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August 20, 2007

शेयर बाजार में रहें सचेत


दुनिया भर के शेयर बाजारों में अमरीका के एक छोटे से कदम से गर्मी आ गई है। निवेशकों के चेहरे भी खिल उठे हैं। लेकिन अभी इस गर्मी के टिकने और बढ़ने के बारे में कोई भी आश्‍वस्‍‍त नहीं हैं। भारतीय शेयर बाजार के सेंसेक्‍स को देखें तो 14680 के आज के उच्‍च स्‍तर को यह अभी बरकरार नहीं रख पाया है और इस अचानक बढ़त पर बिकवाली खूब हुई है, जिस निवेशक को जिस किसी शेयर में मुनाफा मिल रहा था, उसने उसे गांठ बांधना उचित समझा। कई निवेशकों को अब यह समझ में आ रहा है कि आज जो मुनाफा आपकी जेब में आ सकता है, वह कल किसी और की जेब में जा सकता है। भलाई इसमें ही है कि मुनाफा लेते चलो और लालच से बचों। लेकिन यह भी सच है कि बाजार एक बार फिर ठीक ठाक बढ़त की ओर चला तो लालचियों की संख्‍या भी बढ़ती जाएगी, जो उन्‍हें तगड़े झटके देगी।

निवेशकों को हमारी सलाह है कि इस समय बेहतर शेयरों में ही इंट्रा डे ट्रेडिंग करें और जहां भी मुनाफा मिले, सौदे काट लें। हम आपको एक बात कहना चाहते हैं कि जिस जगह से भी आपको किसी कंपनी या अर्थव्‍यवस्‍था से जुड़ी कोई खबर मिलती हो उसे बेह‍द बारीकी से पढ़े और उसके परिणाम के बारे में सोचें क्‍योंकि यदि आपने खबर का सही ढंग से अर्थ लगाया तो आपके व्‍यारे न्‍यारे हो सकते हैं। शेयर बाजार के कामकाज में आप सफलता चाहते हैं तो हर खबर को सही ढंग से देखने का नजरिया पैदा करना होगा। हालांकि, इस खूबी को पैदा करना सभी के लिए संभव नहीं है। हम जल्‍दी ही अपने इस ब्‍लॉग पर आपको खबरों के अर्थ देंगे कि जिस कंपनी से जुड़ी खबर आज छाई हुई है वह आपके लिए फायदेमंद है या नुकसानदायी।

हमें अनेक निवेशकों की ऐसी पूछताछ मिली है कि रोज रोज कुछ न कुछ पैसे कैसे कमाएं शेयर बाजार में। हम आपको जल्‍दी ही यह बताएंगे कि आप शेयर बाजार में रोजाना एक ही डील में कैसे पांच सौ से पांच हजार रुपए कमा सकते हैं। हालांकि, यह कमाई की रकम बढ़ भी सकती है, यदि आपके निवेश का दायरा बड़ा हो तो। हम वाह मनी के पाठकों से यह जानना चाहते हैं कि वे अपनी जिज्ञासाओं, सुझावों और शिकायतों से हमें टिप्‍पणियों या ई मेल के माध्‍यम से अवगत कराते रहें ताकि हम वह कार्य कर सके जो आप चाहते हैं।

2 comments:

Jitendra Chaudhary said...

बहुत अच्छी जानकारी।
कमल भाई, आप सही कह रहे है, ये तो सिर्फ़ बदली के बीच का लिका छिपी वाला सूरज दिख्खे है। ध्यान रखना पड़ेगा। ऊपर से दिल्ली दरबार मे भी मायूसी है, जब तक वहाँ से अच्छी खबर ना आए, तब तक तो बिकवालों का जोर रहेगा।

आप लिखिए, हम पढने के इन्तजार मे बैठे है।

सुभाष मौर्य said...

कमल जी बाजार में आज जो कुछ हुआ उससे उम्‍मीद है कि‍ आपकी राय में कुछ बदलाव होगा। फेड के डि‍स्‍काउंट रेट घटाने के बाद से वि‍देशी बाजारों में लगातार सुधार हो रहा है। लेकि‍न भारत में ऐसा नहीं हुआ। आज सेंसेक्‍स 483 अंक लुढ़क गया।
परमाणु मुद्दे पर चल रही राजनीति‍क अनि‍श्‍चि‍तता का असर भी शेयर बाजारों पर पड़ा है। ऐसे में शेयर बाजारों में करेक्‍शन का दौर लंबा भी खि‍च सकता है और कहीं बाजार ने 14000 का मनोवैज्ञानि‍क दायरा तोड़ा तो मामला बि‍गड़ सकता है।
एक ही डील में 500 से 1000 रूपए कमाने के तरीके का इंतजार रहेगा। उम्‍मीद है जल्‍दी ही आप यह तरीका सुझाएंगे।