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July 22, 2008

शेयर बाजार को जरुरत वोट ऑफ कान्फिडेंस की


भारतीय संसद और शेयर बाजार को इस सप्‍ताह वोट ऑफ कान्फिडेंस की जरुरत है। दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार 22 जुलाई को संसद में विश्‍वास मत हासिल कर पाती है या नहीं, पर खिलाडि़यों की नजरें इसी पर टिकी हैं और यही से शेयर बाजार की दिशा तय होगी। हालांकि यहां एक बात अहम है कि संसद चुनावों से पहले शेयर बाजार ने निवेशकों को पोजिटिव रिटर्न दिया है।

संसद में सरकार विश्‍वास मत हासिल करें या नहीं लेकिन यह तो तय है कि देश आम चुनाव की ओर अब धीरे धीरे बढ़ रहा है। संसद चुनावों से पहले के शेयर बाजार इतिहास पर नजर डालें तो इसने केवल 1989 के चुनाव को छोड़कर पिछले पांच आम चुनाव से पहले पोजिटिव रिटर्न दिया है। वर्ष 1991 से 2004 के दौरान कुल पांच बार आम चुनाव हुए। इन चुनावों से पहले तीन, छह और नौ महीनों के दौरान शेयर बाजार ने निवेशकों को खुश किया है।

चुनाव से पहले के छह महीनों में जहां बाजार ने 11.03 फीसदी का रिटर्न दिया है, वहीं नौ महीने की अवधि में यह रिटर्न 19.70 फीसदी रहा है। चुनाव से तीन महीने पहले की समयावधि में यह रिटर्न औसतन 2.62 फीसदी देखने को मिला है। वर्ष 1999 में हुए आम चुनाव से पहले के नौ महीनों में इस बाजार ने 46.55 फीसदी और 2004 में 43.05 फीसदी का तगड़ा रिटर्न देकर निवेशकों को निहाल कर दिया था। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार इस समय ओवरसोल्ड हैं और आम चुनाव से पहले का इतिहास अपने को दोहरा सकता है।

केंद्र सरकार यदि संसद में विश्‍वास मत हासिल नहीं कर पाती है तो बाजार के गिरने की आशंका सच होगी और उस समय आई बड़ी गिरावट निवेशकों को निवेश का अच्‍छा मौका देगी। इससे पहले जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार का पतन हुआ था तो मई 2004 में सेंसेक्‍स में निचला सर्किट लगा और जिस निवेशक ने भी उस समय हिम्‍मत के साथ शेयर खरीदें उन्‍हें काफी फायदा हुआ। यदि इस बार भी ऐसा होता है तो साह‍स के सौदागरों को जरुर लाभ होगा।

अगर सरकार विश्‍वास मत हासिल कर लेती है तो भी निवेशकों को आगे बढ़ना चाहिए क्‍योंकि मनमोहन सिंह सरकार के साथ अब वामपंथी नहीं होंगे जिससे आर्थिक सुधार खासकर विनिवेश के मोर्चें पर सरकार को तेजी से आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और वित्तीय घाटे की यहां से भरपाई की जा सकेगी। यदि सरकार बच जाती है तो इस साल के अंत तक बीएसई सेंसेक्‍स 18 हजार अंक के ऊपर पहुंच सकता है। यद्यपि कुछ विश्‍लेषकों की राय में इस समय भी शेयरों के दाम में 15 से 20 फीसदी का और करेक्‍शन बाकी है।

बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी बीएसई सेंसेक्‍स इस सप्‍ताह में 14044 अंक से ऊपर जाता है तो इसके 14334 अंक पहुंचने के आसार हैं। बीएसई सेंसेक्‍स में सपोर्ट स्‍तर 13033 अंक का है। जबकि नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी एनएसई का निफ्टी 3863 से 4244 अंक के बीच रहने की संभावना है। अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में क्रूड के दाम 128 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाने के बाद अब दुनिया भर के शेयर बाजारों ने राहत की सांस ली है। अंतरराष्‍ट्रीय विलेषक इलियेट का कहना है कि आने वाले दिनों में क्रूड के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल तक आ जाएंगे लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि क्रूड में तेजी के दिन हवा हो गए हैं।

इस सप्‍ताह निवेशक क्‍युमिंस इंडिया, अरेवा टी एंड डी, अल्‍सटॉम प्रोजेक्‍ट्स, श्री रेणुका शुगर्स, एचसीसी, सांघी मूवर्स, पटेल इंजीनियर्स, नवनीत पब्लिकेशंस, ऊषा मार्टिन, ग्रीव्‍ज काटन, तातिया कंसट्रक्‍शंस और मोनसेंटो ध्‍यान दे सकते हैं। इस सप्‍ताह डॉ. रेड्डी लैब, पंजाब ट्रैक्‍टर्स, वेल्‍सपन गुजरात, बारटोनिक्‍स इंडिया, टेक महिंद्रा, पेन्‍नीसुला लैंड, कैनरा बैंक, टाटा कॉफी, यूनाइटेड स्पिरिट, राने मद्रास, भेल, त्रिवेणी इंजीनियरिंग, सेंचुरी एंका, सेंचुरी टेक्‍सटाइल्‍स, सीमेंस, डालमिया सीमेंट, बैंक ऑफ राजस्‍थान, थर्मेक्‍स, नेल्‍को, इंद्रप्रस्‍थ गैस, एम्‍को, रिलायंस पेट्रोलियम, कोरोमंडल फर्टिलाइर्ज्‍स, टाटा एलेक्‍सी, ग्राइंड वैल नार्टन, स्‍ट्राइड, लुपिन, इंडियन कार्ड क्‍लोदिंग, एशियन पेंटस, आल्‍फालावल, आईडीबीआई बैंक, नोसिल, सुंदरम क्‍लेटॉन, क्राम्‍पटन ग्रीव्‍ज, गुजरात इंडस्‍ट्रीज पावर, मास्‍टेक, लक्ष्‍मी मशीन वर्क्‍स, पीडीलाइट, जी एंटरटेनमेंट, पटनी कंप्‍यूटर, श्री रेणुका शुगर्स, महिंद्रा फाइनेंस, कल्‍याणी फोर्ज, रामको सिस्‍टम, हिंदुस्‍तान जिंक, आइडिया सेलुलर, एमआरएफ, जी न्‍यूज, मद्रास अल्‍युमीनियम, एस्‍सल प्रोपेक, क्रिसिल, फेग बियरिंग्‍स, बजाज इलेक्ट्रिकल, भारती एयरटेल, इसब इंडिया, केसीपी सुगर, हिंदुस्‍तान यूनिलीवर, ग्रासिम, जिंदल स्‍टील, इंजीनियर्स इंडिया, गोदरेज कंज्‍यूमर, एबीबी, अंबुजा सीमेंट, अल्‍सटॉम प्रोजेक्‍टस, आरएनआरएल, हिंदुस्‍तान कंसट्रक्‍शंस, सीएट, जेके सीमेंट, पीटीसी इंडिया, एसबीआई, शीपिंग कार्पोरेशन, रिलायंस इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर और आयशर मोटर्स के नतीजों का बाजार को इंतजार है।

July 07, 2008

शेयर बाजार के लिए नेगेटिव खबरों का अंबार


महंगाई दर 11.62 फीसदी के साथ 13 साल के उच्‍च शिखर पर, क्रूड 145 डॉलर प्रति बैरल पार और अब 170 डॉलर की ओर बढ़ने की तैयारी, भारत-अमरीका परमाणु करार पर यूपीए सरकार का भविष्‍य खतरे में, भारतीय रुपया डॉलर की तुलना में तेजी से कमजोर, विदेशी संस्‍थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली जैसी नकारात्‍मक खबरें शेयर बाजार का पीछा नहीं छोड़ रही हैं।

शेयर बाजार के लिए निकट भविष्‍य में कोई बड़ा सकारात्‍मक कारक उभरकर सामने आने की संभावना कम है। सब प्राइम के बाद अभी भी दुनिया के अनेक बैंकरों और निवेश फंडों के मुश्किल से उबरने में असमर्थ होने की खबरें बाजार के लिए अच्‍छी नहीं हैं। अमरीका के बाद यूरोप की बैंकों को 141 अरब डॉलर जुटाने की जरुरत, कमोडिटी के बढ़ते विश्‍व व्‍यापी भाव इस मंदी को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। घरेलू मोर्चे पर सरकार अर्थव्‍यवस्‍था को पटरी पर लाने के अनेक प्रयास कर रही है ताकि अगले वर्ष होने वाले आम चुनावों में जीत हासिल की जा सके लेकिन क्रूड के बढ़ते दाम और चढ़ती महंगाई दर ने सरकार के हर प्रयास को विफल कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक को इस बीच, रेपो रेट और सीआरआर में जो बढ़ोतरी करनी पड़ी है उससे ब्‍याज दरें बढ़ रही हैं जिनका नतीजा कार्पोरेट परिणामों पर देखने को मिलेगा।

भारतीय रुपए के अमरीकी डॉलर की तुलना में कमजोर पड़ने से आने वाले दिन आईटी कंपनियों के लिए अच्‍छे हो सकते हैं। अमरीकी डॉलर के 43 के स्‍तर पर पहुंचने से भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियों के निर्यात में इजाफा होगा। देश की मुख्‍य सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस 11 जुलाई को अपने अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे और गाइडेंस जारी करेगी। कंपनी के नतीजे और गाइडेंस सकारात्‍मक रहने की उम्‍मीद है जिससे आईटी शेयरों में वेल्‍यू बाईंग देखने को मिल सकती है।

बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी बीएसई सेंसेक्‍स 7 जुलाई से शुरु हो रहे सप्‍ताह में ऊपर में 13981 और नीचे में 12781 अंक के बीच रहेगा। जबकि नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज यानी एनएसई का निफ्टी 4176 से 3816 अंक के बीच रहने की संभावना है।

ओ (एक्‍स) यूएस इनवेस्‍टमेंट के अध्‍यक्ष सुरजीत भल्‍ला का कहना है कि मौजूदा स्‍तर पर बाजार आकर्षक है। वे कहते हैं कि सेंटीमेंट अभी भी अच्‍छे नहीं हैं एवं अभी और नरमी देखने को मिल सकती है लेकिन अब बाजार में बड़ी गिरावट की आशंका नहीं है। वे मानते हैं कि बाजार अब बॉटम के करीब है। हालांकि, बाजार के ऊपर उठने के लिए इस समय कोई घरेलू कारक नहीं है। लेकिन क्रूड के दामों में गिरावट आती है तो यह अच्‍छा होगा। वे भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में मंदी की बात को नहीं मानते।

इसके विपरीत, फर्स्‍ट ग्‍लोबल की देविना मेहरा का कहना है कि वर्तमान में बाजार निश्चित रुप से मंदी के दौर में है। हमें कम से कम अगला एक साल और नकारात्‍मक रिटर्न का देखने को मिल सकता है। वित्तीय घाटे और चालू खाते पर दबाव दिख रहा है। कार्पोरेट मार्जिन पर भी दबाव देखने की आशंका है। मेहरा का कहना है कि मंदी तेजी से बढ़ेगी और सेंसेक्‍स दस से ग्‍यारह हजार के बीच आ सकता है। घरेलू मोर्चं पर नकारात्‍मक खबरें ज्‍यादा हैं लेकिन क्रूड के दाम नीचे आते हैं तो यह बाजार के लिए सकारात्‍मक कारक होगा।

इस सप्‍ताह निवेशक इंफोसिस, प्राइम फोकस, कार्बोरेंडम यूनिवर्सल, टाटा कैमिकल, सन फार्मा, क्रिसिल, केएस ऑयल, जिंदल साउ‍थ वेस्‍ट, रिलायंस इंफ्रा, टीटीके प्रैस्‍टीज, और ब्रिटानिया इंडस्‍ट्रीज पर ध्‍यान दे सकते हैं। इस सप्‍ताह कोलगेट पामोलिव, कार्बोरेंडम यूनिवर्सल, किर्लोस्‍कर न्‍यूमैटिक, सेसा गोवा, सुंदरम फाइनेंस, वेस्‍ट इंडिया, टाटा एलेक्‍सी, टयूब इनवेस्‍टमेंट, अल्‍ट्राटेक सीमेंट, कैडिला हैल्‍थकेयर, एम्‍पायर इंडस्‍ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, गुजरात रेकल, कल्‍पतरु पावर, थर्मेक्‍स, ग्रेफाइट इंडस्‍ट्रीज, ब्रिटानिया इंडस्‍ट्रीज, ऊषा मार्टिन, ब्‍लू स्‍टार, अपोलो सिंधु, श्री सीमेंट, लक्ष्‍मी इलेक्ट्रिक, जे एंड के बैंक, एलीकॉन इंजीनियरिंग, वीएसटी टीलर, अल्‍ट्रामरीन पिग, अनंतराज इंडस्‍ट्रीज, फास्‍ट ट्रैक, बाइमेटल बैरिंग, कोरोमंडल फर्टिलाइजर, डालमिया सीमेंट, टयूब इनवेस्‍टमेंट के लाभांश देने पर बाजार की नजर रहेगी।