adsense

March 02, 2007

मैं एक राजा हूं

भारतीय शेयर बाजार में कोई भी आदमी साढ़े पांच घंटे में गिरधर गोपाल से फक्‍कड़ गिरधारी होने तक का सफर तय कर सकता है। या फिर फक्‍कड़ गिरधारी से नटवर नागर बन सकता है। आम बजट से पहले और बजट के दिन तक जिस तरह शेयर बाजार औंधे मुंह गिरे वह इस सफर के लिए काफी है। लेकिन एक मार्च को ऐसा क्‍या हुआ कि बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज चढ़कर बंद हुआ और आज भी ढीला है। असल में सारा खेल इस समय न्‍यूज का कम और व्‍यूज का ज्‍यादा है।

देश के शेयर बाजारों में जितनी भी कंपनियां सूचीबद्ध हैं उनमें से कोई भी कंपनी पिछले उतार चढ़ाव से अछूती शायद ही रहीं। लेकिन शेयर बाजार की इस प्रेम कहानी में एक राजा भी है। इस राजा का नाम है एनटीपीसी यानी नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन। बीएसई सेंसेक्‍स में जब दस फीसदी की गिरावट आई थी और बाजार में कारोबार रोक दिया गया था उस दिन एनटीपीसी का शेयर कुछ समय के लिए 95 रुपए बोला गया था लेकिन उसके बाद इसने पलट कर नहीं देखा। कुछ लोग यह कहते हैं कि लंबे निवेश के लिए बढि़या स्‍टॉक कौन सा है। मेरी राय में सबसे सुरक्षित और बेहतर स्‍टॉक एनटीपीसी है, जिसमें शेयर निवेश की जानकारी न रखने वाला भी निवेश कर सकता है। हां, यह जरुर है कि यह शेयर रोज रोज की घटबढ़ से खासा प्रभावित नहीं होता लेकिन टूटता भी नहीं है।

एक समय यही स्थिति भेल में थी, जब लोग 150 रुपए से 250-300 रुपए पहुंचने पर कहते थे कि यह खूब बढ़ गया और जल्‍दी ही गिर जाएगा लेकिन देखते ही देखते भेल ने आसमान की ओर कूच कर दिया। यही स्थिति अगले दो साल में एनटीपीसी में होगी। कंपनी के कामकाज और परियोजनाओं के बारे में बखान करने की जरुरत नहीं है क्‍योंकि यही एक कंपनी ऐसी है जिसके बारे में लगभग सभी जानते हैं। अब कंपनी भेल की तरह मशीनरी और पॉवर इक्विपमेंट का भी निर्माण करेगी यानी बिजली के अलावा दो नए क्षेत्र, जो इसकी स्थिति ही बदल देंगे। आज तकरीबन 140-142 रुपए प्रति शेयर मिल रहा एनटीपीसी ही आपको अगले दो साल में गिरधर गोपाल तक का सफर तय करा सकता है। यह मजाक नहीं है...क्‍योंकि मजाक के लिए इस ब्‍लॉग का जन्‍म भी नहीं हुआ है।

No comments: