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May 29, 2007

शेयर बाजार में गिरावट की आशंका!


शेयर बाजार में पिछले चंद दिनों से शुरूआती बढ़त कारोबार बंद होते होते जिस तरह सिमटती जा रही है वह बाजार के लिए बेहतर संकेत नहीं है। यहां न तो शेयर बाजार कंसोलिडेशन हो रहा है और न ही नरम और न ही गरम। पंटर और ऑपरेटर कुछ शेयरों को ही चला रहे हैं। इनमें भी जो शेयर एक या दो दिन चलते हैं उन्‍हें ये लोग छोड़ देते हैं और दूसरे शेयरों पर सवार हो जाते हैं। इस तरह का गेम आम निवेशक के लिए फायदेमंद नहीं है। आम निवेशक अमुक शेयर में अचानक आई तेजी को समझ कर उसका लाभ लेने के लिए जब अमुक शेयर में निवेश करता है, तब तक तो ऑपरेटर और पंटर वहां से छूमंतर हो जाते हैं। कमाई केवल चंद हाथों में। निवेशक इस बात का ध्‍यान रखें कि निवेश फंड मुद्रास्‍फीति, आर्थिक विकास दर, औद्योगिक विकास गति और मानसून से जुड़ी खबरों का फायदा उठाते हैं। इन खबरों के टेलीविजन प्रसारण के साथ ही बाजार तेजी से मंदी और मंदी से तेजी की और दौड़ेगा।

हमने पहले तकनीकी विश्‍लेषण में बताया था कि शेयर बाजार में बेहतर चमक के लिए बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज के 30 शेयर आधारित सेंसेक्‍स को 14725 के अंक को पार करना होगा या इसे 13500 के ऊपर कंसोलिडेटेड होना जरुरी है। सवाल यह उठता है कि सेंसेक्‍स कब ब्रेकआउट करेगा। हमने ब्रेकआउट नहीं देखा है, बाजार की हलचल दायरेबंद देखी है। संयोग से सेंसेक्‍स अपने सभी रेसीसटेंस को पार कर जाता है और यह 14724 के स्‍तर पर बंद होता है तो तेजी का दौर जारी रहेगा और कम से कम यह 16 हजार अंक तक चला जाएगा। बाजार का महत्‍वपूर्ण उच्‍च बॉटम 13500 अंक है। जब तक सेंसेक्‍स 13500 से ऊपर रहता है तब तक हम सेंसेक्‍स के 14724 के ऊपर जाने की उम्‍मीद बनाए रख सकते हैं। लेकिन अब जो खिचड़ी पक रही है उसमें अनेक ऑपरेटर सेंसेक्‍स को पिछले उच्‍च स्‍तर के करीब ले जाकर या उसे एक बार पार कर झटके से 700/800 अंक गिराने का मूड तय कर चुके हैं। संभव है कि भारतीय शेयर बाजार जून के पहले सप्‍ताह या 10 जून के करीब गच्‍चा खा जाए। लेकिन हम यहां आपको एक सुखद खबर भी बताना चाहते हैं कि जून महीने में ये ऑपरेटर ही सेंसेक्‍स को 15 हजार के पार करने का इरादा रखते हैं। बस बाजार गच्‍चा खाता है तो आपको निचले स्‍तर पर बेहतर स्‍टॉक खरीदने का मौका न चूके और 15 हजार के पार जाने पर मुनाफा वसूली से न झिझके। ऑपरेटरों पर भरोसा करें तो आईसीआईसीआई बैंक के पब्लिक इश्‍यू से पहले फर्स्‍ट सोर्स सॉल्‍यूशंस के शेयर का दाम 120/125 रुपए के करीब पहुंच सकता है जो इस समय 84 रुपए चल रहा है, आप भी नजर रखें, नजर न लगाएं। बैंक बैलेंस बढ़ाने वाले शेयर: पावर फाइनेंस कार्पोरेशन यानी पीएफसी, फर्स्‍ट सोर्स सॉल्‍यूशंस, सिएट, नोसिल।

1 comment:

ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey said...

आपका ब्लॉग बहुत अच्छा लगता है कमल जी. वह वैसे ही सम्पन्न है तो 'मालदार' की क्या जरूरत? खैर, ये तो मर्केट के टोने-टोटके हैं. थोड़ा-बहुत चलता है.
कभी बताइयेगा कि चीनी कब मीठी होगी. पवार जी के स्टेटमेंट पर चीनी वाले ले लिये थे पर बाद में बहुतों ने लंगी मार दी उनपर.