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December 28, 2009

दलाल स्‍ट्रीट: मंदडियों को कब्‍जा न करने देने का प्रयास

भारतीय शेयर बाजार में अब मिड कैप और स्‍मॉल कैप शेयरों में तूफान देखने को मिल सकता है। वेबदुनिया में पिछले सप्‍ताह लिखे कॉलम में यह बात सच ठहरी। दलाल स्‍ट्रीट के तेजडियों की कोशिश 29 दिसंबर से शुरु हो रहे तीन दिवसीय सप्‍ताह में मंदडियों को हावी न होने देने की है। दलाल स्‍ट्रीट में आज मोहर्रम का अवकाश है जबकि 1 जनवरी को नए वर्ष की छुट्टी रहेगी। 31 दिसंबर गुरुवार को फ्यूचर एंड ऑप्‍शन की दिसंबर सीरिज का निपटान होगा जिससे तीन दिन के इस कारोबारी सप्‍ताह में अनपेक्षित उथल पुथल देखने को मिल सकती है। ऐसे में निवेशकों को सलाह है कि साल की विदाई आंशिक मुनाफावसूली से जरुर करें।

चालू वर्ष में निफ्टी 2600 से 5200 और सेंसेक्‍स 8000 से 17000 पहुंच गया। शेयर बाजार की इस जोरदार चाल की उम्‍मीद ढेरों विश्‍लेषकों को नहीं थी। भारतीय कार्पोरेट जगत ने तीसरी तिमाही में 44 फीसदी अधिक यानी 48300 करोड़ रुपए अग्रिम कर के रुप में अदा किए हैं जिससे पता चलता है कि कार्पोरेट जगत तीसरी तिमाही के नतीजे बेहतर घोषित करेगा। वित्त मंत्री ने आठ फीसदी के करीब विकास दर के रहने और आने वाले वर्षों में इसमें बढ़ोतरी के साथ आम बजट तक राहत पैकेज वापस न लेने की बात कही है जिससे यह संकेत मिलता है कि बजट तक शेयर बाजार में मंदडियों का कब्‍जा मुश्किल है। लेकिन मार्च 2010 के बाद डॉलर मजबूत होकर 50 रुपए के करीब चला जाता है तो बाजार में मंदी की चाल देखने को मिल सकती है लेकिन इसका फायदा आईटी, टेक्‍सटाइल, पावर इक्विपमेंट, कैपिटल गुडस, ऑटो एवं फार्मा सैक्‍टर को होगा।

29 दिसंबर से शुरु हो रहे नए सप्‍ताह में बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्‍स 17799 से 16922 के बीच घूमता रहेगा। जबकि, नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 5333 से 5044 के बीच देखने को मिल सकता है।

तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि बीएसई सेंसेक्‍स पिछले सप्‍ताह 17360 अंक पर बंद हुआ है जबकि खासी तेजी के लिए इसका 17500 एवं 17750 के ऊपर जाना जरुरी है। पिछले सप्‍ताह सेंसेक्‍स ऊपर में 17414 अंक तक गया लेकिन यह 17500 के स्‍तर को तोड़ न सका। वे कहते हैं कि नए सप्‍ताह में सेंसेक्‍स के साप्‍ताहिक सपोर्ट स्‍तर 17117-16821-16577 हैं जबकि साप्‍ताहिक रेसीसटेंस 17656-17750-18492 हैं। कुल मिलाकर 16577 का स्‍टॉप लॉस रखें और हर बढ़त पर मुनाफावसूली करते रहें। बीएसई स्‍मॉल कैप का सपोर्ट स्‍तर 7776 एवं मिड कैप का सपोर्ट स्‍तर 6375 है।

सूरत कॉमर्शियल सर्विसेज, सूरत के तकनीकी विश्‍लेषक गोपाल मोदी का कहना है कि नए सप्‍ताह के लिए आया साप्‍ताहिक मुख्‍य स्‍तर 17117 की तुलना में बंद स्‍तर 17360 ऊंचा है जो वाकई प्राथमिक रुझान तेजी का दिखाता है। पूरी संभावना है कि बाजार तेजी के गेप के साथ रहेगा। तेजी का कारोबार 17314 के नीचे बंद न हो तब तक जारी रखें। उछाल की संभावना 17535 से 17633 या अधिक से अधिक 17791 तक की दिखती है। 17314 का स्‍तर टूटने पर 17192 तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। यहां 17192 का स्‍तर मुख्‍य स्‍टॉप लॉस के रुप में काम करेगा। इसके नीचे बंद होने पर 17042 से 16920 तक की गिरावट की संभावना खड़ी होगी। अगला सप्‍ताह साल का आखिरी सप्‍ताह होने के अलावा डेरीवेटिव्‍ज सेगमेंट का भी अंतिम सप्‍ताह है। ऐसे में बाजार में तेज घटबढ़ देखने को मिल सकती है। सेंसेक्‍स 17043 से 17791 के बीच घूमता रह सकता है।

स्‍टॉक चार्ट कैपिटल सर्विसेज, इंदौर के तकनीकी विश्‍लेषक राजीव गुप्‍ता का कहना है कि 5178 पर स्थित निफ्टी ने 5185 के प्रतिरोध को ब्रेक कर दिया है और 5198 का टॉप बनाया है। 4925 और 4800 के समर्थन महत्‍वपूर्ण हैं और 4500 के नीचे बाजार खराब हो जाने की संभावना रहेगी। बढ़त जारी रहने पर यह ऊपर में 5230, 5290 और 5395 तक जा सकता है। बढ़त के बावजूद भी अगले सप्‍ताह में पुन: बाजार दिशाहीनता की स्थिति में रह सकता है और बाहरी बाजारों में भी यही स्थिति रहने की संभावना बन सकती है और ऊपरी स्‍तर पर पुन: मुनाफावसूली देखने में आ सकती है। चुनिंदा शेयरों में ही अच्‍छे कामकाज की संभावना रहेगी।

निवेशक इस सप्‍ताह हिंडाल्‍को, फोर्टिस हैल्‍थकेयर, टीसीएस, देना बैंक, एनटीपीसी, जयश्री टी एंड इंडस्‍ट्रीज, शीपिंग कार्पोरेशन, प्राज इंडस्‍ट्रीज, प्रकाश इंडस्‍ट्रीज, कोहिनूर फूडस, एचडीआईएल, केआरबीएल, निट टेक्‍नालॉजीज, ग्‍लोडाइन, बिनानी इंडस्‍ट्रीज, रेमंड, मफतलाल इंडस्‍ट्रीज, जयप्रकाश पावर वेंचर्स के शेयरों पर ध्‍यान दे सकते हैं।

December 21, 2009

मिड कैप, स्‍मॉल कैप शेयरों में तूफान संभव !

भारतीय शेयर बाजार में अब मिड कैप और स्‍मॉल कैप शेयरों में तूफान देखने को मिल सकता है। 21 दिसंबर से शुरु हो रहा नया सप्‍ताह केवल चार दिन का है क्‍योंकि 25 दिसंबर शुक्रवार को क्रिसमस का अवकाश है। इसके बाद 28 दिसंबर सोमवार को मोहर्रम की छुट्टी है। फिर एक जनवरी को नए वर्ष का अवकाश है। छुट्टियों से भरे इन तीन सप्‍ताह के दौरान घरेलू शेयर बाजार से विदेशी संस्‍थागत निवेशक भी गायब रहेंगे, ऐसे में घरेलू खिलाडि़यों को मिड कैप और स्‍मॉल कैप शेयरों में अपनी मनमर्जी करने की छूट मिल जाएगी। दिसंबर अंत में ऐसा अधिकतर होता आया है और आम निवेशक इस उछाल के खेल में अपने शेयर बेच जरुर दें लेकिन नई खरीद से पूरी तरह बचें।

वर्ष 2009 अनेक समझदार विश्‍लेषकों की समझ से परे तेजी के बीच विदाई ले रहा है। ये विश्‍लेषक मार्च महीने में भारतीय शेयर बाजार के पूरी तरह तलहटी में बैठ जाने की भविष्‍यवाणी कर रहे थे लेकिन बाजार ही सबसे ऊपर होता है और उसने करवट लेते हुए सभी के अनुमान एवं आशंकाएं झुठला दी। हालांकि, अभी तक बीएसई सेंसेक्‍स 18 हजार के स्‍तर को छू नहीं पाया है जिसकी प्रबल संभावना थी। लेकिन मार्च महीने के बाद जिन निवेशकों ने शेयर बाजार में निवेश किया और अपने निवेश को बनाए रखा उन्‍हें बाजार में काफी फायदा हुआ है। अनेक ऐसे शेयर हैं जिनके भाव मार्च-अप्रैल में पैंदे में थे और आज इनमें निवेशकों को कई गुना फायदा हो रहा है। इसलिए जो निवेशक शेयर बाजार में धैर्य रखते हैं, सही समय पर फैसला करते हैं वे ही यहां विजेता बनकर उभरते हैं। निवेश करते समय ट्रेडिंग शेयर और निवेश शेयरों को अलग-अलग रखें ताकि ट्रेडिंग शेयरों में कमाया गया मुनाफा निवेश शेयरों में लगाकर अपने धन को अनेक गुना किया जा सके।

21 दिसंबर से शुरु हो रहे नए सप्‍ताह में बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्‍स 16977 से 16222 के बीच घूमता रहेगा। जबकि, नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 5066 से 4833 के बीच देखने को मिल सकता है।

तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि बीएसई के मिड कैप और स्‍मॉल कैप इंडेक्‍स में गिरावट यह बताती है कि आने वाले दिनों में फ्रंट लाइन स्टॉक्‍स में बड़ी नरमी आ सकती है। सेंसेक्‍स साप्‍ताहिक आधार पर ब्रेकआउट होकर 17500 के ऊपर बंद होता है तो ही बाजार बुरी तरह गिरने से बच सकता है। अगले सप्‍ताह सेंसेक्‍स को 16516-16200-16100 पर सपोर्ट मिलेगा, जबकि रेसीसटेंस 16896-17098-17275-17500 है।

स्‍टॉक चार्ट कैपिटल सर्विसेज, इंदौर के तकनीकी विश्‍लेषक राजीव गुप्‍ता का कहना है कि आने वाले सप्‍ताह में बाजार में भी दिशाहीनता से दबाव ही बना रह सकता है और बाहरी बाजारों में भी यही स्थिति रहने की संभावना रहेगी। खबरों पर आधारित कुछ शेयरों में ही अच्‍छा कामकाज हो सकता है। 4987 पर स्थित निफ्टी 5185 के प्रतिरोध को ब्रेक कर पाने में असफल रहा लेकिन इसने 5050 के समर्थन को ब्रेक कर दिया। 5070 और 5185 इस समय निफ्टी के लिए मुख्‍य प्रतिरोध स्‍तर है। 4800 और 4500 के नीचे बाजार खराब हो जाने की आशंका रहेगी। गिरावट की वजह से यह नीचे में 4990-4955 और 4900 तक आ सकता है।

सूरत कॉमर्शियल सर्विसेज, सूरत के तकनीकी विश्‍लेषक गोपाल मोदी का कहना है कि इस वर्ष के अंत में अ‍ब केवल आठ कारोबारी दिन है जबकि और वोल्‍यूम घटने की संभावना के बीच कुछ शेयरों में भारी उथल पुथल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। तकनीकी तौर पर दैनिक आधार पर अल्‍प अवधि के लिए अधिक बिकवाली की स्थिति में मध्‍यम से लंबी अवधि के लिए तेजी का रुख दिखता है। बीते सप्‍ताह बाजार की घटबढ़ के दौरान निश्चित रेंज में बाजार देखने को मिला। अगले सप्‍ताह के दौरान भी इसी तरह की चाल यथावत रहने की संभावना है। पहली ट्रेडिंग रेंज 17033 से 16758 के बीच, दूसरी ट्रेडिंग रेंज 17033 से 17187 के बीच या अधिक से अधिक 17255 के बीच और तीसरी रेंज 16758-16604 के बीच और ज्‍यादा से ज्‍यादा 16536 के बीच बनी रहेगी।

निवेशक इस सप्‍ताह श्रीरेणुका शुगर, अमरराजा बैटरीज, एस्‍सार ऑयल, बिलकेयर, एलडर फार्मा, स्‍पाइस जेट, व्‍हर्लपूल ऑफ इंडिया, हैवल्‍स इंडिया, अनंतराज इंडस्‍ट्रीज, रेमंडस, इंडियन बैंक और बारटोनिक्‍स के शेयरों पर ध्‍यान दे सकते हैं।

December 14, 2009

एडवांस टैक्‍स के आंकड़ों पर दलाल स्‍ट्रीट की नजर

भारतीय शेयर बाजार इस समय एक दायरे में घूम रहा है। औद्योगिक उत्‍पादन अक्‍टूबर महीने में 10।3 फीसदी रहा लेकिन यह उम्‍मीद से कम आया जिससे बाजार का मूड पिछले सप्‍ताह के अंत में बिगड़ गया। औद्योगिक उत्‍पादन की दर 12.5 से 14.5 फीसदी आंकी जा रही थी लेकिन ऐसा न हुआ। दलाल स्‍ट्रीट की नजर अब कार्पोरेट घरानों द्धारा एडवांस टैक्‍स अदा करने पर लगी है। यदि ये आंकड़े काफी अच्‍छे आते हैं तो बाजार में बढि़या बढ़त देखने को मिल सकती है अन्‍यथा निराशा बाजार को और नीरस कर सकती है।

औद्योगिक उत्‍पादन में समूची दुनिया की नजर भारत और चीन पर लगी है लेकिन अक्‍टूबर महीने में हमारी औद्योगिक उत्‍पादन की दर उम्‍मीद के अनुरुप न आने से‍ बाजार को निराशा हुई है। अक्‍टूबर का महीना इस बार त्‍यौहारों का भरपूर महीना था और ऐसे में औद्योगिक उत्‍पादन के आंकड़ों में उछाल न आना आने वाले दिनों के लिए अच्‍छा संकेत नहीं है। भारतीय कार्पोरेट जगत, सरकारी बैंकों और कंपनियों ने पिछली बार अग्रिम कर यानी एडवांस टैक्‍स से सरकार की तिजोरी भर दी थी लेकिन अब 15 दिसंबर को समाप्‍त हो रहे तीसरे सप्‍ताह के आखिरी दिन यह पता चलेगा कि अग्रिम कर के आंकड़ें कैसे रहे। औद्योगिक उत्‍पादन के आंकडे दहाई अंक में होने के बावजूद लोगों की खरीद शक्ति जिस तरह घटी है एवं निर्यात मोर्चे पर पतली हालत से इन आंकड़ों का गणित बिगड़ा हुआ आ सकता है। साथ ही तीसरी तिमाही के नतीजों की तैयारी कार्पोरेट जगत में चल रही है और इस बार कड़वे अनुभव भी सामने आ सकते हैं। दुबई संकट से अब भारत का खाड़ी देशों को होने वाला निर्यात भी प्रभावित होने की बातें सामने आ रही हैं। दुबई का आर्थिक संकट अभी पूरी तरह हल नहीं हुआ है। अमरीका और यूरोप भी महामंदी की छाया से बाहर नहीं निकल पाए हैं। इस वर्ष अमरीका में ही हर महीने तकरीबन 11 बैंक डूब रहे हैं। अमरीका और यूरोप की कई फर्मों के अब भी महामंदी के चपेट में आने की चर्चा है।

अमरीका का प्रयास एक बार फिर अपने को सर्वोपरि सिद्ध करने का चल रहा है। अमरीका अब चीन को अपना शत्रु के बजाय मित्र बनाकर अपनी अर्थव्‍यवस्‍था को दुरुस्‍त करने में लग गया है। अमरीका हर तरह से आने वाले दिनों में अमरीकी डॉलर का दुनिया में एक बार फिर डंका बजाने की पूरी पूरी कोशिश कर रहा है। अब तक अमरीका और यूरोप में निवेश पर प्रतिफल नगण्‍य मिलने से यहां के निवेशक भारत और चीन को पसंद कर रहे थे लेकिन आने वाले दिनों में भारतीय बाजार में विदेशी संस्‍थागत निवेशक अपनी रुचि घटा सकते हैं जिसका घरेलू शेयर बाजार पर बुरा असर देखने को मिल सकता है। डॉलर के मजबूत होने पर हैज फंड फिर से अमरीका, यूरोप का रास्‍ता पकड़ सकते हैं। भारत की ग्रोथ स्‍टोरी दीर्घकाल में बेहतर दिख रही हो लेकिन ये विदेशी निवेशक डॉलर के मजबूत होने पर थोड़े समय के लिए ही सही लेकिन भारतीय बाजार को बॉय बॉय कर सकते हैं।

कैलेंडर वर्ष का यह आखिरी महीना है यानी दिसंबर जिसमें फंड मैनेजर 15 दिसंबर के बाद शेयरों के वैल्‍यूएशन का गेम खेलते हैं। साल का अंत होने से हर फंड को अपने को आकर्षक प्रतिफल देने वाला बताना होता है और ये मैनेजर वैल्‍यूएशन के गेम में शेयरों के भाव इस तरह उच्‍च स्‍तर पर पहुंचने की कहानियां सुनाते हैं कि आम निवेशक शेयरों को खरीदने के लिए दौड़ पड़ते हैं ओर ये मैनेजर हर उछाल पर इन शेयरों से बाहर हो जाते हैं। फंड मैनेजरों की कहानियों में फंसने पर यह तय कर लें कि आप यह निवेश लंबे समय के लिए कर रहे हैं। यदि यह धैर्य न हो तो ऐसी कहानियों के मायाजाल में कतई न उलझे। निवेशक कुल मिलाकर पूरी तरह सावधान रहें अन्‍यथा आने वाले दिन फिर से थोड़े कड़वे हो सकते हैं। बेहतर होगा कि हर बढ़त पर आंशिक मुनाफावसूली कर नकद को बैंक खाते के हवाले करते जाएं।

14 दिसंबर से शुरु हो रहे नए सप्‍ताह में बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्‍स 17446 से 16759 के बीच घूमता रहेगा। जबकि, नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 5212 से 5006 के बीच देखने को मिल सकता है।

तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि निवेशकों के सावधान रहने का वक्‍त आ गया है क्‍योंकि स्‍मॉल कैप शेयर इस समय एक्‍शन में हैं। सेंसेक्‍स ने मध्‍य सितंबर 2009 से अभी तक रेसीसटेंस स्‍तर 17144-17735 को पार नहीं किया है। वे कहते हैं कि निवेशकों को सेंसेक्‍स के 17500-17750 आने पर लांग पोजीशन से निकल जाना चाहिए। स्‍टॉप लॉस 16900 का रखें, जबकि लांग पोजीशन पर स्‍टॉप लॉस 16100 का रखें। हर ऊपरी स्‍तर पर बिकवाली कर मुनाफावसूली के नियम को काम में लें।

तकनीकी विश्‍लेषक राजीव गुप्‍ता, इंदौर का कहना है कि 5117 पर स्थित निफ्टी को 5185 के स्‍तर पर पुन: जबरदस्‍त प्रतिरोध प्राप्‍त हुआ है और इस स्‍तर पर इसमें खासी चंचलता देखी गई। 5200 का प्रतिरोध अभी भी महत्‍वपूर्ण है। 5050 और 4800 के नीचे निफ्टी का जाना अच्‍छा संकेत नहीं होगा। 4500 के नीचे बाजार के बेहद खराब हो जाने की संभावना रहेगी।

निवेशक इस सप्‍ताह केएसबी पम्‍मप, फैडरल बैंक, प्रकाश इंडस्‍ट्रीज, प्राज इंडस्‍ट्रीज, आर्टसन इंजीनियरिंग, बलरामपुर चीनी एक्‍साइड इंडस्‍ट्रीज, कावेरी सीड, इंडसुइंड बैंक और देना बैंक के शेयरों पर ध्‍यान दे सकते हैं।