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December 29, 2008

अगले वर्ष निफ्टी 2333-4888 के बीच रहेगा

वर्ष 2008 अमरीका में सब प्राइम, मार्गेज संकट में खरबों डॉलर की एसेटस की धुलाई, अमरीकी वित्तीय प्रणाली के आधार स्‍तंभ सिटी ग्रुप, मेरिल लिंच, मार्गन स्‍टेनली, एआईजी सहित अनेक संस्‍थाओं को हिलाकर रख देने एवं पश्चिमी देशों की वित्तीय प्रणाली खोखली साबित करने के साथ विदा ले रहा है। वर्ष 2008 में दुनिया भर के शेयर बाजारो ने अपना उच्‍च स्‍तर और निम्‍न स्‍तर तो देखा ही, वित्त एवं इक्विटी क्षेत्र के बड़े बड़े खिलाड़ी बाजार की चाल को जानने में नाकामयाब रहे। दुनिया भर में 1929 जैसी महामंदी होने के बावजूद भारत की वित्तीय प्रणाली जिसमें अभी भी काफी कुछ सरकारी नियंत्रण के तहत है, पर इसकी आंच कम आई।

आर्थिक महामंदी को रोकने के लिए दुनिया के लगभग सभी देश जोरदार कोशिश कर रहे हैं। इस कोशिश के तहत उद्योगों, वित्त बाजारों को प्रोत्‍साहन एवं राहत देने के लिए स्‍टीम्‍युलस पैकेज घोषित किए जा रहे हैं लेकिन ये पैकेज असरकारक नहीं दिख रहे। अमरीका, ब्रिटेन, जापान सहित अनेक देशों में ब्‍याज दर शून्‍य के करीब आ गई है लेकिन अर्थव्‍यवस्‍थाएं पटरी पर आने का नाम ही नहीं ले रहीं। अब कार्पोरेट जगत ने अपनी विस्‍तार, विविधीकरण की विशाल योजनाओं को ठंडे बस्‍ते में डालना शुरु कर दिया है और अपने आप को इस महामंदी से बचाने में लग गया है। भारत सरकार भी अब अर्थव्‍यवस्‍था में जान फूंकने के लिए जल्‍दी ही दूसरा आर्थिक पैकेज घोषित करने जा रही है।

इस वर्ष अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में क्रूड 147 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा जिससे सभी कमोडिटी के दाम आसमान पर पहुंच गए लेकिन उपभोक्‍ताओं ने ही खरीद रोक दी जिससे क्रूड सहित सभी कमोडिटी को दाम आज जमीन पर हैं। उपभोक्‍ताओं ने बाजारों को यह कहावत याद दिलाई कि अति की गति नहीं होती।

वर्ष 2007 के अंत तक बाजार विश्‍लेषक इंडिया ग्रोथ स्‍टोरी का राग अलाप रहे थे लेकिन वर्ष 2008 का भविष्‍य का भान उन्‍हें था ही नहीं। ग्रोथ स्‍टोरी की चमक में विदेशी संस्‍थागत निवेशकों ने कोई 71486.50 करोड़ रुपए का भारत में निवेश किया लेकिन इन निवेशकों पर अपने देश में पड़े रिडम्‍पशन दबाव की वजह से अब तक वे भारत में 53 हजार करोड़ रुपए के शेयर बेच चुके हैं। वर्ष 2008 की जनवरी में सेंसेक्‍स 21206 अंक पहुंच गया था जो इस साल अक्‍टूबर में नीचे में 7687 अंक आने के बाद अब दस हजार अंक के आसपास स्थिर होने के लिए संघर्ष कर रहा है।

कार्पोरेट सेक्‍टर द्धारा एडवांस टैक्‍स के रुप में 43700 करोड़ रुपए अदा किए गए हैं जो 22 फीसदी कम है। कर की यह अदायगी इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में कार्पोरेट सेक्‍टर के कामकाजी नतीजे अच्‍छे नहीं होंगे। 31 मार्च 2008 को समाप्‍त होने वाली तिमाही के नतीजे काफी निराशजनक आ सकते हैं। इस आशंका से जनवरी से मार्च तक अर्थव्‍यवस्‍था और बाजार में शंका और कुशंका का दौर बना रहेगा। जून 2009 के बाद ही शेयर बाजार में सुधार की गुंजाइश बन रही है, हालांकि बाजार ने बुरे कारणों को लगभग डिस्‍काउंट कर लिया है लेकिन भारत-पाक सीमा पर बढ़ा तनाव सेहत के लिए खराब है। युद्ध होने की स्थिति में कैसे कैसे हथियारों का उपयोग होगा इसके बारे में इस समय अनुमान लगाना कठिन है क्‍योंकि पाकिस्‍तान में फौज पर सरकार का नहीं बल्कि तालिबानियों का कब्‍जा लगता है। अमरीका और ब्रिटेन सहित अनेक देश इस आशंका को कई बार जता चुके हैं कि पाकिस्‍तान के परमाणु हथियार चरमपंथियों के हाथों के करीब हैं। दूसरा, युद्ध की तैयारी और युद्ध लड़ने की स्थिति में रक्षा पर भारी भरकम खर्च होगा जिसका अर्थव्‍यवस्‍था पर बड़ा दबाव दिखेगा जो बाजार के लिए बड़ा नकारात्‍मक कारक बनेगा, इसलिए जब तक सीमा पर मामला ठंडा नहीं होता और सब कुछ कुशलता से नहीं निपट जाता शेयर बाजार के बुरे दिन खत्‍म नहीं होंगे।

बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी बीएसई सेंसेक्‍स 29 दिसंबर से शुरु हो रहे नए सप्‍ताह में 9767 अंक से 8888 अंक के बीच घूमता रहेगा। जबकि नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी एनएसई का निफ्टी 2979 अंक से 2727 के बीच कारोबार करेगा। अगले वर्ष यानी 2009 की बात की जाए तो बीएसई सेंसेक्‍स के 7111 से 14888 अंक और एनएसई निफ्टी के 2333 से 4888 अंक के बीच रहने की संभावना है।
तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि बीएसई सेंसेक्‍स पिछले सप्‍ताह कुल 770 अंक गिरा। पिछले सप्‍ताह के रुझान को देखते हुए नए सप्‍ताह में इसका रेसीसटेंस स्‍तर 9599-9903-10209 अंक होंगे। साप्‍ताहिक सपोर्ट 9024-8316-8146 अंक पर देखने को मिलेगा। यदि सेंसेक्‍स 10209 अंक को पार कर बंद होता है तो इसमें एक बार फिर तेजी का रुझान देखने को मिलेगा। वे कहते हैं कि जब तक सेंसेक्‍स 10945 को पार नहीं करता निवेशकों को हर बढ़त पर अपनी पोजीशन खाली करते रहना चाहिए। आने वाले कुछ सप्‍ताह तक सेंसेक्‍स की चाल 10935-8316 के बीच रहेगी।

इस सप्‍ताह निवेशक यूनिकैम लैबोरेटरीज, सत्‍यम कंप्‍यूटर, पावर फाइनेंस कार्पोरेशन, अल्‍सथाम प्रोजेक्‍टस, यस बैंक, इंडियन होटल्‍स, रिलायंस पेट्रोलियम, भारत बिजली, पेंटालून रिटेल, जयप्रकाश एसोसिएटस, भारती एयरटेल और बाटा इंडिया पर ध्‍यान दे सकते हैं।

December 22, 2008

पैकेज की ऑक्‍सीजन से शेयर बाजार को उठाने की कोशिश

भारतीय शेयर बाजार पिछले साल इन्‍हीं दिनों भारी ऊफान पर थे और बीएसई सेंसेक्‍स के जल्‍दी ही 30 हजार, 35 हजार तक पहुंचने जाने की गर्मा गर्म चर्चाएं हर निवेशकों के बीच हो रही थी लेकिन इस साल बातें केवल यह हो रही है कि अब क्‍या लगता है। इस क्‍या लगता है के लिए अमरीका के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति बिडेन का कहना है कि देश की इकॉनमी पर पूरी तरह धराशायी होने का खतरा मंडरा रहा है। 'देश की इकॉनमी हमारी सोच से कहीं ज्यादा बुरी हालत में 600 से 700 अरब डॉलर के एक प्रोत्साहन पैकेज की जरुरत है। इकॉनमी को पूरी तरह धराशायी होने से बचाने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है। बिडेन के इस बयान को समझे तो शेयर बाजार के हालात जल्‍दी अच्‍छे होने के संकेत नहीं है।

अमरीका और कई देशों में अर्थव्‍यवस्‍था को फिर से खड़ा करने के लिए वित्तीय पैकेज दिए जा रहे हैं। अलग अलग उद्योगों के लिए पैकेज दर पैकेज आ रहे हैं। भारत में भी अर्थव्‍यवस्‍था को खड़ा करने के लिए इसी कदम का अनुसरण किया जा रहा है। पहले 30700 करोड़ रुपए के पैकेज के बाद सरकारी बैंकों का सस्‍ता होम लोन पैकेज आया। अब निजी बैंक भी सस्‍ते होम लोन के पैकेज ला रहे हैं। योजना आयोग के उपाध्‍यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया भी कह चुके हैं कि अगले साल और वित्तीय पैकेज की जरुरत पड़ेगी। भारतीय रिजर्व बैंक भी ब्‍याज दरों में और कटौती करने की तैयारी कर रहा है। लेकिन सवाल यह उठता है कि राहत पैकेज दर राहत पैकेज बाजार के इंजन को कितनी ऊर्जा देते रहेंगे।

विदेशी संस्‍थागत निवेशक चालू कैलेंडर वर्ष में अब तक 52700 करोड़ रुपए के शेयरों की बिकवाली कर चुके हैं। हालांकि, इन निवेशकों ने पिछले तीन साल में जितनी राशि निवेश की उसकी तुलना में यह बिकवाली काफी कम है। अमरीका, यूरोप और एशियाई देशों में जोरदार मंदी छाने से हर निवेशक का वित्तीय सिस्‍टम पर से भरोसा उठ गया है और यही वजह है कि शेयरों में आई घबराहट भरी बिकवाली से बैंकों और फंडों पर रिडम्‍पशन दबाव बढ़ गया जिससे अनेक वित्तीय संस्‍थाओं के दिवालिया होने की स्थिति आ गई। वर्ष 2008 में ही शेयर बाजार ने अर्श से फर्श तक का सफर कर लिया। सेंसेक्‍स 21 हजार के सफर से 27 अक्‍टूबर को 7679 के निचले स्‍तर पर पहुंचा। निवेशकों को निवेश के महामंत्र जानने का दावा करने वाले एसेट मैनजमेंट फंड और सिस्‍टेमेटिक इनवेस्‍टमेंट प्‍लान (आईएसपी) के नाम पर दुकान चलाने वाले खुद साफ हो गए और महान ज्ञान का दावा करने वाले ये संस्‍थागत निवेशक आम निवेशकों का विश्‍वास खो बैठे।

कमोडिटी बाजारों में तेजी होने पर शेयर बाजार में मंदी और शेयर बाजार में तेजी हो तब कमोडिटी बाजार में मंदी, क्रूड में तेजी होने पर कार्पोरेट सेक्‍टर पर बुरा असर, क्रूड के दाम नीचे आने पर कार्पोरेट जगत को फायदा लेकिन पिछले दो साल में यह समीकरण उल्‍टा हो गया। हेज फंडों और माफिया निवेशकों ने गत दो वर्ष में इतनी जोरदार उल्‍ट पुलट की कि इस दौरान तगड़ी तेजी और मंदी दोनों एक साथ देखने को मिली।

अमरीका में ऑटो कंपनियों जनरल मोटर्स और क्रिसलर को 14 अरब डॉलर की मार्च 2009 तक ऑकसीजन मिल जाने, ऑटो कर्ज सस्‍ते होने, क्रूड के दाम घटकर 34 डॉलर प्रति बैरल आने की सकारात्‍मक चर्चा से निवेशक चांदी व सोने से बाहर निकलकर इक्विटी बाजार की ओर बढ़ रहे हैं। यह आकर्षण कुछ समय रह भी सकता है लेकिन इस बीच भारतीय रक्षा मंत्री से सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों की मुलाकात हुई है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इस बैठक के बाद यह कयास लगाया जा रहा है कि पाकिस्‍तान पर आतंकवाद फैलाने के मामले में सैन्‍य कार्रवाई हो सकती है। यदि ऐसा हुआ तो शेयर बाजार में भारी गिरावट आ सकती है। इसलिए निवेशकों को चाहिए कि वे काफी सचेत रहे और ऐसा न हो कि अल्‍पकाल में मुनाफा कमाने के लिए हाथों हाथ खरीद रहे शेयर हथगोले साबित हो जाए।

बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी बीएसई सेंसेक्‍स 22 दिसंबर से शुरु हो रहे नए सप्‍ताह में 10568 अंक से 9568 अंक के बीच घूमता रहेगा। जबकि नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी एनएसई का निफ्टी 3222 अंक से 2922 के बीच कारोबार करेगा। तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि बीएसई सेंसेक्‍स के लिए 10945 का स्‍तर अहम रेखा सीमा है। शेयर बाजार में पुलबैक रैली के अगले स्‍तर 10209-10945 होंगे। सेंसेक्‍स की परीक्षा 10945 के स्‍तर पर होगी और यह देखना होगा कि इस स्‍तर पर बाजार की प्रतिक्रिया कैसी होती है। अगले पुलबैक स्‍तर 13238-14757-16276 हैं। सेंसेक्‍स के 11 हजार के स्‍तर को पार कर लेने पर 13238 का स्‍तर देखने को मिल सकता है लेकिन इसके लिए सेंसेक्‍स का 8316 का स्‍तर नहीं टूटना चाहिए। कुल मिलाकर तेजडि़यों और मंदडियों के लिए 10945 का स्‍तर अहम है।
इस सप्‍ताह निवेशक नेस्‍ले इंडिया, इंडियन होटल्‍स, एचडीएफसी, टाटा कैमिकल्‍स, इंद्रप्रस्‍थ गैस, टाइटन इंडस्‍ट्रीज, 3 आई इंफोटेक, पीवीआर पर ध्‍यान दे सकते हैं।

December 08, 2008

शेयर बाजार में गर्मी लाने के प्रयास

वैश्विक आर्थिक मंदी के बीच मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद सहमे और कमजोर मानसिकता वाले शेयर बाजार में सरकार जान डालने के प्रयास में जुट गई हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कमी की है ताकि सस्‍ते कर्ज उपलब्‍ध हो सके ताकि कार्पोरेट क्षेत्र और आम आदमी इसका लाभ उठा सके और सुस्‍त पड़ी अर्थव्‍यवस्‍था में जान आ सके। साथ ही केंद्र सरकार ने 20 हजार करोड़ रुपए का एक खास पैकेज अर्थव्‍यवस्‍था के अलग अलग सेक्‍टरों के लिए घोषित किया है, जो शेयर बाजार सहित समूची अर्थव्‍यवस्‍था को गति देगा।

बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी बीएसई सेंसेक्‍स 8 दिसंबर से शुरु हो रहे नए सप्‍ताह में 9444 अंक से 8644 अंक के बीच घूमता रहेगा। जबकि नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी एनएसई का निफ्टी 2844 अंक से 2589 के बीच कारोबार करेगा। तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि बीएसई सेंसेक्‍स में पुलबैक अभी बना हुआ है, हालांकि, इसकी प्रकृति इस समय ढुलमुल है जो पुलबैक का ही एक हिस्‍सा होता है। सेंसेक्‍स को तत्‍काल 8649-8316 पर सपोर्ट मिलेगा। यदि सेंसेक्‍स 8316 अंक के नीचे बंद होता है तो इसकी परीक्षा 7697 अंक पर होगी और यहां से गिरने पर यह 6250-6150-6069 अंक तक जा सकता है। लेकिन यदि सेंसेक्‍स 9162-9435 के रेसीसटेंस से ऊपर बंद होता है तो 9721 अंक पर इसकी परीक्षा होगी। इस स्‍तर के पार करने पर यह 10945 अंक तक पहुंच सकता है।

इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शॉर्ट टर्म लैंडिंग रेट यानी रेपो रेट एक फीसदी घटाकर 6।5 फीसदी कर दी है। यह वह दर है जिस पर बैंक भारतीय रिजर्व बैंक से ओवरनाइट के लिए कर्ज लेते हैं। रिजर्व बैंक के इस कदम से बैंकों के लिए कर्ज लेना आसान हो जाएगा। इसके अलावा रिजर्व बैंक ने रिवर्स रेपो रेट को भी एक फीसदी घटाया है। अब यह दर पांच फीसदी होगी। यह वह दर है जिस पर बैंक अपने पास रखे अतिरिक्‍त नकद को रिजर्व बैंक के पास रखते हैं। हालांकि, बैंक ने सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया है। नई दर आज 8 दिसंबर से लागू हो रही है। इसी तरह, अमरीका, चीन, यूरोपीय समुदाय, ब्रिटेन और न्‍यूजीलैंड सहित अनेक देश भी ब्‍याज दरें घटा चुके हैं ताकि औद्योगिक कारखानों को चालू रखा जा सके।

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में क्रूड अपने 147 डॉलर प्रति बैरल के उच्‍च स्‍तर से गिरकर 40 डॉलर के करीब पहुंच चुका है जिससे सभी कमोडिटी के दाम नीचे आए हैं। इस तरह बाजार के लिए सकारात्‍मक खबरें आ रही हैं लेकिन घरेलू निवेशक आंतकी हमले से इतने डरे सहमे हुए हैं कि उनके विश्‍वास को जीतना कठिन हैं। देश धीरे धीरे लोकसभा चुनाव की ओर बढ़ रहा है। दिल्‍ली में बैठी यूपीए सरकार के लिए अगला चुनाव जीतना काफी कठिन हो गया है। यही वजह है कि अर्थव्‍यवस्‍था को गति देने के अलावा पाकिस्‍तान को आतंक के मुद्दे पर सबक सीखाना उसके लिए जरुरी होता जा रहा है।

यूपीए सरकार यदि पाकिस्‍तान को पटखनी देती है तो उसके लिए अगला आम चुनाव जीतना काफी आसान हो जाएगा। लेकिन पाकिस्‍तान से युद्ध होने पर शेयर बाजार को खासा झटका लग सकता है और सेंसेक्‍स 7100 के स्‍तर तक जा सकता है। इस बीच, केंद्र सरकार ने मंदी से निपटने के लिए 20 हजार करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की है। साथ ही सेनवैट में भी 4 फीसदी की कटौती की गई है। इस पैकेज से निर्यात, टेक्‍सटाइल, आवास और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर क्षेत्रों को खास फायदा होगा।

भारतीय शेयर बाजार में अब विदेशी संस्‍थागत निवेशकों की बिकवाली की धार कमजोर पड़ी है। इन निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से काफी नीचे भावों पर मिल रहे शेयरों में खरीद भी शुरु की है। इन निवेशकों ने अब अल्‍प अवधि के बजाय मध्‍यम से लंबी अवधि की निवेश रणनीति तय की है। इस समय ये निवेशक पावर, फार्मा, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर और बैंक शेयरों में निवेश कर रहे हैं।

इस सप्‍ताह निवेशक फैडरल बैंक, कोलगेट पामोलिव, ब्रिटानिया इंडस्‍ट्रीज, ईआईडी पैरी, ट्रेंट, ताज जीवीके होटल्‍स, एनटीपीसी, सन टीवी नेटवर्क और क्‍युमिंस इंडिया पर ध्‍यान दे सकते हैं।

December 02, 2008

सेंसेंक्‍स 7100 अंक आने की आशंका !

मुंबई में आतंकी हमले के बाद अब पाकिस्‍तान के खिलाफ युद्ध की आशंका बढ़ती जा रही है जिससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजारों में एक बार फिर नरमी बढ़ सकती है। अमरीकी अखबार न्‍यूयार्क टाइम्‍स ने खुलासा किया है कि भारत पाकिस्‍तान में चल रहे आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों को खत्‍म करने की योजना बना रहा है और वह आंतकवाद पर पाकिस्‍तान के साथ निर्णायक लड़ाई लड़ने के मूड में है।
भारत यदि पाकिस्‍तान के साथ आतंकवाद के मुद्दे पर युद्ध लड़ता है तो शेयर बाजार को मंदी का सामना करना पड़ेगा और मुंबई स्‍टॉक एक्‍सचेंज का सेंसेक्‍स 7100 अंक तक आ सकता है। आतंकवाद के खिलाफ लड़े जाने वाले युद्ध की आशंका से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना और पैसा निकालने की तैयारी में हैं जिससे बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ सकता है। एक संभावना यह भी व्‍यक्‍त की जा रही है कि आतंकवाद से निपटने के लिए अमरीका, ब्रिटेन और भारत मिलकर पाकिस्‍तान से युद्ध कर सकते हैं। आर्थिक मंदी से जूझ रही दुनिया के लिए आतंकवाद एक बड़ा खतरा है और अब इससे निपटने का वक्‍त आ गया है। इस बीच अमरीका सहित अनेक देश अपनी अपनी अर्थव्‍यवस्‍थाओं को दुरुस्‍त करने के लिए वित्तीय पैकेज घोषित कर रहे हैं लेकिन बाजार के प्रति निवेशकों का विश्‍वास लौटाने में खासा समय लगेगा।

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्‍थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली मुंबई में हुए ताजा आतंकी हमले के बाद बढ़ सकती है। चालू कैलेंडर वर्ष में ये निवेशक अब तक 54500 करोड़ रुपए से अधिक के शेयरों की बिकवाली कर चुके हैं। आतंक के बढ़ते साये में बिगड़ रही परिस्थितियों की वजह से यदि विदेशी निवेशकों अपना पैसा भारतीय बाजार से निकालते हैं तो रुपया और कमजोर पड़कर 55-57 के स्‍तर की ओर बढ़ सकता है। इसके अलावा भारत की क्रेडिट रेटिंग में संभावित नेगेटिव परिवर्तन दलाल स्‍ट्रीट के लिए मुसीबत बढ़ा सकते हैं।

बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी बीएसई सेंसेक्‍स 1 दिसंबर से शुरु हो रहे नए सप्‍ताह में 9477 अंक से 8633 अंक के बीच घूमता रहेगा। जबकि नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी एनएसई का निफ्टी 2888 अंक से 2744 के बीच कारोबार करेगा। चीन ने अपनी ब्‍याज दरों में हाल में कटौती की है और अब बाजार उम्‍मीद कर रहा है कि भारतीय रि‍जर्व बैंक भी जल्‍दी ही ब्‍याज दरों में कटौती कर सकता है। ब्‍याज दर में कटौती शेयर बाजार की मौजूदा पुलबैक रैली को आगे बढ़ा सकता है। विश्‍लेषकों का कहना है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में घरेलू विकास दर 7.6 फीसदी रही जो उम्‍मीद से बेहतर है लेकिन आगे रास्‍ता कठिन है जिसकी वजह से ब्‍याज दर में की जाने वाली कटौती अर्थव्‍यवस्‍था की सेहत के लिए बेहतर होगी।

तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि बीएसई सेंसेक्‍स में पुलबैक अभी बना रहेगा। पिछले सप्‍ताह मुंबई में आतंकी हमले के बावजूद सेंसेक्‍स में कुल 177 अंक की बढ़त रही। वे कहते हैं कि 6 यदि 8316 से नीचे नहीं जाता है तो पुल बैक 9195-9448-9721 तक रहेगा जो आगे बढ़कर 10300-11000 अंक तक जा सकता है। लेकिन सेंसेक्‍स 8316 से नीचे चला जाता है तो यह 7697-6260-6150 और इसके बाद 4227 तक जा सकता है। इसके सपोर्ट स्‍तर 8342-8316-7697 और 7222 हैं। साप्‍ताहिक रेसीसटेंस 9385-9461 पर देखने को मिलेगा।

इस सप्‍ताह निवेशक एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया, हिंडाल्‍को इंडस्‍ट्रीज, इंडियन होटल, इक्रा, एशियन पेंट्स, अदानी एंटरप्राइजेज और हिंदुस्‍तान यूनिलीवर पर ध्‍यान दे सकते हैं।