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March 15, 2007

छोड़ो अल्‍युमिनियम का कटोरा


नेशनल अल्‍युमिनियम कंपनी लिमिटेड की आय भले ही बढ़ रही हो लेकिन अब वक्‍त आ गया है जब आप अपना लाभ बुक कर लें और इस स्‍टॉक से निकल जाएं। यहां कुछ निवेशक कह सकते हैं कि कंपनी की प्रति शेयर आय यानी ईपीएस वर्ष 2008 में 37 फीसदी और वर्ष 2009 में 35 फीसदी बढ़ती दिख रही है तो बाहर क्‍यों निकले। इस साल भी कंपनी के ईपीएस में 22 फीसदी का इजाफा होगा लेकिन अहम बात यह है कि चालू वित्‍त वर्ष की आखिरी तिमाही में इसका लाभ 13 फीसदी और वर्ष 2008 में लाभ 38 फीसदी गिरने जा रहा है। हालांकि, अल्‍युमिनियम के दाम भविष्‍य में भी बढ़ते रहेंगे लेकिन ये भाव बेहतर से दूर रहेंगे। वर्ष 2008 में अल्‍युमिनियम के दाम 11 फीसदी और वर्ष 2009 में 14 फीसदी बढ़ेंगे। वर्ष 2008 में तो इसके दाम 2232 अमरीकी डॉलर प्रति टन तक जा सकते हैं लेकिन ये दाम हाजिर दाम से 20 फीसदी कम हैं। अल्‍युमिना के दाम भी नवंबर 2006 के 220 अमरीकी डॉलर प्रति टन से बढ़कर 405 अमरीकी डॉलर प्रति टन तक पहुंच गए हैं लेकिन ये भाव सप्‍लाई बढ़ते ही टिक नहीं पाएंगे। नाल्‍को का नया अल्‍युमिना कांट्रैक्‍ट चालू वित्‍त वर्ष की चौथी तिमाही से शुरू हुआ है जो 9-11 फीसदी है जबकि यह पहले 22 फीसदी था यानी जोरदार कमी। वर्ष 2008 में अल्‍युमिना के दामों में 39 फीसदी तक की कमी आ सकती है। इस तरह नकारात्‍मक बातें निवेशकों को इसकी ओर खींच नहीं पाएगी। नाल्‍को के शेयर का दाम लंदन मेटल एक्‍सचेंज के अल्‍युमिनियम भाव का अनुसरण करता है लेकिन हमारे मत में जब अल्‍युमिनियम के दामों में गिरावट आएगी तब यह स्‍टॉक दबाव में दिखाई देगा। वर्ष 2007 में इस कंपनी की शुद्ध आय 2276 करोड़ रुपए और ईपीएस 35.34 रुपए रहने की उम्‍मीद है। वर्ष 2008 में शुद्ध आय 1406 करोड़ रुपए और वर्ष 2009 में 1111 करोड़ रूपए की शुद्ध आय होने का अनुमान है। इस तरह इन दोनों वर्षों में प्रति शेयर आय क्रमश: 21.84 रुपए व 17.25 रुपए रह जाएगी।

3 comments:

संजय बेंगाणी said...

आपका चिट्ठा इस लिहाज से खास तौर पर पसन्द आया कि इस विषय पर हिन्दी में कोई नहीं लिखता. साधूवाद.
आइना वाले भाटियाजी जरूर कुछ भरपाई करने की कोशिश करते रहें है.
आपके आने से सामग्री में बढ़ोतरी होगा.

अतुल शर्मा said...

कमलजी, आपके चिट्ठे की सभी पोस्ट मुझ जैसे बाज़ार को न समझने वाले के लिए आर्थिक समझ बढ़ाने वाली है। आप इस विषय पर हिन्दी में लिखते रहें।

SHUAIB said...

आपके लिखने का अलग अंदाज़ पसंद आया, ऐसे ही विषयों पर लिखते रहें।