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September 06, 2007

सेंसेक्‍स हजार अंक उछलेगा !

भारतीय शेयर बाजार ने न्‍यूक्लियर डील पर वामपंथियों के रवैये से जो मात खाई थी वह दूर हो गई है। न्‍यूक्लियर डील के संबंध में समिति का गठन कर दिया गया है और अब इस बारे में समिति मिलकर निर्णय करेगी कि भारत को क्‍या करना चाहिए। समूचे मामले को शां‍त करने के लिए समिति बनाई गई लेकिन एक बात तय है कि इस संबंध में समय समय पर हो हल्‍ला होता रहेगा ता‍कि पश्चिम बंगाल और केरल के मतदाताओं को यह लगते रहना चाहिए कि वामपंथी मौजूद है और उनके वोट बैंक में कोई दरार नहीं पड़ पाए। सत्‍ता का स्‍वाद चख रहे वामपंथी भी नहीं चाहते कि कुर्सी का दम ही निकल जाए अन्‍यथा ऑल क्लियर डील कहां करेंगे। बड़ी मुश्किल से मिलती है कुर्सी। वामपंथी भी चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल और केरल उनके हाथ से न निकले बस इतना तो हो हल्‍ला करने ही दो। वामपंथियों को दूसरे रुप में धन्‍यवाद देना चाहिए कि अनेक निवेशकों को बेस्‍ट स्‍टॉक्‍स सस्‍ते में मिल गए और वापस सेंसेक्‍स वहीं पहुंच गया, जहां से वह गिरा था। अब शेयर ऑपरेटरों, पंटरों की बात पर भरोसा करें तो अक्‍टूबर मध्‍य तक सेंसेक्‍स 16500 के आसपास दिखाई देगा। इनका कहना है कि सभी जगह सब कुछ ठीकठाक हो गया है, चिंता मत करिए, सेंसेक्‍स को तो एक हजार अंक उछलना ही है। वाह मनी का मानना है कि इस साल के अंत तक बीएसई सेंसेक्‍स 17 हजार के करीब होगा। निवेशकों को सलाह है कि वे पावर स्‍टॉक्‍स जुटाते रहें, ये स्‍टॉक्‍स ही डार्क हॉर्स हैं। पंटरों के आज के स्‍टॉक्‍स : जेनेटक लैब, रिको ऑटो, मुकुंद, गोदावरी पावर, इस्‍पात इंडस्‍ट्रीज, आईएमपी पावर और जेके लक्ष्‍मी सीमेंट।

2 comments:

Gyandutt Pandey said...

चलोजी, कहीं तो कुछ सुखद सुनने को है! आप तो पत्रकार हैं; पता लगायें कि इस तरह से बम-पटाख कर के साम्यवादियों ने कुछ बटोरा क्या दलाल स्ट्रीट से!

neeshoo said...

वाकई ये सच होने जा रहा है कि कोई जादू होगा?