भारतीय संस्कृति के महापुरुष एवं भगवान राम की पत्नी सीता को लंका का राजा रावण जिस तरह छल, छिद्र और धोखे से उठा लंका ले गया था वही कर्मकांड श्रीलंका क्रिकेट टीम के कप्तान कुमार संगकारा करने वाले थे। रावण ने सीता के सामने झूठ बोलकर उसे लक्ष्मण रेखा से बाहर आने भीक्षा देने और कोई चिंता न करने का आश्वासन दिया। सीधी सादी सीता ने लक्ष्मण रेखा को पार किया और रावण उसे पुष्पक विमान में जबरन बैठाकर लंका ले भागा। अब इस कथा को कलियुग में दोहराते हुए देखिए। श्रीलंका जिसका नक्शा भारत का नक्शा खरीदने पर फ्री मिलता है, के क्रिकेट कप्तान कुमार संगकारा के मन में विश्व कप फाइनल के लिए टॉस होने पर बेईमानी आ गई। विश्व कप ट्राफी को सीता की तरह संगकारा पुष्पक विमान की जगह श्रीलंका एयरलाइन से कोलम्बो ले जाना चाहते थे। संगकारा को भरोसा था कि इस मैच का जो टॉस जीतेगा वह विश्व कप विजेता जरुर बनेगा। फाइनल मैच के लिए जब टॉस हुआ और भारत ने टॉस जीता तो कुमार संगकारा ने मुहल्ले में खेलने वाले बच्चों की तरह कहा कि उन्होंने हैड या टेल कुछ बोला ही नहीं था तो भारत के टॉस जीतने की बात ही कहा हो गई।
संगकारा और धोनी के बीच बातचीत के बाद मैच रेफरी ज्यौफ क्रो ने दोबारा टॉस करने का फैसला किया। श्रीलंका के कप्तान ने हालांकि दूसरे मौके पर टॉस जीता लेकिन बेईमानी पर कप जीतने के मसूबे धरे रह गए। संभवत: राम ने ही लंका के रावण संगकारा के इस दूसरे झूठ व धोखे को भांप लिया और जीत गई भारतीय टीम। भारतीय बल्लेबाजी में धोनी ने इस रावण के झूठ की धज्जियां उड़ा दी। इसलिए ही कहा जाता है सत्यमेव जयते।
2 comments:
ओफ्फोह, बात यहां तक आ पहुंची है.
palhi bar toss me jhuth bola gaya tha,aapne sangkara ke bare m jo likha bo bilkul satik h aaj k is Ravan k upar
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