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March 25, 2008

शेयर बाजार में तेजी तय नहीं


अमरीकी शेयर बाजारों में आए सुधार के साथ भारतीय शेयर बाजार की ताल मिलने से निवेशक खुश हैं। बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज ने कई दिनों बाद 16 हजार अंक का स्‍तर पार किया है। इस चमक के बाद अधिकतर शेयर विश्‍लेषक यह कह रहे हैं कि नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज का निफ्टी जल्‍दी ही 5050 अंक तक चला जाएगा और 5050 से 5100 के स्‍तर पर आने के बाद इसकी अगली मंजिल 5300 अंक होगी। इस मंजिल को पार करने के बाद भारतीय शेयर बाजार में तेजी पूरी तरह तय है और हम नई ऊंचाई की ओर बढ़ेंगे।

अचरज होता है कि दो दिन की चमक के बाद अब विश्‍लेषकों को सारे फंडामेंटल बदले हुए नजर आ रहे हैं। यह सही है कि जेपी मॉर्गन ने खस्‍ताहाल अमरीकी निवेश बैंक बेयर स्‍टीयर्न्‍स को खरीदने के लिए अपने पेशकश पांच गुना तक बढ़ाने की मंशा जताई है और अमरीका में घर खरीद के आंकड़े कुछ सकारात्‍मक आ रहे हैं। लेकिन इन दो वजहों से यह कतई तय नहीं किया जा सकता कि अमरीकी अर्थव्‍यवस्‍था के सुधरने के ठोस संकेत सामने आ गए हैं। यही वजह है कि घरेलू तकनीकी विश्‍लेषक बचने के लिए यह भी जोड़ रहे हैं कि निफ्टी का 4600 अंक का स्‍तर नहीं टूटना चाहिए। यदि यह टूटा तो एक बार फिर कबाड़ा हो सकता है। इससे यह तो साफ है कि कोई भी भविष्‍यवक्‍ता यह बताने की स्थिति में नहीं है भारतीय शेयर बाजार का रुख कैसा बना रहेगा।

शेयर विश्‍लेषकों को इस समय जल्‍दबाजी में कोई भविष्‍यवाणी करने से अच्‍छा है यह कहना चाहिए कि भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन भी मंगलकारी रहा तो सही होगा। जब तक अमरीकी अर्थव्‍यवस्‍था की काली छाया का संकट दूर नहीं हो जाता, छोटे निवेशकों को तेजी के नाम पर फिर से बाजार में खींचने की ऐसी लालची भविष्‍यवाणी नहीं होनी चाहिए। बेयर स्‍टीयर्न्‍स के लिए बेहतर पेशकश और घर खरीद के आंकड़े थोड़े सुधरने से जो ज्‍यादा जोश चढ़ा है वह ठीक नहीं है। इस समय पहले से ऊंचे स्‍तरों पर फंसे निवेशकों के पास नया पैसा है ही नहीं कि वे नया निवेश कर सके। मौजूदा चमक तेजी वाली चमक नहीं है बल्कि आम निवेशक को कुछ इंतजार करना चाहिए क्‍योंकि एक बात सदैव ध्‍यान रखें कि शेयर बाजार कहीं भागकर नहीं जा रहा। अति उत्‍साह में आकर बड़ी खरीद एक साथ न करें, हालांकि यह समय साहसियों के लिए निवेश का है, लेकिन हर गिरावट और हर हलचल पर नजर रखते हुए क्‍योंकि आपने यह तो सुना ही होगा कि चार दिन की चांदनी और फिर अंधेरी रात।

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