता था। ग्रामोफोन के लिए कितनी सावधानी रखनी पड़ती थी इस संबंध में भी आज शायद ही कोई अंदाज लगा सकेगा। प्रयुक्‍त की गई पिन एक विशेष खाने में एकत्र की जाती थीं। रिकॉर्डों को रखने के लिए विशेष बॉक्‍स बनाया जाता था जिसमें रिकॉर्डस खड़े रखे जाते थे।

भारत में सर्वप्रथम ग्रामोफोन कंपनी की शाखा कोलकाता में वर्ष 1901 में खुली। उस समय प्रत्‍येक ग्रामोफोन की खरीद पर पांच रिकॉर्डस मुफ्त मिलते थे। प्रारंभ में रिकार्ड एक ही तरफ से बज सकते थे, दूसरी तरफ ये खाली होते थे। यह रिकार्ड साढ़े तीन मिनट चलता एवं इसकी गति प्रति मिनट 78 चक्‍कर होती थी, अत: इसका नाम 78 आर पी एम पड़ा। तत्‍पश्‍चात अनेक नई कंपनियां इस क्षेत्र में आने लगीं। कोलंबिया, ओडियन, यंग इंडिया के रिकार्डस बाजार में जारी करने के लिए वी शांताराम ने बंबई में नेशनल ग्रामोफोन कंपनी खोली। इन रिकार्डों के विषय भी विविध होते। गीत, भजन से लेकर रविन्‍द्रनाथ टैगोर की कविता पाठ तक। यंग इंडिया कंपनी के रिकार्ड पर तिरंगे झंडे का प्रतीक होता एवं स्‍वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाले नेताओं के भाषणों के रिकार्डस इस कंपनी की विशेषता होती थी।

इस युग में संगीत प्रेमियों के शौक भी जरा अलग प्रकार के होते थे। नाटकों के संवाद, लोकगीत एवं हास्‍य प्रधान कार्यक्रमों के रिकार्डस बाजार में काफी बिकते थे। ग्रामोफोन कंपनी सबसे बड़ी मानी जाती थी। इस कंपनी ने सचिन देब बर्मन और कुंदनलाल सहगल को गायक के रुप में अस्‍वीकार कर दिया था। आगे जाकर इस रिकार्ड कंपनी ने अपनी भूल महसूस की। फिल्‍मी गीत जब प्रचलन में नहीं थे तब रिकार्डिंग करते समय गायकों को ऊंची आवाज में गाना पड़ता था। उस समय धीमी आवाज पकड़ पाने वाले साधनों का अभाव था।

वर्ष 1902 में पहली हिंदुस्‍तानी कलाकार का रिकार्ड आया। इस गायिका का नाम था शशि मुखी देवी। वर्ष 1904 में दोनों तरफ गीत वाले रिकार्ड बाजार में आए। तब सम्‍भ्रांत घरों की स्त्रियां परदे में रहती थीं अत: बेहतर गायन के बावजूद रिकार्ड नहीं आ सकते थे। सी आर दास की बहिन अमला दास ने इस प्रथा को तोड़ा एवं वर्ष 1912 में अमला दास का गीत रिकार्ड हुआ। प्रारंभ में रिकार्ड पर कलाकार का नाम नहीं लिखा जाता था। गीत पूरा होने पर कलाकार अपना नाम बोलता था। कवि रविन्‍द्रनाथ टैगोर ने वंदेमातरम् एवं सोनार तोरी का गायन एच बोज कंपनी की रिकार्ड के लिए किया था। वर्ष 1925 में पहली बार कवि एवं संगीतकार के नाम रिकार्ड पर लिखे गए। वर्ष 1934 में पहले फिल्‍मी गीत की रिकार्डिंग वी शांताराम ने की। उन दिनों विशेष त्‍योहारों पर नए रिकॉर्ड जारी किए जाते थे। ग्रामोफोन मनोरंजन का मुख्‍य साधन होने के नाते विशेष महत्‍व था। सभी कंपनियों में बेहतर ग्रामोफोन बनाने की स्‍पर्धा थी। इसके बाद लोंग प्‍ले आई। आज भी अनेक लोग पुराने रिकार्डस एकत्र करने का शौक रखते हैं, जिनमें कोलकातावासी ही आगे हैं।

April 06, 2007

एनएचपीसी में है बेहतर रिटर्न

सरकारी बिजली कंपनी एनएचपीसी ने पूंजी बाजार में उतरने का फैसला किया है। सरकार इस कंपनी में अपनी पांच फीसदी हिस्सेदारी शेयर बाजार के जरिए बेचने जा रही है। एनएचपीसी ने अपने पब्लिक इश्यू के लिए सेबी के पास आवेदन जमा करा दिया है। कंपनी 167 करोड़ शेयर जारी करने का इरादा रखती है। एनएचपीसी का यह पब्लिक इश्‍यू जून 2007 तक आने की संभावना है। सरकार की पांच फीसदी हिस्सेदारी बेचने के अलावा 111.7 करोड़ नए शेयर भी जारी किए जाएंगे। पब्लिक इश्यू के बाद एनएचपीसी में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी घटकर 86.30 फीसदी रह जाएगी। कुल इश्यू का 60 फीसदी हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों को बेचा जाएगा, जबकि पांच फीसदी शेयर म्युचुअल फंडों को बेचे जाएंगे। 30 फीसदी शेयर खुदरा निवेशकों को दिए जाएंगे। पब्लिक इश्‍यू की राशि का उपयोग एनएचपीसी अपनी विस्तार योजना के लिए करेगी, जबकि पांच फीसदी सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री से मिली राशि केंद्र सरकार को सौंप दी जाएगी। संयोग ही है कि एनएचपीसी से पहले भी वर्ष 2004 में किसी सरकारी कंपनी के विनिवेश की शुरुआत बिजली क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी से ही की गई थी। देश में बिजली की बढ़ती कमी और इस क्षेत्र में जोरदार विकास संभावनाओं को देखते हुए भविष्‍य में बिजली कंपनियों के शेयर निश्चित रुप से चमकेंगे।

April 05, 2007

हिंदुस्‍तान की शान है यह...जिंक

स्‍टरलाइट समूह की कंपनी हिंदुस्‍तान जिंक लिमिटेड एक बेहतर शेयर है और इसमें बाजार की चाल से अधिक गर्मी की संभावना दिखाई दे रही है। हालांकि, लंदन मेटल एक्‍सचेंज में जिंक के दाम 4619 डॉलर प्रति टन की ऊंचाई से तकरीबन 30 फीसदी गिर चुके हैं जिसकी वजह से हिंदुस्‍तान जिंक का शेयर नवंबर 2006 के दाम 1020 रुपए प्रति शेयर से 40 फीसदी लुढ़क चुका है। जिंक यानी जस्‍ते के भावों में यह कमी चीन के वर्ष 2006 में 70 लाख टन के शुद्ध निर्यातक के रुप में पलटने से आई। जबकि इससे पहले चीन दो वर्ष तक जिंक का आयातक देश था। हालांकि, यह उम्‍मीद की जा रही है कि चीन वर्ष 2007 में भी रिफाइंड जिंक का शुद्ध निर्यातक बना रहेगा। जिंक के दामों में तेजी और वोल्‍यूम बढ़ने से हिंदुस्‍तान जिंक का नकद प्रवाह यानी कैश फ्लो मजबूती से बढ़ा है। वर्ष 2007 में कंपनी का लिक्विड इनवेस्‍टमेंट 34.8 अरब रुपए रहेगा। इसे यदि प्रति शेयर नकद में बदला जाए तो यह राशि होगी 82.3 रुपए। इसी तरह प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 112 रुपए रहेगा। कंपनी के कामकाज और योजनाओं से यह लगता है कि इसमें गिरावट का जो समय आया था, वह पूरा हो चुका है और अब यह स्‍टॉक बेहतर लाभ दिला सकता है। अगले दो सालों में कंपनी के कारोबार में 25 फीसदी की सालाना औसत बढ़ोतरी होगा और यह 5.64 लाख टन तक पहुंच जाएगा। वर्ष 2009 की पहली तिमाही में इसकी नई क्षमता जो 2.65 लाख टन की है, कार्य करने लग जाएगी। इस बड़ी क्षमता के साथ यह माना जा रहा है कि इसका अनुमानित लाभ वर्ष 2008 के 35.4 अरब रुपए से बढ़कर वर्ष 2009 में 41.7 अरब रुपए दिखाई देगा। यह भी माना जा रहा है कि जिंक के दाम वर्ष 2008 में कम होकर 2750 डॉलर प्रति टन और वर्ष 2009 में 2500 डॉलर प्रति टन रह जाएंगे। दामों में कमी का यह अनुमान जिंक के वर्ष 2007 के सरप्‍लस 37.6 हजार टन के आधार पर लगाया गया है। हिंदुस्‍तान जिंक की स्‍थापित क्षमता में बढ़ोतरी होने से इसकी उत्‍पादन लागत वर्ष 2010 तक 8/10 फीसदी की कमी देखने को मिलेगी और यह 625/650 डॉलर प्रति टन आ सकती है, जबकि वर्ष 2006 में यह 691 डॉलर प्रति टन थी। हिंदुस्‍तान जिंक के बेहतर कार्य प्रदर्शन को देखते हुए इसका शेयर 775 रुपए के स्‍तर को छू सकता है। हिंदुस्‍तान जिंक का शेयर आज 648 रुपए पर बंद हुआ है।

April 04, 2007

जीत तो राजा की ही होती है....

निवेशक मित्रों कल ही हमने कहा था कि एनटीपीसी यानी नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन शेयर बाजार के मौजूदा माहौल मेंविजेता रहेगा और आज यह इस समय 160 रुपए प्रति शेयर चल रहा है। मैं एक बार फिर कह रहा हूं कि जो निवेशक बेहतर और सुरक्षित स्‍टॉक की तलाश कर रहे हैं, वे अब भी एनटीपीसी में निवेश कर सकते हैं। दो साल में यह शेयर जिस ऊंचाई पर होगा, उसके बाद खरीदने का इरादा आप शायद न कर पाएं।

एक समय यही स्थिति भेल में थी, जब लोग 150 रुपए से 250-300 रुपए पहुंचने पर कहते थे कि यह खूब बढ़ गया और जल्‍दी ही गिर जाएगा लेकिन देखते ही देखते भेल ने आसमान की ओर कूच कर दिया। यही स्थिति अगले दो साल में एनटीपीसी में होगी। कंपनी के कामकाज और परियोजनाओं के बारे में बखान करने की जरुरत नहीं है क्‍योंकि यही एक कंपनी ऐसी है जिसके बारे में लगभग सभी जानते हैं। अब कंपनी भेल की तरह मशीनरी और पॉवर इक्विपमेंट का भी निर्माण करेगी यानी बिजली के अलावा दो नए क्षेत्र, जो इसकी स्थिति ही बदल देंगे। एनटीपीसी ही निवेशकों को फक्‍कड़ गिरधारी से अगले दो साल में गिरधर गोपाल तक का सफर तय करा सकता है।

April 03, 2007

खतरनाक गेम शुरू होगा अब.......

शेयर बाजार में चार दिन गिरावट और एक दिन बढ़ोतरी इस खेल में आम निवेशक समझ नहीं पा रहा है कि वह क्‍या करें। शेयर बाजार की बढ़ोतरी के दिन शेयर खरीदे जाते हैं तो अगले दिन निवेश की कीमत घट जाती है और यदि गिरने वाले दिन शेयर लिए जाते हैं तो पता चलता है कि अगले तीन दिन गिरावट ही चल रही है और निवेश राशि बुरी तरह कम हो जाती है। छोटे छोटे निवेशक इतने ज्‍यादा परेशान हैं कि वे समझ नहीं पा रहे कि क्‍या करें और क्‍या नहीं। वाह मनी ब्‍लॉग में हम समय समय पर यह लिखते रहें हैं कि आप अपने महंगे और बेहतर स्‍टॉक्‍स को भूलकर भी नहीं बेंचे। यदि आपने यह गलती कि तो समझ लीजिए आप अगली रेस से बाहर होने जा रहे हैं। शेयर बाजार में क्लियर तेजी आएगी लेकिन मानसून की रिपोर्ट आने पर। देश के केरल राज्‍य से मानसून रिपोर्ट 20 मई के आसपास आती है और तभी शेयर बाजार की चाल तय होगी। यदि मानसून सामान्‍य भी रहता है तो शेयर बाजार में बढ़त का खेल शुरू हो जाएगा। इसके अलावा मई के बाद तिमाही परिणाम और कंपनियों की आम सभा में होने वाली अहम घोषणाएं भी बाजार को बढ़ाने में मदद करती हैं।
शेयर बाजार में आई दस तगड़ी गिरावट

18 मई 2006*****826 अंक
2 अप्रैल 2007*****617 अंक
28 अप्रैल 1992****570 अंक
17 मई 2004*****565 अंक
5 मार्च 2007*****471 अंक
15 मई 2006*****463 अंक
22 मई 2006*****457 अंक
19 मई 2006*****453 अंक
4 अप्रैल 2000*****361 अंक
12 मई 1992*****334 अंक
सेबी ने हैज फंडों को शार्ट सेल यानी आपके पास शेयर नहीं हैं, लेकिन आप उन्‍हें बेच सकते हैं, की जो सुविधा दी है वह अब इस रेस को गति देगी। हैज फंड और एफआईआई यानी बड़े संस्‍थागत निवेशक इतनी जल्‍दी भारतीय बाजार को छोड़ना पसंद नहीं करेंगे। सरकार यदि रुपए को 2008 तक पूर्ण परिवर्तनीय बनाती है तो पहले वह महंगाई की दर पर लगाम लगाएगी और सारे वे उपाय करेगी जहां आपको यह अहसास हो कि हमारी अर्थव्‍यवस्‍था में चमक आ रही है। संभवत: आगे चलकर ब्‍याज दरों में भी कमी हो जाए। 2008 की रणनीति के तहत इस मानसून से शेयरों में तेजी का गेम शुरू होगा। हैज फंड और एफआईआई इस समय शार्ट सेल का पूरा गेम नहीं खेलेंगे, बल्कि बीएसई सेंसेक्‍स को हर तरह से 22 से 27 हजार से ऊपर ले जाने का प्रयास करेंगे और इसके बाद ही यह खेल शुरू होगा। वहां से जो शार्ट सेल देखने को मिलेगी, उसके बाद बाजार पानी पानी हो जाए तो अचरज नहीं होना चाहिए। लेकिन यह तय है कि शेयरों में तेजी का गेम शुरू करने की भूमिका तैयार हो रही है, लेकिन जो भी होगा वह 24 अप्रैल को रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति और 20 मई को केरल से मानसून रिपोर्ट आने के बाद होगा। आम निवेशक इस तेजी का लाभ लेने के तैयार रहें, इस समय अधिक शेयर न खरीदकर पैसा जमा करते रहे और इंतजार करें नया गेम शुरू होने के संकेत का।

पॉवर में है दम


निवेश मित्रों हमने 2 मार्च 2007 को इस ब्‍लॉग में लिखा था कि एनटीपीसी यानी नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन विजेता रहेगा। शेयर बाजार में आई भारी गिरावट के बावजूद एनटीपीसी लगातार बढ़ रहा है। आज यह स्‍टॉक इस समय 151 रुपए प्रति शेयर चल रहा है। यानी हर रोज धीमी बढ़त। शेयर बाजार में जो निवेशक बेहतर और सुरक्षित स्‍टॉक की तलाश कर रहे हैं, वे अब भी एनटीपीसी में निवेश कर सकते हैं। दो साल में यह शेयर जिस ऊंचाई पर होगा, उसके बाद शायद मुंह से निकले...एनटीपीसी में वाकई दम था।

देश के शेयर बाजारों में जितनी भी कंपनियां सूचीबद्ध हैं उनमें से कोई भी कंपनी पिछले उतार चढ़ाव से अछूती शायद ही रहीं। लेकिन शेयर बाजार की इस प्रेम कहानी में एक राजा भी है। इस राजा का नाम है एनटीपीसी यानी नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन। बीएसई सेंसेक्‍स में जब दस फीसदी की गिरावट आई थी और बाजार में कारोबार रोक दिया गया था उस दिन एनटीपीसी का शेयर कुछ समय के लिए 95 रुपए बोला गया था लेकिन उसके बाद इसने पलट कर नहीं देखा। कुछ लोग यह कहते हैं कि लंबे निवेश के लिए बढि़या स्‍टॉक कौन सा है। मेरी राय में सबसे सुरक्षित और बेहतर स्‍टॉक एनटीपीसी है, जिसमें शेयर निवेश की जानकारी न रखने वाला भी निवेश कर सकता है। हां, यह जरुर है कि यह शेयर रोज रोज की घटबढ़ से खासा प्रभावित नहीं होता लेकिन टूटता भी नहीं है।

एक समय यही स्थिति भेल में थी, जब लोग 150 रुपए से 250-300 रुपए पहुंचने पर कहते थे कि यह खूब बढ़ गया और जल्‍दी ही गिर जाएगा लेकिन देखते ही देखते भेल ने आसमान की ओर कूच कर दिया। यही स्थिति अगले दो साल में एनटीपीसी में होगी। कंपनी के कामकाज और परियोजनाओं के बारे में बखान करने की जरुरत नहीं है क्‍योंकि यही एक कंपनी ऐसी है जिसके बारे में लगभग सभी जानते हैं। अब कंपनी भेल की तरह मशीनरी और पॉवर इक्विपमेंट का भी निर्माण करेगी यानी बिजली के अलावा दो नए क्षेत्र, जो इसकी स्थिति ही बदल देंगे। आज तकरीबन 140-142 रुपए प्रति शेयर मिल रहा एनटीपीसी ही आपको अगले दो साल में गिरधर गोपाल तक का सफर तय करा सकता है।

April 02, 2007

काला सोमवार हो ही गया आज

शेयर बाजार के लिए आज काला सोमवार ही है। हमने शनिवार को ही बता दिया था कि ब्‍लैक मंडे में डेढ़ दिन बाकी और आज यही हुआ। इस समय बीएसई सेंसेक्‍स साढ़े चार सौ अंकों से ज्‍यादा गिरा हुआ है और इसमें शाम तक सुधार के कोई संकेत नहीं है। लेकिन पैसा कमाना जरुरी है और शेयर बाजार से अच्‍छा कोई शार्ट कर्ट रास्‍ता भी तो नहीं है। तो लीजिए हमारी अगली गाइडलाइन....शेयर बाजार में आज जो गिरावट आई है, वह कुछ समय जारी रह सकती है लेकिन एक बात जो सामने आई है, वह यह है कि बड़े बड़े ऑपरेटर इस गिरावट को और बढ़ने की बात फैलाकर क्रीम स्‍टॉक आपके हाथों से निकलवाने का भी काम कर रहे हैं। मैं निवेशकों से कहना चाहूंगा कि वे बेहतर कंपनियों के शेयर न बेचे तो ही अच्‍छा है। यहां एक उदाहरण देना चाहूंगा कि कुछ साल पहले लोगों ने सेंचुरी टेक्‍सटाइल के श्‍ोयर खूब ऊंचे भावों पर खरीदे थे और उन्‍हें इसके गिरने पर केवल तीस रुपए प्रति शेयर पर बेच दिए और वापस जब सेंचुरी 600 रुपए प्रति शेयर बिक रही थी तो फिर से खरीद रहे थे। अब क्‍या कहा जाए ऐसे निवेशकों को जो पहले महंगे शेयरों को पानी के भाव बेच देते है और फिर सोने के भाव पर खरीदने जाते हैं। ऐसे पैसा कमाया जाता था तो सभी करोड़पति होते। सोचिएं क्‍यों कुछ ही निवेशक पैसा कमा पाते हैं और ज्‍यादातर निवेशक हाथ जलाकर चुप बैठ जाते हैं। अमरीका, यूरोप, जापान ने अपनी अर्थव्‍यवस्‍था को मंदी में जाने से बचाने के लिए एक ओर ब्‍याज दरों को स्थिर रखने के कदम उठाए हैं, वहीं अमरीकी अर्थव्‍यवस्‍था में उपभोक्‍ताओं का विश्‍वास डमगमा जाने से अमरीकी डॉलर की अन्‍य मुद्राओं की तुलना में खूब धुलाई हो रही है। यही वजह है कि अमरीका और ब्रिटेन ने मिलकर ब्रिटिश नौ सैनिकों को पकड़वाया है ताकि ईरान पर हर प्रतिबंध और हमले की भूमिका तैयार की जा सके। ईरान के साथ पंगेबाजी कर क्रूड के दामों में तो आग लग ही गई है। इस तनाव से ये दोनों देश चाहते हैं कि दुनिया में तेल की आपूर्ति पूरी तरह गड़बड़ा जाए। क्रूड के दाम बढ़ने के साथ ही अंतरराष्‍ट्रीय बाजारों में हैज फंड सक्रिय हो गए हैं जिससे शेयर बाजारों में करेक्‍शन बाद नई तेजी लाने की तैयारी की जा रही है। भारत में भी राजनीतिक उठापटक बड़ी देखने को नहीं मिलेगी। हर कोई जानता है कि कांग्रेस लाख प्रयास कर ले, वह यूपी नहीं जीत सकती और सारे मिलकर सिर पटक ले नरेंद्र मोदी को गुजरात की सत्‍ता से हटाना कठिन है। यूपी और गुजरात की स्थित‍ि का जो सही ढंग से विश्‍लेषण करते है वे जानते हैं कि राजनीतिक मोर्चे पर कुछ नया नहीं देखने को मिलेगा। इस सप्‍ताह बीएसई सेंसेक्‍स 12400 से 13200 के बीच घूमता रहेगा। निफ्टी 3445 से 3825 के बीच रहेगा। फ्रंटरनर एनटीपीसी, टीसीएस, भेल, एल एंड टी, एमटीएनएल रहेंगे।