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February 29, 2008

आम बजट पहले ही लिक हो गया था

ओमप्रकाश तिवारी
जागरण से साभार


केंद्र सरकार द्वारा शुक्रवार को पेश किए जाने वाले बजट में विदर्भ के किसानों को क्या मिलने वाला है, शायद इसकी गंध राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेताओं को पहले ही लग गई है। महाराष्ट्र में यह अटकल बजट के तुरंत बाद राकांपा के किसान सम्मेलनों की फेहरिस्त देखकर लगाई जा रही है। बजट पेश होने के एक दिन बाद, यानी दो मार्च से ही राकांपा पूरे महाराष्ट्र में एक सप्ताह के अंदर छह किसान रैलियां करने जा रही है। इन रैलियों को कृतज्ञता रैली का नाम दिया गया है।

अर्थात विदर्भ सहित पूरे महाराष्ट्र के किसान बजट में कृषि क्षेत्र को मिली सुविधाओं के लिए मराठा क्षGप एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार के प्रति कृतज्ञता दर्शाने के लिए इन रैलियों में जमा होंगे गौरतलब है, पिछले चार वर्ष में विदर्भ के सिर्फ छह जिलों में पांच हजार से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं। बीते वर्ष भी आत्महत्या करनेवाले किसानों की संख्या 1200 से ज्यादा रही है। इसी को मुद्दा बनाकर विपक्षी दल शिवसेना और भाजपा की बड़ी-बड़ी रैलियां पिछले एक सप्ताह से पूरे महाराष्ट्र में हो रही हैं। अब दो मार्च को निर्धारित राकांपा की पहली रैली राज्य की उपराजधानी एवं विदर्भ के गढ़ नागपुर में होगी। अगली रैली तीन मार्च को विदर्भ के ही अकोला में होगी। तीसरी रैली चार मार्च को उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव में, चौथी रैली पांच मार्च को पश्चिम महाराष्ट्र के कोल्हापुर में, पांचवी रैली मुंबई के पास ठाणे में सात मार्च को और अंतिम रैली आठ मार्च को मराठवाड़ा के बीड जिले में होगी।

इन सभी रैलियों के लिए झंडे बैनर अभी से रवाना कर दिए गए हैं। यही नहीं, बजट के दिन भी किसानों के लिए होने वाली घोषणाओं का स्वागत पटाखों और आतिशबाजियों से करने का निर्देश राकांपा कार्यकर्ताओं को दिया गया है ताकि किसानों को अहसास दिलाया जा सके कि ये सुविधाएं उन्हें राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के कारण ही मिल रही हैं।

1 comment:

visfot said...

जिस तरह से मीडिया में बजट की संभावनाओं पर चर्चा हो रही थी उससे यह लग रहा था कि कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ है.