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October 08, 2007

आया शेयर बाजार नीचे, खरीद के लिए रहो तैयार

भारतीय शेयर बाजार में आज वही हुआ जिसकी पहले से ही आशंका थी।
बीएसई सेंसेक्‍स आज 282 अंक गिरकर 17491 पर बंद हुआ, हालांकि यह नीचे में 17322 तक चला गया था, जहां अधिकतर निवेशकों की धड़कनें बढ़ गई थी। शेयर बाजार में आई गिरावट के लिए कांग्रेस और वामपंथियों के बीच चल रही शब्‍द लड़ाई को माना जा रहा है। यदि देश मध्‍यावधि चुनाव की ओर मुड़ता है तो साफ है शेयर बाजार को तगड़ी नजर लगेगी। विश्‍लेषकों की बातों पर भरोसा किया जाए तो आज की गिरावट जारी रहेगी। यह अलग बात है कि सेंसेक्‍स को हल्‍के झटके लगे या तगड़े। फिर भी बीएसई सेंसेक्‍स के दो हजार अंक तक घटने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वाह मनी के पाठक जानते हैं कि हमने दो काफी दिन पहले ही दो स्‍टोरी इस बात पर दी थी कि शेयर बाजार में गिरावट आएगी और आज आठ अक्‍टूबर है और भविष्‍यवाणी सच हुई। हम एक बात और साफ कर देना चाहते हैं कि शेयर बाजार में भले ही भयंकर गिरावट न आए लेकिन मिड कैप और स्‍मॉल कैप में आई ताकत को केवल चार दिन में साफ किया जा सकता है।

मध्‍यावधि चुनाव अब कमान बसु के हाथ

कांग्रेस और वामपंथियों के बीच चल रहे शब्‍द युद्ध की कमान अब बूढ़े मा‌र्क्सवादी नेता ज्योति बसु ने संभाल ली है। बसु का कहना है कि उनके पार्टी नेतृत्व को भारत-अमरीका परमाणु करार पर समझौता करने से जुड़ी संभावनाओं पर गौर करना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के भाषण का जिक्र करते हुए बसु ने कहा कि यदि वह चुनाव चाहतीं हैं तो हम भी इसके लिए तैयार हैं, भले ही हम इसके पक्ष में न हों। बसु ने कहा कि प्रणव मुखर्जी से मुलाकात के बाद मैंने प्रकाश करात और सीताराम येचुरी से बातचीत की है। मैंने उनसे उनकी बात सुनने के लिए कहा है यह देखने के लिए कि क्या कोई समझौता किया जा सकता है। परमाणु करार के विरोधियों पर सोनिया के हमले के बारे में बसु कहते हैं कि मैं नहीं जानता कि उन्होंने अब अपना लहजा क्यों बदल लिया। यदि वह चुनाव चाहती हैं तो हम तैयार हैं। हालांकि माकपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस वक्त वह चुनाव के पक्ष में नहीं हैं।
बसु ने कहा कि विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने उनसे मुलाकात कर बताया है कि यूपीए सरकार आईएईए के पास जाएगी और उसे बता दिया गया है कि सरकार वामपंथियों के साथ बातचीत कर रही है और उन्हें उनकी चिंताओं के बारे में अवगत कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हमें कम से कम अभी के लिए मिलकर काम करना चाहिए क्योंकि सांप्रदायिक ताकतें कुछ इलाकों में फिर एकजुट हो रही हैं और अन्य राज्यों में कमर कस रही हैं। बसु कहते हैं कि 18 अक्टूबर को नई दिल्ली में माकपा पोलित ब्यूरो की बैठक होगी। जिसमें परमाणु करार के सिलसिले में पार्टी के अगले कदम पर फैसला किया जाएगा।

खरीद का मौका

शेयर बाजार के खिलाडि़यों का कहना है कि बीएसई सेंसेक्‍स ने दो हजार अंकों की दौड़ बहुत तेजी से लगाई जिससे निवेशक चिंतित है और इस समय जमकर मुनाफा वसूली कर लेना चाहते हैं। शेयर बाजार विश्‍लेषकों की राय में बीएसई सेंसेक्‍स गिरकर 16 हजार से 16500 अंक तक आ सकता है। मिडकैप पर ज्‍यादा दबाव रहेगा। अभी तक मिड कैप में पांच से सात फीसदी की धुलाई देखी है लेकिन यह नरमी बढ़ती है तो लार्ज कैप स्‍टॉक में 10 से 12 फीसदी का करेक्‍शन आ सकता है। जबकि मिड कैप में यह नरमी 15 से 20 फीसदी तक दिखाई दे सकती है। तेजी की दशा में सेंसेक्‍स का अगला मुकाम 18 हजार अंक है। वाह मनी की राय में गिरावट पर शेयर खरीदने में जल्‍दबाजी न दिखाएं लेकिन मौजूदा नरमी का फायदा बेहतर कंपनियों के शेयर खरीदने के लिए जरुर उठाएं। यह खरीद छोटी छोटी मात्रा में करें ताकि आपका खरीद भाव नीचा रह सके। बेहतर स्‍टॉक्‍स जरुर लें ताकि फिर से आने वाले जम्‍प के समय मोटा मुनाफा कमाया जा सके।

3 comments:

maithily said...

आपने पहले बताया था सो हम तो अपनी सारी बिक्री करके झोली खाली करके बैठे हैं.
अब नीचे आया तो खरीददारी कर लेंगे

Yugal Mehra said...

अगर मार्केट गिरता है तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान स्माल केप और मिड कैप को होगा. बड़ी कम्पनिया तो तेजी मैं वापसी कर लेगी परंतु स्माल केप और मिड कैप को वापसी में जोर आएगा.

satyendra said...

अभी तो शेयर खरीदने के िलए पैसा ही नहीं है सर। हालांिक मुझे तो अभी बाजार के और भी िगरने की उमीद है। एफडीआई को िकस रुप में देख रहे हैं इस समय। बाजार बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा हाथ तो उन््हीं का रहा है न ।