adsense

July 31, 2007

तेजी पर सवार शेयर


विख्‍यात तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव से वाह मनी ने बात की और यह जानना चाहा कि निवेशक किन कंपनियों में डिलीवरी बेस खरीद कर भविष्‍य में मुनाफा कमा सकते हैं। वासुदेव की नजर में जिन कंपनियों में डिलीवरी लेकर निकट भविष्‍य में लाभ कमाया जा सकता हैं, वे हैं :

जेके टायर
पावर फाइनेंस
कोलगेट
आइडिया सेलुलर
यूबी इंजीनियरिंग
पेंटालून रिटेल
जीएसएफसी
वोल्‍टास
एबीबी
वोलटाम ट्रांसफार्मर
रिलायंस नैचुरल रिसोर्स

लॉयड इलेक्ट्रिक पर लगाया जा सकता है दांव

लॉयड इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग कंडेंसर क्‍वॉइल में अगुआ कंपनी है जो देश में सभी प्रमुख रुम एसी निर्माताओं को इसकी आपूर्ति करती है। साथ ही यह मध्‍य पूर्व और दक्षिण पूर्वी देशों को इसका निर्यात भी करती है। कंपनी के तीन उत्‍पादक संयंत्र है जिनमें से एक राजस्‍थान के अलवर, दूसरा हिमाचल प्रदेश के काला अम्‍ब और तीसरा उत्‍तरांचल के देहरादून में है। अलवर संयंत्र में कंडेंसर और इवार्पोटोर क्‍वाइल्‍स छह उत्‍पादक लाइनों के साथ उत्‍पादन किया जाता है। काला अम्‍ब में दो उत्‍पादक लाइनों के साथ कंडेंसर क्‍वाइल्‍स का उत्‍पादन किया जाता है। कंपनी एसी ओईएम खिलाडि़यों के लिए रुम एसी का भी उत्‍पादन करती है। कंपनी का देहरादून संयंत्र शुरू होने के बाद इसके कार्य प्रदर्शन में बेहतर स्थिति देखने को मिल रही है जिसकी वजह से वर्ष 2007 में ऑपरेटिंग मार्जिन में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

एक नजर में देखा जाए तो लॉयड इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग के शेयरों को मध्‍यम से लंबी अवधि के निवेश के लिए खरीदा जा सकता है। चालू वित्‍त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी की शुद्ध बिक्री 17.67 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 12.45 करोड़ रुपए थी। इसी तरह शुद्ध लाभ 11.4 करोड़ रूपए की तुलना में 16.5 करोड़ रुपए पहुंच गया। वार्षिक आधार पर प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 16.9 रुपए की तुलना में बढ़कर 21.3 रुपए पहुंच गई। हमें यकीन है कि वर्ष 2007/08 में कंपनी के कुल कारोबार में 40 फीसदी की बढ़ोतरी होगी और शुद्ध लाभ में 41 फीसदी। लॉयड इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग का शेयर इस समय 207 रुपए चल रहा है। इसे 180 से 200 रुपए की रेंज में दो साल के निवेश के तहत खरीदा जा सकता है। हालांकि, जो निवेशक इतनी लंबी अवधि के लिए इसमें निवेश नहीं करना चाहते वे इसमें होने वाले उतार चढ़ाव का लाभ ले सकते हैं क्‍योंकि यह ट्रेडिंग के लिए भी एक बेहतर स्‍टॉक है।

July 30, 2007

होंडा सिएल में है पावर मनी

होंडा मोटर कंपनी जापान की सब्सि‍डियरी होंडा सिएल पावर प्रोडक्‍ट्स लिमिटेड अब तेजी की राह पर है। कंपनी पोर्टेबल जनरेटर्स, वाटर पम्‍पिंग सेट और जनरल परपज इंजिन बनाती है। कंपनी के संयंत्र नोएडा, रुद्रपुर और पांडिचेरी में हैं। कंपनी को होंडा मोटर कंपनी के व्‍यापक अनुभव का लाभ मिल रहा है।

होंडा सिएल पावर देश की पहली ऐसी कंपनी है जिसने सुपर सायलेंट की स्‍टार्ट जनरेटर और पोर्टेबल कैरोसिन जनरेटर के साथ एलपीजी आधारित जनरेटर लांच किया। पोर्टेबल जनरेटर्स में यह बाजार की अगुआ कंपनी है। कंपनी के देश भर में आठ सौ से ज्‍यादा डीलर और 15 एरिया कार्यालय हैं। कंपनी ने अब अपना ध्‍यान उन क्षेत्रों के संस्‍थागत और घरेलू ग्राहकों की ओर बढ़ाया है जहां बिजली की भारी कमी है।

कंपनी को उम्‍मीद है कि देश के अनेक भागों में बढ़ रही बिजली की कमी उसके विकास में मदद करेगी। वित्‍त वर्ष 2007/08 में कंपनी की बिक्री 265 करोड़ रूपए और शुद्ध लाभ 23 करोड़ रूपए रहने का अनुमान है। कंपनी की 10.14 करोड़ रूपए की इक्विटी पर प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 23 रुपए के करीब रहने की संभावना है। 31 मार्च 2007 को पूरे हुए वित्‍त वर्ष में कंपनी की बिक्री 253 करोड़ रूपए और शुद्ध लाभ 17.38 करोड़ रूपए था। प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 17.14 रुपए रहा। कंपनी ने वर्ष 2006/07 के लिए 40 फीसदी लाभांश घोषित किया है। प्रमोटर के पास कंपनी के 66.67 फीसदी और आम जनता के पास 32.33 फीसदी शेयर हैं। पिछले 52 सप्‍ताह में होंडा सिएल पावर के शेयर का भाव नीचे में 124 रुपए और ऊपर में 243 रुपए रहा एवं यह ऊपरी भाव आज ही इस कंपनी ने बनाया है।

क्‍वॉलिटी डेयरी में कमाई

क्‍वॉलिटी डेयरी में आज ऊपरी सर्किट देखा जा रहा है और सुबह 25 रुपए में खुला शेयर इस समय 26.75 रुपए है। ऑपरेटरों का कहना है कि क्‍वॉलिटी डेयरी के अगले नतीजे बेहतर आएंगे और इसका दाम 35 रुपए प्रति शेयर तक जा सकता है। कंपनी की पूंजी 18.20 करोड़ रूपए है। कंपनी ने 31 मार्च 2007 को समाप्‍त तिमाही में 47.20 करोड़ रुपए की बिक्री पर 1.97 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया। वर्ष 2006/07 में कंपनी ने 133.13 करोड़ रूपए की बिक्री पर 3.70 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया। प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 2.03 रुपए रही। कंपनी के शेयर होल्डिंग पैटर्न को देखें तो आम जनता के पास केवल 16.16 फीसदी शेयर हैं, जबकि प्रमोटरों के पास 83.84 फीसदी शेयर हैं। इस कंपनी के पिछले हर तिमाही और सालाना नतीजों को देखें तो हर बार बेहतर प्रदर्शन दिखाई देता है।

July 27, 2007

आप कुछ नहीं खोएंगे यदि धैर्य है तो

बुरे समय में धैर्य से बेहतर कोई हथियार नहीं। भारतीय शेयर बाजार में आज आई गिरावट कोई अनोखी बात नहीं है, यह तो होना ही था। हमने इस ब्‍लॉग पर पहले कहा था कि शेयर बाजार 12 से 18 जुलाई के बीच गिरेगा और इस दौरान इंट्रा डे गिरावट आई और सुधार भी। 18 जुलाई को शेयर बाजार तकरीबन 130 अंक तक गिरा भी लेकिन आखिरी 30 मिनट में पूरा बाजार सुधर गया। शेयर बाजार में गिरावट के लिए उस समय भरपूर तैयारी थी लेकिन ऑपरेटरों की बात लीक हो जाने से यह कार्य उस समय नहीं हो सका जो आज हुआ। समूची दुनिया के शेयर बाजारों में आज गिरावट है लेकिन इस समय धैर्य की जरुरत है क्‍योंकि बड़े ऑपरेटर और संस्‍थागत निवेशक तो यही चाहते हैं कि आम निवेशक के बेहतर स्‍टॉक औने पौने में उन्‍हें मिल जाए और बाद में तेजी के समय वे इन्‍हें फिर से खरीदे।

हमने समय समय पर चेताया भी था कि मुनाफा वूसली करते रहें और आपने यदि ऐसा किया है तो फिर चिंता न कर, उस पैसे से बेहतर कंपनियों के स्‍टॉक खरीदें। हमारा स्‍लोगन ही है संकट में सबसे बड़ा साथी पैसा होता है। यह गिरावट उन निवेशकों के लिए खरीद का एक बेहतर मौका है जिन्‍होंने हमारी सलाह के मुताबिक समय समय पर आंशिक मुनाफावसूली कर ली थी। हम सभी जानते हैं कि लांग टर्म में भारतीय शेयर बाजार की स्थिति बेहतर रहने वाली है और सेंसेक्‍स को इस साल 18 हजार और अगले वर्षों में 25 हजार अंक का सफर तय करना है तो यह गिरावट भी लंबे समय नहीं रहेगी।

हालांकि इस संकट में सबसे ज्‍यादा नुकसान उन निवेशकों का होता है जो एफ एंड ओ खेलते हैं और वाह मनी ब्‍लॉग ने कभी भी निवेशकों को एफ एंड ओ खेलने की सलाह नहीं दी है। हम अभी भी अपनी इस राय पर कायम हैं। एफ एंड ओ के अलावा उन निवेशकों को नुकसान हो सकता है जिन्‍होंने कहीं से ब्‍याज पर पैसा लेकर शेयर बाजार में लगाया है अन्‍यथा यह बाजार वापस सुधार की ओर बढ़ेगा, यह तय है। जरुरत है तो सिर्फ धैर्य और अपने मुनाफावसूली से आए पैसे की ताकि बेहतर कंपनियों के स्‍टॉक्‍स आपके डिमैट खाते में आ सके।

July 25, 2007

शेयर ब्रोकर दोस्‍त नहीं !


दुनिया के सबसे चतुर निवेशक वारेन बफैट का कहना है कि ब्रोकर आपका दोस्‍त नहीं है। वह एक डॉक्‍टर की तरह होता है जो मरीज से दवा के बदले शुल्‍क लेता है। बेहद सटीक और सही बात है, लेकिन हम अपने शेयर दलाल के बारे में कितना जानते हैं और कितना नहीं, यह खुद से पूछिए। हमें लगता है कि ज्‍यादातर निवेशक अपने शेयर दलाल का नाम, उसकी फर्म और उसके फोन नंबर से अधिक कुछ नहीं जानते। क्‍या आपने कभी सोचा है जो शेयर आप खरीद रहे हैं या बेच रहे हैं, वे किसके ज्ञान के आधार पर। आप खुद रिसर्च करते हैं या फिर शेयर ब्रोकर से पूछकर निवेश कारोबार करते हैं। अपने आप से सच जानिए। यहां भी एक बात साफ है कि अधिकतर निवेशक अपने शेयर ब्रोकर पर भरोसा करते हैं कि वह जो भी बता रहा है, मेरे फायदे के लिए बता रहा है। कई निवेशक यह कहते मिल जाएंगे कि मेरा शेयर ब्रोकर तो मुझे एक दिन पहले ही बता देता है कि फलां कंपनी के शेयर खरीदें या बेच दें। अथवा मैं कल आपके फलां शेयर बेचकर अमुक कंपनी के शेयर खरीद लूंगा और एक निवेशक चुपचाप इसे स्‍वीकार कर लेता है। वह यह सोचता है कि उससे बड़ी वित्‍तीय स्थिति लेकर बैठा ब्रोकर उससे कहीं ज्‍यादा जानता है और वह उसके फायदे के लिए ही यह सब कर रहा है। कई लोग तो धन पशु होते हैं जिनके पास पैसा होता है लेकिन शेयर क्‍या है और कैसी कंपनी में निवेश करें वह भी उन्‍हें मालूम नहीं होता।

अधिकतर निवेशक अपने शेयर ब्रोकर के कंधे पर सवार होकर पैसा कमाना चाहते हैं, लेकिन क्‍या आपने कभी सोचा कि शेयर ब्रोकर केवल और केवल आपके फायदे के लिए ही कार्य कर रहा है। यदि यह नहीं सोचा तो इस शनिवार और रविवार को सोच लें। असल में शेयर ब्रोकर आपका दोस्‍त नहीं होता बल्कि आपको ऐसा लगता है, लेकिन असल में आप तो उसके कहने से बाजार में घट रही घटनाओं के आधार पर चल रहे होते हैं यानी ब्रोकर आपका संचालन कर रहा होता है। ब्रोकर ने कहा कि बाजार गिरेगा, बढ़ेगा, यह खरीदो, वह बेचो.......लेकिन क्‍यों....क्‍या आपने अपने दिमाग का इस्‍तेमाल किया कि कहीं आप दुनिया की बेहतर बनने जा रही कंपनी के शेयर पूरी कमाई करने से पहले ही तो नहीं बेच रहे हैं या फिर बाजार में आई गिरावट या बढ़त कायम रहेगी, लंबी अवधि में बाजार किस दिशा में जाएगा जबकि फंडामेंटल भी सामने हो। लेकिन इतनी बातें अधिकतर निवेशक सोचते ही नहीं। हम आपसे कह सकते हैं कि यदि आपने थोड़ा भी सोचा तो एक उम्‍दा निवेशक बन सकते हैं।

दूसरा, शेयर ब्रोकर हर बार सौदे करवा कर आपसे अपना कमीशन यानी ब्रोकरेज बना रहा है। वह तो चाहता ही है कि आप अधिक से अधिक ट्रेडिंग करें और भरपूर कमीशन ब्रोकर के बैंक खाते की शोभा बढ़ाए। मान लीजिए आप सोचते हैं कि पेराडाइन इंफोटेक का शेयर अगले दो साल में 700 रुपए तक जाएगा लेकिन ब्रोकर आपको कहेगा कि देखों 225 रुपए हो गया है, अब एक बार बेच दो, फिर ले लेना। आपने कहा कि आपको ठीक लगता है ना, ब्रोकर ने कहा जी। बस आपने अपने शेयर बेच दिए लेकिन 218 आते आते उसने कहा खरीद लेता हूं और खरीद लिए। अब उल्‍टी स्थिति होती है और आपसे शार्ट सेल करवा लिया कि बाजार तो गिरेगा और आपने ऐसा ही किया लेकिन दावं उल्टा गिरा तो। कहने का अर्थ यह है कि जब आपको पता है कि यह 700 रुपए तक जाएगा तो क्‍यों आप एक बेहतर कंपनी के शेयर को बेच रहे हैं बल्कि अपनी क्षमता के अनुरुप खरीदें ताकि बड़ी मात्रा को जब कई साल बाद बेचें तो खूब मुनाफा हो। लेकिन ट्रेडिंग में तो शेयर ब्रोकर की पौ बारह रहती है। इसमें सबसे बड़ा खतरा यह होता है कि एक बार आपने बेहतर कंपनी के शेयर बेच दिए और सोचा बाद में फिर खरीद लेंगे लेकिन खरीद नहीं पाए क्‍योंकि यह तेजी से बढ़ रहा है या आपका निवेश किसी और कंपनी में फंस गया एवं धन नहीं है तो आप फिर से इस कंपनी के शेयर नहीं खरीद सकते और महसूस करते हैं कि आपकी फ्लाइट छूट गई।

शेयर ब्रोकर असल में बेहद चतुर वित्‍तीय विशेषज्ञ होते हैं जो एक सेल्‍समैन की तरह कार्य करते हैं ताकि उनका कमीशन एवं ब्रोकरेज अधिक से अधिक बने। वे तो चाहते हैं कि आप अधिक से अधिक शेयर खरीदे और बेचें लेकिन उनके कहे अनुसार। शेयर होल्‍ड करने की स्थिति में आपको वे रखना पसंद नहीं करेंगे। हम आपको एक बात कहना चाहेंगे कि जब सभी वित्‍तीय सलाहकार कह रहे हैं कि भारतीय शेयर बाजार का सेंसेक्‍स आने वाले दो साल, तीन साल, पांच साल में 25 हजार या 35 हजार पहुंच जाएगा क्‍योंकि अर्थव्‍यवस्‍था वाकई बेहतर कार्य कर रही है तो फिर आप अपना निवेश सेंसेक्‍स आधारित शेयरों में ही क्‍यों नहीं लगाते और इसके लिए क्‍या जरुरत है शेयर ब्रोकर के इशारे पर बिजनैस करने की। सेंसेक्‍स तो तभी बढ़ेगा ना, जब इसमें शामिल कंपनियों के शेयर बढ़ेंगे। तो फिर तैयार हो जाए खुद विमान के पायलट सीट पर बैठने के लिए और ब्रोकर को बैठाइए यात्री सीट पर।

July 24, 2007

एनटीपीसी सेफ एंड बेस्‍ट

बिजली क्षेत्र की कंपनी नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन यानी एनटीपीसी इस समय बेहतर काउंटर है जिसमें कोई भी निवेशक निवेश कर सेफ एंड बेस्‍ट स्थिति महसूस कर सकता है। भारत में बिजली क्षेत्र में जिस तरह मांग खड़ी हो रही है वह इस कंपनी के लिए विपुल संभावनाएं ला रही है। देश में बिजली उत्‍पादन लागत की बात करें तो एनटीपीसी अकेली ऐसी कंपनी है जिसकी बिजली उत्‍पादन लागत सभी दूसरी कंपनियों से कम है। साथ ही बिजली उत्‍पादन क्षमता में भी यह सबसे आगे है। कंपनी 21 हजार मेगावाट की नई क्षमता जोड़ रही है। एक समझदार निवेशक के पोर्टफोलियो में एनटीपीसी के शेयर होने ही चाहिए। एनटीपीसी आज 163 रुपए पर बंद हुआ, जबकि दिन में यह ऊपर में 166 रुपए और नीचे में 158 रुपए था। इस शेयर का अगला लक्ष्‍य 188 रुपए और 223 रुपए है। हमारा मानना है कि यदि आप एनटीपीसी को लंबे समय के लिए होल्‍ड कर सकते हैं तो अगले डेढ़ से दो साल में आप इसका भाव एक हजार रुपए देख सकते हैं।

सेंसेक्‍स तोड़ेगा बिगबुल का रिकॉर्ड !

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के बैरोमीटर बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज ने अब तक कई इतिहास बनाए और बिगाड़े हैं। इस समय निवेशकों, ऑपरेटरों और संस्‍थागत निवेशकों के मन में एक ही बात चल रही है कि क्‍या बीएसई सेंसेक्‍स एक हजार अंक बढ़ने के अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ेगा या नहीं क्‍योंकि सेंसेक्‍स ने 15 हजार का स्‍तर छूने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा है और इस समय उम्‍मीद भी यही है कि कूच जारी रहेगी। बिगबुल हर्षद मेहता ने बीएसई सेंसेक्‍स को केवल 16 दिन में एक हजार अंक का सफर तय करा दिया था और 30 मार्च 1992 को बीएसई सेंसेक्‍स तीन हजार से चार हजार अंक पहुंच गया था। यह बढ़त हर्षद मेहता के अलावा उदार निर्यात आयात नीति की देन थी। बीएसई सेंसेक्‍स का आज 12 वां दिन है और इस समय यह 17796 पर है, जो कुछ समय पहले 15868 तक था। देखना है क्‍या सेंसेक्‍स की एक हजार अंक की बढ़त हर्षद मेहता का रिकॉर्ड तोड़ पाती है या नहीं। यहां एक बात और याद आती है कि हर्षद मेहता ने अपने समय में यह कहा था कि बीएसई का सेंसेक्‍स आने वाले 15/20 साल में 25 हजार से ऊपर पहुंच जाएगा और आज सारे विश्‍लेषक यही बात कह रहे हैं कि सेंसेक्‍स 25 हजार पहुंच जाएगा।

नई ऊंचाई देखेगा रामकृष्‍ण फोर्जिंग्‍स


कोलकाता स्थित कास्टिंग और फोर्जिंग कारोबार से जुड़ी कंपनी रामकृष्‍ण फोर्जिंग्‍स में अब ऑपरेटर सक्रिय हैं और इस समय अपने अब तक के उच्‍च स्‍तर पर बिक रहा यह शेयर पिछले कुछ दिनों से ऑपरेटरों की नजरों में था। आज इस कंपनी का शेयर अपने एक साल के उच्‍च स्‍तर पर जाने के बाद 195 रुपए में बिक रहा है जो कल 187 रुपए पर बंद हुआ था। आज सुबह यह नीचे में 180 रुपए था जबकि ऊपर में 201 रुपए। 30 जून 2007 को पूरी हुई तिमाही में इस कंपनी ने 39.35 करोड़ रुपए की बिक्री पर 2.55 करोड़ रूपए का शुद्ध लाभ कमाया। कंपनी की इक्विटी 15.20 करोड़ रुपए है। ऑपरेटरों पर भरोसा करें तो उनका कहना है कि फोर्जिंग क्षेत्र की सभी कंपनियों में यह एक बेहतर कंपनी है और लांग टर्म में इसका भाव लक्ष्‍य 500 रुपए प्रति शेयर रखा गया है।

July 23, 2007

कमाना है तो यहां करें निवेश


हम आपको यहां पांच कंपनियों के नाम बता रहे हैं जिनमें जल्‍दी ही आपको बढि़या बढ़त दिखाई देगी। इन कंपनियों में निवेश कर आप मुनाफा कमा सकते हैं। शेयर बाजार में आई मौजूदा नॉन स्‍टॉप तेजी के माहौल में यह ध्‍यान रखें कि निवेश को लंबे समय के लिए न रोककर ट्रेडिंग करें और मुनाफा वसूली से पीछे नहीं हटें अन्‍यथा हो सकता है आपकी जेब में आने वाला लाभ किसी और की जेब में चला जाए।

जेके लक्ष्‍मी सीमेंट
मंगलम सीमेंट
पेट्रोनेट एलएनजी
सीएट
आइडिया

July 21, 2007

शेयर बाजार में तेजी जारी रहेगी झटकों के साथ


हितेंद्र वासुदेव
भारतीय शेयर बाजार बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज के सेंसेक्‍स ने पिछले सप्‍ताह 15683 अंक की ऊंचाई को छूआ जो पहले सालाना लक्ष्‍य 15615 को पार कर गया। कैलेंडर वर्ष 2007 के लिए स्‍तर 15615 था। यह स्‍तर हमने आपको इस साल जनवरी में ही बता दिया था। वर्ष 2007 के लिए दूसरा लक्ष्‍य 20851 अंक का है। हालांकि, यह सब भावों के हलचल पर निर्भर है। इस दौरान बाजार में करेक्‍शन के दौर दिखेंगे जो उतार चढ़ाव के होंगे। सेंसेक्‍स ने 144 कैलेंडर दिनों में अपने पिछले ऊपरी स्‍तर 14724 को पीछे छोड़ दिया। अंक संख्‍या 144 फिबोनासी संख्‍या है। हालांकि, अब आगे सेंसेक्‍स में करेक्‍शन देखने को मिलेगा और यह 14724 से नीचे आ भी आ सकता है लेकिन करेक्‍शन इसमें नई संभावनाओं को पैदा करेगा और यह बढ़त को नहीं छोड़ पाएगा। यानी सेंसेक्‍स करेक्‍शन के बाद ऊपर उठेगा।

सेंसेक्‍स जब तक 12300 से नीचे नहीं आता और कैलेंडर वर्ष 2007 में इस स्‍तर से नीचे बंद नहीं होता घबराने की कोई बात नहीं है। जबकि इसके विपरीत स्थिति में यह 12300 से नीचे रहता है तो लंबी अवधि में नुकसान बढ़ सकता है। गहरे करेक्‍शन के बाद हर ब्रेकआउट वेव्‍स का विस्‍तार करेगा। इस समय पांचवीं वेव का विस्‍तार और विस्‍तार हो रहा है। जब यह पूरी हो जाएगी तो सुपर लांग टर्म बुल मार्केट पूरा हो जाएगा। हर गिरावट और करेक्‍शन अगली तगड़ी रैली को जन्‍म देगी और यह खेल कई साल तक चलता रहेगा।

यदि डॉव जोंस के सौ साल के चार्ट को देखें तो आपको अपने कई सवालों का जवाब स्‍वत: मिल जाएगा। यह चार्ट आपको हर तरह की स्थिति से अवगत करा देगा जिसने समूची सदी में नई ऊंचाईयों को भी छूआ है। गत सप्‍ताह सेंसेक्‍स 15295.03 अंक पर खुला और नीचे में 15160.27 अंक गया और ऊपर में यह 15683.03 अंक तक आया। अंत में यह 15565.55 अंक पर बंद हुआ जो साप्‍ताहिक आधार पर 265 अंक की बढ़ोतरी दिखाता है। पिछली 22 जून को सेंसेक्‍स के 14467 अंक पर बंद होने के बाद से ही सेंसेक्‍स तेजी पर सवार है। यह नीचे में 14829 अंक आ सकता है यदि शुक्रवार को सेंसेक्‍स 15113 अंक से नीचे पर बंद होता है तो। इसका साप्‍ताहिक रेसीसटेंस 15778 और 16301 अंक है। साप्‍ताहिक स्‍पोर्ट 15469, 15256 और 15160 अंक पर है। पहला अहम लक्ष्‍य 16172/16301 अंक है और अंतत: लक्ष्‍य 18588 अंक है। आने वाले दिनों में सेंसेक्‍स 16100/16300 के बीच घूमता हुआ दिख सकता है। लेकिन भय इंट्रा डे करेक्‍शन का है जो मुनाफा वसूली से आता है।

पूरे परिदृश्‍य को इलियट वेव काउंट में देखें :
फर्स्‍ट काउंट :
वेव 1- 2594 to 3758;
वेव 2- 3758 to 2828;
वेव 3-2828 to 12671;
इंटरनल्‍स ऑफ वेव 3
वेव i- 2904 to 3416
वेव ii- 3416 to 2904
वेव iii- 2904 to 6249
वेव iv- 6249 to 4227
वेव v- 4227 to 12671
वेव 4
वेव a -12671 to 8799
वेव b-8799 to 14723
वेव c-14723 to 12316
वेव 5- 12316 to 15683 (चालू तेजी का दौर प्रगति पर है)
इंटरनल्‍स ऑफ वेव 5
वेव 1- 12316 to 13386
वेव 2- 13386 to 12425
वेव 3- 12425 to 14384
वेव 4-
वेव a- 14384 to 13554
वेव b- 13554 to 14683
वेव c- 14683 to 13946
वेव 5- 13946 to 155683 (चालू तेजी चल रही है- वेव प्रगति पर है)

सप्‍ताह के लिए रणनीति
करेक्‍शन के तहत 15469/15256/15160 के स्‍पोर्ट स्‍तर खरीद के लिए काम आ सकते हैं। उम्‍मीद 15778/16301 अंक की है। कारोबारी मुनाफा वसूली के बारे में सोच सकते हैं या फिर गर्मी के जारी रहने पर इस पर सवार रह सकते हैं। साप्‍ताहिक बंद 15133 से नीचे होता है तो शेयर बाजार का रुझान मंदी की ओर पलट सकता है।

July 18, 2007

सीमेंट के लौटे दिन

केंद्र सरकार ने वित्‍त वर्ष 2007/08 का बजट पेश करते समय जिस तरह सीमेंट उत्‍पादकों को हड़काया था, उससे हमें सीमेंट निर्माताओं के साथ सहानुभूति हो रही थी कि ये बेचारे तो मारे गए। लेकिन सरकार ने जल्‍दी ही बात पलटी और अनेक मीठी मीठी बातें कर सीमेंट उत्‍पादक कंपनियों के मूड को अच्‍छा कर दिया। इसके बाद तो सीमेंट के भावों के साथ इन कंपनियों के शेयरों के दाम भी चढ़ने लगे।

सीमेंट क्षेत्र के मुख्‍य कंपनी एसीसी अपने कार्य परिणाम 19 जुलाई को घोषित करने जा रही है और जो आरंभिक संकेत मिले हैं, उससे पता चलता है कि सभी सीमेंट कंपनियां बेहतर नतीजे देंगी। कल एसीसी के नतीजे के साथ सीमेंट कंपिनयों के भावों में चमक आने के पूरे आसार हैं। एसीसी की इस तिमाही में शुद्ध बिक्री 1462 करोड़ रूपए से 1810 करोड़ रूपए, शुद्ध लाभ 259 करोड़ रूपए से 353 करोड़ रूपए पहुंचने का अनुमान है।

सीमेंट मैन्‍युफैक्‍चरर्स एसोसिएशन का कहना है कि मई में सीमेंट की बिक्री 10.6 फीसदी बढ़कर 142.1 लाख टन पहुंच गई और इस वित्‍त वर्ष के आखिर तक सीमेंट क्षमता में 180/200 लाख टन की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। रियल सेक्‍टर, स्‍पेशल इकॉनामिक जोन्‍स जैसे क्षेत्रों की मांग सीमेंट उद्योग के लिए फायदेमंद साबित होगी। सीमेंट में रखें नजर यहां : एसीसी, केशोराम इंडस्‍ट्रीज, श्री सीमेंट, इंडिया सीमेंट, अल्‍ट्राटेक सीमेंट, जेके लक्ष्‍मी सीमेंट, विनायक सीमेंट, आंध्र सीमेंट, मंगलम सीमेंट, प्रीज्‍म सीमेंट।

आग लगेगी यहां

दिवान हाउसिंग : दिवान हाउसिंग इस समय 80 रुपए के भाव पर कंसोलिडेशन हो रहा है और इस समूह की कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर लिमिटेड के शेयर बाजार में सूचीबद्ध यानी लिस्टिंग होने का इंतजार किया जा रहा है। इस कंपनी का पब्लिक इश्‍यू 28 जून 2007 को खुला था और कट प्राइस 500 रुपए तय हुआ है। हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर लिमिटेड के अगले सप्‍ताह शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की संभावना है। इस सूचीबद्धता के समय दिवान हाउसिंग 120/125 रुपए के स्‍तर पर पहुंच जाए तो अचरज नहीं करें। दिवान हाउसिंग हर नरमी के साथ लेते रहें और इंतजार करें केवल चंद दिनों का, जब आपको मिलेगा बेहतर रिटर्न।

श्रेई इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर : इस समय 98/100 रुपए के बीच यह शेयर कंसोलिडेशन हो रहा है और सर्किट सीमा बढ़ाकर वापस 20 फीसदी कर दी गई है। लंबे समय बाद चले इस शेयर पर सटोरिएं की नजरें लगी हुई हैं। ढ़ेरों निवेशक इस कंपनी में अपने निवेश को लेकर थक गए थे और ज्‍यादातर शेयर 95/103 रुपए के बीच बिक चुके हैं जो अब पंटरों के हाथों में हैं। श्रेई इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के शेयर खरीदकर आप भी पंटरों की रेस में भाग ले सकते हैं लेकिन ध्‍यान रहें कि उतनी ही तेजी से बेचकर मुनाफे को बैंक के हवाले कर दें।

सिएट : आरपीजी समूह की एक बेहतर कंपनी। पिछले कई दिनों से यह भी 165 रुपए के आसपास चल रही है और अब जल्‍दी ही इसमें आपको आग दिखाई दे सकती है जो इसके भावों को दो सौ रुपए भी पार करा दें तो कोई बड़ी बात नहीं। तो फिर देरी किस बात की।

फिलिप्‍स कार्बन ब्‍लैक : आरपीजी समूह की यह कंपनी भी 170/175 रुपए के बीच पिछले कई दिनों से घूम रही है और जल्‍दी ही यह 190 से 200 रुपए पहुंच सकती है। यदि आप धैर्यवान निवेशक हैं तो साल भर में फिलिप्‍स कार्बन ब्‍लैक आपको 300/325 रुपए के आसपास दिखाई दे सकती है।

July 17, 2007

एक का दो


पेट्रोनेट एलएनजी कंपनी का शेयर आज 60.40 रुपए पर बंद हुआ है। अपने क्षेत्र की इस बेहतर कंपनी के बारे में यह कहा जा सकता है कि हर गिरावट पर इसके शेयर खरीदते रहें। अगले छह महीने में ऑपरेटर और पंटर पेट्रोनेट एलएनजी के शेयर का भाव 120/125 रुपए पहुंचाने की इच्‍छा रखते हैं।

आइडिया सेलुलर आदित्‍य बिड़ला समूह की यह एक बेहतर कंपनी कही जा सकती है। वाह मनी ब्‍लॉग पर पहले भी हम इस कंपनी की चर्चा कर चुके हैं। आइडिया सेलुलर में एक बार फिर मूवमेंट दिख रहा है, जल्‍दी ही इसके शेयर का भाव 150 रुपए तक जा सकता है।

सेल स्‍टील क्षेत्र का एक बेहतर स्‍टॉक कहा जा सकता है। तकरीबन 155 रुपए में मिल रहा यह स्‍टॉक बेहतर मुनाफा देगा। हमारी राय में सेल आपको आने वाले कुछ दिनों में दो सौ रुपए के पार दिखाई दे तो अचरज न करें।

July 16, 2007

खरीदो बैंक और कमाओं पैसा

अति जल्‍द कमाई और अल्‍प समय के लिए चुनिंदा बैंक स्‍टॉक्‍स में खरीद कर मुनाफा कमाया जा सकता है। इन बैंकों पर रखें नजर :


विजया बैंक
इलाहाबाद बैंक
आंध्र बैंक
सिंडिकेट बैंक
बैंक ऑफ बड़ौदा
कार्पोरेशन बैंक
कर्नाटक बैंक

शेयर बाजार के अरबी घोड़े


शेयर बाजार में आ रही नित नई ऊंचाई के बाद हर कोई पूछ रहा है कि अब क्‍या होगा, अब क्‍या होगा। सारे निवेशकों में बेचैनी छाई हुई है कि मुनाफा वसूली करें या नई खरीद। कोई कह रहा है कि बाजार पांच सौ, हजार या डेढ़ हजार तक गिर जाएगा तो कोई गा रहा है कि लगे रहो मुन्‍ना भाई। निवेशकों से हमारा कहना है कि वे मुनाफा वसूली पर ध्‍यान देते हुए अब अपना निवेश उन शेयरों में बढ़ा दें, जो आगे चलकर अरबी घोड़े साबित होंगे। पेश है एक छोटी सी सूची इन घोड़ों की।

पेट्रोनेट एलएनजी, पीटीसी इंडिया, पीएफसी, एनटीपीसी, आईडीएफसी, सेल, वरुण शीपिंग, बार्टोनिक्‍स, बॉटलीबाय, आईओएन एक्‍सचेंज, बैंक ऑफ इंडिया, यस बैंक, कर्नाटक बैंक, वोल्टास, जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस, होंडा सिएल पावर, आईडीबीआई, आरपीजी ट्रांसमिशन, फिलिप्‍स कार्बन ब्‍लैक, फर्स्‍टसोर्स साल्‍यूशंस ।

July 13, 2007

खिलाडि़यों के खिलाड़ी

हम आपको बाजार पूंजीकरण, आय और ऑपरेट मार्जिन के क्षेत्र के पांच पांच मुख्‍य खिलाडि़यों के नाम बता रहे हैं जिनमें आप निवेश कर अपने बैंक खाते में पैसे का वजन बढ़ा सकते हैं।

बाजार पूंजीकरण :
रिलायंस इंडस्‍ट्रीज 2.38 खरब रुपए
ओएनजीसी 1.88 खरब रुपए
भारती 1.62 खरब रुपए
एनटीपीसी 1.26 खरब रुपए
रिलायंस कम्‍युनिकेशन 1.11 खरब रुपए

आय :
आईओसी 1.86 खरब रुपए
रिलायंस इंडस्ट्रीज 80388 करोड़ रुपए
बीपीसीएल 77516 करोड़ रुपए
एचपीसीएल 72438 करोड़ रुपए
ओएनजीसी 70680 करोड़ रूपए

ऑपरेटिंग मार्जिन :
पावर फाइनेंस कार्पोरेशन 98.75 %
टाटा इनवेस्‍टमेंट कार्पोरेशन 96.91 %
जयप्रकाश हाइड्रो 68.24 %
नोएडा टोल ब्रिज 62.21 %
सन टीवी नेटवर्क्‍स 59.05 %

July 12, 2007

सेंसेक्‍स का अगला मुकाम 18 हजार !


मुंबई शेयर बाजार के सेंसेक्‍स ने ज्‍योंहि 15 हजार के अंक को छूआ, लाखों निवेशकों के चेहरे खिल उठे। लेकिन सभी के चेहरों पर एक सवाल उभरा कि सेंसेक्‍स का अगला मुकाम कहां। क्‍या यह तेजी जारी रहेगी या फिर इस स्‍तर पर अपना पोर्टफोलियों हल्‍का कर लिया जाना चाहिए। हालांकि, यह सच है कि मुंबई शेयर बाजार के सेंसेक्‍स ने 14 हजार से 15 हजार अंक की दूरी 145 कारोबारी दिवसों में पूरी की है जो मौजूदा तेजी में लगा सर्वाधिक वक्‍त है। इस तेजी के दौर में अनेक नकारात्‍मक कारक मसलन मुद्रास्‍फीति में उछाल, ब्‍याज दरों में हुई बढ़ोतरी, अमरीकी डॉलर का नरम होना जैसे कारकों को नजरअंदाज करते हुए निवेशकों ने उभरते भारतीय शेयर बाजार में खरीद जारी रखी।

फर्स्‍ट ग्‍लोबल के निदेशक शंकर शर्मा मानते हैं कि पब्लिक इश्‍यू में छोटी बचतों के माध्‍यम से करोड़ों रुपए का निवेश हुआ है और अभी इसमें बेहतर होना बाकी है। शर्मा की नजर में शेयर बाजार में गर्मी का दौर बना रहेगा। लेकिन कुछ ऐसे निवेशक जो मानते हैं कि अब उन कंपनियों में निवेश किया जाना चाहिए जिनके हाथ में सूचकांक को नई ऊंचाई तक ले जाने की कमान हो। साथ ही ऐसी मिड कैप कंपनियों की भी तलाश करनी चाहिए जहां तेजी से पैसा कमाया जा सके।

शेयर बाजार में तेजी का अगला दौर शुरू होने से पहले निवेशकों को कुछ झटकों के लिए भी तैयार रहना होगा। संवेदी सूचकांक को 14 हजार से 15 हजार तक का सफर तय करने में सात महीने लगे जबकि वित्‍तीय और तकनीकी विश्‍लेषकों का मानना था कि मुंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक इस एक हजार अंक की दूरी बहुत जल्‍दी पार कर लेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ और मार्च में यह भारतीय रिजर्व बैंक के अर्थव्‍यवस्‍था में आए उबाल को शांत करने वाले कदम उठाने के सुझावों से गिरकर 12500 अंक के स्‍तर तक आ गया था। विश्‍लेषक मानते हैं कि 15 से 16 हजार तक के सफर से पहले कुछ ऐसे झटके निवेशकों को झेलने पड़ सकते हैं जिसके लिए उनका मन तैयार नहीं है। विश्‍लेषकों की राय में फिलहाल संवेदी सूचकांक के 15400 के स्‍तर से ज्‍यादा बढ़ने के आसार दिखाई नहीं देते और इस स्‍तर तक पहुंचते पहुंचते तकनीकी करेक्‍शन जरुर आएगा और सूचकांक 14400 से 14800 के बीच दिखाई दे सकता है। हालांकि, आम निवेशक की दृष्टि से देखें तो मुंबई शेयर बाजार में पांच साल पहले जिसने एक लाख रुपए निवेश किए आज उसकी कीमत 5.07 लाख रुपए पहुंच गई है, जबकि अमरीकी बाजार में इस निवेश की कीमत 1.56 लाख रुपए है। बीएसई का बाजार पूंजीकरण भी 1.1 खरब डॉलर पहुंच गया है जो बड़ी उपलब्धि है।

शेयर बाजार की अगली चाल पर डीएसपी मैरिल लिंच के चेयरमैन हेमेन्‍द्र कोठारी कहते हैं कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था व कार्पोरेट जगत बेहतर प्रदर्शन कर रहा है जिसकी वजह से ही शेयर बाजार ने तेजी से 15 हजार तक सफर तय किया और इसके आगे भी जारी रहने की उम्‍मीद है। हालांकि, मौजूदा स्‍तर पर बाजार कंसालिडेटेड हो सकता है लेकिन लंबी अवधि की बात की जाए तो तेजी बनी रहेगी। जबकि कुछ शेयर विश्‍लेषक कहते हैं कि शेयरों में दैनिक कारोबार करने वालों को अपना पोर्टफोलियो कम करना चाहिए और ऐसे निवेशकों को 30 से 50 फीसदी नकदी अपने हाथ में रखनी चाहिए ताकि बाजार के नीचे जाने पर बेहतर स्‍टॉक कम कीमत पर खरीदे जा सके। साथ ही यह समय पेनी स्‍टॉक से निकल जाने का है। इस राय से जियोजिट फाइनेंशियल सर्विसेज के गौरांग शाह और नेटवर्थ स्‍टॉक ब्रोकिंग के कानन शाह सहमत हैं। हालांकि, वित्‍तीय सलाहकार मानते हैं कि लंबी दौड़ के इच्‍छुक निवेशकों को चिंता नहीं करनी चाहिए लेकिन बाजार में अब कभी भी पांच सौ अंकों की गिरावट आ सकती है। यूटीआई म्‍युचयूअल फंड के प्रमुख निवेश अधिकारी एके श्रीधर का कहना है कि मुझे शेयर बाजार में कोई खतरनाक करेक्‍शन दिखाई नहीं दे रहा जिसकी वजह से लोगों को यह कहा जाए कि वे बाजार से दूर रहें। हालांकि, वे यह भी कहते हैं कि उन्‍हें सेंसेक्‍स में तत्‍काल कोई बड़ी बढ़त भी नजर नहीं आती। मुद्रास्‍फीति और ब्‍याज दरों के मोर्चे से कोई नकारात्‍मक खबर आती दिखाई नहीं देती। हालांकि, यह तय है अगली तिमाही के कंपनी परिणाम ही बाजार को नया जंप दिला सकते हैं, जिसके तहत इंफोसिस ने तो बेहतर शुरूआत नहीं की। शेयर बाजार के बड़े खिलाडि़यों में से एक राकेश झुनझूनुवाला मानते हैं कि अगले तीन साल में बीएसई सेंसेक्‍स 25 हजार अंक पहुंच सकता है।

भारतीय शेयर बाजार में घरेलू बैंकों, बीमा और वित्‍तीय संस्‍थाओं के अलावा अमरीकी और यूरोपिय निवेशकों के अलावा जापानी, कोरियाई, मलेशियाई और रुसी संस्‍थागत निवेशकों ने भी अपना पैसा लगाया है। असल में विदेशी धन के बढ़ते प्रवाह ने ही शेयर बाजार को नई ऊंचाईयां छूने में मदद की है। चालू केलैंडर वर्ष में विदेशी निवेशकों के निवेश की बात करें तो जनवरी में 160.3 करोड़ रूपए, फरवरी में 5595.4 करोड़ रूपए, मार्च में 1403.3 करोड़ रुपए, अप्रैल में 5533;7 करोड़ रूपए, मई में 4574.4 करोड़ रूपए, जून में 7169.5 करोड़ रूपए की शुद्ध खरीद की। एक से पांच जुलाई के बीच यह खरीद 2710.5 करोड़ रूपए की रही। इन आंकड़ों को देखकर कहा जा सकता है कि भारतीय पूंजी बाजार में विदेशी निवेशक जमकर पैसा लगा रहे हैं। पूंजी बाजार के खिलाडि़यों की राय में विदेशी संस्‍थागत निवेशक भारतीय पूंजी बाजार में बने रहेंगे क्‍योंकि दूसरे विकसित बाजारों में नौ फीसदी लाभ कमाने का रास्‍ता उन्‍हें दिखाई नहीं दे रहा। हालांकि, समय समय पर यह आशंका जताई जाती रही है कि विदेशी संस्‍थागत निवेशक भारतीय बाजार को नमस्‍ते कर सकते हैं लेकिन लंबी अवधि में भारतीय अर्थव्‍यवस्‍‍था के मजबूत रहने का भरोसा ही उन्‍हें यहां रोके हुए हैं। सरकार ने यदि इस भरोसे को तोड़ा तो शेयर बाजार को कोई नहीं संभाल सकेगा इसलिए जरुरी है कि आर्थिक सुधारों में तेजी लाई जाए।


मौजूदा तेजी और पिछली तेजी में एक समान बात देखने को मिली की अधिकतर निवेशकों ने हर्षद मेहता और केतन पारेख के समय हुए शेयर घोटालों से सबक न लेते हुए उन कंपनियों में निवेश किया जिनके फंडामेंटल मजबूत नहीं है। ये वे कंपनियां हैं जिनके भाव तेजी के समय ही बढ़े हुए दिखाई देते हैं और तेजी पूरी होते ही या बड़ा करेक्‍शन आते ही इनके भाव जमीन पर आ जाते हैं और इनके प्रमोटर पैसा कमाकर बाजार से गायब हो जाता हैं। शेयर ब्रोकर प्रदीप अग्रवाल कहते हैं कि विजेता निवेशक वह है जिसके पास तेजी पूरी होने पर एक भी शेयर नहीं बचा हो। तेजी के हो हल्‍ले में लोग सही सलाह को नजरअंदाज कर देते हैं और पेनी स्‍टॉक में पैसा लगाकर बड़ा मुनाफा काटने के चक्‍कर में फंस जाते हैं।

अनेक निवेशक तो केवल सुनी सुनाई बातों के आधार पर ही निवेश करते हैं जैसे कि अमुक कंपनी का शेयर फला बिगबुल चला रहा है। बस इस कानाफूसी के आधार पर, होमवर्क न करने वाले निवेशक दौड़ पड़ते हैं पैसा कमाने। जबकि हकीकत इसके विपरीत होती है। मौजूदा तेजी में भी यह बात देखने को मिली जब लोग राकेश झुनझुनूवाला, अनिल अंबानी, केतन पारेख जैसे खिलाडि़यों का नाम लेकर शेयरों की सिफारिश करते दिखे और लंबा हाथ मारने के चक्‍कर में घटिया कंपनियों के शेयरों के पीछे दौड़ रहे हैं। जबकि सच्‍चाई यह है कि अगर बाजार में जरा सी भी नकारात्‍मक हलचल हुई तो इन कंपनियों के शेयर सिर्फ उल्‍टे पैर चलेंगे।

पेनी स्‍टॉक में कम निवेश पर बड़ा मुनाफा काटने की सोचने वाले निवेशक चाहे एक बार खुश हो भी जाए लेकिन अंत में सबसे ज्‍यादा घाटा इन्‍हीं निवेशकों को होता है। कंपनियों की विश्‍वसनीयता और कारोबारी आंकडे न देखकर निवेश करने वाला निवेशक समझदार कतई नहीं कहा जा सकता। हालांकि, मौजूदा तेजी कुछ ऐसे निवेशकों के लिए वरदान भी साबित हुई है जो पिछली तेजी के दौर में कुछ ऐसी कंपनियों के शेयरों में फंस गए थे। मौजूदा तेजी में इन कंपनियों के शेयरों के भाव बढ़ते ही पिछली बार हाथ जला बैठे निवेशक इनसे निकल गए। असल में देखा जाए तो मौजूदा समय घटिया कंपनियों से बाहर निकल जाने का सुनहरा मौका है।

रुपए की मजबूती, मुद्रास्‍फीति के भूत का बवाल, राजनीतिक स्थिरता, सरकारी कंपनियों के विनिवेश में अवरोध, तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी जैसे अनेक कारणों से निवेशक डरे हुए भी हैं। ऐसे में सरकार आर्थिक सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाने के साथ रातों रात गायब होने वाली कंपनियों की लगाम कसने और पेनी स्‍टॉक में हो रहे उतार चढ़ाव पर पैनी नजर रखने का बंदोबस्‍त कर लेती है तो निवेशकों का भय कम हो सकता है एवं 130 साल पुराने मुंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक 18 हजार की तरफ कूच कर सकता है।

July 11, 2007

सेफ एंड अर्न

शेयर बाजार के निवेशक इस समय सबसे ज्‍यादा सुरक्षित और कमाई वाले स्‍टॉक्‍स ढूंढ रहे हो तो पीटीसी इंडिया, पावर फाइनेंस कार्पोरेशन यान पीएफसी और नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन यानी एनटीपीसी से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। शेयर बाजार में गिरावट भी आती है तो भी इन कंपनियों में किया गया निवेश किसी भी हालत में साफ नहीं होगा। इन तीनों में करो रोज ट्रेडिंग और रहो सेफ।

संभलो और खेलो


भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आने का अंदेशा हम पहले ही जता चुके हैं और कार्य परिणामों के मौसम में इंफोसिस ने इसकी शुरूआत कर दी। हमने बताया था कि 12 जुलाई से 18 जुलाई के बीच एक करेक्‍शन आएगा और अब लगता है कि यह करेक्‍शन आ रहा है। हालांकि, कुछ लोग मानते हैं कि चलते चलो...कुछ नहीं होगा। लेकिन हम भी मानते हैं कि शेयर बाजार में तेजी का दौर अभी पूरा नहीं हुआ है और इसे जो बड़ा विराम लगेगा वह सेंसेक्‍स के 25 हजार पहुंचने पर ही लगेगा। लेकिन इस सफर को पूरा करने से पहले कई झटके लगेंगे और उन झटकों से पहले मुनाफा वसूली और फिर वापस खरीदी जरुरी है। यही कार्य बैंक बैलेंस को बढ़ाता है। हालांकि, जिन निवेशकों ने कुछ वर्षों का लक्ष्‍य लेकर खरीद की है और बीच बीच में मुनाफा न काटने की कसम ले रखी है, उन्‍हें छोड़ दें तो हमारा मानना है कि मुनाफा वसूल करते रहें और हर बड़ी गिरावट पर फिर से शेयरों की खरीद।

सेंसेक्‍स के 15 हजार पहुंचने के बाद हमारी राय में हर निवेशक को अपने निवेश का 60 फीसदी हिस्‍सा सेंसेक्‍स आधारित कंपनियों में लगाना चाहिए, जबकि 40 फीसदी हिस्‍से में से कुछ राशि ए समूह की दूसरी मजबूत कंपनियों और मिड कैप की बेहतर कंपनियों में निवेश करनी चाहिए। अब तक आपने यदि मिड कैप और स्‍मॉल कैप में ही निवेश किया है तो रणनीति बदलने पर विचार करें क्‍योंकि सेंसेक्‍स को जो मुकाम छूना है और उसका लाभ आपको लेना है तो ऐसा करना ही होगा अन्‍यथा मझौली आय में ही फंसे रहेंगे। अब समय आ गया है कि जब आप उन कंपनियों को निवेश के लिए चुनें जो अगले दो साल में भारतीय कार्पोरेट जगत में टॉप पर होंगी या अपना अहम स्‍थान बनाएंगी।

July 08, 2007

आया मौसम पैसे का


वाह मनी के विजिटरों को हम हमेशा से कहते आए हैं कि शेयर बाजार आने वाले दिनों में नई ऊंचाई को छूता जाएगा, हालांकि हर नई ऊंचाई से पहले कुछ झटके खाने पड़ सकते हैं लेकिन इनसे डरने की जरुरत नहीं है। इस साल के आखिर तक सेंसेक्‍स के 18 हजार अंक को छू जाने की उम्‍मीद है। इस मुकाम पर पहुंचने से पहले यदि सेंसेक्‍स 15211 से ऊपर बंद होता है तो यह 15443 अंक तक जाएगा। इसका स्‍पोर्ट स्‍तर इस समय 14617 अंक है। निफ्टी 4255 के स्‍पोर्ट पर 4465 के ऊपर बंद होता है तो नया रिकॉर्ड स्‍तर देखने को मिलेगा।

शेयर ऑपरेटर हर गिरावट पर यह कहकर कि अब तो शेयर बाजार का बंटाढार तय है, आम निवेशक से बेहतर कंपनियों के शेयर निकलवा लेते हैं। आम निवेशक जानकारी के अभाव और ऑपरेटरों पर भरोसा कर उनके झांसे में आ जाते हैं और अपने पास रखी शानदार कंपनियों के शेयर बेच डालते हैं। शेयर बाजार में आगामी गिरावट पर आम निवेशक बिल्‍कुल न घबराएं और औने पौने में अपने कीमती शेयरों को न बेचें। एक बात गांठ बांध लें....धैर्यवान की ही जीत होती है। बाजार में धैर्य रखना जरुरी होता है। जिसने अपना धैर्य खोया वहीं प‍राजित होता है। साथ ही एक बात और जानना जरुरी है कचरा कंपनियों के शेयर इस समय काफी बढ़ गए हैं और आप ऐसी किसी कंपनी में फंसे हुए हैं तो निकल जाएं एवं भूलकर भी ऐसी कंपनियों में फिर से पैसा न लगाएं। बगैर होमवर्क वाले निवेश सलाहकार जो आपको टिप के नाम पर कोई भी कंपनी बता दें, उसमें खुद जाने बगैर निवेश न करें। पैसे कमाने के धंधे में टिप को कोई अहमियत न दें बल्कि होमवर्क कर खुद जानें कि कौन सी कंपनी निवेश लायक है और कौन सी नहीं। खैर, हम आपकों कभी यह भी बता देंगे कि कैसे चुने निवेश के लिए बेहतर कंपनी।

मुद्रास्‍फीति की दर घटकर 4.13 अंक आ जाना हमारी अर्थव्‍यवस्‍था के लिए शुभ संकेत हैं और यह लगता है कि आने वाले दिनों में होम लोन की ब्‍याज दरें घटेंगी जिससे कर्ज की वृद्धि दर में बढ़ोतरी हो सके। इस कदम से बैंक और रियॉलिटी स्‍टॉक्‍स में तेजी का माहौल बनेगा। इंफोसिस अपने कार्य परिणाम 11 जुलाई को घोषित करेगी। अमरीकी डॉलर भारतीय रुपए के मुकाबले मजबूत हो रहा है जो सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए सुखद है। इससे आईटी शेयरों में गर्मी देखने को मिलेगी और बाजार को नए मुकाम पर ले जाने में साथ देंगे इंजीनियरिंग, मेटल और बिजली शेयर।

ये रहे हमारे हीरो : कल्‍पतरु पावर ट्रांसमिशन, इंफोसिस, फिलिप्‍स कार्बन ब्‍लैक, पावर फाइनेंस कार्पोरेशन, यूटीआई बैंक, आदित्‍य बिड़ला नुवो, वरुण शीपिंग, बॉम्‍बे रेयान, किर्लोस्‍कर ब्रदर्स, अनंत राज इंडस्‍ट्रीज, एनटीपीसी, केईसी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर्स, लॉयड इलेक्ट्रिक्‍स।

July 07, 2007

खेलो इंडिया खेलो


बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज के सेंसेक्‍स के 15 हजार अंक को पार करते ही हर आदमी यह पूछ रहा था कि अब अगला मुकाम कहां। यह सवाल हर बार उठता है जब सेंसेक्‍स एक हजार अंक का चक्र पूरा कर लेता है। हमारा कहना है कि सेंसेक्‍स की चिंता के साथ यह चिंता भी करें कि आपके निवेश पर अब कितना रिटर्न मिल रहा है या आपने जिन शेयरों में निवेश किया है वे बढ़े हैं या नहीं। इंडेक्‍स कहीं भी पहुंच जाए, जब तक आपके शेयर नहीं बढ़ते खुशियां मनाना बेकार और बेमानी जैसा है। हम अपने पिछले दो साल के मत पर आज भी कायम है और मानते हैं कि इस साल के आखिर तक सेंसेक्‍स 18 हजार अंक को छू लेगा और अगले साल दिवाली के बाद दिसंबर तक 25 हजार अंक। अनेक निवेश सलाहकार मानते हैं कि बीएसई सेंसेक्‍स 25 हजार अंक तक वर्ष 2010 तक पहुंच पाएगा लेकिन आज जैसी स्थितियां दिखाई दे रही हैं, उसमें यह उपलब्‍धता 2008 में मिल सकती है। हम निवेशकों से कहना चाहेंगे कि 30 कंपनियों पर आधारित सेंसेक्‍स में तभी बढ़ोतरी होती है, जब इन 30 कंपनियों के शेयरों में उछाल आता है। इसलिए अपने निवेश को इन 30 कंपनियों में जरुर बढ़ाए और जब सेंसेक्‍स अपने शबाब पर हो तो मोटा मुनाफा बैंक खाते में बढ़ा सकते हैं। हालांकि, इन 30 कंपनियों के बाहर भी ऐसी ऐसी कंपनियां हैं, जिनमें निवेश कर आप चांदी काट सकते हैं। अनेक निवेशक बार बार यह बात पूछते हैं कि कहां कहां निवेश करें। एक सही निवेश सलाहकार के तौर पर हम आपसे कहना चाहेंगे कि सबसे सुरक्षित और मोटी कमाई के लिए इस समय बिजली और बिजली उपकरण बनाने वाली कंपनियों में निवेश करना चाहिए। इन कंपनियों में आने वाले दिनों में जो उछाल देखने को मिलेगा, उसे देखकर आप आईटी क्षेत्र को भूल सकते हैं। लेकिन इन कंपनियों में निवेश के बाद आप दो रणनीति तय कर सकते हैं। एक : इन कंपनियों में किए गए निवेश पर ट्रेडिंग कर अपने पैसे को बढ़ा सकते हैं। दूसरा : निवेश कर चुप बैठ जाएं और दो से तीन साल का इंतजार करें। पसंद अपनी अपनी। लेकिन दोनों ही पसंद में आप मालदार जरुर बनेंगे, यह तय है। निवेशक को स्‍वार्थी होना चाहिए यानी आम खाने से मतलब रखना चाहिए न कि गुठलियों से। हमारे कहने का मतलब यह है कि सच्‍चा निवेशक वहीं है जो अपने निवेश को जल्‍दी जल्‍दी कई गुना कर लें, भले ही सेंसेक्‍स 15 हजार हो या 5 हजार अथवा 25 हजार। सेंसेक्‍स 50 हजार हो जाए और आपका निवेश दो गुना भी न हो सके तो ऐसा सेंसेक्‍स जम्‍प किस काम का।

July 05, 2007

वन टू का फोर, फोर टू का वन


शेयर बाजार में निकट भविष्‍य में बढ़ने वाले तीन ऐसे शेयर जिनमें आप आंख मूंदकर पैसा लगा सकते हैं जो आपके निवेश को हमेशा सुरक्षित रखेंगे। हालांकि, इन तीन कंपनियों में बढ़त धीमी लग सकती है लेकिन होगी ठोस और सुरक्षित। ये कंपनियां हैं: एनटीपीसी, पावर फाइनेंस कार्पोरेशन यानी पीएफसी और पीटीसी इंडिया।

दूर रहें: शेयर बाजार में मौजूदा तेजी में बेहतर, अच्‍छी और घटिया यानी कचरा कंपनियों के शेयरों में खूब तेजी देखी जा रही है। कुछ कंपनियों को ऑपरेटर चला रहे हैं तो कुछ को उनके प्रमोटर या निदेशक। याद रखें रेसकार्स में पैसा घोड़ों पर लगाया जाता है न कि खच्‍चर या गधों पर। अपनी मेहनत के पैसे को बेहतर कंपनियां जिनके फंडामेंटल्‍स खूब मजबूत हैं और आप उसे खुद ट्रेक कर सकें, में ही निवेश करें। केवल सर्किट टू सर्किट चलें उनमें पैसा लगाकर देखा जाए कि थ्‍योरी पर निवेश न करे। मसलन : टूरिज्‍म फाइनेंस कार्पोरेशन ऑफ इंडिया को लें जिसमें पिछले कुछ दिन से पांच फीसदी ऊपर का सर्किट लग रहा है और किसी ब्रोकर हाउस का कहना था कि यह 30 रुपए पहुंच जाएगा, बस पैसा डाल दो। दूसरा उदाहरण : जयंत एग्रो का है। एक शेयर पर एक शेयर बोनस देने के कोई साल भर बाद यह कंपनी उस लेवल पर पहुंची हैं, जहां इसने बोनस बांटा था। बाजार की मौजूदा तेजी यदि शांत होती है तो फिर आप नहीं कह सकते कि इस तरह के शेयर वापस कहां मिलेंगे। तीसरा उदाहरण: खूब मजबूत कंपनी डाबर इंडिया का। दो शेयर पर एक बोनस शेयर देने को काफी समय बीत जाने के बाद अब भी इसमें करंट को निवेशक तरस रहे हैं। ये हमने कुछ उदाहरण रखे हैं। यदि हरेक कंपनी पर हम चर्चा करें तो यह कभी पूरी नहीं होगी।

हम भी खड़े हैं राहों में : भारतीय शेयर बाजार में जितनी कंपनियां सूचीबद्ध हैं, उन सभी पर यहां चर्चा कर पाना और उनके कामकाज एवं हर हलचल पर निगरानी रख पाना किसी के बूते की बात नहीं है।‍ फिर भी हम यहां आपको चंद कंपनियों के नाम बता रहें हैं जिनमें आप किसी भी लेवल पर निवेश कर सकते हैं। मध्‍यम से छोटे कद की ये कंपनियां हैं : बारटोनिक्‍स, सिनेमैक्‍स, सीएट, जेके लक्ष्‍मी सीमेंट, मंगलम सीमेंट, ज्‍युपिटर बायोसाइंस, गुजरात अपोलो इक्विपमेंट, बॉम्‍बे रेयान, पेराडाइन इंफोटेक, विशाल रिटेल, ओरिएंट पेपर, जेबीएफ इंडस्‍ट्रीज, रैन कमोडिटीज, फर्स्‍ट सोर्स साल्‍यूशंस, यस बैंक, आईडीबीआई, आईडीएफसी, ज्‍योति स्‍ट्रक्‍चर, डीसीबी, सेंचुरी एंका, आइडिया सेलुलर, रिलायंस कम्‍युनिकेशन, टाटा पावर, टाटा कैमिकल, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस, वरुण शीपिंग आदि आदि। निवेश लायक अन्‍य ढ़ेरों कंपनियों पर हम समय समय पर चर्चा करते रहेंगे और उनमें निवेश कर लाभ कमाते रहें, यही हमारी शुभकामनाएं।

July 03, 2007

सेंसेक्‍स को गिराने का खेल है तैयार !

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था का बैरोमीटर बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी बीएसई आज एक बार फिर नई ऊंचाई पर है और इसके निरंतर अभी नए रिकॉर्ड बनाने के आसार हैं। लेकिन आम निवेशक शेयर बाजार के ऑपरेटरो, पंटरो और सटोरियों के मन में जो चल रहा है, से अनजान हैं। शेयर बाजार के खिलाडि़यों ने अब समूचे देश को तेजी के घोड़े पर बैठा दिया है जो अभी तो खूब दौड़ेगा....संभवत: 15000/15200 अंक तक इस घोड़े के रुकने के आसार नहीं है। सभी निवेशक खिलाडि़यों के इस अंकजाल में फंसे हुए हैं और यह मान रहे हैं कि 15000/15200 तक तो वे बाजीगर की भांति खेल सकते हैं तो फिर कैसा डर। यद्यपि इस समय अच्‍छे अच्‍छे विश्‍लेषक यह बताने में असमर्थ हैं कि सेंसेक्‍स का अगला पड़ाव कहां। सभी यह जरुर बताएंगे कि सेंसेक्‍स जल्‍दी ही 15000 या 17000 पहुंच जाएगा लेकिन इस मुकाम पर पहुंचने से पहले झटके कितने खाएंगे, यह कोई नहीं जानता। जैसे आपको एक ठीकठाक ज्‍योतिष यही बताएगा कि आगे चलकर दशा बदल रही है और अच्‍छे दिन आ रहे हैं लेकिन यह नहीं बता सकता कि मौत कैसे होगी या कौन कौन सी पीड़ा भोगनी पड़ेगी। आप किसी भी ज्‍योतिष को यह बिल्‍कुल आभास नहीं होने दें कि आप किसी तरह की दिक्‍कत से गुजर रहे हैं या घर में कोई समस्‍या है। ज्‍योतिष के सामने एकदम चकाचक होकर दमकता चेहरा लेकर जाएं, वह नहीं बता पाएगा कि आपके वास्‍तविक हालात कैसे हैं। बस यही हाल शेयर बाजार के हैं। मोटे खिलाड़ी और विश्‍लेषक अगले लंबे मुकाम की बात करते हैं लेकिन सही दिशा से हर कोई अनजान हैं। यदि आप इस ब्‍लॉग को हमेशा पढ़ते रहें तो हम आपको बता दें कि हमने 29 मई 2007 को कह दिया था कि जून में पहले सप्‍ताह के बाद सात सौ अंक गिरेगा और वहीं हुआ था, यदि आपकी याददाशत ठीक हो तो। निवेशकों को हमारी राय है कि 12 जुलाई से 18 जुलाई के बीच वे सावधानी बरते क्‍योंकि उस समय शेयर बाजार में आपको 500/700 अंक का करेक्‍शन देखने को मिल सकता है। गेम खिलाने वालों की जो योजना हमें पता चली है कि यह भविष्‍यवाणी उसी के आधार पर है। निवेशकों को हम कहना चाहेंगे कि यदि वे लंबी अवधि के निवेशक हैं तो चिंता न करें और यदि दैनिक कारोबार करते हैं तो अपनी गति को बढ़ा दें ताकि किसी शेयर को जल्‍दी लेना और जल्‍दी बेचना कर सकें।

July 02, 2007

शेयर बाजार में सचेत रहने की जरुरत

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था का बैरोमीटर बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी बीएसई आज नई ऊंचाई पर लंबे इंतजार के बाद पहुंच ही गया। लेकिन इस ऊंचाई पर टिक नहीं सका और मुनाफा वसूली ने इसे बीच बीच में नीचे की ओर धकेला। खैर! अंत में 13.75 अंक की बढ़त लेकर सेंसेक्‍स 14664.26 अंक पर बंद हुआ, जो इसके पिछले उच्‍च रिकॉर्ड 14723 से नीचे ही रहा। हालांकि, आज दिन में इसने 14745 का नया रिकॉर्ड बनाया। रिकॉर्ड बनते रहेंगे, बिगड़ते रहेंगे, लेकिन अहम बात यह है कि आप अपने निवेश पर मुनाफा वसूल पाते हैं या नहीं अथवा केवल दिन भर भाव जानने के बाद बाजार बंद होने पर यह देख लिया कि कागजों पर तो चांदी ही चांदी है और अगले दिन यह चांदी स्‍टील में बदल गई और इसके बाद स्‍टील कबाड़ में। निवेशकों को हमारी सलाह है कि अब सचेत रहते हुए मुनाफा वसूल करते रहें और हर बढ़त का लाभ लें। हमारी राय में शेयर बाजार की चमक निवेशकों को ज्‍यादा जोश दिला सकती है और इसी अतिरिक्‍त जोश में सब कुछ ठंडा हो जाता है। सभी को तेजी के रथ पर सवार कर ऑपरेटर और पंटर बाजार को मंदा करने का प्रयास जरुर करेंगे। हमारी राय में कुछ दिन बाद आपको बाजार के ढीले पड़ने के संकेत मिलेंगे, ऐसे में हमारी राय है कि आप मुनाफा अपने बैंक के हवाले करते रहें और ट्रेडिंग बेहद सावधानी से करें। पंटर और ऑपरेटर कुछ शेयरों को ही चला रहे हैं। इनमें भी जो शेयर एक या दो दिन चलते हैं उन्‍हें ये लोग छोड़ देते हैं और दूसरे शेयरों पर सवार हो जाते हैं। इस तरह का गेम आम निवेशक के लिए फायदेमंद नहीं है। आम निवेशक अमुक शेयर में अचानक आई तेजी को समझ कर उसका लाभ लेने के लिए जब अमुक शेयर में निवेश करता है, तब तक तो ऑपरेटर और पंटर वहां से छूमंतर हो जाते हैं। कमाई केवल चंद हाथों में। निवेशक इस बात का ध्‍यान रखें कि निवेश फंड मुद्रास्‍फीति, आर्थिक विकास दर, औद्योगिक विकास गति और मानसून से जुड़ी खबरों का फायदा उठाते हैं। हालांकि, जिन निवेशकों ने लंबी अवधि के लिए निवेश किया है, वे बगैर किसी टेंशन के रह सकते हैं क्‍योंकि भारतीय शेयर बाजार में तेजी का दौर खत्‍म होने नहीं जा रहा है। ये रहे खास स्‍टॉक : लॉयड इलेक्ट्रिक, पीटीसी इंडिया, होंडा सिएल पावर, जेबीएफ इंडस्‍ट्रीज, आईएफसीआई, बारटोनिक्‍स, पीएफसी, आइडिया सेलुलर, गुजरात अपोलो इक्विपमेंट, मफतलाल इंडस्‍ट्रीज, बाटलीबॉय और जयंत एग्रो।