फैब्रिक इंजीनियर, डिजाइन मेकर और पॉलिएस्टर यार्न निर्माता कंपनी गार्डन सिल्क मिल्स आने वाले दिनों में आपको नई ऊंचाई पर देखने को मिले तो अचरज न करें। यह कंपनी महिलाओं के लिए ब्लाउज, स्कर्ट, ड्रेस्ा और साड़ी उत्पादन से जुड़ा एक प्रसिद्ध नाम है। सूरत के नजदीक वरेली में इसकी उत्पादन इकाई लगी हुई है जहां 42 लाख मीटर हर माह ग्रेजी फैब्रिक के उत्पादन की क्षमता लगी हुई है। इसके अलावा सूरत के समीप ही जोलवा में आधुनिक स्पिनिंग संयंत्र है। देश के 65 शहरों में इसके 293 रिटेल आउटलेट हैं। कंपनी ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, पुर्तगाल, ग्रीस, मध्य पूर्व और खाड़ी देशों, अमरीका, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, थाईलैंड, हांगकांग, मारिशस, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में अपने फैब्रिक्स उत्पाद निर्यात करती है।
कंपनी अब बड़े निवेश के साथ अपना विस्तार करने जा रही है जिसके नतीजे वर्ष 2008/09 की तीसरी तिमाही में देखने को मिलेंगे। कंपनी छह सौ टन प्रति दिन की क्षमता वाला सीपी प्लांट लगा रही है। इसके अलावा एफडीवाई की क्षमता में 70 टन दैनिक और पीओवाई की क्षमता में 82 टन दैनिक की अतिरिक्त बढ़ोतरी करने जा रही है। गार्डन सिल्क टेक्सच्युराइजिंग मशीन की संख्या बढ़ा रही है जिनकी क्षमता 64 टन दैनिक होगी। इस विस्तार के बाद कंपनी के वॉल्यूम में तगड़ा इजाफा होगा और इसकी विकास दर में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। कंपनी लगातार अपने संसाधनों का बेहतर ढंग से प्रबंधन कर रही है। वर्ष 2005 के झटके बाद इसने अपने कामकाज में निरंतर सुधार किया है और बेहतर रिटर्न की ओर मुड़ी है। वर्ष 2004, वर्ष 2005, वर्ष 2006, वर्ष 2007 में नेटवर्थ पर रिटर्न क्रमश: 10.60 फीसदी, 1.30 फीसदी, 5.60 फीसदी और 4.90 फीसदी रहा है। जबकि इन वर्षों में रिटर्न ऑन कैपिटल एम्पलायड 9.90 फीसदी, 3.60 फीसदी, 8.70 फीसदी और 11.20 फीसदी रहा।
कंपनी के नतीजों पर नजर डालें तो 30 सितंबर 2007 को समाप्त तिमाही में कंपनी की कुल आय 437.54 करोड़ रुपए थी और शुद्ध लाभ 17.74 करोड़ रुपए। जबकि 30 जून 2007 को खत्म तिमाही में कुल आय 392.73 करोड़ रुपए और शुद्ध मुनाफा 4.84 करोड़ रुपए था। कंपनी की इक्विटी पूंजी 38.29 करोड़ रुपए है। इसका बाजार पूंजीकरण 380 करोड़ रुपए के आसपास है। इस कंपनी में शेयर धारिता को देखें तो प्रमोटरों के पास 53.46 फीसदी शेयर हैं जबकि आम जनता के पास 19.98 फीसदी शेयर हैं जबकि शेष इक्विटी संस्थागत के साथ अन्य निवेशकों के 26.56 फीसदी इक्विटी है। पीई 11.26 है और बुक वेल्यू 98 रुपए। गार्डन सिल्क के शेयर का भाव पिछले 52 सप्ताह में ऊपर में 104 रुपए और नीचे में 45 रुपए था। कंपनी के शेयर ने आज अपना ऊपरी स्तर छूआ है। इसके भावी विस्तार और मजबूत फंडामेंटल को देखते हुए निकट भविष्य में गार्डन सिल्क का शेयर 175 से 200 रुपए के स्तर को छू सकता है।
Monday, December 31, 2007
गार्डन सिल्क में करें निवेश
शेयर बाजार में ब्रेकआउट संभव
शेयर बाजार के लिए वर्ष 2007 का आखिरी सप्ताह उत्साहजनक रहा और एक हजार अंक से अधिक बढ़कर इसने यह संकेत दे दिया कि आज यानी 31 दिसंबर से शुरु हो रहे सप्ताह में शेयर बाजार ब्रेकआउट हो सकता है क्रिसमस अवकाश पर गए विदेशी संस्थागत निवेशकों की गैरहाजिरी में घरेलू पंटरों ने शेयर बाजार में जमकर गेम खेला। शेयर बाजार में अभी तेजी बनी रहेगी लेकिन जनवरी के दूसरे सप्ताह में बीएसई सेंसेक्स में कुछ करेक्शन आने की आशंका है क्योंकि इस समय हर निवेशक इस उम्मीद में शेयर खरीद रहा है कि नए साल में विदेशी निवेशक अपने नए फंड लेकर आ रहे हैं और वे उनसे महंगे भाव पर शेयर खरीदेंगे लेकिन ऐसा होगा नहीं क्योंकि अब विदेशी निवेशक भारतीयों से ज्यादा समझदार है।
तकनीकी विश्लेषक हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि अगले सप्ताह में सेंसेक्स का रेसीसटेंस 20500-20584 अंक पर होगा। सेंसेक्स बढ़कर 20584 अंक के ऊपर बंद होता है तो तय है कि यह ब्रेकआउट करेगा। ऐसा होता है तो सेंसेक्स 24 हजार अंक तक पहुंचने की उम्मीद की जा सकती है। साप्ताहिक स्पोर्ट 19946-19568-18886 पर मिलेगा। यदि सेंसेक्स घटकर 18800 अंक से नीचे बंद होता है तो यह घातक हो सकता है और शार्ट टर्म में तेजी के संकेत नहीं रहेंगे। सेंसेक्स के लिए ऊपरी स्तर को पार करना और साप्ताहिक बंद 20500 अंक से ऊपर होना महत्वपूर्ण होगा।
जनवरी महीना कार्पोरेट नतीजों का महीना है और उम्मीद की जा रही है कि भारतीय औद्योगिक जगत अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही के लिए बेहतर नतीजे सामने रखेगा। ये नतीजे उम्मीद के अनुरुप आए तो बीएसई सेंसेक्स को 22500 अंक पार करने से कोई रोक नहीं पाएगा। जनवरी से ही आम बजट की तैयारी जोर शोर से शुरु हो जाएगी और यह तय है कि वर्ष 2008-09 का आम बजट आम आदमी के हित के साथ कार्पोरेट जगत की भलाई वाला होगा क्योंकि देश धीरे धीरे आम चुनावों की ओर जाएगा।
पाकिस्तान में बेनजीर भुट्टो की हत्या से यह आंशका जताई जा रही थी कि इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर नकारात्मक पड़ेगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ क्योंकि पाकिस्तान का शेयर बाजार एशियाई बाजारों में अहम भूमिका नहीं निभाता। लैहमैन ब्रदर्स के इक्विटी विभाग के प्रमुख और प्रबंध निदेशक पंकज वैश्य का कहना था कि इस घटना का आरंभिक असर नकारात्मक हो सकता है लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत फंडामेंटल भारतीय बाजारों को मजबूत रखेंगे।
हितेंद्र वासुदेव का मानना है कि वर्ष 2008 में बीएसई सेंसेक्स 31213 अंक को छू सकता है। किसी असामान्य स्थिति में सेंसेक्स के गिरकर 14849 अंक आने की आशंका। हालांकि, सेंसेक्स 23031 अंक से ऊपर रहेगा और यह 31213 अंक की ऊंचाई को नापेगा। वर्ष 2008 में बीएसई कैप गुडस, बीएसई ऑयल एंड गैस, बीएसई मेटल इंडेक्स बेहतर रहेंगे। बीएसई बैंक इंडेक्स आउटपरफार्मर होगा। सीएनएक्स मिड कैप 200 इंडेक्स में मजबूती दिखाई देगी। इस साल अनेक मिड कैप शेयर लार्ज कैप में और स्मॉल कैप, मिड कैप में बदलती नजर आएंगी।
अगले वर्ष 2008 में जिन दस कंपनियों के शेयर स्टार शेयर होंगे वे हैं : महिंद्रा एंड महिंद्रा, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, रिलायंस कम्युनिकेशन, डीएलएफ, बजाज इलेक्ट्रिक्स, इंजीनियर्स इंडिया, सीएमसी और एलआईसी हाउसिंग।
जिन कंपनियों के शेयरों पर इस सप्ताह निवेशक ध्यान दे सकते हैं वे है : बजाज इलेक्ट्रिक्स, गार्डन सिल्क, रिलायंस पेट्रोलियम, गरवारे ऑफशोर, एमआरओ टेक, त्रिवेणी ग्लास, बैंक ऑफ बड़ौदा, बारटोनिक्स, ग्लोडाइन टेक्नोसर्व, बैंक ऑफ बड़ौदा, यस बैंक, वरुण शीपिंग, पार्श्वनाथ डवलपर्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एसबीआई ।
Sunday, December 30, 2007
सेंसेक्स नई उम्मीदों की ओर
हितेंद्र वासुदेव
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स पिछले सप्ताह 19038.20 अंक पर खुला ओर यही स्तर इसका सप्ताह में नीचला स्तर रहा। जबकि यह ऊपर में 20323.76 अंक तक गया और बंद 20206.95 अंक पर हुआ। यानी सप्ताह भर में 1044.38 अंक का उछाल। सेंसेक्स का यह मजबूत बंद स्तर सकारात्मक संकेत देता है और यह साप्ताहिक स्तर पर ऐतिहासिक बढ़त थी। कलैंडर वर्ष 2007 का आखिर सप्ताह सकारात्मक रहा और मजबूती के संकेत देकर गया।
अगले सप्ताह में सेंसेक्स का रेसीसटेंस 20500-20584 अंक पर होगा1 सेंसेक्स बढ़कर 20584 अंक के ऊपर बंद होता है तो यह तय है कि यह ब्रेकआउट करेगा। ऐसा होता है तो सेंसेक्स 24 हजार अंक तक पहुंचने की उम्मीद की जा सकती है। साप्ताहिक स्पोर्ट 19946-19568-18886 पर मिलेगा। यदि सेंसेक्स घटकर 18800 अंक से नीचे बंद होता है तो यह सेंसेक्स के लिए घातक हो सकता है और शार्ट टर्म में तेजी के संकेत नहीं रहेंगे। सेंसेक्स के लिए ऊपरी स्तर को पार करना और साप्ताहिक बंद 20500 अंक से ऊपर होना महत्वपूर्ण होगा।
वेव विश्लेषण
वेव I-2594 से 3758
वेव II-3758 से 2904
वेव III-इंटरनल्स इस तरह:
वेव 1- 2904 से 6249
वेव 2-6249 से 4227
वेव 3-4227 से 12671
वेव IV- 12671 से 8799
वेव V- इंटरनल्स इस तरह:
वेव 1-8799 से 14724
वेव 2-इंटरनल्स इस तरह:
वेव A- 14724 से 12316
वेव B-12316 से 15868
वेव C-15868 से 13779
वेव 3- 13799 से 20498 (वर्तमान में यह प्रगति पर है)
इंटरनल्स ऑफ वेव 3 इस तरह:
वेव i-13799 से 20238
वेव ii-20238 से 18886
इंटरनल्स ऑफ वेव ii
वेव a-20238 से 18182
वेव b-18182 से 20498
वेव c-20498 से 18886
वेव iii – 18886 से 20323 (वेव iii- यह शुरु होगी)
अब बात करते हैं वर्ष 2008 के लिए। दिसंबर 2006 में वर्ष 2007 के लिए मैंने बताया था कि सेंसेक्स 15600 और 20800 अंक के दो उच्च स्तर बना सकता है। जबकि सेंसेक्स ने 20498 अंक की ऊंचाई तय की। निचले स्तर की बात करें तो मैंने यह रेंज 12207 और 10378 अंक बताई थी। वर्ष 2007 के लिए सेंटर पाइंट 12207 अंक था। पिछले तीन साल में सेंसेक्स ने सेंटर पाइंट को नहीं तोड़ा है। यह इसके नजदीक तो आया लेकिन यहां से लेवल 3 और लेवल 4 की ओर लौट गया।
वर्ष 2008 के लिए वार्षिक लेवल 3 होगा 23031 अंक और चौथा लेवल 31213 अंक का। वर्ष 2008 का सेंटर पाइंट 17673 अंक होगा जबकि दूसरे स्तर का अंक 14849 अंक होगा। वर्ष 2008 के लिए संभावित रेंज 23031 से 17673 अंक। किसी असामान्य स्थिति में गिरकर 14849 अंक आने की आशंका। हालांकि, सेंसेक्स 23031 अंक से ऊपर रहेगा और यह 31213 अंक की ऊंचाई को नापेगा। वर्ष 2008 में बीएसई कैप गुडस, बीएसई ऑयल एंड गैस, बीएसई मेटल इंडेक्स बेहतर रहेंगे। बीएसई बैंक इंडेक्स आउटपरफार्मर होगा। सीएनएक्स मिड कैप 200 इंडेक्स में मजबूती दिखाई देगी। इस साल अनेक मिड कैप शेयर लार्ज कैप में और स्मॉल कैप, मिड कैप में बदलती नजर आएंगी।
सप्ताह की रणनीति
बीएसई सेंसेक्स 20500 अंक को पार करने की स्थिति में ब्रेकआउट होगा और फ्रंटलाइन शेयरों में गति देखने को मिलेगी। इंडेक्स से जुड़े शेयरों में खरीद की सलाह इसके 20500 अंक से ऊपर बंद होने पर। यदि सेंसेक्स 18886 अंक से नीचे आता है तो शार्ट टर्म में लांग पोजीशन संकट में फंस सकती है। जब तक इंडेक्स 18886 से ऊपर है चिंता की कोई बात नहीं।
Thursday, December 27, 2007
शेयर बाजार में गर्मजोशी
भारतीय शेयर बाजार आज लगातार पांचवें दिन भी बढ़कर बंद हुए। लेकिन डेरीवेटिव्स का आखिरी दिन होने से दिन भर उथल पुथल छाई रही। बीएसई का सेंसेक्स 20216.72 के स्तर पर 24.20 अंक और एनएसई का निफ्टी 6081.50 के स्तर पर 10.75 अंक ऊपर बंद हुआ। एफएमसीजी, पीएसयू और मेटल शेयरों में अच्छी तेजी रही, जबकि ऑटो, फार्मा और तकनीकी क्षेत्र में हल्की सुस्ती।
डेरीवेटिव्स में बड़ी पोजीशन रोलओवर हुई है और बाजार का रुख तेजी का दिख रहा है। यह इस बात का संकेत है कि निवेशक जनवरी महीने में सकारात्मक रुख रखते हैं और बाजार का मूड बेहतर मान रहे हैं। भारतीय शेयर बाजार में वर्ष 2007 के दौरान 46।6 फीसदी की बढ़त देखी गई है, जबकि जापान के निक्की में सालाना आधार पर दस फीसदी के करीब गिरावट आई है। हालांकि, हांगकांग का हैंगसैंग 40 फीसदी चढ़ा है।
अहलूवालिया कांट्रैक्टस इंडिया लिमिटेड 341 करोड़ रूपए का आर्डर मिलने से 6।3 फीसदी बढ़कर 351.40 रुपए पहुंच गया। सुवैन लाइफ साइंसेस का शेयर को अमरीका से पैटेंट मिलने की वजह से 19.2 फीसदी की तेजी देखी गई और यह 55.55 रुपए पहुंच गया। डीएमसी इंटरनेशनल 7.8 फीसदी बढ़ा। इस कंपनी ने राजस्थान में दो सौ एकड़ कृषि भूमि अधिग्रहित की है। इस कंपनी का शेयर आज 31.85 रुपए रहा। श्री लक्ष्मी कॉटसन 3.1 फीसदी बढ़कर 185.95 रुपए पहुंच गया। सबसे ज्यादा कारोबार हिमाचल फ्युच्युरिस्टिक, इस्पात इंडस्ट्रीज और हिंदुस्तान मोटर्स में हुआ।
बीएसई सेंसेक्स में शामिल एचडीएफसी बैंक, विप्रो, आईसीआईसीआई बैंक, आईटीसी, टाटा स्टील, रिलायंस एनर्जी, हिंडाल्को, एचडीएफसी, ओएनजीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर सबसे ज्यादा बढ़त लेकर बंद हुए। जबकि, टेल्को, सत्यम, रिलायंस कम्युनिकेशन, भारती एयरटेल, रैनबैक्सी, एलएंडटी, ग्रासिम, एसबीआई, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा और इंफोसिस के शेयर सबसे ज्यादा गिरे।
Wednesday, December 26, 2007
शेयरों में तेजी का दिन
विदेशी निवेशक जहां इस समय क्रिसमस अवकाश का मजा लूट रहे हैं वहीं घरेलू पंटर जोश में हैं जिससे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स खूब गर्म हो रहा है। बीएसई सेंसेक्स आज 26 दिसंबर 2007 को 338।40 अंक बढ़कर 20192.52 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 6070.75 अंक पर 85.65 अंक ऊपर था। बाजार में यह तेजी ऑयल, मेटल और कैंपिटल गुड्स कंपनियों की देन रही, जहां निवेशकों ने जमकर खरीद की।
डेरीवेटिव्स दिसंबर में भी शार्ट कवरिंग देखी गई और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से रुझान गर्मी के मिलने से निवेशकों के मन पर सकारात्मक असर देखा गया। निवेशक जनवरी सीरिज में अपनी पोजीशन रोलओवर कर रहे हैं जिसकी वजह से दिन में बीएसई सेंसेक्स 20211 अंक तक पहुंच गया था। बाजार का मानस सकारात्मक है। कुल 2945 स्टॉक्स में सौदे हुए जिनमें से बढ़ने वाले 2283 रहे और गिरने वाले 639, जबकि 23 कंपनियों के शेयरों के भावों में परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई का ऑयल और गैस इंडेंक्स 3।49 फीसदी बढ़कर 13121 अंक, बीएसई रियल्टी इंडेक्स 2.82 फीसदी चढ़कर 12152 अंक और बीएसई मेटल इंडेक्स 2.34 फीसदी तेज होकर 19262 अंक पर बंद हुआ।
बीएसई में आज दीप इंडस्ट्रीज में खासी बढ़त देखी गई। यह बढ़त उसे गुजरात स्टेट पेट्रोनेट से एक ऑर्डर मिलने की वजह से आई। जैमिनी कम्युनिकेशन को रुरल ब्राडबैंड एसेस का ऑर्डर मिलने से चमक रही। यह ऑर्डर 260 करोड़ रूपए का है। सीएस सॉफ्टवेयर एंटरप्राइजेज, सफरान समूह से हाई एंड इंजीनियरिंग सर्विसेस का ऑर्डर मिलने से उछला। तकरीबन 35।50 करोड़ रुपए के ऑर्डर मिलने के बावजूद कांफीडेंस पेट्रोलियम इंडिया में गिरावट देखी गई। विजयवाडा में एस एफएम ब्रांड से एफएम रेडियो स्टेशन लांच करने की वजह से सन टीवी नेटवर्क ने ऊंचाई नापी।
डीएलएफ 4।35 फीसदी बढ़कर 1014 रुपए पर बंद हुआ। हिंडाल्को 4.18 फीसदी के साथ 209 रुपए, रिलायंस इंडस्ट्रीज 3.90 फीसदी के साथ 2897 रुपए, टिस्को 3.51 फीसदी के साथ 893 रुपए, टेल्को 3.31 फीसदी के साथ 751 रुपए, एसबीआई 2.97 फीसदी के साथ 2399 रुपए, भेल 2.63 फीसदी के साथ 2555 रुपए, रिलायंस एनर्जी 2.58 फीसदी बढ़कर 2112 रुपए और एलएंडटी 2.57 फीसदी तेज होकर 4194 रुपए पर बंद हुआ। हालांकि, बजाज ऑटो 1.14 फीसदी गिरकर 2682 रुपए, टीसीएस 1098 रुपए, ओएनजीसी 1236 रुपए, हिंद लीवर 215 रुपए और एचडीएफसी 2889 रुपए पर बंद हुए।
बीएसई में ए ग्रुप में बढ़ने वाले शेयर एचएमटी 103.20 रुपए, हिंदूजा वेंचर 671.50 रुपए, फिनोलैक्स इंडस्ट्रीज 116.85 रुपए, पार्शवनाथ डेवलपर्स 422.95 रुपए और रिलायंस कैपिटल 2624.85 रुपए रहे। जबकि, गिरने वालों में मास्टेक 323.50 रुपए, सीएमसी 1293.85 रुपए, रेमंड 401.30 रुपए, जिलैट 1386.25 रुपए और सन फार्मा 1207.15 रुपए थे।
बीएसई में जीवी फिल्मस में 2.41 करोड़ शेयर का लेनदेन हुआ, जबकि इस्पात में 1.92 करोड़ शेयर, आईकेएफ टेक्नालॉजिस में 1.79 करोड़ शेयर, बेल्लारी स्टील में 1.23 करोड़ शेयर और रिलायंस पेट्रोलियम में 1.08 करोड़ शेयर का कामकाज हुआ। कीमत के हिसाब से देखें तो रिलायंस एनर्जी में 199 करोड़ रुपए का कामकाज हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज में 173 करोड़ रूपए, रिलायंस कम्युनिकेशन में 145 करोड़ रुपए और डीएलएफ में 52 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ।
Monday, December 24, 2007
शेयर बाजार में अगले साल तगड़ी चंचलता
शेयर बाजार में इस साल का आखिरी सप्ताह कोई खास उत्साहजनक नहीं दिख रहा। विदेशी संस्थागत निवेशक जहां क्रिसमस अवकाश पर हैं वहीं घरेलू बाजार के कुछ पंटरों को खुला मैदान मिल जाएगा। बीएसई सेंसेक्स 19733 अंक के स्तर को पार करता है तो यह 20333 अंक तक और निफ्टी 5933 अंक को पार करने पर 6077 अंक तक जा सकता है। हालांकि, नया सप्ताह केवल चार दिन का है और अधिकतर निवेशक छुट्टी के मूड में हैं जिससे कुछ पंटर ही इस मौके का लाभ उठाने का प्रयास करेंगे और सेंसेक्स में बड़ा उल्टफेर देखने को नहीं मिलेगा।
तकनीकी विश्लेषक हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि शेयर बाजार की मौजूदा चाल ढुलमुल है जो यह संकेत देती है कि यह उसकी नई ऊंचाई का लांचिंग पैड बनेगा। अगले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स के 20500-18100 अंक के बीच घूमने के आसार हैं। यदि सेंसेक्स गिरकर 18100 अंक से नीचे आता है तो यह गिरकर 17100 अंक तक जा सकता है लेकिन इसके आसार कम है क्योंकि इसने ट्रेंड लाइन को पकड़ रखा है।
वर्ष 2007 शेयर बाजार के लिए अहम वर्ष रहा जिसमें सेंसेक्स में 40 फीसदी की खासी बढ़त आई, जबकि मिड कैप इंडेक्स में 65 फीसदी की गर्मी रही। दिसंबर से फरवरी का समय शेयर बाजार में 40 फीसदी रिटर्न का समय माना जाता है और आने वाले दिन इस रिटर्न के रहेंगे। हालांकि, गुजरात विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की जीत दिल्ली की सर्दी को गरमा देगी और वामपंथी एक बार फिर ऐसे सुर अलपाएंगे कि मध्यावधि चुनाव की आहट सुनाई देगी। लेकिन अब मोदी की आक्रामक जीत के बाद कांग्रेस मध्यावधि चुनाव नहीं चाहेगी। वामपंथियों ने एक बार फिर कहा है कि वे भारत व अमरीका के बीच परमाणु करार के पक्ष में नहीं है लेकिन इसका असर वामपंथियों के साथ कांग्रेस की आक्रामक बयानबाजी से पड़ेगा।
दुनिया की एक मुख्य निवेश प्रबंध कंपनी फिडेलिटी इंटरनेशनल इंडिया के फंड मैनेजर संदीप कोठारी कहते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत फंडामेंटल के साथ वर्ष 2008 में प्रवेश करने जा रही है। सरकार भी इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग चार सौ अरब डॉलर खर्च कर रही है लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजारों के घटनाक्रम और भारतीय शेयरों के ऊंचे मूल्य को ध्यान में रखते हुए अगले साल भारतीय शेयर बाजार में तगड़ी चंचलता यानी वोलेटिलिटी बनी रहेगी। इस स्थिति में निवेशकों को मजबूत कैश फ्लो और शानदार बैलेंसशीट वाली कंपनियों में ही निवेश करना चाहिए।
सिटीग्रुप के रत्नेश कुमार मानते हैं कि शेयर बाजार के लिए अगला साल उम्मीदों का साल रहेगा। विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से धन प्रवाह भारत जारी रहेगा और बीमा क्षेत्र में लिक्विडीटी सबसे ज्यादा बढ़ेगी। वे कहते हैं कि अगले साल 15-16 अरब अमरीकी डॉलर की शुद्ध विदेशी खरीद की संभावना है। जबकि इस साल घरेलू म्युच्यूअल फंड की शुद्ध खरीद एक अरब अमरीकी डॉलर रही।
एनविजन कैपिटल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी निलेश शाह भी मानते हैं कि शेयर बाजार के लिए अगला साल नई उम्मीदों का होगा। शेयर बाजार में जनवरी से मार्च के दौरान भारी उतार चढ़ाव बने रहने की संभावना है। हालांकि, वे जोड़ते हैं कि आर्थिक दर और आय दर मजबूत बनी रहेगी।
केआर चौकसी सिक्युरिटीज के देवेन चौकसी कहते हैं कि क्रिसमस की छुट्टियों से निवेशकों के लौटने के बाद बाजार में माहौल तेजी का रहेगा। जनवरी महीने में शेयरों में चमक आएगी। वे कहते हैं कि कंसोलिडेशन के तहत सेंसेक्स 18830-19630 के बीच रहेगा लेकिन इससे ऊपर जाने पर यह 20500-21200 अंक पर होगा। वे एक अहम बात कहते हैं कि तीन लाख करोड़ रुपए का अग्रिम कर मिलने का मतलब है इसे आने वाली आय में परिवर्तित किया जाए तो यह नौ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा बैठती है। यह नतीजा बताता है कि परियोजनाओं और निवेश बाजार में खासी रकम आ रही है। हम निफ्टी और सेंसेक्स शेयरों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी देख सकते हैं। इस स्थिति में बाजार में आई हर गिरावट खरीद का मौका देती है।
निवेशकों के लिए अगले साल एक खुशखबर भी है। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की 75 ऐसी कंपनियों की सूची बनाई है जिन्हें बोनस शेयर जारी करने को कहा जा रहा है। इन कंपनियों में से तकरीबन दो दर्जन कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं जिनमें आने वाले दिनों में निवेशकों को खूब फायदा होगा। इन कंपनियों में एनटीपीसी, सेल, गेल, भेल, एमटीएनएल, पावर फाइनेंस कार्पोरेशन, एचपीसीएल, आईओसी, बीपीसीएल और ओएनजीसी शामिल हैं।
सेबी ने केवल संस्थागत निवेशकों के बजाय सभी तरह के निवेशकों को शेयरों में शार्ट सेलिंग की अनुमति दे दी है। हालांकि, शार्ट सेलिंग कब से और किस रुप में चालू होगी, के संबंध में शेयर बाजार जल्दी ही निवेशकों को सूचित करेंगे। लेकिन शार्ट सेलिंग कभी बहुत कुख्यात रही थी और इसे शेयर बाजार में सट्टेबाजी की जड़ माना गया था। सेबी इस पर दो बार वर्ष 1998 और वर्ष 2001 में रोक लगा चुकी है। लेकिन सेबी अब यह मानती है कि भारतीय शेयर बाजार पिछले वर्षों में काफी मजबूत हो चुका है। लेकिन इस बार संस्थागत निवेशक को शेयर बेचते समय यह बताना होगा कि यह शार्ट सेल है। जबकि रिटेल निवेशक को यह जानकारी कारोबार बंद होते समय बतानी होगी। अब हर निवेशक को सैटलमेंट पर शेयर की डिलीवरी देना अनिवार्य होगा। किसी भी संस्थागत निवेशक को इसमें डे ट्रेडिंग की अनुमति नहीं होगी। सैटलमेंट साइकल टी+1 होगा। सेबी ने इस बार शार्ट सेलिंग की अनुमति देते समय काफी सावधानी बरती है लेकिन यदि इस पर ठीक ढंग से अमल नहीं हुआ तो छोटे निवेशको को एफएंडओ के बाद नकद बाजार से भी दूर होना पड़ सकता है।
जिन कंपनियों के शेयरों पर इस सप्ताह निवेशक ध्यान दे सकते हैं वे है : रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनजीसी, एचडीएफसी, टेल्को, मारुति उद्योग, एलआईसी हाउसिंग, सेंट्रल बैक ऑफ इंडिया, वेलस्पन गुजरात, अपोलो टायर्स, मारिको, आइडिया सेलुलर और स्पान डायग्नोस्टिक्स।
Saturday, December 22, 2007
शेयर बाजार में गर्मजोशी नहीं
हितेंद्र वासुदेव
शेयर बाजार के तकनीकी चार्ट में पिछले कुछ महीनों से बन रही नरमी अब हावी है। हालांकि, बीएसई सेंसेक्स इसे मजबूती से अहमियत नहीं दे रहा है लेकिन वर्ष 2008 का नया सप्ताह इससे प्रभावित हो सकता है। बीएसई सेंसेक्स के 13 दिसंबर को 20498 अंक के ऊपरी स्तर पर जाने के बाद मंदी वाले जो बादल बने हैं उनसे शेयर बाजार में कमजोरी या करेक्शन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसकी नतीजा है कि पिछले सप्ताह सेंसेक्स 4.41 फीसदी तक गिरा।
शेयर बाजार में पिछले कुछ हफ्तों में नकारात्मक रुझान के साथ ऐतिहासिक वॉल्यूम हुआ है। तगड़े कामकाज के साथ बाजार का ढुलमुल रहना यह संकेत देता है कि यह उसकी नई ऊंचाई का लांचिंग पेड बनेगा। अगले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स के 20500-18100 के बीच घूमने के आसार हैं। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 20032.67 अंक पर खुला और यही स्तर इसने सप्ताह की ऊंचाई के रुप में कायम रखा। यह गिरकर 18886.40 अंक तक आया और 19147.46 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार का साप्ताहिक रुख नरमी का है लेकिन यह 20500 अंक से ऊपर बंद होता है तो स्थिति बदल सकती है।
अगले सप्ताह सेंसेक्स को स्पोर्ट 18800-18300 -18100 -17100 अंक पर मिलेगा। जबकि, रेसीसटेंस के स्तर 19900-20500 हैं। यदि सेंसेक्स गिरकर 18100 से नीचे बंद होता है तो यह गिरकर 17100 अंक तक जा सकता है। सेंसेक्स का दैनिक चार्ट यह बताता है कि इसने ट्रेंड लाइन को पकड़ रखा है। पिछले तीन कारोबारी दिवसों में यह लाइन 17171 और 18182 के नीचे से उठी है। सेंसेक्स इस ट्रेंड लाइन को कायम रखेगा और इसके आसपास घूमेगा। सेंसेक्स यहां से पहले की तरह ऊपर उठना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होता है तो आने वाले दिनों में यह गिर सकता है। आमतौर पर हरेक बढ़त पर बिकवाली दबाव देखा जाता है। शेयर बाजार में लंबी पोजीशन पर लाभ या हानि में निकल जाए जब तक कि सेंसेक्स 20500 से ऊपर दिखाई नहीं देता।
Monday, December 17, 2007
सेंसेक्स में बढ़ सकती है गिरावट
पेड़ छू नहीं सकता आकाश को.... इस लेख का पहला पैरा शेयर बाजार के निवेशकों के लिए संकेत था कि एक झटके का समय आ गया है। पढि़ए पहला पैरा इस लेख का...भारतीय शेयर बाजार लंबी अवधि की दृष्टि से बेहतर शेयर बाजार है क्योंकि यहाँ रिटर्न दूसरे एशियाई देशों की तुलना में अच्छा है। लेकिन एक बात सदैव ध्यान रखनी चाहिए कि पेड़ कितना भी लंबा हो जाए, वह आकाश को छू नहीं सकता। यही स्थिति शेयर बाजार के साथ है।
वाह मनी पर 15 दिसंबर को तकनीकी विश्लेषक हितेंद्र वासुदेव के स्तंभ में भी उन्होंने साफ लिखा था कि शेयर बाजार नई ऊंचाई तभी छू सकेगा जब बीएसई सेंसेक्स 20500 अंक से ऊपर बंद होगा। उन्होंने सप्ताह की कारोबारी रणनीति में भी कहा था कि 20300-20500 के सेंसेक्स पर मुनाफा वसूली कर लांग पोजीशन से बाहर निकल जाए। फ्रंटलाइन स्टॉक्स में सेंसेक्स के 20500 से ऊपर बंद होने के बाद ही लांग पोजीशन लें। हितेंद्र वासुदेव कहते हैं कि शेयर बाजार में आज की गिरावट को देखते हुए सेंसेक्स को जल्दी स्पोर्ट नहीं मिला तो इसके 18300 से 18100 अंक तक जाने की आशंका है
जेएम फाइनेंशियल के अतुल मेहरा मानते हैं कि भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेश में कमी नहीं आएगी और यहां लिक्विडीटी की कमी नहीं होगी। हितेद्र वासुदेव कहते हैं कि अगले साल बीएसई सेंसेक्स 30 हजार अंक तक के स्तर को छू जाए तो अचरज नहीं होना चाहिए। लेकिन नई बड़ी तेजी सेंसेक्स के 20500 से ऊपर बंद होने पर ही आएगी। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों को डरने की जरुरत नहीं है और वे बाजार में बने रह सकते हैं।
पेड़ छू नहीं सकता आकाश को
भारतीय शेयर बाजार लंबी अवधि की दृष्टि से बेहतर शेयर बाजार है क्योंकि यहां रिटर्न दूसरे एशियाई देशों की तुलना में अच्छा है। लेकिन एक बात सदैव ध्यान रखनी चाहिए कि पेड़ कितना भी लंबा हो जाए, वह आकाश को छू नहीं सकता। यही स्थिति शेयर बाजार के साथ है। निवेशकों को हमारी राय है कि इस समय दो चीजें बेहतर होंगी। पहली, जिन कंपनियों के निवेश पर आपको 40 फीसदी तक रिटर्न मिल रहा हो, उनमें आंशिक मुनाफावसूली कर लें और दूसरा, बड़ी कमाई के लालच में उन कंपनियों के शेयरों में निवेश नहीं करें, जिनके फंडामेंटल में दम नहीं है। यानी दस रुपए वाला शेयर डेढ़ रुपए में मिल रहा है और इसके जल्दी चार रुपए होने के लालच में किए जाने वाले निवेश को रोक दें।
शेयर बाजार के पिछले सप्ताह ब्रेकआउट होने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा हो नहीं सका हालांकि यह सुखद बात रही कि भारतीय शेयर बाजार बीएसई का सेंसेक्स 20 हजार अंक से ऊपर पहली बार बंद हुआ। तकनीकी विश्लेषक हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि शेयर बाजार में तेजी अब 20500 अंक से ऊपर बंद होने पर दिखेगी। बीएसई सेंसेक्स 20500 अंक से ऊपर साप्ताहिक आधार पर बंद होने पर इसमें तेजी के संकेत दिखाई देंगे। यदि ऐसा होता है तो बीएसई सेंसेक्स कम से कम 22 हजार अंक तक पहुंच जाएगा। 20300-20500 के सेंसेक्स पर मुनाफा वसूली कर लांग पोजीशन से बाहर निकल जाए। फ्रंटलाइन स्टॉक्स में सेंसेक्स के 20500 से ऊपर बंद होने के बाद ही लांग पोजीशन लें।
एचएसबीसी के संजीव दुग्गल का कहना है कि शेयर बाजारों में अब मंदी की बात कही है और विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार में निवेश करते समय सावधानी बरतने को कहा है। वे कहते हैं कि भारतीय शेयर बाजार काफी गर्म है और अब समय मुनाफा वसूली का है। भारतीय शेयर बाजार का औसत 23 का पीई मल्टीपल होना थोड़ा ऊंचा लगता है। विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार अभी भी आकर्षक हैं लेकिन बावजूद इसके ब्राजील, दक्षिण कोरिया और ताईवान जैसे बाजार सस्ते हें और इनमें तेजी की संभावनाएं भरपूर हैं। पिछले पांच वर्ष में भारतीय शेयर बाजार ने रिटर्न 40 से 60 फीसदी तक दिया है लेकिन लोगों को एक बात साफ समझ लेनी चाहिए कि कोई भी पेड़ उगकर आकाश तक नहीं पहुंच सकता। भारतीय शेयर बाजार लंबे समय के निवेश की दृष्टि से बेहतर है लेकिन मौजूदा समय में इनकी वेल्यू अधिक ऊंची लग रही है। पीई मल्टीपल के संदर्भ में हम देखें तो इंजीनियरिंग क्षेत्र की कंपनी एलएंडटी का पीई मल्टीपल 56 है जबकि जीई और मित्सुबिशी का पीई 17 और 13 है। इसी तरह आईसीआईसीआई का पीई मल्टीपल 43 है जबकि सिटीग्रुप और बीएनपी पारिबास का यह 9 और 8 है।
सेबी घरेलू संस्थागत निवेशकों को जनवरी से शार्ट सेलिंग करने की अनुमति देने जा रही हैं। स्टॉक लैंडिंग एंड बोराईंग यानी एसएलबी के रुप में इस योजना से नकद बाजार संतुलित बनेगा और तरलता की स्थिति सुधरेगी। इसके तहत जब किसी निवेशक को यह लगे कि किसी अमुक शेयर के दाम तेजी से बढे हैं और मौजूदा भाव उचित नहीं है तो कांट्रेरियन थ्योरी अपनाकर शार्ट सेलिंग की जा सकती है और जब भाव नीचे आए तो वापस खरीद। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक ने इस पर चिंता जताई है जिससे एसएलबी के अमल में देर हुई है। सेबी भी मानती है कि शार्ट सेलिंग की वजह से केवल मार्जिन अदा कर अधिक सौदों की स्थिति खड़ी हो सकती है। इससे नकद बाजार अब छोटे, मध्यम निवेशकों के हाथ से पूरी तरह निकलकर संस्थागत निवेशकों के हाथ में चला जाएगा।
विदेशी संस्थागत निवेशक इस महीने क्रिसमस अवकाश पर जाने के मूड में हैं। अमरीका व यूरोप के फंडों को अपने निवेशकों को साल के आखिर में रिटर्न देना होता है जिसकी वजह से उनकी रुचि बाजार में कम दिखेगी और इनका नया पैसा अगले साल जनवरी में आएगा। साथ ही भारतीय फंडों के पास आया पैसा भी उसी समय निवेश होगा। साथ ही सरकार ने लाइफ इंश्योरेंस फंड और रुरल पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस फंड को सार्वजनिक क्षेत्र के म्युच्यूअल फंड के जरिए शेयर बाजार में उतरने की मंजूरी दे दी है। इन दोनों फंडों के तकरीबन दस हजार करोड़ रुपए से अधिक बाजार में आएंगे। यूटीआई एमएफ और एसबीआई एमएफ में माध्यम से यह पैसा जल्दी ही शेयर बाजार में आएगा। इसके अलावा अब पेंशन फंड का पैसा भी शेयर बाजार में आएगा। इस तरह बाजार में लिक्विडी की कोई कमी आने वाले दिनों में नहीं रहेगी जिससे शेयरों में गर्मी बनी रहेगी लेकिन ध्यान रखने की बात यह है कि इंडेक्स के बजाय इसे देखें कि आप किस तरह की कंपनी में पैसा निवेश कर रहे हैं क्योंकि शेयर विशेष को ध्यान में रखकर ही निवेश करने वाले फायदे में रहेंगे।
अमरीकी फैड बैंक ने ब्याज दर में कमी की जिसका घरेलू शेयर बाजार पर सकारात्मक असर देखने को मिला लेकिन जैसा पिछले सप्ताह हमने बताया था कि यदि फैड बैंक ब्याज दर को नहीं घटाएगा तो भी उसका हमारे शेयर बाजार पर प्रतिकूल असर नहीं दिखेगा। 17 दिसंबर से शुरु होने वाले नए सप्ताह में बीएसई सेंसेक्स यदि 20533 अंक पर बंद हुआ तो यह 20888 के नए स्तर पर पहुंच सकता है। इसमें स्पोर्ट 19533 अंक पर देखने को मिलेगा। निफ्टी 6217 अंक पर बंद होता है तो यह 6347 अंक तक पहुंच सकता है। इसमें स्पोर्ट 5868 स्तर पर देखने को मिलेगा।
गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे कुछ भी रहें लेकिन निवेशक यह साफ कर लें कि चर्चा बाजार में कुछ भी हो रही हो, मध्यावधि चुनाव नहीं होंगे। लेकिन गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे यदि भाजपा के पक्ष में आते हैं तो वामपंथी एक बार फिर बाजार के लिए विलेन की भूमिका निभा सकते हैं। लेकिन निवेशक इससे नहीं डरे और अपने पोर्टफोलियों को वामपंथियों के बयान पर खाली नहीं करें। फंडामेंटल के आधार पर चुनी गई कंपनियों में हाई रिटर्न आने वाले कई साल तक मिलता रहेगा।
निवेशक नए सप्ताह में जिन कंपनियों के शेयरों पर ध्यान दे सकते हैं उनमें डीएलएफ, महिंद्रा एंड महिद्रा, हिंडाल्को, नाल्को, इंडियन ओवरसीज बैंक, गुजरात स्टेट पेट्रोनेट, आईटीसी, जीएमआर इंफ्रा, साल्वे फार्मा, आईडीबीआई, इंद्रप्रस्थ मेडिकल, गोदावरी इस्पात, बिल्ट मुख्य है।
Saturday, December 15, 2007
सेंसेक्स ब्रेकआउट हुआ तो 22 हजार पहुंचेगा
शेयर बाजार में पिछले सप्ताह बात ब्रेकआउट की हुई थी लेकिन यह नहीं हो सका। बीएसई सेंसेक्स पिछले सप्ताह 20087.77 अंक पर खुला और नीचे में 19834.11 अंक तक गया और ऊपर में 20498.11 अंक तक पहुंचा। सेंसेक्स आखिर में 20030.83 अंक पर बंद हुआ जो 64 अंक साप्ताहिक स्तर पर बढ़ा। सेंसेक्स के ब्रेकआउट पाइंट की बात करें तो यह 20238 अंक पर था लेकिन अब यह 20500 अंक के स्तर पर होगा। साप्ताहिक रेसीसटेंस 20238-20500 अंक पर रहेगा।
शेयर बाजार में तेजी अब 20500 अंक से ऊपर बंद होने पर दिखेगी। पिछले सप्ताह हमने ब्रेकआउट 20238 अंक पर बताया था लेकिन सेंसेक्स 20030.83 अंक पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह का बंद साप्ताहिक आधार पर सर्वोच्च बंद रहा और यह 20 हजार अंक से ऊपर पहली
