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December 17, 2007

सेंसेक्‍स में बढ़ सकती है गिरावट

पेड़ छू नहीं सकता आकाश को.... इस लेख का पहला पैरा शेयर बाजार के निवेशकों के लिए संकेत था कि एक झटके का समय आ गया है। पढि़ए पहला पैरा इस लेख का...भारतीय शेयर बाजार लंबी अवधि की दृष्टि से बेहतर शेयर बाजार है क्‍योंकि यहाँ रिटर्न दूसरे एशियाई देशों की तुलना में अच्‍छा है। लेकिन एक बात सदैव ध्‍यान रखनी चाहिए कि पेड़ कितना भी लंबा हो जाए, वह आकाश को छू नहीं सकता। यही स्थिति शेयर बाजार के साथ है।

वाह मनी पर 15 दिसंबर को तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव के स्‍तंभ में भी उन्‍होंने साफ लिखा था कि शेयर बाजार नई ऊंचाई तभी छू सकेगा जब बीएसई सेंसेक्‍स 20500 अंक से ऊपर बंद होगा। उन्‍होंने सप्‍ताह की कारोबारी रणनीति में भी कहा था कि 20300-­20500 के सेंसेक्‍स पर मुनाफा वसूली कर लांग पोजीशन से बाहर निकल जाए। फ्रंटलाइन स्‍टॉक्‍स में सेंसेक्‍स के 20500 से ऊपर बंद होने के बाद ही लांग पोजीशन लें। हितेंद्र वासुदेव कहते हैं कि शेयर बाजार में आज की गिरावट को देखते हुए सेंसेक्‍स को जल्‍दी स्‍पोर्ट नहीं मिला तो इसके 18300 से 18100 अंक तक जाने की आशंका है

जेएम फाइनेंशियल के अतुल मेहरा मानते हैं कि भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्‍थागत निवेश में कमी नहीं आएगी और यहां लिक्‍विडीटी की कमी नहीं होगी। हितेद्र वासुदेव कहते हैं कि अगले साल बीएसई सेंसेक्‍स 30 हजार अंक तक के स्‍तर को छू जाए तो अचरज नहीं होना चाहिए। लेकिन नई बड़ी तेजी सेंसेक्‍स के 20500 से ऊपर बंद होने पर ही आएगी। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों को डरने की जरुरत नहीं है और वे बाजार में बने रह सकते हैं।

2 comments:

Vinod Kumar Purohit said...

पेड तो नहीं छू सकता आकाशा को लेकिन कमलजी शेयर बाजार की गइराइयों को अच्छी तरह नाप चुके हैं एेसा प्रतीत हो रहा है। सटीक पूवार्नुमानों के लिए धन्यवाद।

sarvesh said...

sir,
ye ek betareen lekh hai.aise hi likhte rahien.