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September 18, 2007

शेयर बाजार में रही चमक

अमरीकी फैडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में कमी किए जाने की प्रबल संभावनाओं के बीच यूरोप के शेयर बाजारों में आई तेजी का असर 18 सितंबर 2007 को भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला। शेयर बाजार के मौजूदा रुझान को देखते हुए इस तेजी के आगे भी बने रहने की संभावना है।

बीएसई सेंसेक्‍स में तेजी कारोबार दूसरे चरण में आई जब इसकी अगुआई तेल एवं गैस और बैंकिंग स्‍टॉक्‍स ने की। बीएसई में कुल 1794 शेयर बढ़े, जबकि 958 में गिरावट देखी गई। केवल 55 कंपनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया। बीएसई सेंसेक्स में 165 अंक की जोरदार बढ़त दर्ज की गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 52 अंक चढ़ा।

बाजार विश्लेषक कहते हैं कि अमरीकी अर्थव्यवस्था की स्थिति को देखते हुए फैडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कम से कम चौथाई फीसदी की कमी किए जाने की पूरी-पूरी संभावना है। हालांकि, यह कटौती आधा प्रतिशत तक भी हो सकती है।

एल एंड टी को सेल से 7।6 अरब रुपए का आर्डर मिलने से बढ़त देखी गई। लेन्‍को इंफ्राटेक का यूएई की कंपनी गल्‍फटेनर के साथ पोर्ट और ट्रांसपोर्टेशन परियोजनाओं के लिए करार होने से गर्मी आई। बिकवाली दबाव से एफएमसीजी शेयर गिरे।

शेयर बाजार में गर्मी लाने वाले शेयर रहे : आईसीआईसीआई बैंक 925 रुपए, एसबीआई 1693 रुपए और भारती एयरटेल 832 रुपए। गिरने वाले रहे सिप्‍ला 168 रुपए, विप्रो 444 रुपए और आईटीसी 180 रुपए। बिग गेनर्स रहे : रेमंड 327 रुपए, इंजीनियर्स इंडिया 582 रुपए, इंडुसइंड बैंक 73 रुपए। बिग लूजर्स : हैक्‍सावेर 127 रुपए, नेवली लिग्‍नाइट 96 रुपए और अपोलो टायर्स 39 रुपए।

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