adsense

June 24, 2007

बिजली, गैस और बैंक शेयर चढ़ेंगे

भारतीय शेयर बाजार में 25 जून से 29 जून के सप्‍ताह के दौरान बिजली, गैस और बैंक शेयरों में गर्मी दिखाई दे सकती है। मुद्रास्‍फीति की दर 14 महीने के निम्‍न स्‍तर 4.28 फीसदी आने, डीएलएफ, आईसीआईसीआई बैंक के मेगापब्लिक इश्‍यू को मिली सफलता के बाद अब अनेक कंपनियों के पूंजी बाजार में उतरने की तैयारियों से यह संकेत मिलते हैं कि बाजार अब सकारात्‍मक चाल चलेगा। केंद्र सरकार के कहने पर अब अनेक सरकारी कंपनियां भी पूंजी बाजार में उतरेगी। यूरोप, अमरीकी और एशियाई धन का प्रवाह भी भारतीय बाजार में आने वाले दिनों में दिखाई देगा। भारत में आईटी के बाद अब मैन्‍युफेक्‍चरिंग, इंजीनियरिंग सहित औद्योगिक क्षेत्र में आउटसोर्सिंग बढ़ रहा है। आर्थिक विकास की जब बात होती है तो यह तय है कि आने वाले दिन बिजली, गैस और बैंक शेयरों के नाम रहेंगे। विदेशी निवेशकों के साथ घरेलू संस्‍थागत निवेशक इन क्षेत्रों के शेयरों को जमा करने में लगे हैं। आईसीआईसीआई बैंक के मेगा इश्‍यू को मिले तगड़े प्रतिसाद के बाद बैंकिंग क्षेत्र में कंसोलिडेशन दिखाई देगा। उच्‍च वेल्‍यूएशन, एसेट्स वाले सरकारी और निजी बैंकों के शेयरों में आने वाले दिनों में करंट देखने को मिलेगा। हालांकि, इस सप्‍ताह में एफ एंड ओ का सैटलमेंट होगा जिससे बाजार में यदि कोई गिरावट आती है तो इसके टिकने के आसार नहीं है और बाजार जल्‍दी रिकवर होता दिखाई देगा। नए सप्‍ताह में बीएसई सेंसेक्‍स 14688 अंक को पार करता है तो यह 14845 अंक तक जा सकता है। सेंसेक्‍स नीचे में 14044 अंक रहने की संभावना है। निफ्टी नीचे में 4122 पर स्‍पोर्ट पाकर ऊपर में 4325 अंक पार करने पर 4377 अंक तक जा सकता है। अगले सप्‍ताह फ्रंटरनर एनटीपीसी, स्‍टेट बैंक, टीसीएस, हिंदुस्‍तान लीवर, ओएनजीसी, गेल, बीईएमएल, कोलगेट, कंटेनर कार्पोरेशन, सीमेंस, एल एंड टी रहेंगे। बिड़ला केन्‍नामेटल, टाटा कॉफी, होंडा सीएल पावर, पावर फाइनेंस कार्पोरेशन, पीटीसी इंडिया, गेटवे डिस्‍ट्रीपार्क, बॉटलीबाय, जय कॉर्प, बार्टोनिक्‍स इंडिया, अहमदनगर फोर्जिंग्‍स, मिड डे मल्‍टीमीडिया, जयंत एग्रो, यस बैंक और जेबीएफ इंडस्‍ट्रीज बढ़ने वाले शेयरों की सूची में शामिल रहेंगे।

June 23, 2007

अब ब्रेक ऑउट या ब्रेक डाउन

हितेंद्र वासुदेव
अब आर या पार.....पिछले सप्‍ताह का शीर्षक शेयर बाजार में पूरी तरह नहीं घटा। बीएसई सेंसेक्‍स 14241.76 अंक खुला और नीचे में 14057.26 अंक तक आया। यह ऊपर में 14560.32 अंक गया और अंत में 14467.36 अंक पर बंद हुआ। इस तरह साप्‍ताहिक आधार पर इसमें 297 अंक की बढ़ोतरी हुई। शेयर बाजार के साप्‍ताहिक बंद आधार पर यह ऊपर की ओर मुड़ा। लेकिन यदि यह शुक्रवार के 14316 अंक से नीचे गिरता है तो यह 13946 अंक तक आ सकता है। साप्‍ताहिक रिजिस्‍टटेंस 14666/14725 पर होगा, जबकि साप्‍ताहकि स्‍पोर्ट 14361/14162/13946 पर मिलेगा। ब्रेकआउट की स्थिति और साप्‍ताहिक बंद 14725 से ऊपर होने की दशा में इस तेजी के बढ़ने की उम्‍मीद है और सेंसेक्‍स कम से कम 15169 अंक तक जाएगा।

बाजार की एक विस्‍तृत तस्‍वीर जानने के लिए इलियट वेव की समीक्षा को देखें:
फर्स्‍ट काउंट :
वेव 1- 2594 to 3758;
वेव 2- 3758 to 2828;
वेव 3-2828 to 12671;
इंटरनल्‍स ऑफ वेव 3
वेव i- 2904 to 3416
वेव ii- 3416 to 2904
वेव iii- 2904 to 6249
वेव iv- 6249 to 4227
वेव v- 4227 to 12671
वेव 4
वेव a -12671 to 8799
वेव b-8799 to 14723
वेव c-14723 to 12316
वेव 5- 12316 to 14683
इंटरनल्‍स ऑफ वेव 5
वेव 1- 12316 to 13386
वेव 2- 13386 to 12425
वेव 3- 12425 to 14384
वेव 4- 14384 to 13554
वेव 5- 13554 to 14683

यदि सेंसेक्‍स ब्रेक आउट होता है और यह 14725 से ऊपर बंद होता है तो इंटरनल्‍स ऑफ वेव 5 बदल सकती है। संशोधन की स्थिति में काउंट इस तरह होंगे:

इंटरनल्‍स ऑफ वेव 5
वेव 1- 12316 to 13386
वेव 2- 13386 to 12425
वेव 3- 12425 to 14384
वेव 4-
वेव a- 14384 to 13554
वेव b- 13554 to 14683
वेव c- 14683 to 13946
वेव 5- 13946 to 14560 (यह काउंट तभी आएगा जब सेंसेक्‍स ब्रेकआउट करेगा और साप्‍ताहिक बंद 14725 से ऊपर होगा। यदि यह काउंट आता है तभी वेब 5 अपनी 15133/15365/15596 अंक तक की यात्रा करेगा)
यदि 13946 अंक पर स्‍पोर्ट नहीं मिलता है तो इसमें करेक्‍शन बढ़ेगा। पीछे लौटने की पहली रेंज 12316 से 14683 की है। पीछे लौटने के स्‍तर 13780/13500/13220 हैं।

सप्‍ताह की रणनीति
जब सेंसेक्‍स ब्रेकआउट होता है और यह 14725 से ऊपर बंद होता है तब बड़े पूंजीकरण वाले शेयर खरीदें। सप्‍ताह का निम्‍न स्‍तर या 13946 जो भी कम हो, को स्‍टॉप लॉस मानकर चलें। यदि ऊपरी स्‍तर पर सेंसेक्‍स जाता है तो यह 15502/15982 तक पहुंचने की उम्‍मीद है। बॉटमलाइन रेंज 14725/13900 है। बाजार में तेजी सेंसेक्‍स के 14725 अंक से ऊपर और मंदी 13900 अंक से नीचे जाने पर। पहली प्राथमिकता में कमजोर स्‍टॉक से घाटे या लाभ में निकल जाए और यह काम आप सेंसेक्‍स के 14666/14725 के बीच कर सकते हैं। जब सेंसेक्‍स ब्रेकआउट कर जाए और यह 14725 से ऊपर जाए तो मजबूत स्‍टॉक्‍स खरीदें क्‍योंकि ये स्‍टॉक्‍स ही नई ऊंचाई पर दिखेंगे। हितेंद्र वासुदेव के इस लेख के अनुवादक कमल शर्मा

June 20, 2007

जेबीएफ है बेहतर

जेबीएफ इंडस्‍ट्रीज इस समय आकर्षक शेयर लग रहा है। जेबीएफ इंडस्‍ट्रीज पिछले कुछ दिनों से 121 से 124 रुपए के बीच कंसोलिडेशन हो रहा था और आज यह सुबह 121.55 रुपए पर खुलने के बाद 134.75 रुपए के ऊपरी स्‍तर पर गया। इस समय यह 132.60 रुपए चल रहा है। इस शेयर को लेकर तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि जेबीएफ इंडस्‍ट्रीज यदि 136 रुपए के स्‍तर से ऊपर बंद होता है तो इसके 182 रुपए तक जाने की संभावना है, जबकि इसमें स्‍टॉप लॉस 117 रुपए रखा जाना चाहिए।

June 18, 2007

खाली हाथ आया है...खाली हाथ जाएगा


शेयर बाजार में गिरावट आने के संकेत हमने 29 मई को ही दे दिए थे कि अगले महीने खासकर दस जून तक बाजार में खासी गिरावट आ जाएगी लेकिन अनेक निवेशकों ने इसे नजरअंदाज करते हुए लांग पोजीशन जारी रखी। हालांकि, यह करेक्‍शन या गिरावट का दौर अभी पूरा नहीं हुआ है और इसके जारी रहने के अलावा शेयर बाजार उतार चढ़ाव की सीढि़यों पर चलता रहेगा। गिरावट का संकेत मिलने के बावजूद हर सुबह तेजी की उम्‍मीद पाले अनेक निवेशकों ने अपनी लांग पोजीशन खत्‍म नहीं की और अब पूछ रहे हैं बाजार का क्‍या हाल रहेगा। दस जून के बाद भी शेयरों में गिरावट जारी है, शेयर बाजार सुबह 150 अंक तक बढ़ जाता है तो बंद होते होते मंदी का दामन थाम लेता है। अब जो मंदी है उसका एक बड़ा कारण बाजार में पैसे की कमी है। डीएलएफ, विशाल रिटेल और अब आईसीआईसीआई बैंक के मेगा इश्‍यू ने सैकेंडरी बाजार से पैसा खींचा है जिससे बाजार को उठने में सहायता नहीं मिल रही है। यदि इन तीनों कंपनियों के पब्लिक इश्‍यू के बीच 10/15 दिन का अंतर रहता तो बाजार की स्थिति कुछ और ही होती। इस स्थिति में गिरावट में लिपटा बाजार हो सकता था कि जून अंत तक 15 हजार अंक को पार कर जाता। लेकिन फिर भी हम निवेशकों से कहना चाहेंगे कि वे अपने बेहतर स्‍टॉक घाटे की स्थिति में न बेचें। हां, घटिया स्‍टॉक्‍स से जितना जल्‍दी हो छुटकारा पाने का प्रयास करें। यहां हम एक बात फिर से दोहराना चाहेंगे कि यदि आपको शेयर बाजार का कुछ भी गणित नहीं आता या फिर आप रिसर्च जैसे काम नहीं कर सकते तो पावर कंपनियों और पावर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों में आंख बंदकर निवेश कर सकते हैं, बाजार किसी भी स्थिति में चला जाए, आप इस क्षेत्र के निवेश पर धोखा नहीं खा सकते। हमारा मानना है कि चालू सप्‍ताह में बीएसई सेंसेक्‍स 14425 से 13790 के बीच घूम सकता है। निवेशकों से हम एक बात और कहना चाहेंगे कि इन दिनों कुछ ऐसे एसएमएस उन्‍हें मुफ्त में बगैर मंगाए मिल रहे हैं कि आप यहां निवेश करें और खूब कमाएं। अमुक शेयर इस भाव पर खरीदें, इसका टार्गेट यह है और स्‍टापलॉस इतना। इस तरह के एसएमएस फ्युचर एंड ऑप्‍शन यानी एफएंडओ शेयरों के लिए मिल रहे हैं। कई निवेशक इस तरह के एसएमएस को बेहतर रिसर्च एनालिस्‍ट के मानकर निवेश कर रहे हैं लेकिन उनके निवेश के साथ बताया गया स्‍टापलॉस लगता है और निवेशक घबराकर अपने शेयरों से निकल जाते हैं, जो इस तरह के एसएमएस भेजने वालों के हाथ सस्‍ते में लग जाते हैं। कम पैसा, ज्‍यादा शेयर, जल्‍दी अरबपति बनने का सपना पाले एक आम निवेशक के लिए एफएंडओ कुल मिलाकर जहर ही साबित हुआ है। हम एक बार फिर कहना चाहेंगे कि खुद अधिक से अधिक से पढ़ें और डिलीवरी बेस्‍ड कारोबार को वरीयता दें, न कि एफएंडओ को। जल्‍दी बड़ा निवेशक बनने का यह सस्‍ता सौदा लगने वाला रास्‍ता बेहद घातक है जो अंत में आपको खाली हाथ आया है और खाली हाथ लौटाने के लिए काफी है।

June 16, 2007

अब आर या पार


हितेंद्र वासुदेव
मुंबई शेयर बाजार के सेंसेक्‍स के बारे में हम आपसे पहले ही कह चुके हैं कि इसकी धुलाई होगी। 15 जून को समाप्‍त हुए सप्‍ताह में सेंसेक्‍स तेजडि़यों और मंदडि़यों की बीच की लड़ाई में पिसता हुआ दिखा। एक तगड़ी मार के बाद हमने पिछले सप्‍ताह बाजार दुविधा की स्थिति में दिखाई दिया। बीते सप्‍ताह बीयर कैंडलस्टिक पैटर्न के परिग्रहण के बाद लांग लेज्‍ड डोजी की रचना होती दिखाई दी। पिछले सप्‍ताह बीएसई सेंसेक्‍स 14170.81 अंक पर खुला और नीचे में 13946.99 अंक तक गया और ऊपर में 14326.55 अंक तक ऊपर में पहुंचा लेकिन अंत में यह 14162.71 अंक पर बंद हुआ जो साप्‍ताहिक आधार पर 117 अंक बढ़ा। गत 8 जून को बाजार के बंद होने के बाद साप्‍ताहिक रुझान गिरावट का दिखा। साप्‍ताहिक रुझान में तेजी सेंसेक्‍स के 14725 अंक से ऊपर पहुंचने या यदि यह शुक्रवार को साप्‍ताहिक बंद 14284 अंक से ऊपर होता है, तो देखने को मिलेगा।

किसी स्थिति में ब्रेकआउट होने और साप्‍ताहिक बंद 14725 अंक से ऊपर होता है सब कुछ बदल जाएगा। आने वाले दिनों में सेंसेक्‍स 13946 अंक के स्‍तर से नीचे नहीं जाता है तो यह करेक्‍शन पूरा हो जाएगा और तेजी के लिए यह उड़ान के लिए लांचिंग पेड बन सकता है। सेंसेक्‍स 14725 अंक से ऊपर बंद होता है तो मंदी के रुझान की बनी कैडल स्टिक को नजरअंदाज करें। बीएसई सेंसेक्‍स के लिए साप्‍ताहिक रिजिस्‍टटेंस 14343, 14570 और 14724 हैं। साप्‍ताहिक स्‍पोर्ट 14063 और 13946 है। यदि यह गिरता है और 13946 से नीचे बंद होता है तो इसमें नरमी और करेक्‍शन जारी रहेगा जो 13780/13500/13220 अंक तक जा सकता है। सेंसेक्‍स बढ़त के स्‍तर सिकुड़कर 12316 से 14683 तक हैं। पिछले सप्‍ताह हमने मामूली बढ़त 13946 के निचले स्‍तर से देखी। यदि बीयर कैडलस्टिक पैटर्न का परिग्रहण जारी रहता है तो यह 13946 के स्‍तर को लांघ जाएगा। अतिरिक्‍त करेक्‍शन तब तक जारी रहेगा जब तक यह 14724 अंक को पार नहीं कर जाता।

बाजार की एक विस्‍तृत तस्‍वीर जानने के लिए इलियट वेव की समीक्षा को देखें:
फर्स्‍ट काउंट :
वेव 1- 2594 to 3758;
वेव 2- 3758 to 2828;
वेव 3-2828 to 12671;
इंटरनल्‍स ऑफ वेव 3
वेव i- 2904 to 3416
वेव ii- 3416 to 2904
वेव iii- 2904 to 6249
वेव iv- 6249 to 4227
वेव v- 4227 to 12671
वेव 4
वेव a -12671 to 8799
वेव b-8799 to 14723
वेव c-14723 to 12316
वेव 5- 12316 to 14683
इंटरनल्‍स ऑफ वेव 5
वेव 1- 12316 to 13386
वेव 2- 13386 to 12425
वेव 3- 12425 to 14384
वेव 4- 14384 to 13554
वेव 5- 13554 to 14683
वेव यदि उपरोक्‍त वेव काउंट सही ठहरता है तो हम बाजार में एक बड़े स्‍तर पर करेक्‍शन देखेंगे। इस मामले में 2594 से 14683 के बीच बढ़त पर 0.250 और 0.382 के सिमटते हुए स्‍तर दिखेंगे और यह 11645 से 10086 के बीच जा सकता है।

सप्‍ताह की रणनीति

अल्‍प अवधि के कारोबारियों और निवेशकों के सामने अधिक पसंद नहीं है लेकिन वे लंबी पोजीशन से घाटे या लाभ में छुटकारा ले सकते हैं जब सेंसेक्‍स 14343 से 14570 के बीच पहुंच जाए। यह रणनीति किसी स्‍टॉक या सेंसेक्‍स स्‍टॉक्‍स पर लागू नहीं होती बल्कि यह आम रणनीति है। बेहतर होगा कि कमजोर स्‍टॉक्‍स से निकल जाए और उन स्‍टॉक्‍स को लें जो नई ऐतहासिक ऊंचाई पर पहुंचे हैं न कि 52 सप्‍ताह की ऊंचाई पर। कारोबारी 14343 से 14570 की गर्मी पर बिकवाली 14725 या शुक्रवार के साप्‍ताहिक बंद 14284 के साथ स्‍टॉप लॉस के साथ कर सकते हैं। हितेंद्र वासुदेव के इस लेख के अनुवादक कमल शर्मा

June 14, 2007

संगम इंडिया में पैसे का संगम

टैक्‍सटाइल फैब्रिक निर्माता कंपनी अरुण सिंथेटिक्‍स प्रा। लिमिटेड के नाम से 1984 में शुरू हुई कंपनी को अब संगम इंडिया लिमिटेड के नाम से जाना जाता है। आज यह कंपनी पीवी डायड यानी पॉलिएस्‍टर विस्‍कॉस यार्न के 20 फीसदी से अधिक बाजार हिस्‍से पर इस कंपनी का कब्‍जा है। कंपनी इंटीग्रेटेड टैक्‍सटाइल खिलाड़ी है और इसके पास स्पिनिंग, वीविंग और प्रोसेसिंग की सुविधाएं भी हैं। सिंथेटिक्‍स ब्‍लैंडेड फैब्रिक के क्षेत्र में संगम व अनमोल ब्रांड के साथ यह सबसे मजबूत खिलाड़ी मानी जाती है। इस कंपनी के देश भर में सौ डीलर और एक हजार रिटेलर हैं। इसके मुख्‍य ग्राहकों में रिलायंस, बीएसएल, एस कुमार्स, रीड एंड टेलर, सियाराम और ग्रासिम हैं। संगम इंडिया अपने उत्‍पाद 30 से ज्‍यादा देशों को निर्यात करती है जिनमें टर्की, बेल्जियम, स्‍पेन और मध्‍य पूर्व देश हैं।

राजस्‍थान के भीलवाड़ा कस्‍बे में इसकी उत्‍पादन सुविधाएं लगी हुई हैं जिनमें स्पिनिंग, वीविंग और प्रोसेसिंग शामिल हैं। कंपनी का मुख्‍य उत्‍पाद पीवी डायड यार्न है जिसमें तीन हजार से अधिक रंग हैं। यह पीवी यार्न, कॉटन यार्न और फैब्रिक्‍स का भी उत्‍पादन करती है। कंपनी की कुल बिक्री में यार्न की हिस्‍सेदारी लगभग 68 फीसदी और फैब्रिक्‍स की भागीदारी 28 फीसदी है। संगम इंडिया सात अरब रुपए से अपना विस्‍तार कर रही है जो इसे घरेलू और अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में अपने विकास के अधिक अवसर देगी। इस विस्‍तार राशि में से बीते वित्‍त वर्ष में तकरीबन 4.7 अरब रुपए खर्च किए जा चुके हैं। शेष राशि चालू वित्‍त वर्ष में निवेश की जाएगी। विस्‍तार के बाद कंपनी की क्षमता में इस तरह बढ़ोतरी होगी : यार्न 21 हजार टन से बढ़कर 62600 टन, वीविंग 120 लाख टन से 320 लाख टन और प्रोसेसिंग 280 लाख टन से 430 लाख टन।

कंपनी ने अपने विस्‍तार के लिए जो राशि जुटाई उसमें से 5.3 अरब रुपए का आवधिक कर्ज, एक अरब रुपए इक्विटी और शेष राशि आंतरिक संसाधनों से जुटाई गई। कंपनी को सरकार के टैक्‍सटाइल अपग्रेडेशन फंड यानी टीयूएफ के तहत पांच फीसदी की ब्‍याज सब्सिडी मिली है। टीयूएफ के तहत लाभ उठाने वाली यह पहली कंपनी है और यह समय पर अपनी विस्‍तार रणनीति को पूरा कर रही है। कंपनी के पास दस मेगावाट का कोयला आधारित बिजली संयंत्र हैं, जबकि छह और 15 मेगावाट के दो और संयंत्र लगा रही है जिनके इस महीने के अंत तक पूरा होने की उम्‍मीद है।

तकरीबन 45 अरब अमरीकी डॉलर का भारतीय वस्‍त्र उद्योग अर्थव्‍यवस्‍था के विकास में मुख्‍य भूमिका निभा रहा है और देश की सकल विकास दर यानी जीडीपी में पांच फीसदी, औद्योगिक उत्‍पादन में 14 फीसदी और निर्यात आय में 21 फीसदी हिस्‍सेदारी बनी हुई है। इस उद्योग ने 350 लाख लोगों को रोजगार दे रखा है। चीन के बाद कॉटन, यार्न और फैब्रिक उत्‍पादन में भारत दूसरे स्‍थान पर है। पांच सौ अरब अमरीकी डॉलर के वैश्विक टैक्‍सटाइल कारोबार में भारत की भागीदारी 3.5 फीसदी है। वर्ष 2010 तक इस कारोबार के 650 अरब अमरीकी डॉलर पहुंचने की उम्‍मीद है। इस बढ़ोतरी के साथ भारत के हिस्‍से में भी इजाफा होगा।

सरकार का इरादा घरेलू टैक्‍सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 1350 अरब रुपए निवेश करने का है। संगम इंडिया को 1.3 अरब रुपए के ऑर्डर मिले हुए हैं जो इसके निर्यात विकास में भूमिका निभाएंगे। निर्यात आय जो वर्ष 2005 में 41.7 करोड़ रूपए थी वह वर्ष 2007 में 1.7 अरब रुपए पहुंच गई। वर्ष 2007/2009 के दौरान कंपनी की सालाना औसत विकास दर आय में 35 फीसदी और शुद्ध लाभ में 59 फीसदी रहने की उम्‍मीद है। वित्‍त वर्ष 2007/08 में कंपनी की बिक्री 750 करोड़ रूपए, शुद्ध लाभ 42 करोड़ रूपए रहने की उम्‍मीद है। जबकि वर्ष 2008/09 में एक हजार करोड़ रूपए की बिक्री और शुद्ध लाभ 68 करोड़ रूपए होने की संभावना है। संगम इंडिया का शेयर इस समय 66 रुपए के करीब चल रहा है जिसके अगले छह महीनों में 90/95 रुपए पहुंचने की आस है।

मौसम जानो पैसा कमाओं

नेशनल कमोडिटी एंड डेरीवेटिव्‍स एक्‍सचेंज यानी एनसीडीईएक्‍स वर्ष 2003 से देश में मौसम वायदा शुरू करने की कोशिश में है लेकिन अब तक एक्‍सचेंज की मंशा हकीकत में नहीं बदल पाई है। एक्‍सचेंज एक बार फिर पूरे जोर शोर से मौसम वायदा लाने की तैयारी में है, लेकिन वायदा शुरू करने के लिए कानून में बदलाव की जरुरत को देखते हुए यह काम थोड़ा मुश्किल लग रहा है। इसके अलावा इस तरह के वायदा में कारोबारी भागीदारी जुटाना भी एक्‍सचेंज के लिए एक चुनौती होगी।

अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर शिकागो मर्केंटाइल एक्‍सचेंज यानी सीएमई और यूरोनेक्‍सट में मौसम आधारित वायदा में कामकाज होता है, जिस देखते हुए एनसीडीईएक्‍स भी इस तरह के वायदा भारत में लांच करने की फिराक में है। गौरतलब है कि तमाम वैज्ञानिक प्रगति के बावजूद अभी भी मौसम पर हमारी निर्भरता काफी है। मौसमी परिस्थितियां काफी हर तक आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करती है, विशेषकर कृषि, ऊर्जा, मनोरंजन, निर्माण व यातायात जैसे उद्योगों की आय पर मौसम का काफी असर पड़ता है। सीएमई द्धारा 1999 में तापमान इंडेक्‍स आधारित वायदा शुरू करने से पहले उद्योगों के पास मौसम से जुड़े जोखिम के प्रबंधन के लिए कम ही विकल्‍प थे। इस मामले में मौमस बीमा एक बेहतर विकल्‍प था, लेकिन इससे सिर्फ भारी जोखिम व कम संभाव्‍यता वाली मौसमी दुर्घटनाओं को ही कवर किया जाता है, तापमान बढ़ने या घटने जैसी अधिक संभाव्‍यता व कम जोखिम वाली मौसमी स्थितियों के कारण किसी कंपनी को होने वाले नुकसान को कवर नहीं किया जाता। ऊर्जा क्षेत्र या कृषि क्षेत्र की आय पर तापमान की घटबढ़ या बारिश का काफी असर पड़ता है, इसलिए इन उद्योगों को कम जोखिम व ज्‍यादा संभाव्‍यता वाली मौसमी स्थितियों से निपटने के लिए मौसम वायदा काफी मददगार होते हैं।
सीएमई में जो मौसम वायदा चलते हैं वे तापमान पर आधारित हैं। एक्‍सचेंज में कूलिंग डिग्री डे सीडीडी व हीटिंग डे एचडीडी नामक तापमान इंडेक्‍सों के आधार पर वायदा चलते हैं। सीडीडी इंडेक्‍स की वैल्‍यू उन दिनों के तापमान को प्रदर्शित करती है जब ऊर्जा का उपयोग हीटिंग के लिए होता है। दिन का तापमान सामान्‍य से जितना कम है वह उस दिन की सीडीडी वैल्‍यू है और दैनिक सीडीडी वैल्‍यू को जोड़कर मासिक इंडेक्‍स बनता है। सीडीडी पर आधारित वायदा का मूल्‍य सीडीडी वैल्‍यू को 20 डॉलर से गुणा करके निकाला जाता है, यहां 20 डॉलर प्रति डिग्री तापमान का आर्थिक प्रभाव दर्शाता है। एचडीडी इंडेक्‍स की वैल्‍यू उन दिनों के तापमान को प्रदर्शित करता है जब ऊर्जा का उपयोग एयरकंडीशनिंग के लिए होता है। इस इंडेक्‍स में बाकी सब चीजें समान होती है, बस इतना फर्क होता है कि एचडीडी वैल्‍यू तापमान सामान्‍य जितना अधिक होता है उतनी होती है।

तापमान इंडेक्‍स अमरीका के 15 शहरों व यूरोप के पांच शहरों के तापमान में होने वाले बदलाव पर आधारित हैं। तापमान आधारित वायदा की अवधारणा यह है कि तापमान अगर सामान्‍य से कम या ज्‍यादा रहता है तो जिन कंपनियों व लोगों की आय पर इसका असर पड़ता है वे अपने जोखिम को तापमान इंडेक्‍स आधारित वायदा के माध्‍यम से हेज कर सकते हैं। उदाहरण के लिए तापमान कम होने से एयरकंडीशिनिंग के लिए बिजली की जरुरत कम हो जाएगी, ऐसे में कोई भी ऊर्जा कंपनी सामान्‍य से कम तापमान के कारण बिजली की खपत में आई कमी और इसके नतीजन होने वाले नुकसान की भरपाई तापमान इंडेक्‍स आधारित वायदा के माध्‍यम से कर सकती है। ऊर्जा कंपनियों के अलावा दूसरी कंपनी या व्‍यक्ति जिनका कारोबार तापमान में होने वाले बदलाव से प्रभावित होता है, वे भी इन वायदा से लाभ उठा सकते हैं।

जहां तक एनसीडीईएक्‍स की पहल का सवाल है तो यहां सबसे बड़ी चुनौती फारवर्ड कांट्रैक्‍ट रेग्‍युलेशन एक्‍ट में संशोधन की है। एक बार यह संशोधन हो जाता है तो तापमान या बारिश के इंडेक्‍स पर आधारित वायदा लांच करने में कोई मुश्किल नहीं होगी। लेकिन यहां पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब घरेलू एक्‍सचेंज भौतिक कमोडिटी के वायदा में कं‍पनियों व हाजिर कारोबारियों की भागीदारी नहीं जुटा पाए, तो मौमस जैसी इनटेंजीबल चीजों के वायदा में कारोबारी रूचि कहां तक बना पाएंगे और अगर ऐसा नहीं होता है तो मौसम वायदा भी अन्‍य कमोडिटीज की तरह सट्टेबाजों के खेल के मैदान बन जाएंगे और इनमें व देश के गली मोहल्‍लों में मौमस पर होने वाले अवैध सट्टे में कोई अंतर नहीं रह जाएगा।

June 06, 2007

मुनाफे को अपनी जेब से खिसकने न दें

शेयर बाजार में जून महीने के पहले दस दिनों में खासी गिरावट आ सकती है यह हमने आपको 29 मई को बता दिया था और आज बीएसई सेंसेक्‍स 279 अंक की गिरावट लेकर बंद हुआ लेकिन सेंसेक्‍स ऊपर में 14590 और नीचे में 14234 रहा यानी 356 अंक की टूट। हमने अपनी 29 मई की रिपोर्ट में बताया था कि..... पिछले चंद दिनों से शुरूआती बढ़त कारोबार बंद होते होते जिस तरह सिमटती जा रही है वह बाजार के लिए बेहतर संकेत नहीं है। यहां न तो शेयर बाजार कंसोलिडेशन हो रहा है और न ही नरम और न ही गरम। पंटर और ऑपरेटर कुछ शेयरों को ही चला रहे हैं। इनमें भी जो शेयर एक या दो दिन चलते हैं उन्‍हें ये लोग छोड़ देते हैं और दूसरे शेयरों पर सवार हो जाते हैं। इस तरह का गेम आम निवेशक के लिए फायदेमंद नहीं है। आम निवेशक अमुक शेयर में अचानक आई तेजी को समझ कर उसका लाभ लेने के लिए जब अमुक शेयर में निवेश करता है, तब तक तो ऑपरेटर और पंटर वहां से छूमंतर हो जाते हैं। कमाई केवल चंद हाथों में। निवेशक इस बात का ध्‍यान रखें कि निवेश फंड मुद्रास्‍फीति, आर्थिक विकास दर, औद्योगिक विकास गति और मानसून से जुड़ी खबरों का फायदा उठाते हैं। इन खबरों के टेलीविजन प्रसारण के साथ ही बाजार तेजी से मंदी और मंदी से तेजी की और दौड़ेगा।

हमने पहले तकनीकी विश्‍लेषण में बताया था कि शेयर बाजार में बेहतर चमक के लिए बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज के 30 शेयर आधारित सेंसेक्‍स को 14725 के अंक को पार करना होगा या इसे 13500 के ऊपर कंसोलिडेटेड होना जरुरी है। सवाल यह उठता है कि सेंसेक्‍स कब ब्रेकआउट करेगा। हमने ब्रेकआउट नहीं देखा है, बाजार की हलचल दायरेबंद देखी है। संयोग से सेंसेक्‍स अपने सभी रेसीसटेंस को पार कर जाता है और यह 14724 के स्‍तर पर बंद होता है तो तेजी का दौर जारी रहेगा और कम से कम यह 16 हजार अंक तक चला जाएगा। बाजार का महत्‍वपूर्ण उच्‍च बॉटम 13500 अंक है। जब तक सेंसेक्‍स 13500 से ऊपर रहता है तब तक हम सेंसेक्‍स के 14724 के ऊपर जाने की उम्‍मीद बनाए रख सकते हैं। लेकिन अब जो खिचड़ी पक रही है उसमें अनेक ऑपरेटर सेंसेक्‍स को पिछले उच्‍च स्‍तर के करीब ले जाकर या उसे एक बार पार कर झटके से 700/800 अंक गिराने का मूड तय कर चुके हैं। संभव है कि भारतीय शेयर बाजार जून के पहले सप्‍ताह या 10 जून के करीब गच्‍चा खा जाए। हालांकि अब ये ऑपरेटर और पंटर भी जानते हैं कि बाजार को गिराने की चाल को निवेशक जान गए हैं तो निकट भविष्‍य में कुछ सुधार कर सकते हैं लेकिन निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे पूरी तरह सचेत रहें और ज्‍योंहि नरमी के संकेत चाहे अंतरराष्‍ट्रीय बाजारों से आएं या घरेलू बाजार से, मुनाफ जरुर वसूल लें या घाटे को कम करने का प्रयास कर लें क्‍योंकि जिस मुनाफे पर आज आपका कब्‍जा है, हो सकता है वह कल किसी और की जेब में चला जाए। हम यहां आपको एक सुखद खबर भी बताना चाहते हैं कि जून महीने में ये ऑपरेटर ही सेंसेक्‍स को 15 हजार के पार करने का इरादा रखते हैं। बस बाजार गच्‍चा खाता है तो आपको निचले स्‍तर पर बेहतर स्‍टॉक खरीदने का मौका न चूके और 15 हजार के पार जाने पर मुनाफा वसूली से न झिझके।

June 02, 2007

सेंसेक्‍स के लिए दिल्‍ली अभी भी दूर

हितेंद्र वासुदेव
शेयर बाजार के लिए दिल्‍ली अभी भी दूर है। पिछले सप्‍ताह हमने बताया था कि बीएसई सेंसेक्‍स को 14725 के अंक को पार करना जरुरी है, तभी यहां ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। हालांकि कुछ दूसरे इंडेक्‍स नई ऊंचाई पर पहुंचने में सफल रहे खासकर निफ्टी। लेकिन फ्रंटलाइन स्‍टॉक्‍स से बने सेंसेक्‍स के अभी भी इस मुकाम पर पहुंचने का सभी इंतजार कर रहे हैं। कमजोर प्रदर्शन कर रहे कुछ स्‍टॉक्‍स में सुधार के आसार दिख रहे हैं जिससे सेंसेक्‍स के सामने 14725 अंक को पार करने और इससे ऊपर पहुंचने के अवसर हैं। सेंसेक्‍स के 14725 अंक के पार करने पर शेयर बाजार में मजबूत तेजी की उम्‍मीद की जा सकती है।

पिछले सप्‍ताह सेंसेक्‍स 14536.61 अंक पर खुला और नीचे में 14368.40 अंक तक गया और ऊपर में यह 14682.10 अंक आया लेकिन अंत में यह कमजोर पड़कर 14570.75 अंक पर बंद हुआ। हालांकि सप्‍ताह भर में यह सप्‍ताह दर सप्‍ताह देखें तो 232 अंक बढ़ा। सेंसेक्‍स जब 18 मई 2007 को समाप्‍त सप्‍ताह में 14303 अंक पर बंद हुआ तभी से यह गर्मजोशी लिए हुए है। शेयर बाजार की चाल सेंसेक्‍स के 14046 से नीचे गिरने या फिर शुक्रवार के बंद 14252 से नीचे आने पर ही ढीली पड़ सकती है। साप्‍ताहिक रेजीसटेंस अभी भी 14600/14725 अंक होगा। यदि बीएसई सेंसेक्‍स ब्रेकआउट करता है और यह 14725 के स्‍तर से ऊपर बंद होता है तो सेंसेक्‍स कम से कम 15026 अंक तक जा सकता है। यदि ब्रेकआउट होता है और सेंसेक्‍स 14725 से ऊपर बंद होता है तो यह काफी मजबूत दिखेगा और इसमें पर्याप्‍त हलचल दिखाई देगी और यह कम से कम 15500 अंक तक पहुंचने की आस की जा सकती है।

साप्‍ताहिक स्‍पोर्ट 14540/14398/14300 अंक होगा। गिरावट की दशा में सेंसेक्‍स का बंद स्‍तर 14300 से नीचे रहता है तो इसमें नरमी रहेगी या यह दायरेबंद चलकर कंसोलिडेटेड होगा। ऐसी दशा में सेंसेक्‍स के कम से कम 14086 तक जाने की संभावना है। जब तक सेंसेक्‍स 13500 से ऊपर है, शार्ट और मीडियम अवधि में तेजी की उम्‍मीद कायम रखें हालांकि इस बीच हल्‍का करेक्‍शन और चंचलता देखने को मिल सकती है। हम बगैर निफ्टी जूनियर के आगे नहीं बढ़ सकते, जिसे की वायदा कारोबार में जोड़ा गया है। इसका चार्ट मजबूती दिखाता है। बीएसई कैप गुड क्षेत्र के इंडेक्‍स जैसे मजबूत चार्ट दिखा रहे हैं। वायदा कारोबारी निफ्टी जूनियर में लंबी पोजीशन ले सकते हैं और यह मौजूदा स्‍तर 8086 स्‍तर से कम से कम बढ़कर 9008 तक जाएगा। सभी इंडेक्‍स में से बीएसई कैप, निफ्टी जूनियर, बीएसई बैंक्‍स और सीएनएक्‍स मिड कैप में मजबूती बढ़ने के आसार हैं। कमजोर इंडेक्‍स में बीएसई ऑटो और बीएसई आईटी को शामिल किया जा सकता है लेकिन इनकी मजबूती फ्रंटलाइन का आधार मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन कुल मिलाकर ये क्षेत्र घसीटते हुए चलेंगे। हालांकि, व्‍यापक दृष्टिकोण से देखें तो बाजार के अच्‍छा रहने की उम्‍मीद है लेकिन यह कुछ चुनिंदा फ्रंट लाइनर्स पर निर्भर रहेगा जो कि सेंसेक्‍स को उड़ान भरने से रोक रहे हैं।

ईलियट वेव काउंट को देखें जो हमें बाजार की व्‍यापक तस्‍वीर दिखाते हैं :
फर्स्‍ट काउंट :
वेव से
इंटरनल्‍स ऑफ वेव
वेव 1- 2594 से 3758;
वेव 2- 3758 से 2828;
वेव 3-2828 से 12671;
इंटरनल्‍स ऑफ वेव 3
वेव i- 2904 से 3416
वेव ii- 3416 से 2904
वेव iii- 2904 से 6249
वेव iv- 6249 से 4227
वेव v- 4227 से 12671
वेव 4
वेव a -12671 से 8799
वेव b-8799 से 14723
वेव c-14723 से 12316
वेव 5- 12316 से 14682 (मौजूदा चाल प्रगति पर)
इंटरनल्‍स ऑफ वेव 5
वेव 1- 12316 से 13386
वेव 2- 13386 से 12425
वेव 3- 12425 से 14384
वेव 4- 14384 से 13554
वेव 5- 13554 से 14682 (मौजूदा चाल प्रगति पर)
वैकल्पिक तौर पर, वेव 4 अभी भी प्रगति पर है और यह ट्रायंगल का विस्‍तार कर रही है। विस्‍तारित ट्रायंगल को देखें तो हमें इंटरनल्‍स ऑफ वेव 4 इस तरह दिखेगी :
वेव a -12671 से 8799
वेव b-8799 से 14723
वेव c-14723 से 12316
वेव d- 12316 से 14682 (अभी पूरी नहीं, मौजूदा चाल प्रगति पर)
विस्‍तारित ट्रायंगल में प्रत्‍येक वेव अपनी पिछली चाल से अधिक है और सारी बढ़ोतरी किसी की चाल पर पीछे आ जाती है। ऐसे में, यदि वेव डी चलती है तो यह अपने उच्‍च स्‍तर 14724 को पार कर जाएगी और पीछे लौटने पर 12300 तक आ सकती है। वेव डी 14724 को पार करती है और वेव डी के पूरा होने पर वेव ई नीचे आती है तो यह 12300 का स्‍तर होगा। एक बार जब ए, बी, सी, डी और ई की रचना पूरी हो जाने पर एक बार फिर तेजी की उम्‍मीद की जा सकती है और वेव 5 नई ऊंचाई पर पहुंचेगी। लेकिन वेव 5 विफल भी हो सकती है। वेव काउंट की पुनर्समीक्षा करने पर यह कहा जा सकता है कि रेजीसटेंस काफी कठिन है और तगड़ी तेजी के लिए 14724 के स्‍तर को पार करना जरुरी है। बाजार सीमित दायरे में घूमता रहे तो कारोबारियों को चाहिए कि वे मुनाफा वसूली करें और नए बेहतर स्‍टॉक में निवेश करें।

सप्‍ताह के लिए रणनीति

निवेशकों को हमेशा यह देखना चाहिए की बाजार में क्‍या घट रहा है और यही रणनीति काम आती है। कमजोर शेयरों में जब अच्‍छा रिटर्न मिल रहा हो तो इसे ले लेना चाहिए क्‍योंकि ऐसा मौका फिर ना मिले। कमजोर शेयरों को हमेशा नजरअंदाज करें और पूरी तेजी में इनसे बाहर निकल जाएं। मजबूत शेयरों में बने रहें या इनमें थोड़ा मुनाफा वसूल कर लें ताकि आपकी खरीद लागत कम हो सके। नए बेहतर स्‍टॉक तलाश कर उनमें निवेश करें। (हितेंद्र वासुदेव के इस साप्‍ताहिक तकनीकी कॉलम के अनुवादक कमल शर्मा)

June 01, 2007

यहां रखें नजर

शेयरखान डॉट कॉम ने डक्‍कन एविएशन, हिंदुस्‍तान ऑयल एंड एक्‍सप्‍लोरेशन, फैडर्स लॉयड, यूनाइटेड फास्‍फोरस में निवेश करने की सलाह दी है। एम्‍के शेयर एंड स्‍टॉक ब्रोकर्स के मुताबिक निवेशक भारती शीपयार्ड, जीटीएल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर, इंडीको रेमीडिज, आरपीजी केबल्‍स, श्रेयस इंटरमीडिएटस में निवेश्‍ा कर सकते हैं। एचडीएफसी सिक्‍युरिटीज का कहना है कि शार्ट टर्म के लिए संघवी मूवर्स बेहतर है तो आईडीबीआई कैपिटल मार्केट सर्विसेस एग्रो टेक फूडस को बेहतर मानती है।