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August 17, 2009

शेयर बाजार के दिन और सुधरेंगे

भारतीय शेयर बाजार के निवेशक भले ही अब भी बड़े सुधार के बाद भंवर में फंसे हुए हो लेकिन आने वाले दिन और राहत भरे हो सकते हैं। हालांकि, जो निवेशक जल्‍दबाजी में हैं कि यह सुधार बेहद तेज होना चाहिए, उन्‍हें सेंसेक्‍स के फटाफट 21 हजार पहुंचने के बाद जो मंदी आई थी, उसे याद करना चाहिए। अतिरेक और जल्‍दबाजी दोनों हमेशा घातक होती है। अमरीका के बाद जर्मनी और फ्रांस की अर्थव्‍यवस्‍था में मिले सुधार के संकेत दुनिया भर के शेयर बाजारों के लिए शुभ समाचार हैं। हालांकि, अमरीका में को‍लोनियल बैंक का दिवालिया होना यह बताता है कि पूरे सिस्‍टम को ठीक होने में साल भर की अवधि और बीत सकती है।

यूरोप से अच्‍छे समाचार आने के साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्धारा अपने सदस्य देशों को मंदी की चपेट से निकालने और सिस्टम में नकदी बढ़ाने के लिए 250 अरब अमरीकी डॉलर के बराबर स्पेशल ड्राइंग राइट्स (एसडीआर) देने की घोषणा एक सुखद समाचार है। इसमें से भारत को 478 करोड़ अमरीकी डॉलर मिलेंगे। आईएमएफ के निदेशक मंडल ने इसकी मंजूरी दी। यह फंड 28 अगस्त को जारी होगा।

कमजोर मानसून और स्‍वाइन फ्लू के नाम पर निवेशकों में जो डर बैठाया जा रहा है उससे निवेशक सचेत रहें। हर गिरावट पर बेहतर कंपनियों के स्‍टॉक में निवेश करते रहें। कमजोर मानूसन से सरकार खासकर खुद प्रधानमंत्री ने निपटने की तैयारी दिखाई है। देश गेहूं, चावल और अन्‍य कमोडिटी का ठीक ठाक स्‍टॉक है, लेकिन बावजूद इसके कुछ विश्‍लेषकों ने भय खड़ा कर निवेशकों को आगे बढ़ने से रोका है। हमारे देश की खेती हमेशा से ही इंद्रदेव की कृपा पर निर्भर रही है और यहां की जनता ने अनेक बार कम बारिश का सफलता से सामना किया है, लोग आज भी ऐसी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं लेकिन किसी की शह पर जो भय खड़ा किया जा रहा है, वह सही नहीं है।

निवेशक इस बात को याद करें कि काफी विश्‍लेषक बीते मार्च में राग अलाप रहे थे कि 30 जून को समाप्‍त होने वाली तिमाही के लिए भारतीय कार्पोरेट जगत के नतीजे बेहद डरावने साबित होंगे लेकिन अभी आपने देखा ही होगा कि भारतीय कंपनियों ने शानदार नतीजे पेश कर ऐसे विश्‍लेषकों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। इन विश्‍लेषकों ने इन नतीजों के अच्‍छे आने के अब दूसरे कारण बताकर अगली तिमाही के लिए कठिन समय बताना शुरु कर दिया है। इसी तरह स्‍वाइन फ्लू का डर निवेशकों के मन में इस तरह बैठाया जा रहा है मानों शेयर बाजार हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में भरोसा करते हुए बेहतर फंडामेंटल वाली कंपनियों में निवेश जारी रखना चाहिए और यही निवेश इस बाजार में आपको बड़ा मुनाफा करा सकता है।

17 अगस्‍त से शुरु हो रहे नए सप्‍ताह में बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (बीएसई) के सेंसेक्‍स के 15877 से 15055 के बीच घूमते रहने की संभावना है। जबकि, नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 4717 से 4455 के बीच कारोबार कर सकता है।

तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि शेयर बाजार सेंसेक्‍स ने जो अहम कारक बनाए रखा है वह है 14700 का स्‍तर। पिछले सप्‍ताह नीचे जाने की स्थिति में भी यह 14701 गया लेकिन अंत में बंद 15411 अंक पर हुआ। हालांकि, इसने पिछले सप्‍ताह के रेसीसटेंस स्‍तर को पार नहीं किया है। सेंसेक्‍स के 16200 अंक को पार करने पर खासी तेजी देखने को मिल सकती है। इस स्‍तर के पार करने पर सेंसेक्‍स 17218-19845 तक जा सकता है। निचला स्‍तर 14700 लेकर चलें। निवेशक 14700 का स्‍टॉप लॉस लगाते हुए 16196 के स्‍तर तक मुनाफावसूली करते रहें। सेंसेक्‍स के 16200 पार करने के बाद इंडेक्‍स से जुड़े शेयरों में दोबारा लांग पोजीशन ली जा सकती है।

निवेशक इस सप्‍ताह बीईएमएल, आरईसी, कोर प्रोजेक्‍ट, आईडीएफसी, एलेम्बिक, टोरेंट पावर, एचडीआईएल, केआरबीएल, लक्ष्‍मी ओवरसीज, एलाइड डिजिटल सर्विसेज, डीएलएफ, नागार्जुन कंसट्रक्‍शंस, इंडसुइंड बैंक, एसबीआई, रोल्‍टा, रैलीज इंडिया, आईओएन एक्‍सचेंज, आईटीसी और रैनबैक्‍सी के शेयरों पर ध्‍यान दे सकते हैं।

2 comments:

rajitsinha said...

काफी समय बाद आज आपके ब्लाग पर आना हुआ है ... अच्छा विश्लेषण है... स्टाक मार्केट और मानसून में जरूरत के हिसाब से सम्बन्ध स्थापित कर लिये जाते है... वैसे यही विश्लेषक पौने दो साल पहले जे.पी असोसिएट्स को 400 रू के स्तर पर आपके इनवेस्ट्मेंट बास्केट में रखना 'मस्ट' बता रहे थे...वे ही लगभग 6-7 महीने पहले 70-80 रू के स्तर पर'टेरीबल परफार्मर' बताकर उससे दूर रहने और निकलने की सलाह देते पाये गये है...
मुझे तो ऐसा लगता है कि मीडीया सब कुछ प्रायोजित कर सकती है... नैतिकता भी...
वैसे आपकी सलाह हमेशा तट्स्थ होती है...

rajitsinha said...

काफी समय बाद आज आपके ब्लाग पर आना हुआ है ... अच्छा विश्लेषण है... स्टाक मार्केट और मानसून में जरूरत के हिसाब से सम्बन्ध स्थापित कर लिये जाते है... वैसे यही विश्लेषक पौने दो साल पहले जे.पी असोसिएट्स को 400 रू के स्तर पर आपके इनवेस्ट्मेंट बास्केट में रखना 'मस्ट' बता रहे थे...वे ही लगभग 6-7 महीने पहले 70-80 रू के स्तर पर'टेरीबल परफार्मर' बताकर उससे दूर रहने और निकलने की सलाह देते पाये गये है...
मुझे तो ऐसा लगता है कि मीडीया सब कुछ प्रायोजित कर सकती है... नैतिकता भी...
वैसे आपकी सलाह हमेशा तट्स्थ होती है...