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November 23, 2009

शेयर बाजार पहुंचा मजबूत स्थिति में

भारतीय शेयर बाजार का सेंसेक्‍स अब 18 हजार अंक की ओर बढ़ने की तैयारी कर रहा है। पिछले सप्‍ताह वेबदुनिया के इस कॉलम में इस तैयारी का उल्‍लेख किया गया था, जिसके जल्‍दी ही फलीभूत होने की उम्‍मीद की जा सकती है। शेयर बाजार में मजबूती का यह ट्रेंड आम बजट तक बना रह सकता है। हालांकि, बीच बीच में कुछ करेक्‍शन आ सकता है लेकिन बाजार के पूरी तरह साफ होने का अंदेशा नहीं है। निवेशक सैक्‍टर के बजाय स्‍टॉक विशेष पर अधिक ध्‍यान दें जो उन्‍हें बेहतर कमाई दे सकता है।

यथा सौर ऊर्जा आयोजन पर सरकारी घोषणा होने की उम्‍मीद से वेबेल एसएल एनर्जी में करंट की उम्‍मीद थी और इस कॉलम में पिछले सप्‍ताह निवेशकों को इस शेयर पर ध्‍यान देने की सलाह दी गई थी जो सच ठहरी एवं इस कंपनी के शेयरों ने नई ऊंचाई को छूआ। इसी तरह स्‍टॉक विशेष पर दिया गया ध्‍यान आपको समृद्ध बना सकता है लेकिन हरेक दांव सचेत रहकर खेलें एवं आंशिक मुनाफावसूली का मंत्र अपनाएं रखें।

इस सप्‍ताह फ्यूचर एंड ऑप्‍शन के तहत नवंबर सीरिज का निपटान होगा। इस वजह से शेयर बाजार में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। दो तरफा उतार चढ़ाव पोजीशन रोलओवर करने के लिए आम निवेशक के मन में लालच पैदा करेगा। गुरुवार को संभवत: बाजार में तेजी का माहौल रहे और इसके बाद अचानक बाजार को ढीला किया जा सकता है। अमरीकी सरकार ने अमरीकी अर्थव्‍यवस्‍था को मजबूत करने के लिए डॉलर में मजबूती के प्रयास करने की जो बात कही है उससे आने वाले दिनों में घरेलू बाजार से हैज फंड और एफआईआई अपना पैसा निकाल सकते हैं। सरकार ने विदेशी निवेश पर कर न लगाने की बात जरुर कहीं लेकिन अब तक खरीददार रहे ऐसे निवेशक इस घोषणा के बाद बिकवाल बन गए हैं। इसी तरह विभिन्‍न कमोडिटी के दाम अगले तीन महीने, अगले छह महीने तक न घटने के बयान किसके इशारे पर दिए जा रहे हैं। क्‍या युवाओं के इस देश में सट्टेबाजी ही प्रमुख कारोबार बनता जा रहा है। दिल्‍ली में गन्‍ना किसानों ने अपनी ताकत दिखाकर सरकार को जिस तरह झुका दिया उसी तरह खाद्यान्‍नों के बढ़ते दामों को ब्रेक लगाने के लिए देशव्‍यापी जनआंदोलन की जरुरत है अन्‍यथा दुनिया में सर्वाधिक बचत करने वाले देश के नागरिकों को आने वाले दिनों में बेहद कठिन दिनों से रुबरु होना पड़ सकता है।

मोर्गन स्‍टेनले एशिया के चेयरमैन स्‍टीफन रोश एशियाई शेयर बाजारों को लेकर तेजी में हैं जबकि अमरीकी बाजार में मंदी की धारणा रखते हैं। रोश का कहना है कि अमरीकी शेयर बाजारों के बारे में मेरी धारणा मंदी की रही है। इसी धारणा के कारण मुझे एशिया भेज दिया गया। अब मैं एशिया में हूं और इस क्षेत्र को लेकर काफी तेजी में हूं। वे कहते हैं कि एशिया को लेकर मैं अभी काफी आशावान हूं बशर्ते चीन आंतरिक मांग के साथ आगे बढ़े, न सिर्फ खुद की अर्थव्‍यवस्‍था के लिए बल्कि कोरिया, ताईवान, सिंगापुर और जापान जैसे देशों के लिए भी। फिलहाल मुझे लगता है कि बाजार बहुत जल्‍दी में ज्‍यादा बढ़ गए हैं। बाजार लिक्विडिटी से चल रहे हैं और वैश्चिक अर्थव्‍यस्‍था में हुई रिकवरी से इनका तारतम्‍य खत्‍म हो गया है क्‍योंकि रिकवरी अभी भी बहुत सुस्‍त है। मेरा मानना है कि लंबे समय से पैडिंग करेक्‍शन के बाद वैश्विक बाजार में निवेश के लिए और आकर्षक एंट्री प्‍वाइंट मिलेंगे।

23 नवंबर से शुरु हो रहे नए सप्‍ताह में बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्‍स 17366 से 16344 के बीच घूमता रहेगा। जबकि, नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 5166 से 4855 के बीच देखने को मिल सकता है।

तकनीकी विश्‍लेषक हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि सेंसेक्‍स में पिछले सप्‍ताह के अंत में बेहतर सुधार दिखा और निकट भविष्‍य में इसमें और मजबूती की उम्‍मीद है। सेंसेक्‍स का अगला ऊपरी स्‍तर 17493 का बन रहा है एवं यह आगे चलकर यह 17735 अंक पहुंच सकता है। साप्‍ताहिक सपोर्ट स्‍तर 16635-16360-16147 है। साप्‍ताहिक रेसीसटेंस 17201-17493-17735 है। हालांकि तिमाही स्‍तर पर देखें तो हमारा बाजार लंबी अवधि के रेसीसटेंस क्षेत्र में चल रहा है। यह रेसीसटेंस क्षेत्र 17144-17735 है और सितंबर 2009 के मध्‍य से सेंसेक्‍स अब तक इस स्‍तर को पार नहीं कर पाया है। बीते शुक्रवार को 16635.75 का बना बॉटम तात्‍कालिक कारोबार में उच्‍च बॉटम बना है जो नवंबर के पहले सप्‍ताह का निम्‍न स्‍तर 15530 अंक निचला बॉटम बना है। 17500 के ऊपर लांग पोजीशन बढ़ाई जा सकती है लेकिन इस स्‍तर से ऊपर जाने पर 17735 के बीच मुनाफावसूली कर लें।

कपूर शर्मा एंड कंपनी, दिल्‍ली के पार्टनर सलिल शर्मा बाजार में तेजी का रुझान बना हुआ है। निफ्टी अगर 5090 अंक का स्तर तोड़ती है तो ऊपर में 5180 अंक तक जा सकती है। नीचे में निफ्टी के 5050 अंक तक कारोबार करने की संभावना है। अगले छह महीने में निफ्टी 5050-5340 अंक के दायरे में रह सकती है। ब्रोकरेज फर्म फर्स्टकॉल इंडिया इक्विटी एडवाइजर्स का मानना है कि भारतीय इक्विटी बाजार में आने वाले दिनों में तेजी जारी रहेगी और अगले तीन महीनों में 17000 के आसपास कारोबार करने वाला सेंसेक्स 20,000 के दायरे में पहुंच जाएगा। साथ ही फर्म ने यह भी कहा है कि एनएसई निफ्टी, जो कि 5000 अंक के करीब कामकाज कर रही है, अगले तीन महीनों में 5933 अंक पर पहुंच सकती है। फर्म ने अगले छह महीनों में सेंसेक्स के 22000 अंक तो निफ्टी के 6526 अंक तक जाने की भविष्यवाणी की है।

निवेशक इस सप्‍ताह एस्‍सार ऑयल, मर्केटरलाइंस, बायोकॉन, साउथ इंडिया बैंक, इंडिया ग्‍लायकोल, रिलायंस इंडस्‍ट्रीज, पेज इंडस्‍ट्रीज, टाटा कैमिकल्‍स, जुबिलेंट आर्गेनिक्‍स, विंडसर मशींस, यस बैंक और रैलीज इंडिया के शेयरों पर ध्‍यान दे सकते हैं।

1 comment:

Vinod Kumar Purohit said...

कमलजी नमस्कार सदा की भांति आपकी यह पोस्ट भी सर्वोत्तम है। आपके अनुमान व निवेशकों को सावधान करने की शैली का मैं कायल हो गया हूं। इस बात पर आपके क्या ख्याल है कि रिलायंस के बोनस देने के बाद जो भाव होंगे क्या वो फिर 3 या 4 महीनों में 25% का रिटर्न देने में कामयाब होंगे अथवा नहीं