जेके टायर
पावर फाइनेंस
कोलगेट
आइडिया सेलुलर
यूबी इंजीनियरिंग
पेंटालून रिटेल
जीएसएफसी
वोल्टास
एबीबी
वोलटाम ट्रांसफार्मर
रिलायंस नैचुरल रिसोर्स
संकट में सबसे बड़ा साथी पैसा होता है
लॉयड इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग कंडेंसर क्वॉइल में अगुआ कंपनी है जो देश में सभी प्रमुख रुम एसी निर्माताओं को इसकी आपूर्ति करती है। साथ ही यह मध्य पूर्व और दक्षिण पूर्वी देशों को इसका निर्यात भी करती है। कंपनी के तीन उत्पादक संयंत्र है जिनमें से एक राजस्थान के अलवर, दूसरा हिमाचल प्रदेश के काला अम्ब और तीसरा उत्तरांचल के देहरादून में है। अलवर संयंत्र में कंडेंसर और इवार्पोटोर क्वाइल्स छह उत्पादक लाइनों के साथ उत्पादन किया जाता है। काला अम्ब में दो उत्पादक लाइनों के साथ कंडेंसर क्वाइल्स का उत्पादन किया जाता है। कंपनी एसी ओईएम खिलाडि़यों के लिए रुम एसी का भी उत्पादन करती है। कंपनी का देहरादून संयंत्र शुरू होने के बाद इसके कार्य प्रदर्शन में बेहतर स्थिति देखने को मिल रही है जिसकी वजह से वर्ष 2007 में ऑपरेटिंग मार्जिन में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
एक नजर में देखा जाए तो लॉयड इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग के शेयरों को मध्यम से लंबी अवधि के निवेश के लिए खरीदा जा सकता है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी की शुद्ध बिक्री 17.67 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 12.45 करोड़ रुपए थी। इसी तरह शुद्ध लाभ 11.4 करोड़ रूपए की तुलना में 16.5 करोड़ रुपए पहुंच गया। वार्षिक आधार पर प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 16.9 रुपए की तुलना में बढ़कर 21.3 रुपए पहुंच गई। हमें यकीन है कि वर्ष 2007/08 में कंपनी के कुल कारोबार में 40 फीसदी की बढ़ोतरी होगी और शुद्ध लाभ में 41 फीसदी। लॉयड इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग का शेयर इस समय 207 रुपए चल रहा है। इसे 180 से 200 रुपए की रेंज में दो साल के निवेश के तहत खरीदा जा सकता है। हालांकि, जो निवेशक इतनी लंबी अवधि के लिए इसमें निवेश नहीं करना चाहते वे इसमें होने वाले उतार चढ़ाव का लाभ ले सकते हैं क्योंकि यह ट्रेडिंग के लिए भी एक बेहतर स्टॉक है।
होंडा मोटर कंपनी जापान की सब्सिडियरी होंडा सिएल पावर प्रोडक्ट्स लिमिटेड अब तेजी की राह पर है। कंपनी पोर्टेबल जनरेटर्स, वाटर पम्पिंग सेट और जनरल परपज इंजिन बनाती है। कंपनी के संयंत्र नोएडा, रुद्रपुर और पांडिचेरी में हैं। कंपनी को होंडा मोटर कंपनी के व्यापक अनुभव का लाभ मिल रहा है।
होंडा सिएल पावर देश की पहली ऐसी कंपनी है जिसने सुपर सायलेंट की स्टार्ट जनरेटर और पोर्टेबल कैरोसिन जनरेटर के साथ एलपीजी आधारित जनरेटर लांच किया। पोर्टेबल जनरेटर्स में यह बाजार की अगुआ कंपनी है। कंपनी के देश भर में आठ सौ से ज्यादा डीलर और 15 एरिया कार्यालय हैं। कंपनी ने अब अपना ध्यान उन क्षेत्रों के संस्थागत और घरेलू ग्राहकों की ओर बढ़ाया है जहां बिजली की भारी कमी है।
कंपनी को उम्मीद है कि देश के अनेक भागों में बढ़ रही बिजली की कमी उसके विकास में मदद करेगी। वित्त वर्ष 2007/08 में कंपनी की बिक्री 265 करोड़ रूपए और शुद्ध लाभ 23 करोड़ रूपए रहने का अनुमान है। कंपनी की 10.14 करोड़ रूपए की इक्विटी पर प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 23 रुपए के करीब रहने की संभावना है। 31 मार्च 2007 को पूरे हुए वित्त वर्ष में कंपनी की बिक्री 253 करोड़ रूपए और शुद्ध लाभ 17.38 करोड़ रूपए था। प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 17.14 रुपए रहा। कंपनी ने वर्ष 2006/07 के लिए 40 फीसदी लाभांश घोषित किया है। प्रमोटर के पास कंपनी के 66.67 फीसदी और आम जनता के पास 32.33 फीसदी शेयर हैं। पिछले 52 सप्ताह में होंडा सिएल पावर के शेयर का भाव नीचे में 124 रुपए और ऊपर में 243 रुपए रहा एवं यह ऊपरी भाव आज ही इस कंपनी ने बनाया है।
क्वॉलिटी डेयरी में आज ऊपरी सर्किट देखा जा रहा है और सुबह 25 रुपए में खुला शेयर इस समय 26.75 रुपए है। ऑपरेटरों का कहना है कि क्वॉलिटी डेयरी के अगले नतीजे बेहतर आएंगे और इसका दाम 35 रुपए प्रति शेयर तक जा सकता है। कंपनी की पूंजी 18.20 करोड़ रूपए है। कंपनी ने 31 मार्च 2007 को समाप्त तिमाही में 47.20 करोड़ रुपए की बिक्री पर 1.97 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया। वर्ष 2006/07 में कंपनी ने 133.13 करोड़ रूपए की बिक्री पर 3.70 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया। प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 2.03 रुपए रही। कंपनी के शेयर होल्डिंग पैटर्न को देखें तो आम जनता के पास केवल 16.16 फीसदी शेयर हैं, जबकि प्रमोटरों के पास 83.84 फीसदी शेयर हैं। इस कंपनी के पिछले हर तिमाही और सालाना नतीजों को देखें तो हर बार बेहतर प्रदर्शन दिखाई देता है।
बुरे समय में धैर्य से बेहतर कोई हथियार नहीं। भारतीय शेयर बाजार में आज आई गिरावट कोई अनोखी बात नहीं है, यह तो होना ही था। हमने इस ब्लॉग पर पहले कहा था कि शेयर बाजार 12 से 18 जुलाई के बीच गिरेगा और इस दौरान इंट्रा डे गिरावट आई और सुधार भी। 18 जुलाई को शेयर बाजार तकरीबन 130 अंक तक गिरा भी लेकिन आखिरी 30 मिनट में पूरा बाजार सुधर गया। शेयर बाजार में गिरावट के लिए उस समय भरपूर तैयारी थी लेकिन ऑपरेटरों की बात लीक हो जाने से यह कार्य उस समय नहीं हो सका जो आज हुआ। समूची दुनिया के शेयर बाजारों में आज गिरावट है लेकिन इस समय धैर्य की जरुरत है क्योंकि बड़े ऑपरेटर और संस्थागत निवेशक तो यही चाहते हैं कि आम निवेशक के बेहतर स्टॉक औने पौने में उन्हें मिल जाए और बाद में तेजी के समय वे इन्हें फिर से खरीदे।
हमने समय समय पर चेताया भी था कि मुनाफा वूसली करते रहें और आपने यदि ऐसा किया है तो फिर चिंता न कर, उस पैसे से बेहतर कंपनियों के स्टॉक खरीदें। हमारा स्लोगन ही है संकट में सबसे बड़ा साथी पैसा होता है। यह गिरावट उन निवेशकों के लिए खरीद का एक बेहतर मौका है जिन्होंने हमारी सलाह के मुताबिक समय समय पर आंशिक मुनाफावसूली कर ली थी। हम सभी जानते हैं कि लांग टर्म में भारतीय शेयर बाजार की स्थिति बेहतर रहने वाली है और सेंसेक्स को इस साल 18 हजार और अगले वर्षों में 25 हजार अंक का सफर तय करना है तो यह गिरावट भी लंबे समय नहीं रहेगी।
हालांकि इस संकट में सबसे ज्यादा नुकसान उन निवेशकों का होता है जो एफ एंड ओ खेलते हैं और वाह मनी ब्लॉग ने कभी भी निवेशकों को एफ एंड ओ खेलने की सलाह नहीं दी है। हम अभी भी अपनी इस राय पर कायम हैं। एफ एंड ओ के अलावा उन निवेशकों को नुकसान हो सकता है जिन्होंने कहीं से ब्याज पर पैसा लेकर शेयर बाजार में लगाया है अन्यथा यह बाजार वापस सुधार की ओर बढ़ेगा, यह तय है। जरुरत है तो सिर्फ धैर्य और अपने मुनाफावसूली से आए पैसे की ताकि बेहतर कंपनियों के स्टॉक्स आपके डिमैट खाते में आ सके।
बिजली क्षेत्र की कंपनी नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन यानी एनटीपीसी इस समय बेहतर काउंटर है जिसमें कोई भी निवेशक निवेश कर सेफ एंड बेस्ट स्थिति महसूस कर सकता है। भारत में बिजली क्षेत्र में जिस तरह मांग खड़ी हो रही है वह इस कंपनी के लिए विपुल संभावनाएं ला रही है। देश में बिजली उत्पादन लागत की बात करें तो एनटीपीसी अकेली ऐसी कंपनी है जिसकी बिजली उत्पादन लागत सभी दूसरी कंपनियों से कम है। साथ ही बिजली उत्पादन क्षमता में भी यह सबसे आगे है। कंपनी 21 हजार मेगावाट की नई क्षमता जोड़ रही है। एक समझदार निवेशक के पोर्टफोलियो में एनटीपीसी के शेयर होने ही चाहिए। एनटीपीसी आज 163 रुपए पर बंद हुआ, जबकि दिन में यह ऊपर में 166 रुपए और नीचे में 158 रुपए था। इस शेयर का अगला लक्ष्य 188 रुपए और 223 रुपए है। हमारा मानना है कि यदि आप एनटीपीसी को लंबे समय के लिए होल्ड कर सकते हैं तो अगले डेढ़ से दो साल में आप इसका भाव एक हजार रुपए देख सकते हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था के बैरोमीटर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने अब तक कई इतिहास बनाए और बिगाड़े हैं। इस समय निवेशकों, ऑपरेटरों और संस्थागत निवेशकों के मन में एक ही बात चल रही है कि क्या बीएसई सेंसेक्स एक हजार अंक बढ़ने के अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ेगा या नहीं क्योंकि सेंसेक्स ने 15 हजार का स्तर छूने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा है और इस समय उम्मीद भी यही है कि कूच जारी रहेगी। बिगबुल हर्षद मेहता ने बीएसई सेंसेक्स को केवल 16 दिन में एक हजार अंक का सफर तय करा दिया था और 30 मार्च 1992 को बीएसई सेंसेक्स तीन हजार से चार हजार अंक पहुंच गया था। यह बढ़त हर्षद मेहता के अलावा उदार निर्यात आयात नीति की देन थी। बीएसई सेंसेक्स का आज 12 वां दिन है और इस समय यह 17796 पर है, जो कुछ समय पहले 15868 तक था। देखना है क्या सेंसेक्स की एक हजार अंक की बढ़त हर्षद मेहता का रिकॉर्ड तोड़ पाती है या नहीं। यहां एक बात और याद आती है कि हर्षद मेहता ने अपने समय में यह कहा था कि बीएसई का सेंसेक्स आने वाले 15/20 साल में 25 हजार से ऊपर पहुंच जाएगा और आज सारे विश्लेषक यही बात कह रहे हैं कि सेंसेक्स 25 हजार पहुंच जाएगा।
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2007/08 का बजट पेश करते समय जिस तरह सीमेंट उत्पादकों को हड़काया था, उससे हमें सीमेंट निर्माताओं के साथ सहानुभूति हो रही थी कि ये बेचारे तो मारे गए। लेकिन सरकार ने जल्दी ही बात पलटी और अनेक मीठी मीठी बातें कर सीमेंट उत्पादक कंपनियों के मूड को अच्छा कर दिया। इसके बाद तो सीमेंट के भावों के साथ इन कंपनियों के शेयरों के दाम भी चढ़ने लगे।
सीमेंट क्षेत्र के मुख्य कंपनी एसीसी अपने कार्य परिणाम 19 जुलाई को घोषित करने जा रही है और जो आरंभिक संकेत मिले हैं, उससे पता चलता है कि सभी सीमेंट कंपनियां बेहतर नतीजे देंगी। कल एसीसी के नतीजे के साथ सीमेंट कंपिनयों के भावों में चमक आने के पूरे आसार हैं। एसीसी की इस तिमाही में शुद्ध बिक्री 1462 करोड़ रूपए से 1810 करोड़ रूपए, शुद्ध लाभ 259 करोड़ रूपए से 353 करोड़ रूपए पहुंचने का अनुमान है।
सीमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन का कहना है कि मई में सीमेंट की बिक्री 10.6 फीसदी बढ़कर 142.1 लाख टन पहुंच गई और इस वित्त वर्ष के आखिर तक सीमेंट क्षमता में 180/200 लाख टन की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। रियल सेक्टर, स्पेशल इकॉनामिक जोन्स जैसे क्षेत्रों की मांग सीमेंट उद्योग के लिए फायदेमंद साबित होगी। सीमेंट में रखें नजर यहां : एसीसी, केशोराम इंडस्ट्रीज, श्री सीमेंट, इंडिया सीमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, जेके लक्ष्मी सीमेंट, विनायक सीमेंट, आंध्र सीमेंट, मंगलम सीमेंट, प्रीज्म सीमेंट।
दिवान हाउसिंग : दिवान हाउसिंग इस समय 80 रुपए के भाव पर कंसोलिडेशन हो रहा है और इस समूह की कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के शेयर बाजार में सूचीबद्ध यानी लिस्टिंग होने का इंतजार किया जा रहा है। इस कंपनी का पब्लिक इश्यू 28 जून 2007 को खुला था और कट प्राइस 500 रुपए तय हुआ है। हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के अगले सप्ताह शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की संभावना है। इस सूचीबद्धता के समय दिवान हाउसिंग 120/125 रुपए के स्तर पर पहुंच जाए तो अचरज नहीं करें। दिवान हाउसिंग हर नरमी के साथ लेते रहें और इंतजार करें केवल चंद दिनों का, जब आपको मिलेगा बेहतर रिटर्न।
श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर : इस समय 98/100 रुपए के बीच यह शेयर कंसोलिडेशन हो रहा है और सर्किट सीमा बढ़ाकर वापस 20 फीसदी कर दी गई है। लंबे समय बाद चले इस शेयर पर सटोरिएं की नजरें लगी हुई हैं। ढ़ेरों निवेशक इस कंपनी में अपने निवेश को लेकर थक गए थे और ज्यादातर शेयर 95/103 रुपए के बीच बिक चुके हैं जो अब पंटरों के हाथों में हैं। श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर खरीदकर आप भी पंटरों की रेस में भाग ले सकते हैं लेकिन ध्यान रहें कि उतनी ही तेजी से बेचकर मुनाफे को बैंक के हवाले कर दें।
सिएट : आरपीजी समूह की एक बेहतर कंपनी। पिछले कई दिनों से यह भी 165 रुपए के आसपास चल रही है और अब जल्दी ही इसमें आपको आग दिखाई दे सकती है जो इसके भावों को दो सौ रुपए भी पार करा दें तो कोई बड़ी बात नहीं। तो फिर देरी किस बात की।
फिलिप्स कार्बन ब्लैक : आरपीजी समूह की यह कंपनी भी 170/175 रुपए के बीच पिछले कई दिनों से घूम रही है और जल्दी ही यह 190 से 200 रुपए पहुंच सकती है। यदि आप धैर्यवान निवेशक हैं तो साल भर में फिलिप्स कार्बन ब्लैक आपको 300/325 रुपए के आसपास दिखाई दे सकती है।
अति जल्द कमाई और अल्प समय के लिए चुनिंदा बैंक स्टॉक्स में खरीद कर मुनाफा कमाया जा सकता है। इन बैंकों पर रखें नजर :
विजया बैंक
इलाहाबाद बैंक
आंध्र बैंक
सिंडिकेट बैंक
बैंक ऑफ बड़ौदा
कार्पोरेशन बैंक
कर्नाटक बैंक
हम आपको बाजार पूंजीकरण, आय और ऑपरेट मार्जिन के क्षेत्र के पांच पांच मुख्य खिलाडि़यों के नाम बता रहे हैं जिनमें आप निवेश कर अपने बैंक खाते में पैसे का वजन बढ़ा सकते हैं।
बाजार पूंजीकरण :
रिलायंस इंडस्ट्रीज 2.38 खरब रुपए
ओएनजीसी 1.88 खरब रुपए
भारती 1.62 खरब रुपए
एनटीपीसी 1.26 खरब रुपए
रिलायंस कम्युनिकेशन 1.11 खरब रुपए
आय :
आईओसी 1.86 खरब रुपए
रिलायंस इंडस्ट्रीज 80388 करोड़ रुपए
बीपीसीएल 77516 करोड़ रुपए
एचपीसीएल 72438 करोड़ रुपए
ओएनजीसी 70680 करोड़ रूपए
ऑपरेटिंग मार्जिन :
पावर फाइनेंस कार्पोरेशन 98.75 %
टाटा इनवेस्टमेंट कार्पोरेशन 96.91 %
जयप्रकाश हाइड्रो 68.24 %
नोएडा टोल ब्रिज 62.21 %
सन टीवी नेटवर्क्स 59.05 %