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April 03, 2008

शेयर बाजार की सार्थक बाजीगरी


शेयर बाजार के निवेशकों ने पिछले ढाई महीने में जिस तरह अपने निवेश को धुलते हुए देखा है, उसने अधिकतर निवेशकों की कमर तोड़ दी है। इस समय कोई भी निवेशक नया निवेश करने के मूड में नहीं है लेकिन कुछ बातों को ध्‍यान में रखा जाए तो हर दशा में इस बाजार का बाजीगर बना जा सकता है।

बाजीगर निवेशक हमेशा बेहतर कंपनियों की सूची बनाने में लगे रहते हैं जिनमें सही समय और सही भाव पर निवेश किया जा सके। शेयर बाजार की हर गिरावट शेयर खरीदने का मौका देती है लेकिन इसके लिए जरुरी है कि ऐसी मंदी के समय फंड पास हो। इसलिए अपने पिछले निवेश में उचित भाव पर मुनाफावसूली करते रहना जरुरी है। वारेन बफेट का कहना है कि वे किसी कंपनी में निवेश के लिए बेहतर समय का इंतजार बरसों तक कर सकते हैं।

बेहतर कंपनियों के चयन से पोर्टफोलियो उम्‍दा बनता है। जिस तरह बगैर ठोस परिकल्‍पना के एक परियोजना खड़ी नहीं की जा सकती वैसे ही बेहतर और मजबूत कंपनियों के अभाव में मजबूत पोर्टफोलियो नहीं बनाया जा सकता। कमजोर फंडामेंटल और अफवाहों या कानाफूसी के आधार पर चलने वाले शेयर मंदी में पानी पानी हो जाते हैं जिससे आम निवेशक अपने को पूरी तरह साफ पाता है। प्रतिकूल लांग टर्म बिजनैस भविष्‍य, कमजोर लेखा जोखा और खराब संचालन वाली कंपनियां शार्ट टर्म में तारे तोड़ने की बात कहती हैं जिससे यह मजेदार लग सकती हैं लेकिन मंदी का दौर आते ही इन कंपनियों के भाव औंधे मुंह दिखते हैं। ऐसी स्थिति में मजबूत आधार पर पोर्टफोलियो खड़ा करना चाहिए।

यदि आपको किसी छिपे खजाने की जानकारी हो तो क्‍या आप उसे आम आदमी को बताना चाहेंगे। नहीं ना, तो फिर शेयर टिप्‍स पर भरोसा क्‍यों। जिन कंपनियों के शेयरों में आप निवेश करना चाहते हैं उनके बारे में खुद पढ़े और उन्‍हें समझें। बाजार में चल रही टिप्‍स को आप एक टूल के रुप में उपयोग कर सकते हैं लेकिन केवल उसी पर पूरा आधार न रखें। ऐसी चलने वाली टिप्‍स आपके निवेश को साफ कर सकती है।

कहावत है कि जो जितनी बड़ी जोखिम लेता है उतना ही मोटा मुनाफा कमाता है। तगड़ा मुनाफा कमाने के लिए बड़ी रिस्‍क लेना जरुरी है लेकिन ऐसी रिस्‍क लेते समय सावधान रहें। हरेक निवेशक को अपने रिस्‍क प्रोफाइल को समझने और अस्थिरता के समय किस तरह आगे बढ़ाने की कला आनी चाहिए। बगैर इस कला के एक निवेशक बाजीगर नहीं बन सकता।

पोर्टफोलियो खड़ा करते समय जो बात सबसे ज्‍यादा ध्‍यान में रखी जानी चाहिए वह है समूची निवेश राशि का उपयोग एक बारगी ही न करें। अपनी निवेश राशि को टुकड़ों में निवेश करें ताकि आपकी खरीद लागत कम रहे और कई बार अपनी सूची में छूट गए बेहतर शेयर सस्‍ते में मिलने पर खरीदे जा सके। भारी मंदी के समय अर्थव्‍यवस्‍था में अहम भूमिका निभाने वाली कंपनियों के शेयर पानी के भाव खरीदे जा सकते हैं। इसलिए अपने निवेश राशि को चरणबद्ध तरीके से निवेश करें।

पोर्टफोलियो खड़ा करने के लिए जो निवेश किया जा रहा है उसमें उधारी का पैसा नहीं होना चाहिए। मौजूदा मंदी में जिस तरह अनेक निवेशक, हेज फंड्स और बैंक बुरे हालात में पहुंचे हैं उसका मुख्‍य कारण उधार के पैसे होना है। तेजी के समय उधार का पैसा आपको मालामाल बना सकता है लेकिन मंदी के समय यह गले की हड्डी बन जाता है। याद रखें की बुरे दिन मेल या ईमेल भेजकर नहीं आते। उधार के पैसे तेजी के बीच में ही लगाए और तत्‍काल मुनाफा वसूली कर उस पैसे को चुकता कर दें।

अंत में, वित्‍त वर्ष 2008-09 के आम बजट में वित्‍त मंत्री पी चिदम्‍बरम ने शार्ट टर्म कैपिटल गैन टैक्‍स में बढ़ोतरी कर लंबी अवधि के निवेश को प्रोत्‍साहन दिया है, वह कोई नया नहीं है। निवेशक वही सफल हुए हैं जिन्‍होंने लंबी अवधि के लिए निवेश किया है। दुनिया में नंबर वन बने अमीर वारेन बफेट का तो यही उसूल है कि निवेश करो और भूल जाओ। लंबी अवधि का निवेश बाजार में रोज रोज होने वाले उतार चढ़ाव से प्रभावित नहीं होता और गंभीर निवेशकों पर इसका असर भी नहीं पड़ता। बस थोड़ा सा अनुशासन आपके पोर्टफोलियो को हर स्थिति में मजबूत रख सकता है एवं लंबी अवधि में आपको बेस्‍ट बाजीगर बना सकता है।

3 comments:

Anonymous said...

aaj kal niyamit blog lekhan main kami aaye hai,na jaane kyon?us se bhi nirashajanak baat hai kisi paathak ka comment nahin karna.lagta hai sensex ki uchain aur blog par comment sananupatik hai.main padhta roj hoon ,lekin comment kabhi -kabhi deta hoon.keep it up.abhi market charhte hi barsati medhak tarrane lagenge.waise market ka asli mazza to abhi hi aa raha hai.heere patthar ke bhav mil rahen hain.,lekin koi jauhari to bane.abhi to sab aise hain ki har chamakti cheez ko sona hi samajh leten hain.

Vinod Kumar Purohit said...

अनाम टिप्पणी करने वाले भाई साहब ने सही ही लिखा है। अब मेरे को ही ले लो। ब्लाग रोजाना देखता हूं लेकिन कमलजी की कोई नई पोस्ट न पाकर निराशा हो जाता हूं व इस चक्कर में कमेंण्टस भी नहीं दे पाता हूं। कभी टोल के टेलीफोन की सूची पाता हूं तो उसको शेयर बाजार से लिंक किस रूप में करूं समझ में नहीं आता है। लेकिन कमलजी का प्रयास बहुत सही है, अनुमान बहुत ही सटीक जाते है।

Anonymous said...

purohit ji ki jai ho.aatmswikriti badi shaandaar cheez hai.mere man ka bojh aapne halka kar diya.aise hi aate rahen ,kuchh kahte rahen,hum bhi khus kamal ji bhi khush.