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May 18, 2007

शेयर बाजार में आज नरमी संभव

भारतीय शेयर बाजार में आज नरमी की संभावना है और चार दिन से चली आ रही तेजी को ब्रेक लग सकता है। साथ ही मिड कैप और स्‍मॉल कैप शेयरों के भाव स्थिर से कुछ नरम रह सकते हैं। तेजी को ब्रेक की वजह अंतरराष्‍ट्रीय शेयर बाजारों से अभी तक के मिले संकेत हैं। हमने भारतीय शेयर बाजार में नरमी का अनुमान इसी आधार पर लगाया है। जापान, हागंकांग, सिंगापुर, अमरीकी सहित दुनिया भर के अनेक शेयर बाजारों के इंडेक्‍स गिरे हुए हैं। हालांकि, हम साफ कर दें कि घबराने की कोई जरुरत नहीं है। भारतीय शेयर बाजारों का भविष्‍य बेहतर है और तेजी जारी रहेगी। तेजी और मंदी के इस खेल में चढ़ाव उतार आना स्‍वाभाविक है। लेकिन एक दिन के रुझान से आप यह नहीं कह सकते कि अब तो यही चाल जारी रहेगी। यदि बाजारों में तेजी और मंदी बंद हो जाए या एक तरफा चाल रहे तो किसी को फायदा नहीं होता केवल लांग टर्म निवेशकों को ही इसका लाभ होता है। सभी को फायदा हो इसके लिए जरुरी है कि तेजी और मंदी का खेल जारी रहे। यदि आज बाजार में नरमी का रुझान दिखाई देता है, जिसके चांस ज्‍यादा है, तो अच्‍छी कंपनियों के शेयर निचले स्‍तरों पर खरीदे। शेयर खरीदते समय एक बात जरुर ध्‍यान रखें कि अपना पूरा ऑर्डर हमेशा एक साथ मत दीजिए। मसलन यदि आपको फिलिप्‍स कार्बन ब्‍लैक के पांच सौ शेयर खरीदने हैं और इसके भाव नरम होते दिख रहे हैं या बाजार की चाल मंदी की बन रही है तो 50/50 के लॉट में ऑर्डर दीजिए तो आप पाएंगे कि आपके खरीदे शेयरों की कीमत सस्‍ती है। याद रखिए...यह मत सोचिए कि ब्रोकर क्‍या सोचेगा कि 50/50 या 25/30 कर शेयर खरीद रहा है क्‍योंकि पैसा आपको ही अदा करना है, ब्रोकर को नहीं। ब्रोकर को क्‍या लगेगा, यह मत सोचिए, कारोबार में केवल अपना फायदा देखिए। ब्रोकर को तो आप ब्रोकरेज अदा कर ही रहे हैं। अब भले आप 25/25, 50/50 या 40/40 या 500 शेयर एक साथ खरीद रहे हों। बेचते समय भी आप इस नियम को अपना सकते हैं, जब बाजार तेजी की ओर हो। थोड़े थोड़े शेयर बेचकर आप अपना बिक्री भाव बेहतर कर सकते हैं। शेयर बाजार में बिजनैस के समय ध्‍यान में रखी जाने वाली छोटी छोटी लेकिन अहम बातों की, जिनसे आप बढ़ा सकते हैं अपना फायदा, पर बातचीत होती रहेगी। वाह मनी ब्‍लॉग आपको कैसा लगता है, इसमें और क्‍या सुधार होने चाहिए, आप क्‍या जानना चाहते हैं, हमें जरुर अवगत कराए, अपनी टिप्‍पणी से। यह आपका ब्‍लॉग है। kamaljalaj@gmail.com

2 comments:

डा प्रभात टन्डन said...

कमल भाई, किसी भी कम्पनी की वित्तीय स्थिति जानने के लिये कोई अच्ग्छी साईट बतायें. वैसे मै moneycontrol.com पर अक्सर देख लेता हूं.

अतुल शर्मा said...

कमलजी मेरी शेयर के मामले में मैंने जो भी थोड़ा बहुत समझा है आपके ब्लॉग से जाना समझा है। इसलिए सुधार बता सकने जैसी समझ तो नही है परंतु शायद यह बेहतर होगा कि आप इस क्षेत्र के कुछ तकनीकी शब्दों को भी समझाएँ। जैसे ऑफ़र डॉक्यूमेंट आता है तो कुछ बातें अंग्रेजी में तो समझ में नहीं आती, शायद हिन्दी में समझ में नहीं आए। जोखिम घटकों के बारे में भी बताया जा सकता है। मैं किसी कंपनी के दस्तावेज़ों की बात नहीं कर रहा हूँ बल्कि भाषाई दृष्टि इन तकनीकी शब्दों की व्याख्या के लिए कह रहा हूँ। या आप प्रश्नोत्तर की कोई व्यवस्था कर सकते हैं।