Tuesday, July 31, 2007

तेजी पर सवार शेयर


विख्‍यात तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव से वाह मनी ने बात की और यह जानना चाहा कि निवेशक किन कंपनियों में डिलीवरी बेस खरीद कर भविष्‍य में मुनाफा कमा सकते हैं। वासुदेव की नजर में जिन कंपनियों में डिलीवरी लेकर निकट भविष्‍य में लाभ कमाया जा सकता हैं, वे हैं :

जेके टायर
पावर फाइनेंस
कोलगेट
आइडिया सेलुलर
यूबी इंजीनियरिंग
पेंटालून रिटेल
जीएसएफसी
वोल्‍टास
एबीबी
वोलटाम ट्रांसफार्मर
रिलायंस नैचुरल रिसोर्स

लॉयड इलेक्ट्रिक पर लगाया जा सकता है दांव

लॉयड इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग कंडेंसर क्‍वॉइल में अगुआ कंपनी है जो देश में सभी प्रमुख रुम एसी निर्माताओं को इसकी आपूर्ति करती है। साथ ही यह मध्‍य पूर्व और दक्षिण पूर्वी देशों को इसका निर्यात भी करती है। कंपनी के तीन उत्‍पादक संयंत्र है जिनमें से एक राजस्‍थान के अलवर, दूसरा हिमाचल प्रदेश के काला अम्‍ब और तीसरा उत्‍तरांचल के देहरादून में है। अलवर संयंत्र में कंडेंसर और इवार्पोटोर क्‍वाइल्‍स छह उत्‍पादक लाइनों के साथ उत्‍पादन किया जाता है। काला अम्‍ब में दो उत्‍पादक लाइनों के साथ कंडेंसर क्‍वाइल्‍स का उत्‍पादन किया जाता है। कंपनी एसी ओईएम खिलाडि़यों के लिए रुम एसी का भी उत्‍पादन करती है। कंपनी का देहरादून संयंत्र शुरू होने के बाद इसके कार्य प्रदर्शन में बेहतर स्थिति देखने को मिल रही है जिसकी वजह से वर्ष 2007 में ऑपरेटिंग मार्जिन में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

एक नजर में देखा जाए तो लॉयड इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग के शेयरों को मध्‍यम से लंबी अवधि के निवेश के लिए खरीदा जा सकता है। चालू वित्‍त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी की शुद्ध बिक्री 17.67 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 12.45 करोड़ रुपए थी। इसी तरह शुद्ध लाभ 11.4 करोड़ रूपए की तुलना में 16.5 करोड़ रुपए पहुंच गया। वार्षिक आधार पर प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 16.9 रुपए की तुलना में बढ़कर 21.3 रुपए पहुंच गई। हमें यकीन है कि वर्ष 2007/08 में कंपनी के कुल कारोबार में 40 फीसदी की बढ़ोतरी होगी और शुद्ध लाभ में 41 फीसदी। लॉयड इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग का शेयर इस समय 207 रुपए चल रहा है। इसे 180 से 200 रुपए की रेंज में दो साल के निवेश के तहत खरीदा जा सकता है। हालांकि, जो निवेशक इतनी लंबी अवधि के लिए इसमें निवेश नहीं करना चाहते वे इसमें होने वाले उतार चढ़ाव का लाभ ले सकते हैं क्‍योंकि यह ट्रेडिंग के लिए भी एक बेहतर स्‍टॉक है।

Monday, July 30, 2007

होंडा सिएल में है पावर मनी

होंडा मोटर कंपनी जापान की सब्सि‍डियरी होंडा सिएल पावर प्रोडक्‍ट्स लिमिटेड अब तेजी की राह पर है। कंपनी पोर्टेबल जनरेटर्स, वाटर पम्‍पिंग सेट और जनरल परपज इंजिन बनाती है। कंपनी के संयंत्र नोएडा, रुद्रपुर और पांडिचेरी में हैं। कंपनी को होंडा मोटर कंपनी के व्‍यापक अनुभव का लाभ मिल रहा है।

होंडा सिएल पावर देश की पहली ऐसी कंपनी है जिसने सुपर सायलेंट की स्‍टार्ट जनरेटर और पोर्टेबल कैरोसिन जनरेटर के साथ एलपीजी आधारित जनरेटर लांच किया। पोर्टेबल जनरेटर्स में यह बाजार की अगुआ कंपनी है। कंपनी के देश भर में आठ सौ से ज्‍यादा डीलर और 15 एरिया कार्यालय हैं। कंपनी ने अब अपना ध्‍यान उन क्षेत्रों के संस्‍थागत और घरेलू ग्राहकों की ओर बढ़ाया है जहां बिजली की भारी कमी है।

कंपनी को उम्‍मीद है कि देश के अनेक भागों में बढ़ रही बिजली की कमी उसके विकास में मदद करेगी। वित्‍त वर्ष 2007/08 में कंपनी की बिक्री 265 करोड़ रूपए और शुद्ध लाभ 23 करोड़ रूपए रहने का अनुमान है। कंपनी की 10.14 करोड़ रूपए की इक्विटी पर प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 23 रुपए के करीब रहने की संभावना है। 31 मार्च 2007 को पूरे हुए वित्‍त वर्ष में कंपनी की बिक्री 253 करोड़ रूपए और शुद्ध लाभ 17.38 करोड़ रूपए था। प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 17.14 रुपए रहा। कंपनी ने वर्ष 2006/07 के लिए 40 फीसदी लाभांश घोषित किया है। प्रमोटर के पास कंपनी के 66.67 फीसदी और आम जनता के पास 32.33 फीसदी शेयर हैं। पिछले 52 सप्‍ताह में होंडा सिएल पावर के शेयर का भाव नीचे में 124 रुपए और ऊपर में 243 रुपए रहा एवं यह ऊपरी भाव आज ही इस कंपनी ने बनाया है।

क्‍वॉलिटी डेयरी में कमाई

क्‍वॉलिटी डेयरी में आज ऊपरी सर्किट देखा जा रहा है और सुबह 25 रुपए में खुला शेयर इस समय 26.75 रुपए है। ऑपरेटरों का कहना है कि क्‍वॉलिटी डेयरी के अगले नतीजे बेहतर आएंगे और इसका दाम 35 रुपए प्रति शेयर तक जा सकता है। कंपनी की पूंजी 18.20 करोड़ रूपए है। कंपनी ने 31 मार्च 2007 को समाप्‍त तिमाही में 47.20 करोड़ रुपए की बिक्री पर 1.97 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया। वर्ष 2006/07 में कंपनी ने 133.13 करोड़ रूपए की बिक्री पर 3.70 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया। प्रति शेयर आय यानी ईपीएस 2.03 रुपए रही। कंपनी के शेयर होल्डिंग पैटर्न को देखें तो आम जनता के पास केवल 16.16 फीसदी शेयर हैं, जबकि प्रमोटरों के पास 83.84 फीसदी शेयर हैं। इस कंपनी के पिछले हर तिमाही और सालाना नतीजों को देखें तो हर बार बेहतर प्रदर्शन दिखाई देता है।

Friday, July 27, 2007

आप कुछ नहीं खोएंगे यदि धैर्य है तो

बुरे समय में धैर्य से बेहतर कोई हथियार नहीं। भारतीय शेयर बाजार में आज आई गिरावट कोई अनोखी बात नहीं है, यह तो होना ही था। हमने इस ब्‍लॉग पर पहले कहा था कि शेयर बाजार 12 से 18 जुलाई के बीच गिरेगा और इस दौरान इंट्रा डे गिरावट आई और सुधार भी। 18 जुलाई को शेयर बाजार तकरीबन 130 अंक तक गिरा भी लेकिन आखिरी 30 मिनट में पूरा बाजार सुधर गया। शेयर बाजार में गिरावट के लिए उस समय भरपूर तैयारी थी लेकिन ऑपरेटरों की बात लीक हो जाने से यह कार्य उस समय नहीं हो सका जो आज हुआ। समूची दुनिया के शेयर बाजारों में आज गिरावट है लेकिन इस समय धैर्य की जरुरत है क्‍योंकि बड़े ऑपरेटर और संस्‍थागत निवेशक तो यही चाहते हैं कि आम निवेशक के बेहतर स्‍टॉक औने पौने में उन्‍हें मिल जाए और बाद में तेजी के समय वे इन्‍हें फिर से खरीदे।

हमने समय समय पर चेताया भी था कि मुनाफा वूसली करते रहें और आपने यदि ऐसा किया है तो फिर चिंता न कर, उस पैसे से बेहतर कंपनियों के स्‍टॉक खरीदें। हमारा स्‍लोगन ही है संकट में सबसे बड़ा साथी पैसा होता है। यह गिरावट उन निवेशकों के लिए खरीद का एक बेहतर मौका है जिन्‍होंने हमारी सलाह के मुताबिक समय समय पर आंशिक मुनाफावसूली कर ली थी। हम सभी जानते हैं कि लांग टर्म में भारतीय शेयर बाजार की स्थिति बेहतर रहने वाली है और सेंसेक्‍स को इस साल 18 हजार और अगले वर्षों में 25 हजार अंक का सफर तय करना है तो यह गिरावट भी लंबे समय नहीं रहेगी।

हालांकि इस संकट में सबसे ज्‍यादा नुकसान उन निवेशकों का होता है जो एफ एंड ओ खेलते हैं और वाह मनी ब्‍लॉग ने कभी भी निवेशकों को एफ एंड ओ खेलने की सलाह नहीं दी है। हम अभी भी अपनी इस राय पर कायम हैं। एफ एंड ओ के अलावा उन निवेशकों को नुकसान हो सकता है जिन्‍होंने कहीं से ब्‍याज पर पैसा लेकर शेयर बाजार में लगाया है अन्‍यथा यह बाजार वापस सुधार की ओर बढ़ेगा, यह तय है। जरुरत है तो सिर्फ धैर्य और अपने मुनाफावसूली से आए पैसे की ताकि बेहतर कंपनियों के स्‍टॉक्‍स आपके डिमैट खाते में आ सके।

Wednesday, July 25, 2007

शेयर ब्रोकर दोस्‍त नहीं !


दुनिया के सबसे चतुर निवेशक वारेन बफैट का कहना है कि ब्रोकर आपका दोस्‍त नहीं है। वह एक डॉक्‍टर की तरह होता है जो मरीज से दवा के बदले शुल्‍क लेता है। बेहद सटीक और सही बात है, लेकिन हम अपने शेयर दलाल के बारे में कितना जानते हैं और कितना नहीं, यह खुद से पूछिए। हमें लगता है कि ज्‍यादातर निवेशक अपने शेयर दलाल का नाम, उसकी फर्म और उसके फोन नंबर से अधिक कुछ नहीं जानते। क्‍या आपने कभी सोचा है जो शेयर आप खरीद रहे हैं या बेच रहे हैं, वे किसके ज्ञान के आधार पर। आप खुद रिसर्च करते हैं या फिर शेयर ब्रोकर से पूछकर निवेश कारोबार करते हैं। अपने आप से सच जानिए। यहां भी एक बात साफ है कि अधिकतर निवेशक अपने शेयर ब्रोकर पर भरोसा करते हैं कि वह जो भी बता रहा है, मेरे फायदे के लिए बता रहा है। कई निवेशक यह कहते मिल जाएंगे कि मेरा शेयर ब्रोकर तो मुझे एक दिन पहले ही बता देता है कि फलां कंपनी के शेयर खरीदें या बेच दें। अथवा मैं कल आपके फलां शेयर बेचकर अमुक कंपनी के शेयर खरीद लूंगा और एक निवेशक चुपचाप इसे स्‍वीकार कर लेता है। वह यह सोचता है कि उससे बड़ी वित्‍तीय स्थिति लेकर बैठा ब्रोकर उससे कहीं ज्‍यादा जानता है और वह उसके फायदे के लिए ही यह सब कर रहा है। कई लोग तो धन पशु होते हैं जिनके पास पैसा होता है लेकिन शेयर क्‍या है और कैसी कंपनी में निवेश करें वह भी उन्‍हें मालूम नहीं होता।

अधिकतर निवेशक अपने शेयर ब्रोकर के कंधे पर सवार होकर पैसा कमाना चाहते हैं, लेकिन क्‍या आपने कभी सोचा कि शेयर ब्रोकर केवल और केवल आपके फायदे के लिए ही कार्य कर रहा है। यदि यह नहीं सोचा तो इस शनिवार और रविवार को सोच लें। असल में शेयर ब्रोकर आपका दोस्‍त नहीं होता बल्कि आपको ऐसा लगता है, लेकिन असल में आप तो उसके कहने से बाजार में घट रही घटनाओं के आधार पर चल रहे होते हैं यानी ब्रोकर आपका संचालन कर रहा होता है। ब्रोकर ने कहा कि बाजार गिरेगा, बढ़ेगा, यह खरीदो, वह बेचो.......लेकिन क्‍यों....क्‍या आपने अपने दिमाग का इस्‍तेमाल किया कि कहीं आप दुनिया की बेहतर बनने जा रही कंपनी के शेयर पूरी कमाई करने से पहले ही तो नहीं बेच रहे हैं या फिर बाजार में आई गिरावट या बढ़त कायम रहेगी, लंबी अवधि में बाजार किस दिशा में जाएगा जबकि फंडामेंटल भी सामने हो। लेकिन इतनी बातें अधिकतर निवेशक सोचते ही नहीं। हम आपसे कह सकते हैं कि यदि आपने थोड़ा भी सोचा तो एक उम्‍दा निवेशक बन सकते हैं।

दूसरा, शेयर ब्रोकर हर बार सौदे करवा कर आपसे अपना कमीशन यानी ब्रोकरेज बना रहा है। वह तो चाहता ही है कि आप अधिक से अधिक ट्रेडिंग करें और भरपूर कमीशन ब्रोकर के बैंक खाते की शोभा बढ़ाए। मान लीजिए आप सोचते हैं कि पेराडाइन इंफोटेक का शेयर अगले दो साल में 700 रुपए तक जाएगा लेकिन ब्रोकर आपको कहेगा कि देखों 225 रुपए हो गया है, अब एक बार बेच दो, फिर ले लेना। आपने कहा कि आपको ठीक लगता है ना, ब्रोकर ने कहा जी। बस आपने अपने शेयर बेच दिए लेकिन 218 आते आते उसने कहा खरीद लेता हूं और खरीद लिए। अब उल्‍टी स्थिति होती है और आपसे शार्ट सेल करवा लिया कि बाजार तो गिरेगा और आपने ऐसा ही किया लेकिन दावं उल्टा गिरा तो। कहने का अर्थ यह है कि जब आपको पता है कि यह 700 रुपए तक जाएगा तो क्‍यों आप एक बेहतर कंपनी के शेयर को बेच रहे हैं बल्कि अपनी क्षमता के अनुरुप खरीदें ताकि बड़ी मात्रा को जब कई साल बाद बेचें तो खूब मुनाफा हो। लेकिन ट्रेडिंग में तो शेयर ब्रोकर की पौ बारह रहती है। इसमें सबसे बड़ा खतरा यह होता है कि एक बार आपने बेहतर कंपनी के शेयर बेच दिए और सोचा बाद में फिर खरीद लेंगे लेकिन खरीद नहीं पाए क्‍योंकि यह तेजी से बढ़ रहा है या आपका निवेश किसी और कंपनी में फंस गया एवं धन नहीं है तो आप फिर से इस कंपनी के शेयर नहीं खरीद सकते और महसूस करते हैं कि आपकी फ्लाइट छूट गई।

शेयर ब्रोकर असल में बेहद चतुर वित्‍तीय विशेषज्ञ होते हैं जो एक सेल्‍समैन की तरह कार्य करते हैं ताकि उनका कमीशन एवं ब्रोकरेज अधिक से अधिक बने। वे तो चाहते हैं कि आप अधिक से अधिक शेयर खरीदे और बेचें लेकिन उनके कहे अनुसार। शेयर होल्‍ड करने की स्थिति में आपको वे रखना पसंद नहीं करेंगे। हम आपको एक बात कहना चाहेंगे कि जब सभी वित्‍तीय सलाहकार कह रहे हैं कि भारतीय शेयर बाजार का सेंसेक्‍स आने वाले दो साल, तीन साल, पांच साल में 25 हजार या 35 हजार पहुंच जाएगा क्‍योंकि अर्थव्‍यवस्‍था वाकई बेहतर कार्य कर रही है तो फिर आप अपना निवेश सेंसेक्‍स आधारित शेयरों में ही क्‍यों नहीं लगाते और इसके लिए क्‍या जरुरत है शेयर ब्रोकर के इशारे पर बिजनैस करने की। सेंसेक्‍स तो तभी बढ़ेगा ना, जब इसमें शामिल कंपनियों के शेयर बढ़ेंगे। तो फिर तैयार हो जाए खुद विमान के पायलट सीट पर बैठने के लिए और ब्रोकर को बैठाइए यात्री सीट पर।

Tuesday, July 24, 2007

एनटीपीसी सेफ एंड बेस्‍ट

बिजली क्षेत्र की कंपनी नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन यानी एनटीपीसी इस समय बेहतर काउंटर है जिसमें कोई भी निवेशक निवेश कर सेफ एंड बेस्‍ट स्थिति महसूस कर सकता है। भारत में बिजली क्षेत्र में जिस तरह मांग खड़ी हो रही है वह इस कंपनी के लिए विपुल संभावनाएं ला रही है। देश में बिजली उत्‍पादन लागत की बात करें तो एनटीपीसी अकेली ऐसी कंपनी है जिसकी बिजली उत्‍पादन लागत सभी दूसरी कंपनियों से कम है। साथ ही बिजली उत्‍पादन क्षमता में भी यह सबसे आगे है। कंपनी 21 हजार मेगावाट की नई क्षमता जोड़ रही है। एक समझदार निवेशक के पोर्टफोलियो में एनटीपीसी के शेयर होने ही चाहिए। एनटीपीसी आज 163 रुपए पर बंद हुआ, जबकि दिन में यह ऊपर में 166 रुपए और नीचे में 158 रुपए था। इस शेयर का अगला लक्ष्‍य 188 रुपए और 223 रुपए है। हमारा मानना है कि यदि आप एनटीपीसी को लंबे समय के लिए होल्‍ड कर सकते हैं तो अगले डेढ़ से दो साल में आप इसका भाव एक हजार रुपए देख सकते हैं।

सेंसेक्‍स तोड़ेगा बिगबुल का रिकॉर्ड !

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के बैरोमीटर बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज ने अब तक कई इतिहास बनाए और बिगाड़े हैं। इस समय निवेशकों, ऑपरेटरों और संस्‍थागत निवेशकों के मन में एक ही बात चल रही है कि क्‍या बीएसई सेंसेक्‍स एक हजार अंक बढ़ने के अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ेगा या नहीं क्‍योंकि सेंसेक्‍स ने 15 हजार का स्‍तर छूने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा है और इस समय उम्‍मीद भी यही है कि कूच जारी रहेगी। बिगबुल हर्षद मेहता ने बीएसई सेंसेक्‍स को केवल 16 दिन में एक हजार अंक का सफर तय करा दिया था और 30 मार्च 1992 को बीएसई सेंसेक्‍स तीन हजार से चार हजार अंक पहुंच गया था। यह बढ़त हर्षद मेहता के अलावा उदार निर्यात आयात नीति की देन थी। बीएसई सेंसेक्‍स का आज 12 वां दिन है और इस समय यह 17796 पर है, जो कुछ समय पहले 15868 तक था। देखना है क्‍या सेंसेक्‍स की एक हजार अंक की बढ़त हर्षद मेहता का रिकॉर्ड तोड़ पाती है या नहीं। यहां एक बात और याद आती है कि हर्षद मेहता ने अपने समय में यह कहा था कि बीएसई का सेंसेक्‍स आने वाले 15/20 साल में 25 हजार से ऊपर पहुंच जाएगा और आज सारे विश्‍लेषक यही बात कह रहे हैं कि सेंसेक्‍स 25 हजार पहुंच जाएगा।

नई ऊंचाई देखेगा रामकृष्‍ण फोर्जिंग्‍स


कोलकाता स्थित कास्टिंग और फोर्जिंग कारोबार से जुड़ी कंपनी रामकृष्‍ण फोर्जिंग्‍स में अब ऑपरेटर सक्रिय हैं और इस समय अपने अब तक के उच्‍च स्‍तर पर बिक रहा यह शेयर पिछले कुछ दिनों से ऑपरेटरों की नजरों में था। आज इस कंपनी का शेयर अपने एक साल के उच्‍च स्‍तर पर जाने के बाद 195 रुपए में बिक रहा है जो कल 187 रुपए पर बंद हुआ था। आज सुबह यह नीचे में 180 रुपए था जबकि ऊपर में 201 रुपए। 30 जून 2007 को पूरी हुई तिमाही में इस कंपनी ने 39.35 करोड़ रुपए की बिक्री पर 2.55 करोड़ रूपए का शुद्ध लाभ कमाया। कंपनी की इक्विटी 15.20 करोड़ रुपए है। ऑपरेटरों पर भरोसा करें तो उनका कहना है कि फोर्जिंग क्षेत्र की सभी कंपनियों में यह एक बेहतर कंपनी है और लांग टर्म में इसका भाव लक्ष्‍य 500 रुपए प्रति शेयर रखा गया है।

Monday, July 23, 2007

कमाना है तो यहां करें निवेश


हम आपको यहां पांच कंपनियों के नाम बता रहे हैं जिनमें जल्‍दी ही आपको बढि़या बढ़त दिखाई देगी। इन कंपनियों में निवेश कर आप मुनाफा कमा सकते हैं। शेयर बाजार में आई मौजूदा नॉन स्‍टॉप तेजी के माहौल में यह ध्‍यान रखें कि निवेश को लंबे समय के लिए न रोककर ट्रेडिंग करें और मुनाफा वसूली से पीछे नहीं हटें अन्‍यथा हो सकता है आपकी जेब में आने वाला लाभ किसी और की जेब में चला जाए।

जेके लक्ष्‍मी सीमेंट
मंगलम सीमेंट
पेट्रोनेट एलएनजी
सीएट
आइडिया

Saturday, July 21, 2007

शेयर बाजार में तेजी जारी रहेगी झटकों के साथ


हितेंद्र वासुदेव
भारतीय शेयर बाजार बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज के सेंसेक्‍स ने पिछले सप्‍ताह 15683 अंक की ऊंचाई को छूआ जो पहले सालाना लक्ष्‍य 15615 को पार कर गया। कैलेंडर वर्ष 2007 के लिए स्‍तर 15615 था। यह स्‍तर हमने आपको इस साल जनवरी में ही बता दिया था। वर्ष 2007 के लिए दूसरा लक्ष्‍य 20851 अंक का है। हालांकि, यह सब भावों के हलचल पर निर्भर है। इस दौरान बाजार में करेक्‍शन के दौर दिखेंगे जो उतार चढ़ाव के होंगे। सेंसेक्‍स ने 144 कैलेंडर दिनों में अपने पिछले ऊपरी स्‍तर 14724 को पीछे छोड़ दिया। अंक संख्‍या 144 फिबोनासी संख्‍या है। हालांकि, अब आगे सेंसेक्‍स में करेक्‍शन देखने को मिलेगा और यह 14724 से नीचे आ भी आ सकता है लेकिन करेक्‍शन इसमें नई संभावनाओं को पैदा करेगा और यह बढ़त को नहीं छोड़ पाएगा। यानी सेंसेक्‍स करेक्‍शन के बाद ऊपर उठेगा।

सेंसेक्‍स जब तक 12300 से नीचे नहीं आता और कैलेंडर वर्ष 2007 में इस स्‍तर से नीचे बंद नहीं होता घबराने की कोई बात नहीं है। जबकि इसके विपरीत स्थिति में यह 12300 से नीचे रहता है तो लंबी अवधि में नुकसान बढ़ सकता है। गहरे करेक्‍शन के बाद हर ब्रेकआउट वेव्‍स का विस्‍तार करेगा। इस समय पांचवीं वेव का विस्‍तार और विस्‍तार हो रहा है। जब यह पूरी हो जाएगी तो सुपर लांग टर्म बुल मार्केट पूरा हो जाएगा। हर गिरावट और करेक्‍शन अगली तगड़ी रैली को जन्‍म देगी और यह खेल कई साल तक चलता रहेगा।

यदि डॉव जोंस के सौ साल के चार्ट को देखें तो आपको अपने कई सवालों का जवाब स्‍वत: मिल जाएगा। यह चार्ट आपको हर तरह की स्थिति से अवगत करा देगा जिसने समूची सदी में नई ऊंचाईयों को भी छूआ है। गत सप्‍ताह सेंसेक्‍स 15295.03 अंक पर खुला और नीचे में 15160.27 अंक गया और ऊपर में यह 15683.03 अंक तक आया। अंत में यह 15565.55 अंक पर बंद हुआ जो साप्‍ताहिक आधार पर 265 अंक की बढ़ोतरी दिखाता है। पिछली 22 जून को सेंसेक्‍स के 14467 अंक पर बंद होने के बाद से ही सेंसेक्‍स तेजी पर सवार है। यह नीचे में 14829 अंक आ सकता है यदि शुक्रवार को सेंसेक्‍स 15113 अंक से नीचे पर बंद होता है तो। इसका साप्‍ताहिक रेसीसटेंस 15778 और 16301 अंक है। साप्‍ताहिक स्‍पोर्ट 15469, 15256 और 15160 अंक पर है। पहला अहम लक्ष्‍य 16172/16301 अंक है और अंतत: लक्ष्‍य 18588 अंक है। आने वाले दिनों में सेंसेक्‍स 16100/16300 के बीच घूमता हुआ दिख सकता है। लेकिन भय इंट्रा डे करेक्‍शन का है जो मुनाफा वसूली से आता है।

पूरे परिदृश्‍य को इलियट वेव काउंट में देखें :
फर्स्‍ट काउंट :
वेव 1- 2594 to 3758;
वेव 2- 3758 to 2828;
वेव 3-2828 to 12671;
इंटरनल्‍स ऑफ वेव 3
वेव i- 2904 to 3416
वेव ii- 3416 to 2904
वेव iii- 2904 to 6249
वेव iv- 6249 to 4227
वेव v- 4227 to 12671
वेव 4
वेव a -12671 to 8799
वेव b-8799 to 14723
वेव c-14723 to 12316
वेव 5- 12316 to 15683 (चालू तेजी का दौर प्रगति पर है)
इंटरनल्‍स ऑफ वेव 5
वेव 1- 12316 to 13386
वेव 2- 13386 to 12425
वेव 3- 12425 to 14384
वेव 4-
वेव a- 14384 to 13554
वेव b- 13554 to 14683
वेव c- 14683 to 13946
वेव 5- 13946 to 155683 (चालू तेजी चल रही है- वेव प्रगति पर है)

सप्‍ताह के लिए रणनीति
करेक्‍शन के तहत 15469/15256/15160 के स्‍पोर्ट स्‍तर खरीद के लिए काम आ सकते हैं। उम्‍मीद 15778/16301 अंक की है। कारोबारी मुनाफा वसूली के बारे में सोच सकते हैं या फिर गर्मी के जारी रहने पर इस पर सवार रह सकते हैं। साप्‍ताहिक बंद 15133 से नीचे होता है तो शेयर बाजार का रुझान मंदी की ओर पलट सकता है।

Wednesday, July 18, 2007

सीमेंट के लौटे दिन

केंद्र सरकार ने वित्‍त वर्ष 2007/08 का बजट पेश करते समय जिस तरह सीमेंट उत्‍पादकों को हड़काया था, उससे हमें सीमेंट निर्माताओं के साथ सहानुभूति हो रही थी कि ये बेचारे तो मारे गए। लेकिन सरकार ने जल्‍दी ही बात पलटी और अनेक मीठी मीठी बातें कर सीमेंट उत्‍पादक कंपनियों के मूड को अच्‍छा कर दिया। इसके बाद तो सीमेंट के भावों के साथ इन कंपनियों के शेयरों के दाम भी चढ़ने लगे।

सीमेंट क्षेत्र के मुख्‍य कंपनी एसीसी अपने कार्य परिणाम 19 जुलाई को घोषित करने जा रही है और जो आरंभिक संकेत मिले हैं, उससे पता चलता है कि सभी सीमेंट कंपनियां बेहतर नतीजे देंगी। कल एसीसी के नतीजे के साथ सीमेंट कंपिनयों के भावों में चमक आने के पूरे आसार हैं। एसीसी की इस तिमाही में शुद्ध बिक्री 1462 करोड़ रूपए से 1810 करोड़ रूपए, शुद्ध लाभ 259 करोड़ रूपए से 353 करोड़ रूपए पहुंचने का अनुमान है।

सीमेंट मैन्‍युफैक्‍चरर्स एसोसिएशन का कहना है कि मई में सीमेंट की बिक्री 10.6 फीसदी बढ़कर 142.1 लाख टन पहुंच गई और इस वित्‍त वर्ष के आखिर तक सीमेंट क्षमता में 180/200 लाख टन की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। रियल सेक्‍टर, स्‍पेशल इकॉनामिक जोन्‍स जैसे क्षेत्रों की मांग सीमेंट उद्योग के लिए फायदेमंद साबित होगी। सीमेंट में रखें नजर यहां : एसीसी, केशोराम इंडस्‍ट्रीज, श्री सीमेंट, इंडिया सीमेंट, अल्‍ट्राटेक सीमेंट, जेके लक्ष्‍मी सीमेंट, विनायक सीमेंट, आंध्र सीमेंट, मंगलम सीमेंट, प्रीज्‍म सीमेंट।

आग लगेगी यहां

दिवान हाउसिंग : दिवान हाउसिंग इस समय 80 रुपए के भाव पर कंसोलिडेशन हो रहा है और इस समूह की कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर लिमिटेड के शेयर बाजार में सूचीबद्ध यानी लिस्टिंग होने का इंतजार किया जा रहा है। इस कंपनी का पब्लिक इश्‍यू 28 जून 2007 को खुला था और कट प्राइस 500 रुपए तय हुआ है। हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर लिमिटेड के अगले सप्‍ताह शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की संभावना है। इस सूचीबद्धता के समय दिवान हाउसिंग 120/125 रुपए के स्‍तर पर पहुंच जाए तो अचरज नहीं करें। दिवान हाउसिंग हर नरमी के साथ लेते रहें और इंतजार करें केवल चंद दिनों का, जब आपको मिलेगा बेहतर रिटर्न।

श्रेई इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर : इस समय 98/100 रुपए के बीच यह शेयर कंसोलिडेशन हो रहा है और सर्किट सीमा बढ़ाकर वापस 20 फीसदी कर दी गई है। लंबे समय बाद चले इस शेयर पर सटोरिएं की नजरें लगी हुई हैं। ढ़ेरों निवेशक इस कंपनी में अपने निवेश को लेकर थक गए थे और ज्‍यादातर शेयर 95/103 रुपए के बीच बिक चुके हैं जो अब पंटरों के हाथों में हैं। श्रेई इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के शेयर खरीदकर आप भी पंटरों की रेस में भाग ले सकते हैं लेकिन ध्‍यान रहें कि उतनी ही तेजी से बेचकर मुनाफे को बैंक के हवाले कर दें।

सिएट : आरपीजी समूह की एक बेहतर कंपनी। पिछले कई दिनों से यह भी 165 रुपए के आसपास चल रही है और अब जल्‍दी ही इसमें आपको आग दिखाई दे सकती है जो इसके भावों को दो सौ रुपए भी पार करा दें तो कोई बड़ी बात नहीं। तो फिर देरी किस बात की।

फिलिप्‍स कार्बन ब्‍लैक : आरपीजी समूह की यह कंपनी भी 170/175 रुपए के बीच पिछले कई दिनों से घूम रही है और जल्‍दी ही यह 190 से 200 रुपए पहुंच सकती है। यदि आप धैर्यवान निवेशक हैं तो साल भर में फिलिप्‍स कार्बन ब्‍लैक आपको 300/325 रुपए के आसपास दिखाई दे सकती है।

Tuesday, July 17, 2007

एक का दो


पेट्रोनेट एलएनजी कंपनी का शेयर आज 60.40 रुपए पर बंद हुआ है। अपने क्षेत्र की इस बेहतर कंपनी के बारे में यह कहा जा सकता है कि हर गिरावट पर इसके शेयर खरीदते रहें। अगले छह महीने में ऑपरेटर और पंटर पेट्रोनेट एलएनजी के शेयर का भाव 120/125 रुपए पहुंचाने की इच्‍छा रखते हैं।

आइडिया सेलुलर आदित्‍य बिड़ला समूह की यह एक बेहतर कंपनी कही जा सकती है। वाह मनी ब्‍लॉग पर पहले भी हम इस कंपनी की चर्चा कर चुके हैं। आइडिया सेलुलर में एक बार फिर मूवमेंट दिख रहा है, जल्‍दी ही इसके शेयर का भाव 150 रुपए तक जा सकता है।

सेल स्‍टील क्षेत्र का एक बेहतर स्‍टॉक कहा जा सकता है। तकरीबन 155 रुपए में मिल रहा यह स्‍टॉक बेहतर मुनाफा देगा। हमारी राय में सेल आपको आने वाले कुछ दिनों में दो सौ रुपए के पार दिखाई दे तो अचरज न करें।

Monday, July 16, 2007

खरीदो बैंक और कमाओं पैसा

अति जल्‍द कमाई और अल्‍प समय के लिए चुनिंदा बैंक स्‍टॉक्‍स में खरीद कर मुनाफा कमाया जा सकता है। इन बैंकों पर रखें नजर :


विजया बैंक
इलाहाबाद बैंक
आंध्र बैंक
सिंडिकेट बैंक
बैंक ऑफ बड़ौदा
कार्पोरेशन बैंक
कर्नाटक बैंक

शेयर बाजार के अरबी घोड़े


शेयर बाजार में आ रही नित नई ऊंचाई के बाद हर कोई पूछ रहा है कि अब क्‍या होगा, अब क्‍या होगा। सारे निवेशकों में बेचैनी छाई हुई है कि मुनाफा वसूली करें या नई खरीद। कोई कह रहा है कि बाजार पांच सौ, हजार या डेढ़ हजार तक गिर जाएगा तो कोई गा रहा है कि लगे रहो मुन्‍ना भाई। निवेशकों से हमारा कहना है कि वे मुनाफा वसूली पर ध्‍यान देते हुए अब अपना निवेश उन शेयरों में बढ़ा दें, जो आगे चलकर अरबी घोड़े साबित होंगे। पेश है एक छोटी सी सूची इन घोड़ों की।

पेट्रोनेट एलएनजी, पीटीसी इंडिया, पीएफसी, एनटीपीसी, आईडीएफसी, सेल, वरुण शीपिंग, बार्टोनिक्‍स, बॉटलीबाय, आईओएन एक्‍सचेंज, बैंक ऑफ इंडिया, यस बैंक, कर्नाटक बैंक, वोल्टास, जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस, होंडा सिएल पावर, आईडीबीआई, आरपीजी ट्रांसमिशन, फिलिप्‍स कार्बन ब्‍लैक, फर्स्‍टसोर्स साल्‍यूशंस ।

Friday, July 13, 2007

खिलाडि़यों के खिलाड़ी

हम आपको बाजार पूंजीकरण, आय और ऑपरेट मार्जिन के क्षेत्र के पांच पांच मुख्‍य खिलाडि़यों के नाम बता रहे हैं जिनमें आप निवेश कर अपने बैंक खाते में पैसे का वजन बढ़ा सकते हैं।

बाजार पूंजीकरण :
रिलायंस इंडस्‍ट्रीज 2.38 खरब रुपए
ओएनजीसी 1.88 खरब रुपए
भारती 1.62 खरब रुपए
एनटीपीसी 1.26 खरब रुपए
रिलायंस कम्‍युनिकेशन 1.11 खरब रुपए

आय :
आईओसी 1.86 खरब रुपए
रिलायंस इंडस्ट्रीज 80388 करोड़ रुपए
बीपीसीएल 77516 करोड़ रुपए
एचपीसीएल 72438 करोड़ रुपए
ओएनजीसी 70680 करोड़ रूपए

ऑपरेटिंग मार्जिन :
पावर फाइनेंस कार्पोरेशन 98.75 %
टाटा इनवेस्‍टमेंट कार्पोरेशन 96.91 %
जयप्रकाश हाइड्रो 68.24 %
नोएडा टोल ब्रिज 62.21 %
सन टीवी नेटवर्क्‍स 59.05 %

Thursday, July 12, 2007

सेंसेक्‍स का अगला मुकाम 18 हजार !


मुंबई शेयर बाजार के सेंसेक्‍स ने ज्‍योंहि 15 हजार के अंक को छूआ, लाखों निवेशकों के चेहरे खिल उठे। लेकिन सभी के चेहरों पर एक सवाल उभरा कि सेंसेक्‍स का अगला मुकाम कहां। क्‍या यह तेजी जारी रहेगी या फिर इस स्‍तर पर अपना पोर्टफोलियों हल्‍का कर लिया जाना चाहिए। हालांकि, यह सच है कि मुंबई शेयर बाजार के सेंसेक्‍स ने 14 हजार से 15 हजार अंक की दूरी 145 कारोबारी दिवसों में पूरी की है जो मौजूदा तेजी में लगा सर्वाधिक वक्‍त है। इस तेजी के दौर में अनेक नकारात्‍मक कारक मसलन मुद्रास्‍फीति में उछाल, ब्‍याज दरो