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January 22, 2008

अशुभ है यह अमरीकी सांड

देश के सबसे बड़े शेयर बाजार बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज में पिछले दिनों से जो गिरावट आ रही है उसके पीछे एक वास्‍तुशास्‍त्र का कारण भी हो सकता है या महज एक संयोग। लेकिन 12 जनवरी 2008 को बीएसई के बाहर सांड की एक कांस्‍य प्रतिमा लगाई गई है जिसे तेजी का प्रतीक माना जाता है लेकिन सब उल्‍टा हुआ। क्‍यों मालूम है यह सांड न्‍यूयार्क के बाउलिंग ग्रीन पार्क में लगे तीन टन वजन के सांड की नकल पर है। यानी अमरीकी नकल का सांड भारतीय शेयर बाजार के लिए अशुभ साबित हुआ है। बीएसई के दरवाजे पर लगे इस सांड को महाराष्‍ट्र के शहर सोलापुर के कारीगर भगवान रामपुरे न बनाया है और एक टन वजन का है। यह सांड पांच फीट ऊंचा और आठ फीट लंबा है। बीएसई के बाहर खड़े ढेरों निवेशकों का कहना है कि जब से यह सांड यहां आया है, शेयर बाजार का बंटाढार हो गया है। अमरीकी खुद तो मंदी में डूब रहे हैं, हम भारतीयों का भी नुकसान कर रहे हैं। इस सांड को जितना जल्‍दी हो यहां से हटा देना चाहिए। बीएसई के एक दरवाजे के बीचोंबीच खड़ा यह सांड सही नहीं है। लीजिए यह नई खबर जिसमें मंदी के लिए सांड को दोषी माना जा रहा है।

10 comments:

संजय बेंगाणी said...

:D

क्या अमेरिका में भी साँड नया नया लगा है, मन्दी तो अभी आयी है.

Shiv Kumar Mishra said...

सही कह रहे हैं. मैं तो कहता हूँ कि सांड की जगह भैसा रख देने से शायद मार्केट ठीक हो जाए. ट्राई करने में हर्ज़ नहीं है..........:-)

Kakesh said...

हो सकता है जी ..जल्दी इसे हटवाइये....

गरिमा said...

लगाना ही था तो ग्रीन पिरामिड लगाते, ये साँड क्युँ?


करा दिया ना बँटाधार .... :D

आशीष महर्षि said...

पिछले दिनों ही बीएसई गया था, वहां सांड का मुंह बाहर की ओर था और पूंछ बीएसई की ओर, इसे देखकर मन में ख्‍याल आ रहा था कि कई यह सांड निवेशकों को पूंछ दिखा कर भाग न जाए

अविनाश वाचस्पति said...

सांड का पना
पना आम का
पापड की तरह
पीस कर रख
दिया बाज़ार
अब न जाने
कब और कितने
दिनों में फिर
फूलेगा तब
झूलेंगे निवेशक
पर सांड को
तो दौडाओ

Jitendra Chaudhary said...

खबरदार! जो किसी ने सांड को हटाने की बात भी की। अंकल सैम नाराज हो जाएंगे। अंकल से कोई पंगा नही ले सकता।

हमारी जुगाड़ू समझ से, इसका इलाज ये हो सकता है कि सांड के आगे, एक लाल कपड़ा टांग दिया जाए, जिससे सांड को बार बार गुस्सा आएगा, उछल कूद मचाएगा। और शायद इसी चक्कर मार्केट भी भागे इसके चक्कर में। वैसे कपड़ा रिलायंस वालों से ही लेना और टांगने का ठेका छोटे बबुआ को ही देना। मार्केट अगर चढ जाए, तो मेरी कंसल्टेन्सी का पैसा मेरे एकाउन्ट मे जमा करा देना।

अविनाश वाचस्पति said...

हमने हटाने के लिये नहीं कहा है
जितेन्द्र भाई
दौडाने के लिये ही
सुझाया है

ALOK PURANIK said...

सांड की जगह एक गाय रखवा दीजिये। जिसे सब दुह रहे हैं। गाय पे लिखवा दीजिये छोटा इनवेस्टर।

satyendra... said...

वाह, क्या बात है सर। आप तो नजदीक हैं, जल्दी से सांड़ को अमेरिका भेजवाइये। इसने तो बाजार खराब करने की ठान रखी है। कहिए तो दिल्ली से भी इको- टीम लेकर सत्याग्रह किया जाए इसे हटाने के लिए।