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December 18, 2016

शेयर बाजार को नए ट्रिगर की तलाश

भारतीय शेयर बाजार गत सप्‍ताह गिरावट के साथ बंद हुए लेकिन अधिकतम समय बाजार में सुस्ती का माहौल दिखा। अमरीकी फ़ेडरल बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद बाजार में गिरावट देखी गई लेकिन बाजार निचले स्तरों से संभलने में कामयाब रहा, उसके बाद बाजार में सीमित दायरे में कारोबार हुआ।

शेयर बाजार में भले ही सुस्ती देखने को मिल रही है, लेकिन अच्छी बात यह है की कई खराब खबरों के बावजूद बाजार में कोई बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिल रही है। अब बाजार को आगे की दिशा के लिए नए ट्रिगर की तलाश है। गत सप्ताह के अंत में निफ्टी एवं सेंसेक्स क्रमश: 8139/26489 के स्तर पर 1.48/0.96 फीसदी की साप्ताहिक गिरावट के साथ बंद हुए।

इस सप्ताह के प्रमुख घटक: क्रिसमस के पहले विदेशी निवेशकों का रुझान सुस्त होते नजर आ रहा है, जिससे बाजार में ज्यादा हलचल की उम्मीद नहीं है। विमुद्रीकरण के एक महीने से ज्यादा होने के बाद अर्थव्यवस्था की स्थिति एवं सरकार के नए कदमों पर बाजार की नजर लगातार बनी रहेगी। 2016 के अंत में घरेलू संस्थागत निवेशकों द्वारा कुछ हलचल देखने को मिल सकती है। गुरुवार को अमरीका की तीसरी तिमाही के आंकड़े जारी होंगे, जिसका कुछ असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा डॉलर और कच्चे तेल की चाल अन्य प्रमुख घटक रहेंगे।

टेक्निकल आउटलुक: स्‍वस्तिक इनवेस्‍टमार्ट, इंदौर के वरिष्‍ठ इक्विटी विश्‍लेषक संतोष मीणा का कहना है कि टेक्निकल चार्ट पर निफ्टी लगभग एक माह से 8000-8250 की रेंज में ट्रेड कर रहा है, जब तक निफ्टी 8250 के ऊपर नहीं निकल जाता, तब तक बाजार में दबाव बना रहेगा। 8250 के ऊपर निकलने पर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है, जहां 8425/8500 के स्तर अगले रेजिस्टेंस रहेंगे। नीचे की ओर 8100 निकटतम सपोर्ट है, इसके नीचे फिसलने पर निफ्टी फिर से 7900 के स्तर का रुख कर सकता है।   

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