भारतीयों में हमेशा से ही सोने की चाहत रही है, जो धनतेरस के दौरान और भी बढ़ जाती है, क्योंकि वे दिवाली के दिन सोना खरीदना शुभ मानते हैं। फिजिकल सोने की चमक के अलावा, गोल्ड ईटीएफ, गोल्ड म्यूचुअल फंड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) जैसे उत्पाद भी इन दिनों चमक रहे हैं, प्रत्येक के अपने फायदे और नुकसान हैं। उनमें से, गोल्ड ईटीएफ युवा आबादी के बीच सबसे लोकप्रिय हो रहे हैं। अक्टूबर 2023 के अंत में गोल्ड ईटीएफ के प्रबंधन के तहत संपत्ति 26,163 करोड़ रुपए थी, जो अक्टूबर 2022 में 19,882 करोड़ रुपए और अक्टूबर 2013 में 9,894 करोड़ रुपए से अधिक थी। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के अनुसार अक्टूबर में गोल्ड ईटीएफ में शुद्ध प्रवाह (नेट इनफ्लो) सितंबर के 175 करोड़ रुपए की तुलना में 841 करोड़ रुपए बढ़ गया। निवेश में उछाल को मुद्रास्फीति बचाव, वैश्विक अनिश्चितता, फेड मौद्रिक नीति और मुद्रा मूल्यह्रास जैसे कई कारकों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। मुद्रास्फीति के दौरान सोना अच्छा प्रदर्शन करता है, सुरक्षा चाहने वाले निवेशकों को आकर्षित करता है। सोना, एक सुरक्षित-संपत्ति है, जो आर्थिक अनिश्चि...
वोल्टास निवेश के लिए सदाबहार कंपनी। एक ऐसी इंजीनियरिंग कंपनी जिसमें आप कभी भी निवेश कर सकते हैं और जब चाहे मुनाफा कमाकर बाहर निकल सकते हैं। वोल्टास की इलेक्ट्रो मैकेनिकल उत्पादों के क्षेत्र में मजबूत स्थिति है। पश्चिम एशिया में कंसट्रक्शन क्षेत्र में जिस तरह की गर्मी देखने को मिल रही है, उसे शीतलता देने का काम वोल्टास को मिल रहा है जिससे इसकी आय और मुनाफे में खूब बढ़ोतरी हो रही है। यदि कोई निवेशक अपने निवेश को तीन साल रोककर रखने की हिम्मत रखता है तो उसके लिए वोल्टास से बेहतर कंपनी नहीं है। वर्ष 2008 में कंपनी की सालाना आय में 30 फीसदी का इजाफा होने की संभावना है। वोल्टास एयर कंडिशनिंग और इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस प्रोवाइडर कंपनी है। इस कंपनी का मूल कामकाज घरों और दफ्तरों, मॉल्स, एयरपोर्टस, मल्टीप्लेक्स के लिए बेहतर एयर कंडीशनिंग आवश्यकताओं को पूरा करना है। यह कंपनी उन क्षेत्रों में भी काम करती है, जहां तापमान, आर्द्रता और हवा पर निगरानी रखने की जरुरत होती है। इन उपयोगकर्ताओं में स्टील और बिजली संयंत्र, पेट्रोकैमिकल्स सुविधाएं और लैबोरेटरीज शामिल हैं। वोल्टास मटीरियल हैंड...
अब तक तो आपने सुना होगा मुकद्दर का सिकंदर....लेकिन सिकंदर ने तो खुद अपना मुकद्दर बनाया था। इसीलिए हम चाहते हैं कि आप भी मुकद्दर के सिकंदर के बजाय एक सिकंदर के रुप में अपना मुकद्दर खुद बनाएं। बात जब मालदार बनने की आती है तो निवेश के साधनों की खूब चर्चा होती है कि कहां ब्याज ज्यादा मिलेगा या कहां निवेश बढ़ने की गारंटी अथवा कहां रुपए दुगुने हो सकते हैं। देश की मालदार कंपनियों की बात करने की अपनी श्रृंखला में आज हम बात करेंगे एक ऐसी ही कंपनी की जिसके शेयर का दाम देखते देखते काफी बढ़ा और इसमें आगे भी भरपूर संभावनाएं मौजूद हैं। कंपनी है गरवारे ऑफशोर सर्विसेज लिमिटेड। एक जमाने में गरवारे शीपिंग के नाम से प्रसिद्ध इस कंपनी की स्थापना स्वर्गीय बी डी गरवारे ने की थी, जो कि गरवारे समूह के संस्थापक थे। जनरल कार्गो वेसलस के कारोबार से जुड़ी इस कंपनी ने 1998 में शीपिंग कारोबार को छोड़ अपना विविधीकरण खासे आकर्षक कारोबार ऑफशोर सप्लाई वेसलस की ओर किया। इस कंपनी ने 1983/84 में सिंगापुर में पांच एएचटीएसवी बनाए और उन्हें ओएनजीसी की सेवा में सौंप दिया। अप्रैल 2005 में इनमें से एक एएचटीएसवी को बेच द...
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