adsense

January 17, 2011

अनिल अंबानी का सच अश्वत्थामा के मरने जैसा


मुंबई। अनिल अंबानी सूमह ने स्पष्ट किया है कि सेबी की जांच का निपटान कंपनी की स्वैच्छिक शर्तों पर हुआ है। सेबी ने रिलायंस इन्फ्रा और आरएनआरएल या उसके निदेशकों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। जबकि, स्थिति इसके विपरीत है। सेबी ने अपने चार पेज के आर्डर में रोक की बात कही है। लेकिन स्थिति पांडवो और कौरवो के गुरु द्रोणाचार्य के बेटे अश्वत्थामा के मरने जैसे है। पहले अश्वत्थामा की कथा को जान लीजिए:

महाभारत युध्द के समय गुरु द्रोणाचार्य जी ने हस्तिनापुर राज्य के प्रति निष्ठा होने के कारण कोरवो का साथ देना उचित समझा। अश्वत्थामा भी अपने पिता की तरह शास्त्र व शस्त्र विद्या मे निपूण थे। महाभारत के युद्ध में उन्होंने सक्रिय भाग लिया था। महाभारत युद्ध में ये कौरव-पक्ष के एक सेनापति थे। उन्होंने भीम-पुत्र घटोत्कच को परास्त किया तथा घटोत्कच पुत्र अंजनपर्वा का वध किया। उसके अतिरिक्त द्रुपदकुमार, शत्रुंजय, बलानीक, जयानीक, जयाश्व तथा राजा श्रुताहु को भी मार डाला था। उन्होंने कुंतीभोज के दस पुत्रों का वध किया। पिता-पुत्र की जोडी ने महाभारत युध्द के समय पाण्डव सेना को तितर-बितर कर दिया।

पांडवो की सेना की हार देख़कर श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से कुट-निति सहारा लेने को कहा। इस योजना के तहत यह बात फेला दी गई कि "अश्वत्थामा मारा गया" जब गुरु द्रोणाचार्य ने धर्मराज युधिष्ठिर से अश्वत्थामा की सत्यता जानना चाही तो उन्होने जवाब दिया-"अश्वत्थामा मारा गया परन्तु हाथी" श्रीकृष्ण ने उसी समय शन्खनाद किया,जिसके शोर से गुरु द्रोणाचार्य आखरी शब्द नही सुन पाए। अपने प्रिय पुत्र की मोत का समाचार सुनकर आपने शस्त्र त्याग दिए और युध्द भूमि मे आखे बन्द कर शोक अवस्था मे बैठ गए। गुरु द्रोणाचार्य जी को निहत्ता जानकर द्रोपदी के भाई द्युष्टद्युम्न ने तलवार से आपका सिर काट डाला। गुरु द्रोणाचार्य जी की निर्मम हत्या के बाद पांडवों की जीत होने लगी।

सेबी ने अनिल अंबानी समूह की कंपनियों रिलायंस इन्फ्रा और आरएनआरएल के खिलाफ प्रतिभूति बाजार नियमों के संभावित उल्लंघन मामले को शुल्क लेकर निपटाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही इन कंपनियों पर 2012 तक शेयर बाजार में निवेश पर रोक लगा दी गई थी। साथ ही अनिल अंबानी सहित कंपनी के निदेशकों पर शेयरों में दिसंबर 2011 तक निवेश करने पर रोक लगाने का फैसला किया गया था।

समूह ने कहा है कि सेबी ने इन कंपनियों या उनके निदेशकों पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया है और इस मामले को स्वैच्छिक शर्तों के आधार पर निपटाया गया है। हालांकि, अनिल अंबानी की यह बात सच है कि इन कंपनियों और अधिकारियों के म्यूचुअल फंड, प्राथमिक बाजार, पुनखर्रीद और खुली पेशकश पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। सेबी के आदेश में जिन अन्य अधिकारियों के नाम शामिल हैं उनमें रिलायंस इन्फ्रा के उपाध्यक्ष सतीश सेठ और तीन निदेशक एस सी गुप्ता, ललित जालान और जेपी चलसानी शामिल हैं।

अनिल अंबानी का यह कहना है कि इस मामले को स्वैच्छिक शर्तों के आधार पर निपटाया गया है...में कुछ तो खास है। सेबी गलत है तो सेबी से भिड़ना ही चाहिए क्‍योंकि 50 करोड़ रुपए इतने बड़े कारोबारी समूह के लिए मामूली रकम हो सकती है लेकिन आम तौर पर यह मामूली रकम नहीं है। सेटलमेंट कब किया जाता है, कौनसी परिस्थितियों में किया जाता है, इसे बताने की आवश्‍यकता नहीं है। इस सेटलमेंट के लिए सेबी ने पहल की या अनिल अंबानी समूह ने...इसे जग जाहिर किया जाना चाहिए। यदि सेबी पहल कर रही है तो उसने पहले इस कारोबारी समूह को परेशान करने के लिए यह सब पैतरेबाजी क्‍यों की, किसके कहने पर की। यदि सेटलमेंट के लिए अनिल अंबानी समूह ने पहल की तो...निवेशकों को इसका जवाब बताना चाहिए कि पूरा माजरा क्‍या था कि अंतत: सेटलमेंट की नौबत आई।

सेबी का चार पेज का ऑर्डर यहां पढ़े जिसमें रोक की बात है।

January 12, 2011

केबल कार्पोरेशन: रिस्‍क कम, रिटर्न ज्‍यादा

केबल कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (बीएसई कोड 500077) का शेयर इन दिनों 24 से 27 रुपए के बीच घूम रहा है। कंपनी की भावी योजनाओं को देखते हुए यह शेयर मध्‍यम से लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बेहतर शेयर कहा जा सकता है। इक्विटी विश्‍लेषक इसके एक साल की समयावधि में 28-35-52-55 रुपए तक पहुंचने की संभावना जता रहे हैं। जबकि, तकनीकी तौर पर नीचे में 20 रुपए का स्‍तर बेहतर सपोर्ट है एवं इस स्‍तर से इसके गिरने के चांस बेहद कम है।

केबल कार्पोरेशन ने अपनी फैक्‍टरी को महाराष्‍ट्र के नासिक में शिफ्ट करने के बाद मुंबई के बोरीवली इलाके में अपनी 35 लाख वर्ग फीट जमीन को आवासीय एवं व्‍यावसायिक तौर पर डेवलप करने की योजना पर अमल शुरु कर दिया है। तकरीबन 22 एकड़ भूमि में कंपनी एक हजार करोड़ रुपए निवेश कर इस परियोजना को तैयार कर रही है। इसे रिवाली पार्क नाम दिया गया है। बोरीवली की इस फैक्‍टरी में कंपनी हाई वोलटेज केबल्‍स का उत्‍पादन करती थी लेकिन अब नासिक की फैक्‍टरी में हाई के साथ लो वोल्‍टेज केबल्‍स का उत्‍पादन किया जा रहा है।

कंपनी के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हितेन ए. खटाऊ का कहना है कि हमारी एसोसिएटस कंपनी सीसीआई प्रोजेक्‍टस की इस परियोजना को बेहतर प्रतिसाद मिला है। कंपनी का पहला आवासीय चरण पूरी तरह बिक चुका है जबकि दूसरे की बुकिंग चल रही है। कंपनी को इस पूरी परियोजना से अगले सात साल में 2500 करोड़ रुपए की आय होने के आसार हैं।

सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में 172 बुकिंग हुई जो दो लाख वर्ग फीट में बन रहा है। कंपनी का कहना है कि यदि खटाऊ परिवार की यह परियोजना सफल रही तो रियल इस्‍टेट कारोबार में अधिग्रहण कर इसका विस्‍तार किया जा सकता है।

कंपनी ने अपनी बोरीवली परियोजना के पहले चरण के निर्माण के लिए जरुरी फाइनेंस के लिए एचडीएफसी से करार किया है। जबकि, शेष धन का इंतजाम आंतरिक स्‍त्रोत के अलावा इक्विटी को 30 करोड़ रुपए से बढ़ाकर किया गया है। इस परियोजना की डिजाइन अमरीकी कंपनी जेनसलर से तैयार कराई गई है। जेनसलर और केबल कार्पोरेशन ने इस परियोजना की डिजाइन के लिए एक साल तक काम किया है। साथ ही इस परियोजना से जी कार्प ग्रुप भी जुड़ा हुआ है। परियोजना का पहला आवासीय चरण 36 महीनों में पूरा हो जाएगा। इस पूरी परियोजना में 20 लाख वर्ग फीट जगह आवासीय होगी जबकि दो से तीन लाख वर्ग फीट जगह व्‍यावसायिक गतिविधियों के लिए डेवलप की जाएगी। 75 हजार वर्ग फीट जगह रिटेल के लिए रखी जाएगी।

कंपनी ने पहले चरण के लिए बुकिंग 6750 से 7650 रुपए प्रति वर्ग फीट में की थी जबकि दूसरे चरण के लिए यह 8730 रुपए वर्ग फीट एवं अधिक में हो रही है। कंपनी हरेक चरण के लिए बुकिंग राशि में बढ़ोतरी करती जाएगी जिसका लाभ केबल कार्पोरेशन को रिवाली पार्क में महज 15 फीसदी हिस्‍सेदारी के बावजूद खूब होगा। दूसरे चरण के तहत चार बिल्डिंग बनेंगी जिनमें दो 39-39 मंजिला होंगी जबकि दो 11-11 मंजिला होंगी। चौथी मंजिल के बाद हर मंजिल के फ्लैट के लिए 50 रुपए प्रति वर्ग फीट की दर से भाव बढ़ते जाएंगे। चौथी मंजिल से पहले कार पार्किंग एवं टाउन हाउस होंगे। प्रत्‍येक टाउन हाउस में प्राइवेट गार्डन रहेगा। दूसरे चरण की इन चार बिल्डिंगों में दो बैडरुम-हॉल-किचन के 404 फ्लैट होंगे, जबकि तीन बैडरुम-हॉल-किचन के 176 फ्लैट होंगे एवं 20 टाउन हाउस होंगे। इस परियोजना में अब तक के सभी तरह के मॉल से हटकर मॉल का निर्माण किया जाएगा एवं सितारा होटल भी मौजूद होगा। संजय गांधी राष्‍ट्रीय उद्यान के समीप वेस्‍टर्न एक्‍सप्रेस हाइवे पर बन रही इस आवासीय-व्‍यावसायिक परियोजना में टेनिस कोर्ट, स्‍कैवश कोर्ट से लेकर आधुनिक जिम जैसी सभी सुविधाएं होंगी।

केबल कार्पोरेशन की 75 फीसदी इक्विटी 47022392 शेयर प्रमोटरों के पास हैं जबकि इसकी 2।35 फीसदी इक्विटी यानी 1475900 शेयर लाइफ इंश्‍योरेंस कार्पोरेशन ऑफ इंडिया के पास है जबकि 4.94 फीसदी इक्विटी यानी 31 लाख शेयर स्विस फाइनेंस कार्पोरेशन मारीशॅस लि. एवं 6.04 फीसदी इक्विटी अर्थात 3787020 शेयर जे पी मार्गन स्‍पेशनल स्विचुएशंस मारीशॅस लि. के पास है।

यह शेयर 25 फरवरी 2010 को नीचे में 19.10 रुपए था जबकि 30 जून 2010 को ऊपर में 43 रुपए था। यह 10 जनवरी 2011 को 0.61 फीसदी गिरकर 24.60 रुपए बंद हुआ। इंट्रा डे ऊपर में 26.50 रुपए तक गया जबकि नीचे में 24.40 रुपए बोला गया। इसमें डिलीवरी का प्रतिशत 88.23 फीसदी है।