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October 29, 2007

शेयर बाजार की मलाई खाने के लिए हो जाइए तैयार


भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के बैरोमीटर बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज के सेंसेक्‍स ने जैसे ही 20 हजार अंक को छूआ, निवेशकों के चेहरे खुशी से दमक रहे थे। वजह भी साफ थी कि 17 हजार अंक पर सेंसेक्‍स के आने पर हर निवेशक को कमाई नहीं हुई थी लेकिन इस बार स्थिति बदली है और हर निवेशक ने कुछ न कुछ कमाया ही है।
निवेशकों के मन में अब फिर वही सवाल उठा है कि सेंसेक्‍स और शेयर बाजार में आगे क्‍या होगा। क्‍या यह तेजी इसी तरह बनी रहेगी या फिर मार्केट का बंटाढार हो जाएगा किसी भी समय। वाह मनी की राय में न तो शेयर बाजार में सब कुछ मिटने जा रहा है और न ही बड़ी मंदी आएगी। यह बात अलग है कि हर तगड़ी तेजी के बाद कुछ करेक्‍शन आ सकता है लेकिन ऐसे करेक्‍शन स्‍थाई नहीं होंगे और शेयर बाजार नई बुलंदियों को छूता रहेगा।

बीएसई सेंसेक्‍स जब पांच हजार अंक था और आठ हजार अंक पर आया तब भी यही बातें होती थी कि अब बहुत बढ़ गया बाजार, कभी भी औंधे मुंह गिरेगा। आठ से 15 हजार अंक पहुंचा तब भी इसी तरह की बातें होती थी और आज भी हो रही है। इस तरह की बातों को सोचने के पीछे हमारी गलती नहीं है, बल्कि हमारी मानसिकता आड़े आ जाती है क्‍योंकि हम तगड़ी तेजी देखने के आदी नहीं रहे और पहली बार बाजार में आग लगते हुए देख रहे हैं।

हमारी राय में तेजी की यह शुरूआत है और सेंसेक्‍स को अभी बड़ी मंजिल तय करनी है। इस समय शेयर बाजार में करीबन दो सौ ऐसी कंपनियां हैं जिनके भाव आप काफी कम देख रहे हैं, हालांकि पिछले दिनों की बढ़ोतरी के बाद लोग कहते हैं इन कंपनियों के दाम तो दो गुना या पांच गुना बढ़ चुके हैं लेकिन वाह मनी की राय में ऐसी कंपनियों के शेयरों के दाम अगले एक साल में उस मुकाम पर होंगे जिसके बारे में अधिकतर निवेशकों ने कल्‍पना भी नहीं की है।

कल मैं एनडीटीवी इंडिया का एक प्रोग्राम देख रहा था जिसमें लोगों से यह पूछा जा र‍हा था कि आप कितने समय में करोड़पति बनना चाहते हैं। कुछ कहना था कि अभी, पांच मिनट में, एक साल में या फिर जब बना दो। इस कार्यक्रम की प्रस्‍‍तुति में यह बताया जा रहा था कि किन बातों पर ध्‍यान देना होगा यदि आप करोड़पति बनना चाहते हैं। कहां कहां निवेश कर करोड़पति बना जा सकता है आदि आदि। असल में हमारे देश को ऐसे ही कार्यक्रम की जरुरत है जहां अधिक से अधिक लोग करोड़पति बन सके और आर्थिक खुशहाली हासिल कर सकें।

वाह मनी भी यही चाहता है कि देश का हर आदमी आर्थिक रुप से खूब मजबूत हो। शेयर बाजार की मौजूदा चाल लोगों को आर्थिक रुप से मजबूत बनाने में बड़ी सहायक हो सकती है। हम हर निवेशक से कहना चाहेंगे कि यदि आपने देश की क्रीम कंपनियों में निवेश किया है तो बिल्‍कुल न घबराएं, चाहे सेंसेक्‍स किसी भी स्‍तर पर दिखें। साथ ही ऐसी कंपनियों के शेयर छोटे मोटे लाभ के लिए न बेंचे, बल्कि लांग टर्म के आधार पर अपने निवेश को बनाए रखें। हालांकि, बाजार पर बुरा असर डालने वाली कोई बड़ी खबर आ रही हो तो आप कुछ समय के लिए अपने शेयर बेच सकते हैं लेकिन उन्‍हें घटे स्‍तर पर खरीदने की तैयारी भी रखें।

यह ध्‍यान रखें पैसा कमाने के लिए धैर्य जरुरी है और घबराहट के किसी भी कारण के समय आत्‍मचिंतन जरुर करें अन्‍यथा आप गेनर के बजाय लूजर बन सकते हैं। भेड़चाल का हिस्‍सा न बनते हुए किसी भी कंपनी के शेयर खरीदते और बेचते समय यह जरुर सोचें कि यह खरीद कितने समय के लिए है और यदि शेयर बेच रहे हैं तो यह देखें कि जिस भाव पर आप शेयर बेच रहे हैं क्‍या उसके बाद इसमें बढ़ोतरी की बड़ी गुंजाइश नहीं बची है। यदि गुंजाइश है तो शेयर बेचने का आपका फैसला गलत हो सकता है। वाह मनी की राय में यदि आज भी कोई निवेशक देश की भाव क्रीम कंपनियों में निवेश करता है तो अगले दो साल यानी दिवाली 2009 तक करोड़पति बन सकता है। तो तैयार हो जाइए करोड़पति बनने का सफर तय करने के लिए वाह मनी के साथ। हम बताएंगे आपको क्रीम स्‍टॉक और आप लुत्‍फ उठाएंगे मलाई का।

5 comments:

आशीष महर्षि..उम्र के २४वें पड़ाव पर said...

मुझे भी मलाई का इंतजार है.

अविनाश वाचस्पति said...

क्रीम बतलाएं
मलाई खाएंगे
रूलाई सबकी
दूर हटाएंगे।

आलोक said...

ठीक। पर यह बताइए कि इस उछाल और गिराव का वास्तविक अर्थ क्या है? कोई कमा रहा है तो पैसा कहीं से तो आ रहा है न? यानी कि कोई गरीब हो रहा है?

Vinod Kumar Purohit said...

कमलजी, मलाई आप िखलाते रहिये हम लोग खाते रहेंगे। आपके अगली पोस्ट का इंतजार रहेगा। अभी मलाई खाने के दिन जो ठहरे। दीवान से इन दिनों बाहर िनकले हैं तो अच्छी मलाईदार कंपनी में निवेश करके भूल जायेंगे।

हरिमोहन सिंह said...

इन्‍तजार है मलाई का